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Kharge PM Modi के सामने उठाएंगे SIR, Delimitation और Women’s Reservation के मुद्दे

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ प्रस्तावित बैठक में Special Intensive Revision (SIR), परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे उठाएंगे। खड़गे के मुताबिक, वह इन विषयों पर विपक्ष की चिंताओं को सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखेंगे। SIR को लेकर विपक्ष की चिंताएं Special Intensive Revision यानी SIR मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने, दस्तावेजों के सत्यापन और पात्र मतदाताओं के सूची से बाहर होने की आशंकाओं पर सवाल उठा रहे हैं। खड़गे ने संकेत दिया है कि वह बैठक में इन चिंताओं को विस्तार से रखेंगे। विपक्ष की मांग है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनुचित तरीके से न हटे। Delimitation क्यों है अहम मुद्दा? परिसीमन का अर्थ निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं और संसदीय प्रतिनिधित्व का पुनर्निर्धारण है। इस मुद्दे पर कई विपक्षी दलों, विशेषकर दक्षिण भारत के कुछ राजनीतिक दलों ने चिंता जताई है। उनकी आशंका है कि भविष्य में जनसंख्या के आधार पर सीटों के पुनर्वितरण से राज्यों के बीच संसद में प्रतिनिधित्व का संतुलन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर व्यापक राजनीतिक सहमति और राज्यों के साथ परामर्श की मांग कर रहा है। Women’s Reservation के क्रियान्वयन पर भी चर्चा महिला आरक्षण भी प्रस्तावित बातचीत के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। कांग्रेस महिला आरक्षण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और इसकी समय-सीमा को लेकर सवाल उठाती रही है। कानून के तहत आरक्षण के क्रियान्वयन को जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया है। विपक्ष इस विषय पर सरकार से स्पष्टता और जल्द क्रियान्वयन की मांग कर रहा है। PM Modi के सामने सीधे रखेंगे अपनी बात खड़गे ने कहा है कि वह इन मुद्दों पर अपनी चिंताओं को प्रधानमंत्री के सामने स्पष्ट रूप से रखेंगे। SIR, परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे विषयों पर सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा को राजनीतिक और संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां विपक्ष इन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और व्यापक परामर्श पर जोर दे रहा है, वहीं संबंधित सरकारी कदम संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाए जाने हैं। प्रस्तावित बैठक में इन मुद्दों पर क्या चर्चा होती है, इस पर नजर रहेगी। Source: Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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