प्रमुख खबरें

“राहुल गांधी किसी भी जन्म में प्रधानमंत्री नहीं बन सकते!”—साक्षी महाराज का विवादित बयान, सियासत गरमाई

उन्नाव: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लेकर विवादित बयान दिया है। हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राहुल गांधी की प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर सवाल उठाते हुए कहा कि “राहुल गांधी किसी भी जन्म में प्रधानमंत्री नहीं बन सकते।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी के PM बनने पर साक्षी महाराज का बड़ा दावा साक्षी महाराज ने राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी एक बड़े राजनीतिक परिवार से आते हैं और उन्हें बचपन से ही प्रधानमंत्री बनने की बात बताई जाती रही है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को सत्ता की विरासत मिलने की उम्मीद रही है, लेकिन वह किसी भी जन्म में देश के प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। यह बयान अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। राहुल गांधी की राजनीतिक विरासत पर निशाना बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी के परिवार और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ऐसे परिवार में पैदा हुए हैं जहां राजनीति और सत्ता लंबे समय से मौजूद रही है। साक्षी महाराज का यह हमला ऐसे समय आया है जब संसद में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर लगातार टकराव चल रहा है। जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर भी बोले साक्षी महाराज साक्षी महाराज ने सिर्फ राहुल गांधी पर ही हमला नहीं किया, बल्कि जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में कुछ ऐसे तत्व शामिल थे जिनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आंदोलन में कथित विदेशी हाथ और फंडिंग की जांच की मांग भी उठाई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस कार्रवाई और आंदोलन को लेकर भी बयान छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों पर साक्षी महाराज ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों पर भी पथराव और हमले हुए थे। उन्होंने आंदोलन में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर जांच की जरूरत बताई और कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। सोनम वांगचुक के बयान का भी किया जिक्र साक्षी महाराज ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के एक कथित बयान का उल्लेख करते हुए दावा किया कि आंदोलन में बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल थे जो वास्तविक छात्र नहीं थे। हालांकि, इस संबंध में भी साक्षी महाराज द्वारा किए गए दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए बिना तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा साक्षी महाराज का राहुल गांधी को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आया। उनके बयान के वीडियो और छोटे क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जा रहे हैं। समर्थक इसे राहुल गांधी पर राजनीतिक तंज बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे व्यक्तिगत और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी बता रहे हैं। संसद में पहले से जारी है राजनीतिक टकराव राहुल गांधी और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव लगातार चर्चा में रहता है। संसद में छात्र प्रदर्शन, परीक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। ऐसे माहौल में साक्षी महाराज की यह टिप्पणी राजनीतिक बयानबाजी को और तेज करने वाली मानी जा रही है। निष्कर्ष बीजेपी सांसद साक्षी महाराज के “राहुल गांधी किसी भी जन्म में प्रधानमंत्री नहीं बन सकते” वाले बयान ने राजनीतिक बहस को गर्म कर दिया है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक विरासत और प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं पर तीखा हमला किया है। साथ ही उन्होंने जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में कथित विदेशी फंडिंग और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग भी की। हालांकि, विदेशी फंडिंग और आंदोलन में बाहरी तत्वों से जुड़े उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। Source: Navbharat Times / Khabargaon / Latest Political Reports जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

UPI लेनदेन पर शुल्क लगेगा? संजय सिंह का मोदी सरकार पर हमला, बिल वापस लेने की मांग

