प्रमुख खबरें

FBI की 10 Most Wanted List में गैंगस्टर Goldy Brar, गिरफ्तारी पर $1 Million का इनाम

नई दिल्ली: अमेरिका की Federal Bureau of Investigation (FBI) ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ उर्फ सतिंदरजीत सिंह को अपनी Ten Most Wanted Fugitives सूची में शामिल कर लिया है। FBI ने उसकी गिरफ्तारी तक पहुंचाने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए 10 लाख डॉलर यानी $1 Million तक के इनाम की घोषणा की है। अमेरिकी अधिकारियों ने गोल्डी बराड़ पर संगठित अपराध, रंगदारी, ड्रग तस्करी और हिंसक गतिविधियों से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए हैं। FBI की Most Wanted List में 543वां नाम गोल्डी बराड़ FBI की Ten Most Wanted Fugitives List में शामिल किया गया 543वां व्यक्ति है। 28 सितंबर 2026 को FBI के Los Angeles Field Office ने इसकी औपचारिक घोषणा की। एजेंसी ने गोल्डी बराड़ को हथियारबंद और खतरनाक बताते हुए लोगों को उससे सीधे संपर्क न करने की सलाह दी है। गिरफ्तारी पर मिलेगा $1 Million तक इनाम FBI ने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी तक पहुंचाने वाली सूचना के लिए $1 Million तक का reward रखा है। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब ₹9 करोड़ के आसपास बैठती है, हालांकि वास्तविक राशि डॉलर-रुपया विनिमय दर के अनुसार बदल सकती है। Lawrence Bishnoi Gang से जुड़े होने का आरोप अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि गोल्डी बराड़ Lawrence Bishnoi Organized Crime Group का अहम सदस्य और उत्तरी अमेरिका में उसके संचालन से जुड़ा प्रमुख व्यक्ति है। जांचकर्ताओं का दावा है कि यह नेटवर्क अमेरिका और कनाडा समेत कई देशों में targeted killings, shootings, extortion, kidnapping, narcotics और weapons trafficking जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। ये आरोप अमेरिकी अधिकारियों और अभियोजन पक्ष के हैं और अंतिम दोषसिद्धि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होगी। अमेरिका में किन आरोपों का सामना कर रहा Goldy Brar? गोल्डी बराड़ के खिलाफ Los Angeles की Federal Court में कई आरोप लगाए गए हैं। इनमें RICO conspiracy, कारोबार को प्रभावित करने के लिए रंगदारी की साजिश, attempted extortion और controlled substances की distribution से जुड़ी साजिश के आरोप शामिल हैं। उसके खिलाफ 1 जुलाई 2026 को federal arrest warrant जारी किया गया था। California और Canada में रहने की आशंका FBI के मुताबिक गोल्डी बराड़ के California और Canada के अलग-अलग इलाकों में रहने की जानकारी रही है। एजेंसी ने दुनिया भर में उसकी तस्वीर और विवरण प्रसारित करने की बात कही है, ताकि उसकी पहचान और गिरफ्तारी में आम लोगों तथा अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद ली जा सके। Operation Hardball से जुड़ा मामला गोल्डी बराड़ के खिलाफ कार्रवाई Operation Hardball नाम के बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान से जुड़ी है। इस अभियान के तहत अमेरिका ने जुलाई 2026 में तीन India-linked transnational organised crime groups से जुड़े 37 आरोपियों के खिलाफ मामलों की घोषणा की थी। इन मामलों में हत्या, रंगदारी, shootings, drug trafficking और दूसरे संगठित अपराधों से जुड़े आरोप शामिल हैं। अमेरिका-कनाडा की एजेंसियां कर रहीं तलाश गोल्डी बराड़ को पकड़ने के लिए अमेरिकी एजेंसियां कनाडा समेत दूसरे देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। FBI ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास गोल्डी बराड़ के ठिकाने या गतिविधियों से जुड़ी कोई जानकारी हो तो उसे सीधे कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचाया जाए। भारत में भी लंबे समय से चर्चा में Goldy Brar पंजाब से ताल्लुक रखने वाला गोल्डी बराड़ भारत में भी कई आपराधिक मामलों को लेकर लंबे समय से चर्चा में रहा है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी उसके नेटवर्क और भारत में सक्रिय उसके सहयोगियों से जुड़े मामलों की जांच करती रही हैं। अब FBI की Top 10 Most Wanted List में शामिल होने के बाद उसकी तलाश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और तेज हो गई है। FBI की लिस्ट में आने से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव FBI की Ten Most Wanted List दुनिया की सबसे चर्चित fugitive lists में से एक है। इस सूची में शामिल लोगों की जानकारी FBI के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर बड़े स्तर पर साझा की जाती है। गोल्डी बराड़ पर $1 Million का इनाम घोषित किए जाने के बाद अब अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों की जांच एजेंसियों के बीच उसकी तलाश और तेज होने की संभावना है। source – FBI / Hindustan Times / Moneycontrol FBI जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

