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लद्दाख का वायरल VIDEO: सुरक्षा बलों से बहस करने वाली Gen-Z महिला ने भारतीय सेना से मांगी माफी

लद्दाख: लद्दाख के मिनामर्ग चेकपोस्ट पर सुरक्षा बलों के साथ बहस करते हुए वायरल हुई 25 वर्षीय महिला पर्यटक ने अब भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और लद्दाख पुलिस से माफी मांगी है। महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वह सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए खुद को “Gen Z” बताते हुए सुरक्षाकर्मियों से बहस करती दिखाई दी थी। छह घंटे इंतजार के बाद हुआ था विवाद महिला के मुताबिक, घटना 26 जुलाई को मिनामर्ग चेकपोस्ट के पास हुई थी। उस समय सुरक्षा कारणों से सड़क को अस्थायी रूप से बंद किया गया था और वह तथा उसके साथ यात्रा कर रहे लोग कई घंटों तक इंतजार करते रहे। महिला ने NDTV से बातचीत में बताया कि करीब छह घंटे तक इंतजार और स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के कारण वह अपना आपा खो बैठी। उसने माना कि गुस्से में उसके द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा गलत थी। “We are Gen Z” वाला VIDEO हुआ वायरल घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद महिला की टिप्पणी “We are Gen Z” काफी चर्चा में रही। वीडियो में वह सुरक्षा कर्मियों के साथ तीखी बहस करती नजर आई। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर उसे लेकर काफी आलोचना हुई। सेना के पूर्व अधिकारियों और कई यूजर्स ने संवेदनशील सीमा क्षेत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर इस तरह के व्यवहार पर सवाल उठाए। महिला ने सेना से मांगी माफी विवाद बढ़ने के बाद महिला ने अब सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उसने कहा कि उसका उद्देश्य भारतीय सेना या पुलिस का अपमान करना नहीं था और वह सेना का सम्मान करती है। उसने भारतीय सेना के साथ-साथ J&K Police और Ladakh Police से भी माफी मांगी और कहा कि उसकी टिप्पणी उस समय की निराशा और गुस्से का परिणाम थी। महिला ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए यह भी कहा कि उसे अपने व्यवहार पर पछतावा है और वह इस घटना के कारण मिले ध्यान के लिए ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहती थी। संवेदनशील इलाके में सुरक्षा व्यवस्था का मामला यह विवाद ऐसे इलाके में हुआ जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। लद्दाख का यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से संवेदनशील है और सैन्य गतिविधियों के कारण कई बार आम नागरिकों की आवाजाही अस्थायी रूप से प्रतिबंधित की जाती है। महिला ने अपने पक्ष में कहा कि अगर उन्हें सड़क बंद होने और इंतजार की वजह के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल जाती, तो शायद स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन करना भी यात्रियों की जिम्मेदारी है। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला केवल एक स्थानीय विवाद नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर Gen Z, नागरिक जिम्मेदारी और सेना के प्रति सम्मान को लेकर बहस शुरू हो गई। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी पहले महिला के व्यवहार पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ऐसी मानसिकता से जोड़ा था जिसमें लोग अपने प्रभाव या पहचान के आधार पर नियमों से ऊपर होने का भाव रखते हैं। माफी के बाद विवाद में नया मोड़ अब महिला की माफी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वायरल वीडियो में दिखाई गई घटना को लेकर आलोचना के बाद उसने स्पष्ट किया कि उसके शब्द गलत थे और उसने सेना तथा पुलिस का अपमान करने का इरादा नहीं रखा था। इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा निर्देशों का पालन और यात्रियों को स्पष्ट जानकारी देना दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। स्रोत: NDTV, Indian Express, Times of India, PTI Jai Rashtra News

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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा सर्च ऑपरेशन, पूरे इलाके में हाई अलर्ट

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में व्यापक सर्च एंड कॉर्डन ऑपरेशन (CASO) शुरू कर दिया है। हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने आतंकियों की तलाश के लिए कई इलाकों में घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार हमलावर ने मजदूरों से बातचीत के दौरान उनकी पहचान और व्यक्तिगत जानकारी पूछी, जिसके बाद उन पर गोलीबारी की गई। सुरक्षा एजेंसियाँ इस घटना को लक्षित आतंकी हमला (Targeted Terror Attack) मानकर जांच कर रही हैं और हमले में शामिल आतंकियों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। पूरे दक्षिण कश्मीर में बढ़ाई गई सुरक्षा घटना के बाद कुलगाम, अनंतनाग और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रवेश और निकास मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है। प्रवासी मजदूरों में भय का माहौल हमले के बाद दक्षिण कश्मीर के ईंट-भट्ठों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों में डर का माहौल है। कई मजदूरों ने काम बंद कर दिया है और अपने गृह राज्यों लौटने पर विचार कर रहे हैं। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। सरकार ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियाँ तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। निष्कर्ष कुलगाम आतंकी हमले के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और सुरक्षा बल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि हमले में शामिल आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी है. Source: Jammu & Kashmir Police | Ministry of Home Affairs | Indian Army जय राष्ट्र न्यूज़

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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की मौत, सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन तेज

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में एक ईंट-भट्ठे पर हुए आतंकवादी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। आतंकियों ने शुक्रवार देर शाम गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी की थी, जिसमें एक मजदूर की मौके पर मौत हो गई थी जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। यह घटना पिछले लगभग 21 महीनों में प्रवासी मजदूरों पर हुआ पहला बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा भी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹10 लाख की अनुग्रह राशि (Ex-Gratia) देने की घोषणा की। उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला मानवता के खिलाफ अपराध है और दोषियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर चिंता यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कश्मीर में सेब सीजन के कारण बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से मजदूर काम करने आते हैं। घटना के बाद प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। जांच जारी सुरक्षा एजेंसियां हमले में शामिल आतंकियों और उनके नेटवर्क की पहचान करने में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच में इसे एक टार्गेटेड आतंकी हमला माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या ने एक बार फिर घाटी में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जबकि सुरक्षा बल हमलावरों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। Source: Jammu & Kashmir Police | Office of the Chief Minister, Jammu & Kashmir जय राष्ट्र न्यूज़

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अनंतनाग आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा, घाटी में हाई अलर्ट

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों द्वारा एक पुलिसकर्मी की हत्या के बाद पूरे कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी गई है। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी, जो अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे, शहीद हो गए। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई शुरू कर दी है। हमले के तुरंत बाद पुलिस, सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने अनंतनाग और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। अमरनाथ यात्रा मार्ग और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ी संख्या में संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। अधिकारियों के अनुसार आतंकवादी नेटवर्क और उनके सहयोगियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही वांछित आतंकियों से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई है। अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर विशेष फोकस चूंकि हमला अमरनाथ यात्रा के दौरान हुआ, इसलिए यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है। अतिरिक्त चेकिंग, ड्रोन निगरानी और सुरक्षा गश्त बढ़ाई गई है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सरकार का रुख केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और हमले के जिम्मेदार लोगों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों को पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। निष्कर्ष अनंतनाग में पुलिस अधिकारी की शहादत के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है। व्यापक तलाशी अभियान, अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के जरिए सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रही हैं। Source: Jammu & Kashmir Police | PTI | Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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