प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की तीन देशों की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे

नई दिल्ली, 4 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस दौरे का उद्देश्य तीनों देशों के साथ भारत के रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को नई गति देना है। यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। इंडोनेशिया के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी दौरे के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया पहुंचेंगे, जहां दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, व्यापार, कनेक्टिविटी और आसियान (ASEAN) सहयोग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होगी। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विशेष जोर रहने की संभावना है। ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा और आर्थिक सहयोग ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), शिक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत बनाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों देश पहले से ही व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। न्यूज़ीलैंड के साथ व्यापार और शिक्षा पर फोकस यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूज़ीलैंड पहुंचेंगे। यहां द्विपक्षीय व्यापार, कृषि, डेयरी, पर्यटन, शिक्षा, कौशल विकास और निवेश सहयोग जैसे विषयों पर उच्चस्तरीय वार्ता प्रस्तावित है। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा। इंडो-पैसिफिक रणनीति को मिलेगी मजबूती विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति को और मजबूत करेगा। समुद्री सुरक्षा, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर भारत की भूमिका इस यात्रा के दौरान प्रमुख विषयों में शामिल रहने की संभावना है। निवेश और व्यापार के नए अवसर विशेषज्ञों के अनुसार तीनों देशों के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ने से निवेश, उच्च तकनीक, हरित ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में नए अवसर विकसित हो सकते हैं। भारतीय उद्योग जगत भी इस यात्रा से सकारात्मक परिणामों की उम्मीद कर रहा है। वैश्विक मंच पर भारत की सक्रिय भूमिका यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से भारत के कूटनीतिक और आर्थिक हितों को और मजबूती मिलेगी। आगे की राह प्रधानमंत्री मोदी की इस तीन देशों की यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों, संयुक्त घोषणाओं और सहयोगी पहलों की घोषणा होने की संभावना है। इस दौरे को भारत के इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव और वैश्विक साझेदारियों को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्रोत:विदेश मंत्रालय, भारत सरकार एवं प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की आधिकारिक जानकारी। मूल रिपोर्ट:4 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक यात्रा कार्यक्रम और सरकारी सूचनाओं के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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