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तमिलनाडु में विदेशी निवेशकों का बड़ा दांव, 16 परियोजनाओं के लिए ₹15,050 करोड़ के समझौते

चेन्नई: तमिलनाडु में विदेशी निवेश को लेकर बड़ा कदम सामने आया है। राज्य सरकार ने विदेशी निवेशकों के साथ 16 नई परियोजनाओं के लिए करीब ₹15,050 करोड़ के निवेश समझौते किए हैं। इन परियोजनाओं में फ्रांस की Saint-Gobain, अमेरिका की Super Micro Computer और जर्मनी की Daimler India Commercial Vehicles जैसी कंपनियां शामिल हैं। विदेशी कंपनियों से हुए 16 समझौते राज्य सरकार के अनुसार, विदेशी निवेशकों के साथ हुए 16 समझौतों की कुल अनुमानित राशि ₹150.5 अरब यानी करीब ₹15,050 करोड़ है। ये निवेश तमिलनाडु में औद्योगिक उत्पादन और मौजूदा इकाइयों के विस्तार को बढ़ावा देने के लिए किए जाएंगे। यह घोषणा राज्य में आयोजित बड़े निवेश सम्मेलन के दौरान हुई, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों ने निवेश की प्रतिबद्धता जताई। Saint-Gobain और Daimler का बड़ा निवेश फ्रांस की निर्माण क्षेत्र की कंपनी Saint-Gobain करीब ₹2,000 करोड़ का निवेश करेगी। इसमें नई फैक्ट्री स्थापित करने के साथ कांचीपुरम स्थित मौजूदा सुविधा के विस्तार की योजना शामिल है। वहीं जर्मनी की Daimler India Commercial Vehicles चेन्नई स्थित अपने कारखाने के विस्तार पर करीब ₹4,000 करोड़ खर्च करेगी। Super Micro Computer भी करेगी निवेश अमेरिका की सर्वर निर्माण कंपनी Super Micro Computer भी तमिलनाडु में निवेश करने वाली प्रमुख विदेशी कंपनियों में शामिल है। इससे राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलने की उम्मीद है। कुल 97 समझौते, ₹67,452 करोड़ से ज्यादा के निवेश विदेशी निवेश के अलावा सम्मेलन में भारतीय कंपनियों के साथ भी समझौते किए गए। राज्य सरकार ने कुल 97 निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनकी अनुमानित कुल राशि ₹67,452 करोड़ से ज्यादा बताई गई है। इन परियोजनाओं से एक लाख से ज्यादा रोजगार पैदा होने का अनुमान है। इनमें Titan, MAS Holdings, Hinduja Group, Agnikul Cosmos और Ultraviolette जैसी कंपनियों के निवेश भी शामिल हैं। स्पेस, EV और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर भी फोकस तमिलनाडु का निवेश अभियान केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। राज्य में स्पेस टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, क्वांटम कंप्यूटिंग, लाइफ साइंसेज, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भी निवेश आकर्षित करने पर जोर दिया जा रहा है। चेन्नई बना बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब चेन्नई को लंबे समय से भारत के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में गिना जाता है। यहां Hyundai, Renault, TVS Motor और Apple के सप्लायर्स Foxconn तथा Tata Electronics जैसी कंपनियों की गतिविधियां हैं। नए निवेश से तमिलनाडु की औद्योगिक स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है। निष्कर्ष तमिलनाडु में विदेशी कंपनियों के ₹15,050 करोड़ के 16 निवेश समझौते राज्य के औद्योगिक क्षेत्र के लिए बड़ा घटनाक्रम हैं। Saint-Gobain, Daimler और Super Micro Computer जैसी कंपनियों की भागीदारी से मैन्युफैक्चरिंग और हाई-टेक सेक्टर को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ध्यान रहे कि ये निवेश समझौते/प्रतिबद्धताएं हैं; वास्तविक निवेश का क्रियान्वयन परियोजनाओं के आगे बढ़ने पर निर्भर करेगा। Source: Reuters, Tamil Nadu Government-related reports जय राष्ट्र न्यूज़

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PM Modi ने Independence Day पर ‘Saptadhara’ Vision पेश किया

