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यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में बाढ़ का संकट; भारी बारिश से नदियां उफान पर, लाखों लोग प्रभावित

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में लगातार बारिश और बढ़ते river levels ने कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, बिहार में Ganga, Gandak, Kosi, Punpun और दूसरी नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि मध्य प्रदेश में Narmada और Mandakini के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन को high alert पर रखा गया है। IMD ने आज भी कई क्षेत्रों में heavy से very heavy rainfall की चेतावनी जारी की है। यूपी में 3.5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित Uttar Pradesh Relief Commissioner Office के मुताबिक राज्य के 26 जिलों में करीब 3.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 4,847 लोग relief shelters में रह रहे हैं। सरकार ने प्रभावित इलाकों में 1,312 flood shelters, 1,634 flood outposts, 1,697 boats और motorboats तथा 1,068 medical teams तैनात की हैं। Ayodhya, Ballia, Ghazipur, Gorakhpur, Prayagraj, Varanasi, Lakhimpur Kheri और Unnao समेत कई जिले प्रभावित हैं। पिछले दिनों Ganga, Ghaghra और दूसरी नदियों के बढ़ते स्तर से कई low-lying villages और agricultural areas में पानी भर गया है। बिहार में Ganga कई जगह Danger Mark के ऊपर Bihar में flood situation लगातार गंभीर बनी हुई है। Water Resources Department के मुताबिक Ganga Patna के Digha Ghat, Gandhi Ghat, Hathidah और Maner में danger level से ऊपर बह रही है। Buxar, Munger, Bhagalpur और Kahalgaon में भी नदी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज की गई है। Punpun नदी Patna के Sripalpur और Punpun में, जबकि Ghaghra Darauli और Siwan में danger level पार कर चुकी है। Gandak, Kosi, Burhi Gandak और Bagmati जैसी नदियों के बढ़े जलस्तर से भी कई जिलों में दबाव बना हुआ है। Patna के Cremation Grounds तक पहुंचा Ganga का पानी आज Patna में Ganga का पानी ghats से आगे बढ़कर cremation grounds और आसपास की सड़कों तक पहुंच गया। Malsalami, Didarganj, Chowk, Gaighat और कई riverfront इलाकों में waterlogging और inundation की स्थिति बनी हुई है। Low-lying क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। Floodwaters से प्रभावित कुछ इलाकों में students को भी boats के जरिए स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश में Narmada और Mandakini उफान पर Madhya Pradesh के कई हिस्सों में भी भारी बारिश के बाद flood-like conditions बन गई हैं। Mandla में Narmada River का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जबकि Chitrakoot में Mandakini खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है और करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर shift किया गया है। Chhatarpur, Satna, Mandla और Maihar समेत कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। Bargi Dam के 5 Gates खोले गए बारिश और बढ़ते reservoir levels को देखते हुए Jabalpur के Bargi Dam के पांच gates खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। Chhatarpur के Kutni Dam से भी water release किया गया है। इससे downstream क्षेत्रों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश में Son River के भी danger mark से ऊपर जाने की खबर है और मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने district collectors को high alert पर रहने के निर्देश दिए हैं। IMD ने Heavy Rain का Alert जारी रखा IMD ने आज Madhya Pradesh में heavy to very heavy rainfall के लिए orange warning जारी की है। Bihar में भी heavy rainfall के साथ thunderstorm और lightning की संभावना है। West Uttar Pradesh में widespread rain तथा East Uttar Pradesh में scattered rainfall का forecast है। Madhya Pradesh में Shivpuri, Guna, Chhatarpur, Sagar, Damoh और Narmadapuram समेत कई जिलों में very heavy rain का खतरा बना हुआ है। राहत और बचाव अभियान तेज तीनों राज्यों में administration river embankments, dams और low-lying areas की लगातार monitoring कर रहा है। प्रभावित लोगों को food packets, drinking water, medicines और temporary