अमेरिका में भारतीय मूल के किशोर पर मां और भाई की हत्या का आरोप, मैसाचुसेट्स में सनसनीखेज मामला

वॉशिंगटन: अमेरिका के मैसाचुसेट्स में एक बेहद सनसनीखेज पारिवारिक हत्या का मामला सामने आया है। 17 वर्षीय भारतीय मूल के किशोर अर्जुन अरविंद पर अपनी मां और 14 वर्षीय छोटे भाई की हत्या करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों के शव परिवार के Acton स्थित घर से बरामद किए गए। आरोपी को तलाश के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। मां और भाई घर में मृत मिले मामला मैसाचुसेट्स के Acton इलाके का है। पुलिस को 11 अगस्त की शाम करीब 6:30 बजे सूचना मिली थी। आरोपी के पिता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी और बच्चों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। घर पर आने वाले एक ट्यूटर ने भी परिवार से संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस जब घर पहुंची तो 14 वर्षीय सिद्धार्थ अरविंद पहली मंजिल पर और उनकी मां 45 वर्षीय सुधा वेंकटेशन बेसमेंट में मृत मिलीं। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों के शरीर पर चोट के निशान थे। आरोपी मां की कार लेकर हुआ फरार पुलिस के अनुसार, घटना के बाद अर्जुन घर से गायब था। उसकी मां की 2014 Honda Accord भी घर से गायब मिली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी और वाहन की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया। स्थानीय लोगों को आरोपी के करीब न जाने की सलाह दी गई थी। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। दो हत्या समेत कई आरोप अधिकारियों के मुताबिक अर्जुन अरविंद पर दो हत्या के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा उस पर परिवार के सदस्य के खिलाफ हमला और मारपीट से जुड़े कई आरोप तथा वाहन को बिना अनुमति इस्तेमाल करने और वाहन चोरी से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था। इंटरनेट और ChatGPT से जुड़ी जांच भी सामने आई जांच के दौरान अभियोजकों ने कथित तौर पर कुछ ऑनलाइन सर्च और ChatGPT से जुड़ी गतिविधियों का भी उल्लेख किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने परिवार के सदस्यों की हत्या से जुड़ी काल्पनिक या सैद्धांतिक सामग्री तलाशने के लिए इंटरनेट और ChatGPT का इस्तेमाल किया था। हालांकि, इन ऑनलाइन गतिविधियों को घटना के मकसद से किस तरह जोड़ा जाता है, इसकी जांच अभी जारी है। इसलिए इन्हें आरोपी की दोषसिद्धि के प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। हत्या में इस्तेमाल हथियार की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कथित हमले में किस हथियार का इस्तेमाल हुआ था। अधिकारियों ने कहा है कि जांच जारी है और घटना से जुड़े अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। मामले की परिस्थितियों और कथित मकसद को लेकर भी जांच एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं। भारतीय-अमेरिकी समुदाय में भी चर्चा घटना के बाद स्थानीय समुदाय में भी चिंता का माहौल है। आरोपी और मृतक परिवार मैसाचुसेट्स के Acton इलाके में रहते थे। अर्जुन स्थानीय Acton-Boxborough Regional High School का छात्र बताया गया है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें एक नाबालिग आरोपी, पारिवारिक हत्या और कथित ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े कई गंभीर पहलू सामने आए हैं। अभी जांच जारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांच के चरण में है। आरोपी पर लगाए गए आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं। पुलिस और अभियोजन पक्ष घटना से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और अन्य सबूतों की जांच कर रहे हैं। निष्कर्ष अमेरिका के मैसाचुसेट्स में 17 वर्षीय भारतीय मूल के किशोर अर्जुन अरविंद पर अपनी 45 वर्षीय मां सुधा वेंकटेशन और 14 वर्षीय भाई सिद्धार्थ अरविंद की हत्या का आरोप लगा है। दोनों के शव Acton स्थित परिवार के घर से मिले थे। आरोपी को तलाश के बाद गिरफ्तार किया गया और उस पर हत्या समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में ऑनलाइन सर्च और ChatGPT के कथित इस्तेमाल को लेकर भी जांच सामने आई है, लेकिन हत्या का वास्तविक मकसद और घटना की पूरी परिस्थितियां अभी जांच का विषय हैं। Source: Middlesex District Attorney’s Office, Acton Police, PTI, NDTV, India Today जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राष्ट्रीय | चरखी दादरी में सिटी थाने के सामने ताबड़तोड़ फायरिंग; कई लोग घायल, इलाके में दहशत