नई दिल्ली: UPI भुगतान को लेकर संसद में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यवस्था से UPI के जरिए होने वाले भुगतान पर कारोबारियों पर टैक्स का बोझ बढ़ सकता है, जिसका असर आगे चलकर आम लोगों पर पड़ सकता है। आम आदमी पार्टी ने सरकार से इस प्रावधान को वापस लेने की मांग की है। संजय सिंह ने संसद में उठाया UPI का मुद्दा राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान संजय सिंह ने UPI लेनदेन से जुड़े प्रस्ताव पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि एक तरफ डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है और दूसरी तरफ ऐसे प्रावधान लाए जा रहे हैं जिनसे छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। संजय सिंह ने इस मुद्दे को आम आदमी और छोटे कारोबारियों से जोड़ते हुए सरकार से बिल वापस लेने की मांग की। “व्यापारियों से टैक्स लिया तो जनता पर पड़ेगा बोझ” AAP की ओर से जारी बयान के मुताबिक संजय सिंह का कहना है कि अगर UPI से होने वाले भुगतान पर कारोबारियों से अतिरिक्त शुल्क या टैक्स लिया जाता है, तो उसका बोझ अंततः ग्राहकों तक पहुंच सकता है। उनका तर्क है कि छोटे दुकानदार और कारोबारी अपनी अतिरिक्त लागत को वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में शामिल कर सकते हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों पर अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ने की आशंका जताई गई है। सरकार का जवाब—आम यूजर से UPI चार्ज नहीं लिया जाएगा हालांकि इस मामले में सरकार की ओर से महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण भी सामने आया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि आम UPI यूजर्स से किसी तरह का UPI चार्ज नहीं लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छोटे व्यापारियों पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाने की बात नहीं है। संसद ने Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को मंजूरी भी दे दी है। तो क्या UPI से पैसे भेजने पर लगेगा चार्ज? इस विवाद में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि आम लोगों के UPI भुगतान पर सीधे कोई नया शुल्क लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। यानी अगर कोई व्यक्ति दुकान पर QR Code स्कैन करके ₹500 या ₹1,000 का भुगतान करता है, तो सरकार के मौजूदा स्पष्टीकरण के अनुसार ग्राहक से अलग से UPI चार्ज वसूलने की व्यवस्था नहीं है। संजय सिंह का विरोध मुख्य रूप से विधेयक में टैक्स से जुड़े प्रावधानों और उनके संभावित प्रभाव को लेकर है। छोटे कारोबारियों को लेकर AAP की चिंता AAP का कहना है कि छोटे व्यापारियों पर किसी भी अतिरिक्त लागत का प्रभाव व्यापक हो सकता है। पार्टी ने इसे छोटे कारोबारियों और आम जनता के हित से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का दावा है कि डिजिटल इंडिया और कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के बाद UPI से जुड़े लेनदेन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना विरोधाभासी होगा। मोदी सरकार पर संजय सिंह का राजनीतिक हमला संजय सिंह ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भी राजनीतिक हमला बोला। AAP के मुताबिक उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का फायदा बड़े और विदेशी निवेशकों को मिल रहा है, जबकि छोटे कारोबारियों पर बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस प्रावधान को वापस लेने की मांग की है। Taxation Bill 2026 को संसद की मंजूरी इस पूरे विवाद के बीच Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 संसद से पारित हो चुका है। रिपोर्ट के अनुसार राज्यसभा ने चर्चा के बाद Money Bill को लोकसभा को लौटाया और बाद में विधेयक को संसद की मंजूरी मिल गई। वित्त मंत्री ने इस दौरान UPI यूजर्स और छोटे व्यापारियों को लेकर आश्वासन दिया कि उन पर सीधे UPI/MDR चार्ज नहीं लगाया जाएगा। UPI भुगतान करने वालों के लिए क्या बदलेगा? फिलहाल आम UPI यूजर्स के लिए सबसे अहम बात यह है कि UPI से पैसे भेजने या QR Code के जरिए भुगतान करने पर कोई नया सीधा शुल्क लागू होने की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि टैक्स व्यवस्था में बदलाव और उसके कारोबारी प्रभाव को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। इसलिए भविष्य में नियमों में कोई बदलाव होता है तो उसके आधिकारिक विवरण को देखना जरूरी होगा। निष्कर्ष UPI को लेकर संसद में जारी बहस के बीच संजय सिंह ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए Taxation Bill 2026 के प्रावधानों का विरोध किया है और इसे वापस लेने की मांग की है। AAP का दावा है कि व्यापारियों पर टैक्स या अतिरिक्त लागत बढ़ने से इसका असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। वहीं, सरकार की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि आम UPI यूजर्स और छोटे व्यापारियों से नया UPI/MDR चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि UPI से भुगतान करने वाले आम लोगों पर नया शुल्क लगा दिया गया है। Source: Aam Aadmi Party / Indian Express / The Statesman / Live Hindustan जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

NEET PG 2026 City Intimation Slip जारी, उम्मीदवारों को मिला परीक्षा शहर; 30 अगस्त को होगी परीक्षा

