प्रमुख खबरें

AI और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की समीक्षा बैठकें तेज़, नई निवेश परियोजनाओं पर फोकस

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़ी नई परियोजनाओं एवं निवेश प्रस्तावों की समीक्षा तेज़ कर दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर AI आधारित डिजिटल सेवाओं, स्मार्ट प्रशासन और तकनीकी अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में कई प्रस्तावों का मूल्यांकन कर रहा है। सरकार का उद्देश्य AI के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक तेज़, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। स्वदेशी AI मॉडल और नए निवेश को मिली गति हाल ही में सरकार ने 20 स्वदेशी AI फाउंडेशन मॉडल विकसित करने के प्रस्तावों को समर्थन देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही AI अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 58 Centres of Excellence को भी मंजूरी दी गई है। सरकार ने इन परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग संसाधन उपलब्ध कराने का भी फैसला किया है, ताकि भारतीय स्टार्टअप, शोध संस्थान और उद्योग वैश्विक स्तर की AI तकनीक विकसित कर सकें। डिजिटल गवर्नेंस पर विशेष जोर MeitY के नेतृत्व में विभिन्न मंत्रालयों से प्राप्त 700 से अधिक AI उपयोग मामलों और 760 से अधिक प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, न्याय, परिवहन, शहरी विकास और प्रशासनिक सेवाओं में AI के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सरकारी सेवाएँ अधिक नागरिक-केंद्रित और डेटा-आधारित बनें। डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश AI के बढ़ते उपयोग को देखते हुए देश में डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश भी तेज़ हुआ है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार जून तिमाही में संस्थागत निवेश का बड़ा हिस्सा डेटा सेंटर परियोजनाओं में गया, जिससे स्पष्ट है कि AI आधारित डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक अवसंरचना तेजी से विकसित की जा रही है। AI गवर्नेंस और सुरक्षा पर भी ध्यान सरकार केवल तकनीकी निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि जिम्मेदार AI उपयोग के लिए AI Governance Framework और सुरक्षा मानकों पर भी काम कर रही है। विशेषज्ञ समितियाँ AI से जुड़े नैतिक, गोपनीयता और पारदर्शिता संबंधी मुद्दों की समीक्षा कर रही हैं ताकि नई तकनीकों का उपयोग सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से किया जा सके। निष्कर्ष भारत AI और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश और नीतिगत सुधारों के माध्यम से वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का मानना है कि स्वदेशी AI मॉडल, मजबूत डिजिटल अवसंरचना और जिम्मेदार AI गवर्नेंस के संयोजन से देश की प्रशासनिक क्षमता और डिजिटल अर्थव्यवस्था दोनों को नई गति मिलेगी। Source: Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY) | IndiaAI Mission जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

भारत में AI, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर निवेश को नई गति, कई परियोजनाओं पर तेजी से काम

नई दिल्ली: भारत सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई नई परियोजनाओं और निवेश योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य भारत को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और AI नवाचार का प्रमुख वैश्विक केंद्र बनाना है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारें निजी कंपनियों तथा वैश्विक निवेशकों के साथ मिलकर नई उत्पादन इकाइयों और अनुसंधान परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही हैं। AI मिशन को मिल रही नई गति सरकार के IndiaAI Mission के तहत देश में AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप्स, अनुसंधान, स्किल डेवलपमेंट और डेटा प्लेटफॉर्म को मजबूत किया जा रहा है। विभिन्न संस्थानों और उद्योगों के सहयोग से स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में AI आधारित समाधान विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सेमीकंडक्टर उद्योग में निवेश बढ़ा Semicon India Programme के अंतर्गत सेमीकंडक्टर निर्माण, चिप पैकेजिंग और डिस्प्ले निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन निवेशों से भारत वैश्विक चिप सप्लाई चेन में अपनी भूमिका मजबूत करेगा और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को नई दिशा मिलेगी। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ भारत में नई इकाइयाँ स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, सर्वर, डेटा सेंटर उपकरण और अन्य डिजिटल हार्डवेयर के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं और नई नीतियों का विस्तार किया जा रहा है। इससे भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखा गया है। रोजगार और स्टार्टअप्स को लाभ विशेषज्ञों के अनुसार इन परियोजनाओं से आने वाले वर्षों में हजारों उच्च कौशल वाले रोजगार सृजित होंगे। साथ ही AI, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन और चिप टेक्नोलॉजी से जुड़े भारतीय स्टार्टअप्स को भी नए अवसर मिलेंगे। सरकार उद्योग, शिक्षा संस्थानों और अनुसंधान संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। निष्कर्ष AI, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी से बढ़ते निवेश भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे ले जा रहे हैं। सरकार की नई पहलें देश को वैश्विक तकनीकी और विनिर्माण हब बनाने के लक्ष्य को मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं। Source: Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY) | IndiaAI Mission | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

भारत में AI और डिजिटल गवर्नेंस को लेकर नई सरकारी परियोजनाओं पर काम तेज, तकनीक आधारित सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए कई नई परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। इन पहलों का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुलभ बनाना है। विभिन्न मंत्रालय और सरकारी एजेंसियां AI आधारित तकनीकों का उपयोग प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और नागरिक सेवाओं में बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही हैं। सरकार का मानना है कि AI और डिजिटल तकनीकों के व्यापक उपयोग से सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन, निर्णय प्रक्रिया में सुधार और नागरिकों तक सेवाओं की तेज़ पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है। किन क्षेत्रों में होगा AI का उपयोग? सरकारी परियोजनाओं के तहत AI का उपयोग कई प्रमुख क्षेत्रों में किया जा रहा है— डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा नया आयाम सरकार विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्मों को आपस में जोड़कर नागरिकों को अधिक प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। ऑनलाइन प्रमाणपत्र, डिजिटल पहचान, ई-ऑफिस, डिजिटल भुगतान और AI आधारित शिकायत निवारण जैसी सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं। स्टार्टअप और उद्योग को भी मिलेगा लाभ AI परियोजनाओं के विस्तार से भारतीय स्टार्टअप, आईटी कंपनियों और टेक उद्योग के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सरकार अनुसंधान, नवाचार और स्वदेशी AI समाधान विकसित करने के लिए उद्योग एवं शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ा रही है। विशेषज्ञों की राय तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि AI का जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ उपयोग किया जाए, तो इससे सरकारी कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बन सकती है। हालांकि इसके साथ डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और नैतिक उपयोग जैसे मुद्दों पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक होगा। निष्कर्ष AI और डिजिटल गवर्नेंस पर सरकार का बढ़ता फोकस भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने की कोशिश है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं से नागरिक सेवाओं में सुधार, प्रशासनिक दक्षता और तकनीकी नवाचार को नई गति मिलने की उम्मीद है। Source: Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY) | IndiaAI Mission | PIB जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »