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जम्मू-कश्मीर: Chenab नदी में फंसे 3 लोगों का रेस्क्यू, भारी बारिश से अचानक बढ़ा जलस्तर

जम्मू: जम्मू-कश्मीर के अखनूर में चिनाब नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तीन युवकों की जान मुश्किल में पड़ गई। तीनों युवक नदी किनारे घूमने गए थे, लेकिन पानी तेजी से बढ़ने के कारण वे बीच में एक चट्टान पर फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव एजेंसियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह घटना शनिवार, 22 अगस्त की देर शाम हुई, जिसकी जानकारी रविवार 23 अगस्त 2026 को सामने आई। अखनूर के चडिया घाट पर हुआ हादसा मामला जम्मू जिले के अखनूर क्षेत्र में स्थित चडिया घाट का है। रिपोर्ट के मुताबिक तीन युवक शनिवार शाम चिनाब नदी के किनारे टहलने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ने लगा। युवकों को स्थिति समझने और सुरक्षित किनारे तक लौटने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। पानी बढ़ता देख तीनों ने नदी के बीच मौजूद एक सुरक्षित चट्टान पर शरण ली। हालांकि लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण वहां भी ज्यादा देर तक सुरक्षित रहना मुश्किल हो सकता था। स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी सूचना नदी के आसपास मौजूद लोगों की नजर जब चट्टान पर फंसे युवकों पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद अखनूर पुलिस मौके पर पहुंची। हालात को देखते हुए अन्य संबंधित बचाव एजेंसियों को भी बुलाया गया और तीनों युवकों को बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू किया गया। तेज बहाव और बढ़ता जलस्तर रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती था। लंबे Rescue Operation के बाद तीनों सुरक्षित काफी प्रयास के बाद बचाव दल तीनों युवकों तक पहुंचने में सफल रहा और उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाया गया। इस घटना में किसी युवक की जान जाने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है। समय रहते स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को जानकारी देने और बचाव अभियान शुरू होने से बड़ा हादसा टल गया। अचानक क्यों खतरनाक हो जाती है Chenab नदी? चिनाब हिमालयी क्षेत्र की प्रमुख नदियों में शामिल है। पहाड़ी इलाकों में बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण नदी के जलस्तर में तेजी से बदलाव हो सकता है। विशेषकर मानसून के दौरान नदी के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है। सामान्य दिखाई देने वाला किनारा थोड़े समय में तेज बहाव की चपेट में आ सकता है। अखनूर की घटना में भी पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि घाट पर मौजूद तीनों युवक समय रहते किनारे तक नहीं पहुंच पाए। Police ने लोगों को दी चेतावनी घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों से बरसात के मौसम में चिनाब नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। विशेष रूप से रात के समय नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की स्थिति में नदी के पास मौजूद लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता है। लोगों को नदी में उतरने, नहाने या तेज बहाव वाली जगहों पर जाने से भी बचना चाहिए। पहले भी सामने आ चुके हैं हादसे चिनाब नदी में हाल के दिनों में हादसों की अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। 9 अगस्त को अखनूर के खौड़ इलाके के दो युवक नदी में नहाते समय लापता हो गए थे। पुलिस, SDRF, NDRF और स्थानीय स्वयंसेवकों ने उनकी तलाश में अभियान चलाया था। बाद में दोनों के शव बरामद किए गए थे। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि बरसात के दौरान नदी के बहाव और जलस्तर को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन की सलाह को नजरअंदाज न करें मानसून के दौरान जम्मू क्षेत्र में नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा जारी weather और safety advisories का पालन करना बेहद जरूरी है। अगर नदी में अचानक पानी बढ़ता दिखाई दे तो तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थान की ओर जाना चाहिए। नदी के बीच मौजूद पत्थरों या छोटे टापुओं तक पहुंचने की कोशिश भी जोखिम बढ़ा सकती है। अखनूर में हुए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में राहत की बात यह रही कि तीनों युवकों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बरसात के मौसम में चिनाब जैसी तेज बहाव वाली नदियों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बेहद जरूरी है। स्रोत – एबीपी न्यूज़ जय राष्ट्र न्यूज़

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कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत का बड़ा बयान! J&K को बताया ‘भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा’, पाकिस्तान ने जताई कड़ी आपत्ति