नई दिल्ली: NEET PG 2026 की तैयारी कर रहे लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) ने 11 अगस्त 2026 को उम्मीदवारों के लिए Test City Intimation जारी किया है। इसमें उम्मीदवारों को यह जानकारी मिलेगी कि उनकी NEET PG परीक्षा किस शहर में आयोजित की जाएगी। यह अपडेट उम्मीदवारों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब उन्हें परीक्षा शहर की जानकारी मिलने के बाद यात्रा और ठहरने की तैयारी करने का पर्याप्त समय मिल सकेगा। आज जारी हुई परीक्षा शहर की जानकारी NEET PG 2026 के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवारों को 11 अगस्त 2026 को परीक्षा शहर की जानकारी दी जानी है। इसके बाद उम्मीदवार अपने आवेदक लॉगिन के माध्यम से आवंटित शहर की जानकारी देख सकते हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे NBEMS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने लॉगिन विवरण के जरिए जानकारी चेक करें। 30 अगस्त को होगी NEET PG 2026 परीक्षा NEET PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए अब तैयारी का अंतिम चरण शुरू हो गया है। City Intimation Slip मिलने के बाद उम्मीदवारों को अपने परीक्षा शहर तक पहुंचने की योजना पहले से बनानी चाहिए, खासकर यदि आवंटित शहर उनके गृह शहर से अलग है। City Intimation Slip और Admit Card अलग-अलग हैं उम्मीदवारों को एक महत्वपूर्ण बात ध्यान में रखनी चाहिए कि City Intimation Slip एडमिट कार्ड नहीं है। इसमें मुख्य रूप से परीक्षा के लिए आवंटित शहर की जानकारी दी जाती है। परीक्षा केंद्र का पूरा पता और परीक्षा से जुड़ी अंतिम जानकारी एडमिट कार्ड में दी जाएगी। NEET PG 2026 के कार्यक्रम के अनुसार Admit Card 27 अगस्त 2026 को जारी किया जाना निर्धारित है। कैसे चेक करें NEET PG City Intimation Slip? उम्मीदवार अपनी परीक्षा शहर की जानकारी देखने के लिए NBEMS की वेबसाइट पर जाकर इन चरणों का पालन कर सकते हैं: उम्मीदवारों को सलाह है कि वे अपनी जानकारी में नाम, आवेदन संख्या और आवंटित शहर को ध्यान से जांच लें। परीक्षा केंद्र की जानकारी कब मिलेगी? City Intimation Slip में केवल परीक्षा शहर की जानकारी मिलना महत्वपूर्ण है। सटीक परीक्षा केंद्र का पता एडमिट कार्ड में उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को अभी से यात्रा की योजना बनाते समय शहर की जानकारी का उपयोग करना चाहिए, लेकिन अंतिम परीक्षा केंद्र की पुष्टि एडमिट कार्ड जारी होने के बाद ही करनी चाहिए। उम्मीदवार अभी से बना लें यात्रा की योजना अगर किसी उम्मीदवार को अपने गृह शहर से अलग शहर आवंटित किया गया है, तो उसे यात्रा और होटल की व्यवस्था पहले से कर लेना फायदेमंद रहेगा। खासकर ट्रेन और बस से यात्रा करने वाले उम्मीदवारों को अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए समय रहते टिकट की योजना बनाने की सलाह दी जाती है। एडमिट कार्ड 27 अगस्त को जारी होगा आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार NEET PG 2026 का Admit Card 27 अगस्त को जारी किया जाना है। इसके बाद उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र का पूरा विवरण और परीक्षा से संबंधित आवश्यक निर्देश मिलेंगे। उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उस पर दर्ज सभी विवरणों को ध्यान से जांचना चाहिए। 30 सितंबर तक परिणाम आने की उम्मीद NEET PG 2026 का परिणाम 30 सितंबर 2026 तक घोषित किए जाने का कार्यक्रम है। यानी परीक्षा के लगभग एक महीने के भीतर परिणाम जारी किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद मेडिकल पीजी सीटों में प्रवेश के लिए आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें NBEMS की ओर से परीक्षा से जुड़ी किसी भी नई सूचना, एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र या अन्य निर्देशों के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। सोशल मीडिया या अनधिकृत वेबसाइटों पर वायरल होने वाली जानकारी के बजाय उम्मीदवारों को NBEMS की आधिकारिक सूचना को ही अंतिम मानना चाहिए। निष्कर्ष NEET PG 2026 City Intimation Slip आज 11 अगस्त को जारी कर दी गई है, जिससे उम्मीदवारों को उनके आवंटित परीक्षा शहर की जानकारी मिल सकेगी। यह परीक्षा 30 अगस्त 2026 को आयोजित होगी, जबकि एडमिट कार्ड 27 अगस्त को जारी किया जाना निर्धारित है। अब उम्मीदवारों को अपनी City Intimation Slip चेक करने के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए और यदि परीक्षा शहर अलग है तो यात्रा की योजना समय रहते बना लेनी चाहिए। Source: NBEMS / NEET PG 2026 Information Bulletin / Latest Education Reports जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राजनीतिक | Shashi Tharoor ने Rahul Gandhi के ‘Chhatron Ki Goonj’ अभियान पर टिप्पणी को लेकर दी सफाई, बोले—मेरी बात को गलत तरीके से पेश किया गया

