भारत और न्यूज़ीलैंड ने रणनीतिक साझेदारी को दिया नया विस्तार, रक्षा, व्यापार और समुद्री सुरक्षा सहयोग होगा मजबूत
ऑकलैंड, 11 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधिकारिक न्यूज़ीलैंड यात्रा के दौरान भारत और न्यूज़ीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों देशों के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ताओं में रक्षा सहयोग, व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कृषि और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समन्वय को भविष्य की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। रणनीतिक संबंधों में नया अध्याय प्रधानमंत्री मोदी और न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई बैठक में दोनों नेताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था और मुक्त एवं सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने नियमित उच्चस्तरीय संवाद जारी रखने और दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग को संस्थागत रूप देने पर सहमति जताई। रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता, आपदा प्रबंधन और समुद्री कानूनों के पालन को लेकर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों देशों ने रक्षा संस्थानों के बीच संपर्क बढ़ाने, संयुक्त अभ्यासों की संभावनाओं और समुद्री सुरक्षा से जुड़े अनुभव साझा करने पर भी चर्चा की। व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा भारत और न्यूज़ीलैंड ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई गति देने के लिए आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और उभरती प्रौद्योगिकियों में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों पक्षों ने निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और व्यापारिक प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने पर भी जोर दिया। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा में सहयोग दोनों देशों ने अनुसंधान, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक, उच्च शिक्षा और छात्र विनिमय कार्यक्रमों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया। विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के बीच साझेदारी को मजबूत करने तथा संयुक्त परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने पर सहमति बनी। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर साझा दृष्टिकोण वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि के लिए सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी क्षेत्रीय संतुलन और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। भारतीय समुदाय की सराहना प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूज़ीलैंड में भारतीय समुदाय की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों के मजबूत सेतु हैं। उन्होंने समुदाय के योगदान को द्विपक्षीय संबंधों की बड़ी ताकत बताया। भविष्य की संभावनाएं विदेश नीति विशेषज्ञों के अनुसार भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच यह विस्तारित रणनीतिक साझेदारी आने वाले वर्षों में रक्षा, व्यापार, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करेगी। दोनों देशों ने नियमित वार्ताओं और साझा परियोजनाओं के माध्यम से सहयोग को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। स्रोत:भारत का विदेश मंत्रालय (MEA), न्यूज़ीलैंड सरकार तथा दोनों देशों द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी। मूल रिपोर्ट:11 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक संयुक्त वक्तव्य एवं विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