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर को “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” बताया। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के अपने पहले दौरे के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति में सुधार की सराहना की और कहा कि केंद्र तथा जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा बेहतर करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गोर ने जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता की भी तारीफ की और संकेत दिया कि अमेरिका क्षेत्र को लेकर अपनी मौजूदा ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा कर सकता है, ताकि अधिक अमेरिकी पर्यटक यहां आ सकें। पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को किया तलब अमेरिकी राजदूत के बयान पर पाकिस्तान ने कड़ा रुख अपनाया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नताली बेकर को तलब कर विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने वाली टिप्पणी को खारिज करते हुए इसे “तथ्यात्मक रूप से गलत” बताया। इस्लामाबाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की अंतिम स्थिति को लेकर उसका अपना दावा है और उसने अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी को स्वीकार करने से इनकार किया है। भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्यों अहम है बयान? सर्जियो गोर का बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह ऐसे समय आया है जब अमेरिका भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ संवेदनशील कूटनीतिक संबंधों को संभाल रहा है। जम्मू-कश्मीर लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का प्रमुख मुद्दा रहा है। हालांकि, एक राजदूत की टिप्पणी को पूरी अमेरिकी विदेश नीति में औपचारिक बदलाव मानना जल्दबाजी होगी। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में गोर के बयान और ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा की बात सामने आई है। कश्मीर में पर्यटन को लेकर भी बड़ा संकेत गोर ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति में सुधार का उल्लेख करते हुए अमेरिकी यात्रा चेतावनी को कम करने की संभावना जताई। यदि भविष्य में एडवाइजरी का स्तर बदला जाता है, तो इससे जम्मू-कश्मीर में विदेशी पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद की जा सकती है। पाकिस्तान की आपत्ति से बढ़ी कूटनीतिक हलचल अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी और पाकिस्तान के विरोध ने जम्मू-कश्मीर को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा बताया जाता रहा है, जबकि पाकिस्तान इस स्थिति को स्वीकार नहीं करता। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिकी राजदूत ने श्रीनगर में J&K को भारत का “महत्वपूर्ण हिस्सा” बताया और इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर विरोध दर्ज कराया। स्रोत: Indian Express, Hindustan Times, Reuters/BDNews24, Anadolu, Economic Times Jai Rashtra News

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राष्ट्रीय | अमरनाथ यात्रा पर बड़ा अपडेट: खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी के बीच जम्मू से यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई

जम्मू: जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी को देखते हुए जम्मू से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं का नया जत्था फिलहाल रवाना नहीं किया गया। यात्रा को रोकने का फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पहाड़ी इलाकों में मौसम लगातार खराब बना हुआ है और बारिश के कारण यात्रा मार्ग तथा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है। खराब मौसम के कारण लिया गया फैसला अमरनाथ यात्रा के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर रास्तों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के बजाय यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित कर रहा है। अधिकारियों की ओर से मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही जम्मू से नए जत्थे को आगे भेजने का फैसला लिया जाएगा। यात्रियों की संख्या में भी आई कमी यात्रा रोकने के पीछे श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को भी एक प्रमुख कारण बताया गया है। सामान्य दिनों की तुलना में जम्मू आधार शिविर पर यात्रियों की संख्या कम होने के कारण फिलहाल नए जत्थे को रवाना नहीं किया गया। प्रशासन यात्रा व्यवस्था, मौसम और श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहा है। भगवती नगर बेस कैंप से नहीं रवाना हुआ नया जत्था जम्मू का भगवती नगर आधार शिविर अमरनाथ यात्रा के प्रमुख शुरुआती केंद्रों में से एक है। यहां से श्रद्धालुओं के जत्थे सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर घाटी की ओर रवाना होते हैं। मौजूदा मौसम को देखते हुए शनिवार को यहां से अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले नए जत्थे को रोक दिया गया। यात्रा से जुड़े अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भी प्रशासन की नजर खराब मौसम के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति भी महत्वपूर्ण हो गई है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा रहता है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है। यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन हाईवे और यात्रा मार्ग की स्थिति की निगरानी कर रहा है। सड़क की स्थिति खराब होने पर यात्रियों को आगे भेजना जोखिम भरा हो सकता है। यात्रा पूरी तरह बंद नहीं, फैसला अस्थायी अधिकारियों के अनुसार, यह अस्थायी रोक है। इसका मतलब यह नहीं है कि अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति में सुधार होने के बाद जम्मू से श्रद्धालुओं के नए जत्थे को फिर से रवाना किया जा सकता है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले प्रशासन और श्री अमरनाथ यात्रा से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं की जानकारी लेते रहें। श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता अमरनाथ यात्रा के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ी और दुर्गम इलाकों से होकर अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं। ऐसे में खराब मौसम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सावधानी बरतता है। मौजूदा परिस्थितियों में भी प्रशासन का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और यात्रा मार्ग की स्थिति पर है। अब मौसम में सुधार का इंतजार फिलहाल जम्मू से अमरनाथ यात्रा को दोबारा शुरू करने की कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है। यात्रा बहाली का फैसला मौसम, सड़क और यात्रा मार्ग की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल सबसे जरूरी है कि वे बिना आधिकारिक अनुमति या अपडेट के यात्रा के अगले चरण के लिए आगे न बढ़ें। निष्कर्ष खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी के बीच जम्मू से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन जम्मू-श्रीनगर हाईवे और यात्रा मार्ग की स्थिति पर नजर रख रहा है। मौसम में सुधार और परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही नए जत्थे को रवाना करने पर फैसला लिया जाएगा। Source: Indian Express / Business Standard / अन्य संबंधित रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा सर्च ऑपरेशन, पूरे इलाके में हाई अलर्ट

