भारत-जापान ने रक्षा एवं इंडो-पैसिफिक सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई

नई दिल्ली, 3 जुलाई। भारत और जापान ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों देशों ने स्वतंत्र, खुला और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की तथा क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया। रक्षा सहयोग को मिलेगा नया विस्तार उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने, नियमित सैन्य संवाद जारी रखने तथा संयुक्त सैन्य अभ्यासों के दायरे को बढ़ाने पर सहमति जताई। रक्षा तकनीक, क्षमता निर्माण और सुरक्षा सहयोग को भी नई दिशा देने पर बल दिया गया। समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर भारत और जापान ने समुद्री सुरक्षा, सुरक्षित नौवहन और समुद्री डोमेन जागरूकता (Maritime Domain Awareness) को मजबूत बनाने के लिए सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मुक्त और सुरक्षित समुद्री मार्गों के महत्व को रेखांकित किया। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा दृष्टिकोण बैठक में दोनों पक्षों ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता वैश्विक आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान, संप्रभुता की रक्षा और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया। रक्षा उद्योग और तकनीकी सहयोग दोनों देशों ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास (R&D), उन्नत रक्षा तकनीकों, रक्षा विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग को बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इससे भविष्य में संयुक्त परियोजनाओं और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों की राय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और जापान के बीच बढ़ता सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सामरिक संतुलन को मजबूत करेगा। साथ ही समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) और क्षेत्रीय सहयोग को भी नई गति मिलेगी। रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई विशेषज्ञों के अनुसार दोनों देशों के बीच मजबूत होते रक्षा संबंध केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीकी नवाचार, रक्षा उद्योग, समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इससे दोनों देशों की दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। आगे की राह भारत और जापान ने नियमित उच्चस्तरीय संवाद, संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा तकनीक सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समन्वय को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी आने वाले वर्षों में दोनों देशों के सामरिक और रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। स्रोत:भारत सरकार, जापान सरकार तथा दोनों देशों द्वारा जारी आधिकारिक संयुक्त बयान। मूल रिपोर्ट:3 जुलाई 2026 को भारत-जापान उच्चस्तरीय वार्ता और रक्षा सहयोग से संबंधित आधिकारिक जानकारी के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »