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कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत का बड़ा बयान! J&K को बताया ‘भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा’, पाकिस्तान ने जताई कड़ी आपत्ति

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर को “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” बताया। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के अपने पहले दौरे के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति में सुधार की सराहना की और कहा कि केंद्र तथा जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा बेहतर करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गोर ने जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता की भी तारीफ की और संकेत दिया कि अमेरिका क्षेत्र को लेकर अपनी मौजूदा ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा कर सकता है, ताकि अधिक अमेरिकी पर्यटक यहां आ सकें। पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को किया तलब अमेरिकी राजदूत के बयान पर पाकिस्तान ने कड़ा रुख अपनाया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नताली बेकर को तलब कर विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने वाली टिप्पणी को खारिज करते हुए इसे “तथ्यात्मक रूप से गलत” बताया। इस्लामाबाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की अंतिम स्थिति को लेकर उसका अपना दावा है और उसने अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी को स्वीकार करने से इनकार किया है। भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्यों अहम है बयान? सर्जियो गोर का बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह ऐसे समय आया है जब अमेरिका भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ संवेदनशील कूटनीतिक संबंधों को संभाल रहा है। जम्मू-कश्मीर लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का प्रमुख मुद्दा रहा है। हालांकि, एक राजदूत की टिप्पणी को पूरी अमेरिकी विदेश नीति में औपचारिक बदलाव मानना जल्दबाजी होगी। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में गोर के बयान और ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा की बात सामने आई है। कश्मीर में पर्यटन को लेकर भी बड़ा संकेत गोर ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति में सुधार का उल्लेख करते हुए अमेरिकी यात्रा चेतावनी को कम करने की संभावना जताई। यदि भविष्य में एडवाइजरी का स्तर बदला जाता है, तो इससे जम्मू-कश्मीर में विदेशी पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद की जा सकती है। पाकिस्तान की आपत्ति से बढ़ी कूटनीतिक हलचल अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी और पाकिस्तान के विरोध ने जम्मू-कश्मीर को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा बताया जाता रहा है, जबकि पाकिस्तान इस स्थिति को स्वीकार नहीं करता। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिकी राजदूत ने श्रीनगर में J&K को भारत का “महत्वपूर्ण हिस्सा” बताया और इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर विरोध दर्ज कराया। स्रोत: Indian Express, Hindustan Times, Reuters/BDNews24, Anadolu, Economic Times Jai Rashtra News

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अनंतनाग आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा, घाटी में हाई अलर्ट

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों द्वारा एक पुलिसकर्मी की हत्या के बाद पूरे कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी गई है। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी, जो अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे, शहीद हो गए। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई शुरू कर दी है। हमले के तुरंत बाद पुलिस, सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने अनंतनाग और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। अमरनाथ यात्रा मार्ग और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ी संख्या में संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। अधिकारियों के अनुसार आतंकवादी नेटवर्क और उनके सहयोगियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही वांछित आतंकियों से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई है। अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर विशेष फोकस चूंकि हमला अमरनाथ यात्रा के दौरान हुआ, इसलिए यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है। अतिरिक्त चेकिंग, ड्रोन निगरानी और सुरक्षा गश्त बढ़ाई गई है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सरकार का रुख केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और हमले के जिम्मेदार लोगों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों को पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। निष्कर्ष अनंतनाग में पुलिस अधिकारी की शहादत के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है। व्यापक तलाशी अभियान, अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के जरिए सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रही हैं। Source: Jammu & Kashmir Police | PTI | Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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