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भारतीय पर्यटकों के लिए अबू धाबी का बड़ा ऑफर, पात्र यात्रियों को मिलेगी मुफ्त UAE एंट्री वीजा सुविधा

अबू धाबी: भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अबू धाबी ने एक नई वीजा पहल शुरू की है। इसके तहत पात्र भारतीय यात्रियों को UAE का complimentary entry visa दिया जाएगा। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए है जो तय शर्तों के तहत अबू धाबी में होटल और रिटर्न फ्लाइट की बुकिंग करते हैं। इस पहल से भारत से अबू धाबी घूमने जाने वाले यात्रियों को यात्रा लागत कम करने में मदद मिल सकती है। किसे मिलेगा मुफ्त UAE वीजा? नई पहल के तहत ऐसे भारतीय पर्यटक पात्र हो सकते हैं जिनके पास अबू धाबी की कम से कम तीन रातों की होटल बुकिंग और वापसी की उड़ान की पुष्टि हो। हालांकि यह सुविधा सभी भारतीय यात्रियों के लिए स्वतः उपलब्ध नहीं है। यात्रियों को कार्यक्रम में निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा और वीजा आवेदन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। अबू धाबी ने क्यों शुरू की यह पहल? अबू धाबी लंबे समय से भारतीय पर्यटकों के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार के रूप में भारत पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। नई वीजा सुविधा का उद्देश्य भारतीय यात्रियों के लिए अबू धाबी की यात्रा को आसान और अधिक आकर्षक बनाना है। इससे पर्यटन, होटल और एयरलाइन क्षेत्र को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। 20,000 यात्रियों तक की सुविधा रिपोर्टों के मुताबिक इस पायलट कार्यक्रम के तहत अधिकतम 20,000 वीजा जारी किए जाने का प्रावधान है। यह पहल सीमित अवधि के लिए लागू की गई है और इसके तहत पात्र भारतीय पर्यटकों को अबू धाबी की यात्रा के दौरान वीजा शुल्क से राहत मिल सकती है। 31 अक्टूबर 2026 तक चल सकता है कार्यक्रम यह विशेष पहल 31 अक्टूबर 2026 तक चलने की योजना के साथ शुरू की गई है। यानी पात्र भारतीय यात्री इस अवधि के दौरान निर्धारित शर्तों के तहत इसका लाभ उठा सकते हैं। हालांकि यात्रियों को आवेदन करने से पहले मौजूदा नियमों और पात्रता की पुष्टि करनी चाहिए, क्योंकि वीजा नियमों में बदलाव संभव है। होटल बुकिंग होगी अहम इस ऑफर में होटल बुकिंग की भूमिका महत्वपूर्ण है। पात्र यात्रियों को अबू धाबी में कम से कम तीन रातों के ठहरने की पुष्टि करनी होगी। इसके साथ रिटर्न फ्लाइट की जानकारी भी आवश्यक हो सकती है। इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय होटल और फ्लाइट की बुकिंग से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखना जरूरी होगा। भारतीय पर्यटकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह ऑफर? UAE भारतीयों के बीच लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है। दुबई के अलावा अबू धाबी भी अपनी आधुनिक वास्तुकला, समुद्र तटों, सांस्कृतिक स्थलों और मनोरंजन सुविधाओं के कारण तेजी से लोकप्रिय हुआ है। वीजा लागत में राहत मिलने से परिवार, कपल्स और अन्य पर्यटकों के लिए अबू धाबी ट्रिप का कुल खर्च कुछ कम हो सकता है। यात्रा से पहले नियम जरूर जांचें पर्यटकों को ध्यान रखना चाहिए कि complimentary visa का मतलब बिना किसी शर्त के UAE में प्रवेश नहीं है। वीजा पात्रता, पासपोर्ट की वैधता, होटल बुकिंग, रिटर्न टिकट और अन्य इमिग्रेशन नियम लागू रहेंगे। इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक वीजा और अबू धाबी पर्यटन स्रोतों से नवीनतम नियमों की पुष्टि करना जरूरी है। अबू धाबी टूरिज्म के लिए भारत बड़ा बाजार भारत अबू धाबी के महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजारों में से एक है। भारतीय यात्रियों की बड़ी संख्या को देखते हुए अबू धाबी पर्यटन क्षेत्र लगातार भारत-केंद्रित प्रचार और यात्रा सुविधाओं पर जोर दे रहा है। नई पहल का उद्देश्य यात्रियों के लिए यात्रा प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ अबू धाबी में भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाना है। निष्कर्ष भारतीय पर्यटकों के लिए अबू धाबी का यह complimentary UAE entry visa offer यात्रा को अधिक आकर्षक बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। हालांकि इसका लाभ सिर्फ पात्र यात्रियों को ही मिलेगा और इसके लिए होटल, फ्लाइट तथा अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा। पायलट कार्यक्रम के तहत 20,000 तक वीजा की सुविधा और 31 अक्टूबर 2026 तक की अवधि इसे भारतीय यात्रियों के लिए खास अवसर बनाती है। यात्रा की योजना बनाने वालों को आवेदन से पहले पात्रता और मौजूदा वीजा नियमों की आधिकारिक पुष्टि जरूर करनी चाहिए। Source: Abu Dhabi Tourism / Latest Travel Reports जय राष्ट्र न्यूज़