हरियाणा के चरखी दादरी में दिनदहाड़े सिटी थाना परिसर के सामने अंधाधुंध फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो सवार कुछ युवकों ने थाने के सामने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस घटना के बाद शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, फायरिंग के कारणों और घायलों की संख्या को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी आना अभी बाकी है। #CharkhiDadri#Haryana#Firing#Crime#Police BreakingNews JayRashtraNews

आगे और पढ़ें

विशेष समाचार | बोरीवली में जन्मदिन समारोहों में हो रही हलचल! सड़क पर इनोवा खड़ी, केक काटा, एयरगन से फायरिंग; 10 गिरफ्तार

हाल ही में, बोरीवली इलाके में जन्मदिन मनाते और सार्वजनिक सड़क पर शोर मचाते 10 युवकों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर आपत्ति जताई गई और तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। मुंबई पुलिस, जो हमेशा अपने कर्तव्य के लिए तत्पर रहती है, ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जन्मदिन मना रहे 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सड़क के बीचोंबीच एक इनोवा कार खड़ी की, केक काटा, तेज संगीत बजाया और यातायात बाधित किया। साथ ही, उन पर एक छोटी एयरगन से फायरिंग करके इलाके में अराजकता फैलाने का भी आरोप है। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। #बोरीवली #मुंबईपुलिस # मुंबईअपराध #ब्रेकिंगन्यूज # कानूनव्यवस्थामुंबई

आगे और पढ़ें

देशभर में साइबर अपराध और संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, कई राज्यों में संयुक्त अभियान से ऑनलाइन ठगी नेटवर्क पर शिकंजा

नई दिल्ली: देशभर में बढ़ते साइबर अपराध और संगठित ऑनलाइन ठगी नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए विभिन्न केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई तेज कर दी है। हाल के दिनों में कई राज्यों में समन्वित अभियान चलाकर साइबर ठगी, फर्जी कॉल सेंटर, डिजिटल फ्रॉड नेटवर्क, म्यूल बैंक खातों और संगठित अपराध से जुड़े गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बड़े साइबर नेटवर्क को खत्म करना है। ऑपरेशन साइबर विजिल में कई राज्यों में छापेमारी हाल ही में “ऑपरेशन साइबर विजिल” के तहत 11 राज्यों में एक साथ कार्रवाई की गई। इस अभियान में कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, डिजिटल भुगतान ठगी और अन्य साइबर अपराधों में शामिल होने का आरोप है। जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद अंतरराज्यीय साइबर गिरोहों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। I4C और राज्यों के बीच समन्वय मजबूत गृह मंत्रालय के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) के माध्यम से राज्यों के बीच सूचना साझा करने और संयुक्त जांच को मजबूत किया जा रहा है। सरकार पहले ही साइबर अपराध के प्रमुख हॉटस्पॉट क्षेत्रों में Joint Cyber Crime Coordination Teams (JCCTs) स्थापित कर चुकी है, जिनकी मदद से हजारों करोड़ रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकी जा चुकी है। डिजिटल फ्रॉड पर सख्ती जांच एजेंसियां विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट स्कैम, फर्जी निवेश योजनाओं, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया ठगी और फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले संगठित नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या भुगतान अनुरोध की सूचना तुरंत National Cyber Crime Reporting Portal (1930 हेल्पलाइन) पर देने की अपील की है। तकनीक आधारित जांच पर जोर विशेषज्ञों के अनुसार साइबर अपराधियों के तरीके लगातार बदल रहे हैं, इसलिए पुलिस और जांच एजेंसियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल फॉरेंसिक और डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का अधिक उपयोग कर रही हैं। राज्यों के साइबर सेल के बीच भी बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि अपराधियों तक तेजी से पहुंचा जा सके। निष्कर्ष साइबर अपराध और संगठित ऑनलाइन ठगी के खिलाफ देशभर में चल रहे संयुक्त अभियान से यह स्पष्ट है कि केंद्र और राज्य एजेंसियां डिजिटल अपराधों पर सख्त कार्रवाई के लिए समन्वित रणनीति अपना रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित जांच, राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और नागरिकों की जागरूकता से ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। Source: Ministry of Home Affairs | Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) | State Police Departments जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा सर्च ऑपरेशन, पूरे इलाके में हाई अलर्ट

