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पूर्वी मध्य प्रदेश में आज बेहद भारी बारिश का खतरा; IMD ने जारी की ‘Take Action’ चेतावनी

भोपाल: पूर्वी मध्य प्रदेश में आज, 3 सितंबर 2026, मौसम बेहद खराब रहने की आशंका है। India Meteorological Department (IMD) के गुरुवार सुबह 8:17 बजे जारी latest national bulletin के मुताबिक क्षेत्र में heavy to very heavy rainfall के साथ isolated places पर extremely heavy rainfall हो सकती है। मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। 204.5 MM या उससे ज्यादा बारिश की आशंका IMD की classification में Extremely Heavy Rainfall का मतलब किसी station पर 24 घंटे में 204.5 mm या उससे ज्यादा बारिश होना है। हालांकि यह warning पूरे पूर्वी मध्य प्रदेश में इतनी बारिश होने की नहीं, बल्कि isolated locations के लिए है। इसके अलावा क्षेत्र के कई हिस्सों में heavy से very heavy rain होने की संभावना बनी हुई है। Low Pressure Area बना बड़ी वजह IMD के मुताबिक northeast Madhya Pradesh और आसपास के क्षेत्र पर Well-Marked Low Pressure Area बना हुआ है। इससे जुड़ा cyclonic circulation समुद्र तल से करीब 7.6 km ऊंचाई तक फैला हुआ है। यह system अगले 24 घंटों के दौरान south Uttar Pradesh और adjoining north Madhya Pradesh की ओर west-northwest direction में बढ़ने की संभावना है। इसी system के चलते Central India में rainfall activity तेज हुई है। Satna में 9 CM, Jabalpur में 7 CM बारिश IMD के सुबह के observations के मुताबिक पिछले rainfall period में East Madhya Pradesh के कई हिस्सों में पहले ही भारी बारिश दर्ज हुई है। Satna में 9 cm, Jabalpur में 7 cm और Sagar में 6 cm rainfall record हुई। विभाग ने East Madhya Pradesh में कई स्थानों पर heavy rainfall observed होने की भी पुष्टि की है। 4 और 5 September को भी राहत नहीं बारिश का दौर आज के बाद भी जारी रहने की संभावना है। IMD के मुताबिक 4 और 5 सितंबर को East Madhya Pradesh के isolated places पर heavy to very heavy rainfall हो सकती है। 6 और 7 सितंबर को भी isolated heavy rainfall की संभावना है, जबकि 8 सितंबर तक widespread rainfall activity जारी रहने का forecast है। जलभराव और Flash Flood का बढ़ सकता है खतरा बेहद भारी बारिश के दौरान low-lying areas में waterlogging, छोटे नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने और कमजोर सड़कों या कच्चे मकानों को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। IMD ने thunderstorm और lightning की भी संभावना जताई है। लोगों को तेज बारिश के दौरान नदी-नालों, flooded roads और खुले स्थानों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन और IMD की latest advisories पर नजर रखने की सलाह दी गई है। ‘Red Warning’ को लेकर जरूरी बात IMD ने अपने bulletin में साफ किया है कि weather map में दिखाई देने वाला red colour technically “Red Alert” शब्द का पर्याय नहीं है। विभाग इसे “Take Action” warning के रूप में describe करता है। आज की warning सुबह 8:30 बजे से 4 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक valid है। इसलिए सबसे accurate headline होगी: पूर्वी मध्य प्रदेश में आज बेहद भारी बारिश का खतरा; IMD ने जारी की ‘Take Action’ चेतावनी स्रोत – India Meteorological Department (IMD), National Weather Forecasting Centre जय राष्ट्र न्यूज़

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उत्तर भारत में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित, कई राज्यों के लिए IMD का अलर्ट जारी

नई दिल्ली: उत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई राज्यों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के कुछ हिस्सों सहित कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ (Flash Flood) और नदी-नालों के उफान पर रहने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसूनी प्रणाली और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों तक कई इलाकों में तेज़ बारिश जारी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है। किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर? IMD के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में— शामिल हैं। कई स्थानों पर जलभराव, सड़कें बंद होने और यातायात प्रभावित होने की सूचना है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण कुछ राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवाजाही बाधित हुई है। IMD ने क्या कहा? मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि— IMD ने राज्य सरकारों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैनात कर दिए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें भी जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखी गई हैं। कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है, जबकि नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। लोगों के लिए एडवाइजरी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि— यातायात और दैनिक जीवन पर असर लगातार बारिश के कारण कई शहरों में ट्रैफिक जाम, जलभराव और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर असर देखा गया। कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई, जबकि पहाड़ी इलाकों में सड़क संपर्क टूटने की खबरें सामने आई हैं। आगे क्या? IMD के अनुसार अगले दो दिनों तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार नए अलर्ट जारी किए जा सकते हैं। निष्कर्ष उत्तर भारत में सक्रिय मानसून के चलते भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। IMD ने कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियां एवं आधिकारिक मौसम बुलेटिन। Original Report: आधिकारिक मौसम अपडेट और उपलब्ध सरकारी जानकारी के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल समेत कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को देश के कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज़ बारिश के साथ 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और जलभराव की भी आशंका जताई गई है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है। किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर? IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार— मानसून फिर हुआ सक्रिय मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। IMD की लोगों से अपील मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि— किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां अब तक सामान्य से कम वर्षा हुई है। हालांकि, अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। यातायात पर पड़ सकता है असर दिल्ली, लखनऊ, पटना, जयपुर, देहरादून और शिमला जैसे शहरों में भारी बारिश के कारण ट्रैफिक जाम, उड़ानों और रेल सेवाओं पर स्थानीय स्तर पर असर पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी है। आगे क्या? IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा और आवश्यकता के अनुसार नए मौसम बुलेटिन जारी किए जाएंगे। मौसम विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के साथ IMD ने भारी बारिश और तेज़ हवाओं का नया अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल समेत कई राज्यों में प्रशासन सतर्क है। आने वाले 24–48 घंटे मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। Source: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मौसम बुलेटिन और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी। Original Report: IMD के नवीनतम पूर्वानुमान के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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