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में व्यापक सर्च एंड कॉर्डन ऑपरेशन (CASO) शुरू कर दिया है। हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने आतंकियों की तलाश के लिए कई इलाकों में घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार हमलावर ने मजदूरों से बातचीत के दौरान उनकी पहचान और व्यक्तिगत जानकारी पूछी, जिसके बाद उन पर गोलीबारी की गई। सुरक्षा एजेंसियाँ इस घटना को लक्षित आतंकी हमला (Targeted Terror Attack) मानकर जांच कर रही हैं और हमले में शामिल आतंकियों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। पूरे दक्षिण कश्मीर में बढ़ाई गई सुरक्षा घटना के बाद कुलगाम, अनंतनाग और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रवेश और निकास मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है। प्रवासी मजदूरों में भय का माहौल हमले के बाद दक्षिण कश्मीर के ईंट-भट्ठों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों में डर का माहौल है। कई मजदूरों ने काम बंद कर दिया है और अपने गृह राज्यों लौटने पर विचार कर रहे हैं। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। सरकार ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियाँ तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। निष्कर्ष कुलगाम आतंकी हमले के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और सुरक्षा बल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि हमले में शामिल आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी है. Source: Jammu & Kashmir Police | Ministry of Home Affairs | Indian Army जय राष्ट्र न्यूज़

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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की मौत, सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन तेज

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में एक ईंट-भट्ठे पर हुए आतंकवादी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। आतंकियों ने शुक्रवार देर शाम गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी की थी, जिसमें एक मजदूर की मौके पर मौत हो गई थी जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। यह घटना पिछले लगभग 21 महीनों में प्रवासी मजदूरों पर हुआ पहला बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा भी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹10 लाख की अनुग्रह राशि (Ex-Gratia) देने की घोषणा की। उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला मानवता के खिलाफ अपराध है और दोषियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर चिंता यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कश्मीर में सेब सीजन के कारण बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से मजदूर काम करने आते हैं। घटना के बाद प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। जांच जारी सुरक्षा एजेंसियां हमले में शामिल आतंकियों और उनके नेटवर्क की पहचान करने में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच में इसे एक टार्गेटेड आतंकी हमला माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या ने एक बार फिर घाटी में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जबकि सुरक्षा बल हमलावरों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। Source: Jammu & Kashmir Police | Office of the Chief Minister, Jammu & Kashmir जय राष्ट्र न्यूज़

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अनंतनाग आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा, घाटी में हाई अलर्ट

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों द्वारा एक पुलिसकर्मी की हत्या के बाद पूरे कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी गई है। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी, जो अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे, शहीद हो गए। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई शुरू कर दी है। हमले के तुरंत बाद पुलिस, सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने अनंतनाग और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। अमरनाथ यात्रा मार्ग और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ी संख्या में संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। अधिकारियों के अनुसार आतंकवादी नेटवर्क और उनके सहयोगियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही वांछित आतंकियों से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई है। अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर विशेष फोकस चूंकि हमला अमरनाथ यात्रा के दौरान हुआ, इसलिए यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है। अतिरिक्त चेकिंग, ड्रोन निगरानी और सुरक्षा गश्त बढ़ाई गई है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सरकार का रुख केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और हमले के जिम्मेदार लोगों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों को पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। निष्कर्ष अनंतनाग में पुलिस अधिकारी की शहादत के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है। व्यापक तलाशी अभियान, अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के जरिए सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रही हैं। Source: Jammu & Kashmir Police | PTI | Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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