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में व्यापक सर्च एंड कॉर्डन ऑपरेशन (CASO) शुरू कर दिया है। हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने आतंकियों की तलाश के लिए कई इलाकों में घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार हमलावर ने मजदूरों से बातचीत के दौरान उनकी पहचान और व्यक्तिगत जानकारी पूछी, जिसके बाद उन पर गोलीबारी की गई। सुरक्षा एजेंसियाँ इस घटना को लक्षित आतंकी हमला (Targeted Terror Attack) मानकर जांच कर रही हैं और हमले में शामिल आतंकियों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। पूरे दक्षिण कश्मीर में बढ़ाई गई सुरक्षा घटना के बाद कुलगाम, अनंतनाग और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रवेश और निकास मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है। प्रवासी मजदूरों में भय का माहौल हमले के बाद दक्षिण कश्मीर के ईंट-भट्ठों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों में डर का माहौल है। कई मजदूरों ने काम बंद कर दिया है और अपने गृह राज्यों लौटने पर विचार कर रहे हैं। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। सरकार ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियाँ तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। निष्कर्ष कुलगाम आतंकी हमले के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और सुरक्षा बल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि हमले में शामिल आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी है. Source: Jammu & Kashmir Police | Ministry of Home Affairs | Indian Army जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की मौत, सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन तेज

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में एक ईंट-भट्ठे पर हुए आतंकवादी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। आतंकियों ने शुक्रवार देर शाम गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी की थी, जिसमें एक मजदूर की मौके पर मौत हो गई थी जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। यह घटना पिछले लगभग 21 महीनों में प्रवासी मजदूरों पर हुआ पहला बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा भी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹10 लाख की अनुग्रह राशि (Ex-Gratia) देने की घोषणा की। उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला मानवता के खिलाफ अपराध है और दोषियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर चिंता यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कश्मीर में सेब सीजन के कारण बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से मजदूर काम करने आते हैं। घटना के बाद प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। जांच जारी सुरक्षा एजेंसियां हमले में शामिल आतंकियों और उनके नेटवर्क की पहचान करने में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच में इसे एक टार्गेटेड आतंकी हमला माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या ने एक बार फिर घाटी में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जबकि सुरक्षा बल हमलावरों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। Source: Jammu & Kashmir Police | Office of the Chief Minister, Jammu & Kashmir जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