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वियतनाम में भारतीय पर्यटकों की नाव दुर्घटना के बाद सरकार सख्त, देशभर में पर्यटक नौकाओं की सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा

हनोई, 12 जुलाई। वियतनाम के लोकप्रिय पर्यटन स्थल फू क्वोक द्वीप के निकट भारतीय पर्यटकों से भरी एक स्पीडबोट दुर्घटना के बाद वियतनाम सरकार ने देशभर में पर्यटक नौकाओं की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के आदेश दिए हैं। इस हादसे में कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मृत्यु हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए। दुर्घटना के बाद प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रालयों और स्थानीय प्रशासन को विस्तृत जांच करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का पुनर्मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है। दुर्घटना कैसे हुई? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्पीडबोट फू क्वोक के निकट एक पर्यटन द्वीप से लौट रही थी। खराब मौसम, ऊंची लहरों और तेज़ हवाओं के बीच नाव संतुलन खो बैठी और पलट गई। दुर्घटना के समय नाव में भारतीय पर्यटकों के साथ चालक दल के सदस्य भी मौजूद थे। राहत दलों और आसपास मौजूद अन्य नौकाओं की मदद से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सरकार ने दिए जांच के आदेश वियतनाम के प्रधानमंत्री ने दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश देते हुए पुलिस, तटरक्षक बल, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को सभी पहलुओं की जांच करने को कहा है। साथ ही देशभर में पर्यटक नौकाओं के संचालन, सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन व्यवस्था और नियमों के पालन की समीक्षा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। भारतीय दूतावास सक्रिय भारत का दूतावास और वाणिज्य दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं। घायलों को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है तथा मृतकों के परिजनों की हरसंभव सहायता के लिए विशेष सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और अधिकारियों को हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पर्यटन सुरक्षा पर उठे सवाल दुर्घटना के बाद पर्यटन उद्योग में समुद्री सुरक्षा मानकों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान नौकाओं के संचालन, यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट की अनिवार्यता, चालक दल के प्रशिक्षण और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है। भविष्य के लिए सख्त कदम सरकार ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर पर्यटक नौकाओं के लिए सुरक्षा नियमों को और कड़ा किया जा सकता है। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित ऑपरेटरों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। स्रोत:वियतनाम सरकार, भारत का विदेश मंत्रालय (MEA) एवं भारतीय दूतावास। मूल रिपोर्ट:रॉयटर्स, एसोसिएटेड प्रेस तथा वियतनाम सरकार द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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