“मोदी-शाह, अपनी पुलिस को झंडे और डंडे का फर्क समझाओ!” EC मार्च के दौरान कांग्रेस का तीखा हमला
नई दिल्ली: Election Commission के खिलाफ INDIA bloc के मार्च के दौरान तिरंगे को लेकर पुलिस और विपक्षी नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इसी घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोलते हुए कहा—“मोदी-शाह, अपनी पुलिस को झंडे और डंडे का फर्क समझाओ!” पार्टी ने साथ ही कहा कि विपक्ष को “बल या छल” से नहीं रोका जा सकता। Election Commission की ओर जा रहा था मार्च INDIA bloc के सांसद संसद परिसर से Election Commission headquarters की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारी SIR, voter list revision और Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज करा रहे थे। पुलिस ने आगे बढ़ने से रोका Opposition MPs को Nirvachan Sadan पहुंचने से पहले barricades लगाकर रोक दिया गया। इसके बाद कई नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। तिरंगे को लेकर हुई नोकझोंक प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी barricade के पास तिरंगा लेकर नजर आए। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने डंडे से चोट लगने की आशंका जताते हुए उसे हटाने की बात कही। विपक्षी नेताओं ने जवाब दिया कि यह “डंडा नहीं, झंडा” है। कांग्रेस ने मोदी-शाह पर साधा निशाना इसके बाद कांग्रेस के official social media account से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। पार्टी ने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को अपनी पुलिस को “झंडे और डंडे का फर्क” समझाना चाहिए। “बल या छल से नहीं रोक पाएंगे” Congress ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि विपक्ष को “बल या छल” से नहीं रोका जा सकता। यह बयान Election Commission के खिलाफ चल रहे विरोध और पुलिस कार्रवाई के संदर्भ में दिया गया। राहुल गांधी ने भी पुलिस से की बहस वायरल वीडियो में राहुल गांधी पुलिस अधिकारी से पूछते दिखे कि अगर उन्हें वहां बैठने की अनुमति नहीं है तो आखिर वे विरोध कहां करें। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस संविधान के प्रति जवाबदेह है और प्रदर्शन का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। प्रियंका गांधी भी हुईं मुखर प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौके पर पुलिस से बहस करती नजर आईं। Reports में यह लाइन उनके विरोध और कांग्रेस के social media messaging दोनों से जोड़कर सामने आई है। Akashvani Bhavan में हुआ धरना मार्च रोके जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी Akashvani Bhavan परिसर में चले गए। वहीं विपक्षी नेताओं ने कई घंटे तक धरना जारी रखा और Election Commission से मिलने की मांग दोहराई। कई विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए लंबे विरोध के बाद Delhi Police ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया। इसके बाद देर शाम प्रदर्शन खत्म कराया गया। SIR विवाद बना मुख्य मुद्दा विपक्ष का आरोप है कि Special Intensive Revision के जरिए eligible voters के नाम electoral rolls से हटाए जा सकते हैं। Election Commission इन आरोपों को खारिज करता रहा है और प्रक्रिया को voter lists की accuracy सुधारने से जोड़ता है। राजनीतिक बयानबाजी और तेज “झंडे और डंडे” वाली टिप्पणी के बाद कांग्रेस और BJP के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक विरोध पर रोक लगाने का मामला बता रहा है, जबकि BJP ने Congress पर constitutional institutions को बदनाम करने का आरोप लगाया है। source – Times Now Navbharat / Aaj Tak / Prabhat Khabar / The Daily Jagran जय राष्ट्र न्यूज़