shelter उपलब्ध कराए जा रहे हैं। Bihar में अधिकारियों को vulnerable embankments पर चौबीसों घंटे नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि UP और MP में boats, rescue teams और medical units को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। फिलहाल मौसम विभाग की चेतावनी और उफनती नदियों को देखते हुए अगले 24–48 घंटे कई flood-prone क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Central/State Water Resources Departments, UP Relief Commissioner Office, Akashvani News, PTI, The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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चित्रकूट में मंदाकिनी फिर उफान पर; खतरे के निशान से करीब 4 मीटर ऊपर, Ramghat-Nirmohi Akhara जलमग्न

चित्रकूट: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित धार्मिक नगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर आज, 1 सितंबर 2026 को फिर तेजी से बढ़ गया। चित्रकूट धाम मंडल के Commissioner Ajit Kumar के मुताबिक UP side पर नदी करीब 4 मीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। Ramghat, Nirmohi Akhara और आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया है। सोमवार शाम पानी कुछ कम हुआ था, लेकिन Madhya Pradesh और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में रातभर हुई बारिश के बाद मंगलवार सुबह Mandakini ने फिर विकराल रूप ले लिया। Amar Ujala के मुताबिक सुबह 9 बजे नदी का level 129.750 metre तक पहुंच गया। चार दिनों में तीसरी बार Danger Mark पार पिछले कुछ दिनों से Mandakini के water level में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। आज नदी ने चार दिनों में तीसरी बार खतरे का निशान पार किया, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों में एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। Ramghat के आसपास की दुकानों और मकानों में पानी घुस गया, जबकि Kamadgiri की ओर जाने वाले कुछ रास्तों पर भी आवागमन प्रभावित हुआ है। Ramghat और Nirmohi Akhara में पानी आज की official reporting के मुताबिक Ramghat और Nirmohi Akhara समेत कई धार्मिक और low-lying areas जलमग्न हैं। प्रशासन ने vulnerable locations से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और प्रभावित परिवारों के लिए भोजन तथा दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। NDRF-SDRF की टीमें तैनात बढ़ते water level के बीच NDRF और SDRF की teams rescue operation में लगी हुई हैं। Police और administrative teams को Pahadi, Rajapur और Manikpur सहित संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। Madhya Pradesh side पर भी NDRF, SDRF और Satna Police को Mandakini के किनारे monitoring और evacuation के लिए deploy किया गया है। Army Helicopters से भी हुआ Rescue DIG Rajesh S के मुताबिक floodwaters में फंसे कई लोगों को rescue teams ने निकाला है, जबकि कुछ evacuations में Army helicopters की भी मदद ली गई। Authorities लोगों से riverbanks और flooded routes से दूर रहने की लगातार अपील कर रही हैं। Ramghat-Nayagaon Bridge भी क्षतिग्रस्त बाढ़ के कारण Ramghat और Nayagaon को जोड़ने वाला bridge क्षतिग्रस्त हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर उसके दोनों ओर police teams लगाई गई हैं। इससे पहले 29 अगस्त के flood surge में Madhya Pradesh side का Ramghat-Hanuman Dhara bridge भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होकर बह गया था। Rajapur में Yamuna भी खतरे के ऊपर चिंता सिर्फ Mandakini तक सीमित नहीं है। Mandakini का पानी आगे Yamuna में मिलने के कारण Rajapur इलाके में भी flood risk बढ़ा है। District Magistrate Pulkit Garg के मुताबिक Rajapur में Yamuna का danger level करीब 88 metre है, जबकि आज इसका जलस्तर लगभग 91 metre तक पहुंच गया। चार-पांच connecting roads पर floodwater आने की सूचना है। 1 September की Latest Situation आज शाम तक verified स्थिति: इसलिए सबसे accurate headline होगी: चित्रकूट में मंदाकिनी फिर उफान पर; खतरे के निशान से करीब 4 मीटर ऊपर, Ramghat-Nirmohi Akhara जलमग्न स्रोत – PTI, DD India, Chitrakoot District Administration, Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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