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लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर का कथित आपत्तिजनक भाषा वाला वीडियो वायरल, विपक्षी नेताओं से विवाद के बाद गरमाई राजनीति

गाजियाबाद, 7 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की लोनी विधानसभा सीट से BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह विपक्षी दलों के कुछ नेताओं से तीखी बहस करते और कथित तौर पर अभद्र तथा धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोनी का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शुरू हुआ विवाद मामला शनिवार, 5 सितंबर की शाम का बताया जा रहा है। लोनी के एक रेस्टोरेंट में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने इलाके की समस्याओं और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी। इसमें पूर्व विधायक, पूर्व नगरपालिका चेयरमैन और समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं समेत कई लोग मौजूद थे। मौके पर पहुंचे नंदकिशोर गुर्जर रिपोर्ट के मुताबिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नंदकिशोर गुर्जर अपने समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। वायरल वीडियो में विधायक विपक्षी नेताओं से नाराजगी जताते और कथित आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं। धक्का-मुक्की की भी खबर प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त होने के बाद रेस्टोरेंट के बाहर विधायक समर्थकों और दूसरे पक्ष के बीच कहासुनी बढ़ गई। कुछ रिपोर्टों में धक्का-मुक्की और हाथापाई होने की भी बात कही गई है। हालात बिगड़ते देख Loni Border Police Station से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति शांत कराई। ‘लोनी को बदनाम करने’ का आरोप वीडियो में विधायक कथित तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नेताओं पर लोनी को बदनाम करने का आरोप लगाते दिखाई देते हैं। पुलिसकर्मी भी उन्हें शांत करने की कोशिश करते नजर आते हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर मौजूद अलग-अलग clips पूरे घटनाक्रम का पूर्ण संदर्भ नहीं देते, इसलिए वायरल वीडियो से जुड़े हर दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं ने विधायक की भाषा और व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। मामले ने एक बार फिर सार्वजनिक जीवन में जनप्रतिनिधियों की भाषा और राजनीतिक मर्यादा को लेकर बहस तेज कर दी है। विधायक का विस्तृत पक्ष नहीं आया सामने Navbharat Times की रिपोर्ट के मुताबिक विधायक नंदकिशोर गुर्जर से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई थी, लेकिन उस समय उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इस वायरल वीडियो पर उनकी ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। लोनी में पहले से तनावपूर्ण माहौल लोनी में पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक विवादों के कारण तनाव बना हुआ है। पुलिस कई घटनाओं और वायरल वीडियो से जुड़े मामलों की जांच कर रही है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। source – Navbharat Times / Amar Ujalaजय राष्ट्र न्यूज़

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BJP विधायक जय देवी कौशल का गंभीर आरोप—“मुझे मंदिर में पूजा करने से रोका गया”

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के काकोरी स्थित शीतला माता मंदिर में जीर्णोद्धार और भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान विवाद खड़ा हो गया है। मलिहाबाद से BJP विधायक जय देवी कौशल ने आरोप लगाया है कि उन्हें मंदिर में पूजा-अर्चना और आरती में शामिल होने से रोका गया। विधायक ने इसे जातिगत भेदभाव का मामला बताते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से शिकायत करने की बात कही है। विधायक ने लगाए जातिगत भेदभाव के आरोप जय देवी कौशल के मुताबिक, वह मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। उनका आरोप है कि वहां पूजा की व्यवस्था होने के बावजूद उन्हें अनुष्ठान में बैठने नहीं दिया गया और वह खड़ी रहीं। विधायक ने दावा किया कि उन्हें अगरबत्ती जलाने और नारियल चढ़ाने तक की अनुमति नहीं दी गई। विधायक का कहना है कि उनके साथ ऐसा व्यवहार उनकी पासी समाज की पृष्ठभूमि के कारण किया गया। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि वह मामले को BJP के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखेंगी। मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए बजट दिलाने का दावा रिपोर्टों के अनुसार, जय देवी कौशल के प्रयासों से काकोरी के शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए करीब ₹78 लाख की राशि स्वीकृत हुई थी। उनके पति और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने भी घटना पर नाराजगी जताई है। उनके मुताबिक, एक अन्य मंदिर के निर्माण के लिए भी करीब ₹70 लाख की राशि स्वीकृत हुई थी। इसी वजह से विधायक और उनके समर्थकों ने सवाल उठाया है कि जिस विकास कार्य के लिए सरकारी बजट स्वीकृत कराने में विधायक की भूमिका रही, उसी कार्यक्रम में उन्हें पूजा में शामिल होने से क्यों रोका गया। मंदिर के पुजारी ने आरोपों को बताया गलत विवाद के बीच मंदिर के पुजारी शैलेंद्र बाजपेई ने विधायक के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मंदिर में किसी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता और सभी वर्गों के लोग यहां पूजा-अर्चना करते हैं। पुजारी के अनुसार, भूमिपूजन और धार्मिक अनुष्ठान निर्धारित पूजा पद्धति और परंपरा के अनुसार कराया गया था। इसलिए विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों को मंदिर की सामान्य व्यवस्था से जोड़ना सही नहीं है। मामला राजनीतिक चर्चा में आया विधायक के आरोप और मंदिर पक्ष की सफाई के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ जय देवी कौशल इसे जातिगत भेदभाव बता रही हैं, वहीं मंदिर प्रबंधन आरोपों से इनकार कर रहा है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच स्वतंत्र जांच या आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है, इसलिए जातिगत भेदभाव के आरोपों को अभी आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। BJP नेतृत्व तक पहुंचेगा मामला जय देवी कौशल ने कहा है कि वह इस पूरे मामले की शिकायत BJP के वरिष्ठ नेतृत्व और आलाकमान से करेंगी। अब नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और क्या मामले की कोई औपचारिक जांच कराई जाती है। यह घटना उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर समान प्रवेश, सामाजिक भेदभाव और राजनीतिक प्रतिनिधियों के सम्मान को लेकर नई बहस को जन्म दे सकती है। स्रोत: आजतक, लाइव हिन्दुस्तान, अमर उजाला, UP Tak, दैनिक जागरण Jai Rashtra News

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