CBI ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जांच में कई बड़े खुलासे

नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने देश के सबसे चर्चित NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट के समक्ष 13 आरोपियों के खिलाफ लगभग 20,000 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में प्रश्नपत्र लीक करने वाले कथित नेटवर्क, मध्यस्थों, कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञों की भूमिका का उल्लेख किया गया है। CBI के अनुसार आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, साक्ष्य नष्ट करने और परीक्षा प्रक्रिया से छेड़छाड़ सहित कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी ने डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की राय, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और विशेषज्ञों की रिपोर्ट को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया है। जांच में क्या सामने आया? CBI की जांच में यह बात सामने आई कि प्रश्नपत्र तैयार करने और उसके अनुवाद की प्रक्रिया में पर्याप्त संस्थागत विभाजन नहीं था। एजेंसी का दावा है कि इसी प्रक्रिया की कमजोरियों का फायदा उठाकर संगठित गिरोह ने प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई और उसे परीक्षा से पहले लीक किया। जांच में कई डिजिटल डिवाइस, चैट रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन भी खंगाले गए हैं। 13 आरोपी चार्जशीट में शामिल चार्जशीट में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें कथित बिचौलिए, प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क से जुड़े लोग, एक कोचिंग संस्थान संचालक तथा कुछ विषय विशेषज्ञ शामिल हैं। फिलहाल किसी वरिष्ठ NTA प्रशासनिक अधिकारी को चार्जशीट में नामजद नहीं किया गया है और एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जांच तथा फॉरेंसिक विश्लेषण अभी भी जारी है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई मामले की सुनवाई दिल्ली की विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी। अदालत ने CBI को चार्जशीट से जुड़े सभी दस्तावेज और परिशिष्ट (Annexures) जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। अगली सुनवाई में अदालत आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। देशभर में हुआ था विरोध प्रदर्शन NEET UG पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर छात्र प्रदर्शन हुए थे। अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने, निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की थी। इसी विवाद के बाद सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में धोखाधड़ी रोकने के लिए एंटी-पेपर लीक कानून को और सख्त बनाने की दिशा में कदम उठाए। आगे क्या होगा? CBI ने संकेत दिया है कि यदि जांच के दौरान नए साक्ष्य सामने आते हैं तो पूरक चार्जशीट (Supplementary Chargesheet) भी दाखिल की जा सकती है। एजेंसी अभी भी डिजिटल साक्ष्यों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। निष्कर्ष NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट जांच का सबसे बड़ा चरण मानी जा रही है। अब पूरे देश की नजर फास्ट-ट्रैक कोर्ट की कार्यवाही और इस मामले में दोषियों के खिलाफ होने वाली कानूनी कार्रवाई पर रहेगी। Source: Central Bureau of Investigation (CBI) | Press Information Bureau (PIB) | Special Fast Track Court जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

IIT बॉम्बे के छात्र की हॉस्टल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस ने जांच शुरू की

मुंबई: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के एक छात्र की हॉस्टल परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और संस्थान के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया। सूचना मिलने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से अधिकारियों ने इनकार किया है और कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. IIT बॉम्बे प्रशासन ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए छात्र के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है। संस्थान ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और कैंपस में छात्रों के लिए उपलब्ध परामर्श एवं सहायता सेवाओं को और मजबूत करने के प्रयास जारी रहेंगे. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी कारण को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट जानकारी और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है। शिक्षा जगत में इस घटना के बाद छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श सेवाओं और संस्थानों में सहायता तंत्र को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में समय पर मनोवैज्ञानिक सहायता और संवाद की व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। Source: Mumbai Police | IIT Bombay जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

असम के कारखाने में भीषण विस्फोट से 4 श्रमिकों की मौत, कई घायल; जांच शुरू

गुवाहाटी: असम के कछार जिले में स्थित एक रॉड (स्टील) निर्माण इकाई में रविवार को हुए भीषण विस्फोट में कम से कम चार श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे औद्योगिक परिसर में अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विस्फोट गैस सिलेंडर फटने से हुआ हो सकता है, हालांकि वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने पूरे संयंत्र को खाली कराकर सुरक्षा घेरा बना दिया है। उच्च स्तरीय जांच के आदेश राज्य प्रशासन ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि विस्फोट सुरक्षा मानकों में लापरवाही, तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से हुआ। फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों के पालन और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जाएगी। राहत एवं बचाव अभियान जारी दमकल कर्मियों ने आग और धुएं पर नियंत्रण पाने के बाद संयंत्र के विभिन्न हिस्सों की तलाशी ली। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया है ताकि फोरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञ साक्ष्य एकत्र कर सकें। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है। औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल इस हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी उद्योगों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, उपकरणों की समय-समय पर जांच और कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण देना ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बेहद जरूरी है। निष्कर्ष असम के कछार जिले में हुआ यह औद्योगिक हादसा एक बार फिर सुरक्षा मानकों की अहमियत को रेखांकित करता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा, लेकिन फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का इलाज और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना है. Source: Times of India | जिला प्रशासन, कछार जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »