WTO समीक्षा में भारत की व्यापार नीति और पारंपरिक उद्योगों पर वैश्विक चर्चा, निर्यात क्षमता को मिली नई पहचान
नई दिल्ली: विश्व व्यापार संगठन (WTO) की हालिया ट्रेड पॉलिसी रिव्यू (Trade Policy Review) के दौरान भारत की व्यापार नीति, निर्यात रणनीति और पारंपरिक उद्योगों को लेकर वैश्विक स्तर पर व्यापक चर्चा हुई। समीक्षा में भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, विनिर्माण क्षमता, डिजिटल व्यापार और पारंपरिक हस्तशिल्प एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। बैठक के दौरान कई सदस्य देशों ने भारत की व्यापार नीतियों, निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा की। भारत ने स्पष्ट किया कि उसकी व्यापार नीति का उद्देश्य वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक उद्योगों और छोटे उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच दिलाना है। पारंपरिक उद्योगों पर विशेष जोर भारत ने WTO मंच पर बताया कि हस्तकरघा, हस्तशिल्प, आयुर्वेदिक उत्पाद, मसाले, चाय, कॉफी, चमड़ा, वस्त्र और अन्य पारंपरिक उद्योग लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। सरकार इन क्षेत्रों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता सुधार और निर्यात सहायता के माध्यम से मजबूत बनाने पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘मेक इन इंडिया’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘ODOP (One District One Product)’ जैसी पहलें पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। भारत का पक्ष भारत ने समीक्षा के दौरान कहा कि— वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भूमिका WTO समीक्षा में भारत की बढ़ती निर्यात क्षमता, विदेशी निवेश आकर्षित करने के प्रयास और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार भारत वैश्विक विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है। निर्यातकों को मिलेगा लाभ व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि WTO स्तर पर भारत की सकारात्मक छवि से— निष्कर्ष WTO की ट्रेड पॉलिसी रिव्यू में भारत की व्यापार नीति और पारंपरिक उद्योगों पर हुई चर्चा देश की बढ़ती आर्थिक और व्यापारिक भूमिका को दर्शाती है। सरकार का मानना है कि आधुनिक व्यापार नीति और पारंपरिक उद्योगों के संरक्षण के संतुलित मॉडल से भारत वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। Source: World Trade Organization (WTO) | Ministry of Commerce & Industry | PIB जय राष्ट्र न्यूज़