नई दिल्ली: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश के विकास की नई दिशा के रूप में ‘शक्ति की सप्तधारा’ (Saptadhara) का विजन सामने रखा। प्रधानमंत्री ने इन सात धाराओं को भारत की आर्थिक ताकत, आत्मनिर्भरता और ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाला आधार बताया। क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार भारत की विकास यात्रा को सात प्रमुख क्षेत्रों की ताकत से गति मिलेगी। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था और सॉफ्ट पावर शामिल हैं। उन्होंने देशवासियों से इन सात क्षेत्रों को राष्ट्रीय शक्ति के प्रमुख स्रोत के रूप में मजबूत करने का आह्वान किया। 1. मैन्युफैक्चरिंग बनेगी विकास की ताकत सप्तधारा की पहली धारा मैन्युफैक्चरिंग पावर है। PM Modi ने भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को केवल तैयार उत्पादों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरी components से लेकर complete products तक देश में निर्माण की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने उद्योगों से cost, quality और scale पर ध्यान देने की अपील की, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकें। 2. कृषि और खाद्य उत्पादन पर जोर दूसरी धारा कृषि और food production से जुड़ी है। सरकार का फोकस कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को बेहतर बाजार, खाद्य प्रसंस्करण और value addition से जोड़ने पर रहेगा। इससे कृषि को केवल प्राथमिक उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय एक बड़े आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा सकता है। 3. Technology और Innovation सप्तधारा की तीसरी और बेहद महत्वपूर्ण धारा Technology Power है। PM Modi ने AI, semiconductor, data centres और emerging technologies में भारत की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को नई तकनीकों के साथ जोड़ने और भारत को technology-driven economy बनाने की आवश्यकता बताई। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस भाषण में अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI training देने की योजना की भी घोषणा की। 4. Gati Shakti और मजबूत Connectivity चौथी धारा Gati Shakti यानी तेज और बेहतर connectivity से संबंधित है। इसका उद्देश्य देश में सड़क, रेलवे, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और अन्य infrastructure networks को मजबूत करना है। बेहतर connectivity से माल की आवाजाही की लागत और समय कम करने तथा manufacturing और व्यापार को गति देने में मदद मिल सकती है। 5. Defence Power से आत्मनिर्भर सुरक्षा सप्तधारा की पांचवीं धारा Raksha Shakti यानी Defence Power है। PM Modi ने रक्षा उत्पादन में भारत की बढ़ती क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में देश का defence production करीब चार गुना बढ़ा है। उन्होंने hypersonic technology, drones, counter-drone systems और स्वदेशी air-defence capabilities में प्रगति का भी उल्लेख किया। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भारत की रणनीतिक और आर्थिक ताकत से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने घरेलू उत्पादन और technology development को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। 6. Green और Blue Economy छठी धारा हरित और नीली अर्थव्यवस्था है। Green economy के तहत renewable energy, clean technology और sustainable development को महत्व दिया गया है। वहीं Blue economy में भारत की लंबी coastline, fisheries, coastal tourism और ocean technology जैसी संभावनाओं को आर्थिक विकास के नए स्रोत के रूप में देखा गया है। इसका उद्देश्य विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाना है। 7. India की Soft Power सप्तधारा की सातवीं धारा भारत की Soft Power है। PM Modi ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराएं दुनिया में भारत की पहचान और प्रभाव को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने योग, आयुर्वेद और भारत की आध्यात्मिक एवं holistic healthcare traditions को भारत की soft power के प्रमुख उदाहरणों के रूप में पेश किया। भारतीय संस्कृति, पर्यटन, परंपराओं और वैश्विक कूटनीतिक प्रभाव को आर्थिक एवं रणनीतिक ताकत में बदलना इस धारा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। ‘Saptadhara’ का लक्ष्य क्या है? प्रधानमंत्री ने सप्तधारा को Viksit Bharat @2047 के व्यापक लक्ष्य से जोड़ा। भारत 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा। ऐसे में सरकार का लक्ष्य देश को एक विकसित, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना है। सप्तधारा इसी लक्ष्य के लिए आर्थिक, तकनीकी, सामाजिक, सुरक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों को एक साथ आगे बढ़ाने का रोडमैप प्रस्तुत करती है। युवाओं को विकास का केंद्र PM Modi ने अपने Independence Day address में युवाओं की भूमिका को विशेष महत्व दिया। AI training और competitive examinations के लिए free online coaching जैसे ऐलानों के जरिए सरकार ने युवाओं को भारत की अगली विकास यात्रा का प्रमुख भागीदार बनाने का संदेश दिया। तकनीक, innovation और entrepreneurship में युवाओं की भागीदारी को भारत की future growth के लिए महत्वपूर्ण माना गया। आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत तक सप्तधारा का एक प्रमुख संदेश आत्मनिर्भरता है। Manufacturing और defence से लेकर technology, energy और agriculture तक घरेलू क्षमता बढ़ाने का उद्देश्य भारत की बाहरी निर्भरता कम करना और वैश्विक बाजार में देश की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत करना है। प्रधानमंत्री ने इन सात धाराओं को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ बताया, यानी केवल किसी एक क्षेत्र की प्रगति से नहीं बल्कि सभी क्षेत्रों के साथ-साथ मजबूत होने से भारत की व्यापक शक्ति बढ़ेगी। क्यों महत्वपूर्ण है यह घोषणा? ‘Saptadhara’ इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें भारत के अगले विकास चरण को केवल GDP growth तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें उद्योग, किसान, technology, infrastructure, national security, sustainability और cultural influence को एक साथ विकास के प्रमुख आधारों के रूप में रखा गया है। यदि इन क्षेत्रों में घोषित लक्ष्यों को प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो इससे रोजगार, investment, exports, innovation और strategic autonomy को बढ़ावा मिल सकता है। निष्कर्ष स्वतंत्रता दिवस 2026 के अपने संबोधन में PM Modi ने ‘शक्ति की सप्तधारा’ के जरिए भारत के भविष्य की सात प्रमुख दिशाएं सामने रखीं। Manufacturing, Agriculture, Technology, Gati Shakti, Defence, Green & Blue Economy और Soft Power — इन सात क्षेत्रों को मजबूत करने का लक्ष्य भारत को आत्मनिर्भरता से आगे ले जाकर ‘विकसित भारत @2047’ की दिशा में आगे बढ़ाना है। आने वाले वर्षों में इस विजन की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर…

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