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने राहुल गांधी के ‘Chhatron Ki Goonj’ अभियान को लेकर अपनी हालिया टिप्पणी पर सफाई दी है। Tharoor ने कहा कि उनकी बात को कुछ मीडिया रिपोर्टों में गलत तरीके से पेश किया गया और उनकी टिप्पणी का उद्देश्य कांग्रेस नेतृत्व या राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला करना नहीं था। Tharoor ने स्पष्ट किया कि वह केवल इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि छात्र और युवा किस तरह के राजनीतिक संदेशों और आंदोलनों से अधिक जुड़ाव महसूस कर रहे हैं। उनका कहना था कि राजनीतिक दलों को अगली पीढ़ी के लिए अपने दरवाजे और अधिक खोलने की जरूरत है। ‘Chhatron Ki Goonj’ को लेकर क्या कहा था Tharoor ने? Shashi Tharoor ने राहुल गांधी के छात्र-केंद्रित ‘Chhatron Ki Goonj’ कार्यक्रम और हाल के छात्र आंदोलनों के प्रभाव की तुलना करते हुए सवाल उठाया था कि कांग्रेस का अभियान छात्रों के बीच उतना प्रभाव क्यों नहीं पैदा कर सका। उन्होंने संकेत दिया था कि कुछ अन्य छात्र आंदोलनों को युवाओं के बीच ज्यादा प्रतिक्रिया मिली। Tharoor के मुताबिक, कांग्रेस ने छात्र मुद्दों को पहले भी उठाया था, लेकिन उसके अभियान को उतना व्यापक जनसमर्थन या resonance नहीं मिला। Tharoor बोले—मेरी टिप्पणी को राजनीतिक हमला न माना जाए अपनी नई सफाई में Tharoor ने कहा कि उनकी टिप्पणी को कांग्रेस नेतृत्व पर हमला बताना सही नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि उनका उद्देश्य पार्टी की कमियों पर सार्वजनिक बहस करना और यह समझना था कि युवाओं तक राजनीतिक संदेश प्रभावी तरीके से क्यों नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों को नई पीढ़ी के साथ जुड़ने के नए तरीके खोजने होंगे और युवाओं को पार्टी की decision-making प्रक्रिया में अधिक अवसर देने होंगे। राहुल गांधी का ‘Chhatron Ki Goonj’ कार्यक्रम क्या है? राहुल गांधी का ‘Chhatron Ki Goonj’ अभियान छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने पर केंद्रित है। इस अभियान के तहत राहुल गांधी ने छात्रों के साथ संवाद किया और शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था तथा युवाओं से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की। हालिया कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को केवल सोशल मीडिया content तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। CJP के छात्र आंदोलन से तुलना क्यों हुई? Tharoor की टिप्पणी उस समय सामने आई जब CJP के नेतृत्व में हुए छात्र विरोध प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा तेज थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जिन छात्र मुद्दों को पहले उठाया था, उन्हीं मुद्दों पर बाद में हुए विरोध प्रदर्शन ने युवाओं के बीच ज्यादा प्रभाव पैदा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों ने युवाओं की चिंताओं को पर्याप्त रूप से समझने और उनके साथ प्रभावी तरीके से संवाद करने में कहीं कमी की। कांग्रेस को आत्ममंथन की जरूरत? Tharoor की टिप्पणी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह था कि राजनीतिक दलों को केवल युवाओं के मुद्दे उठाना ही पर्याप्त नहीं है। जरूरी है कि युवा यह महसूस करें कि उनकी बात वास्तव में सुनी जा रही है। उन्होंने राजनीतिक संगठनों से यह सोचने की जरूरत बताई कि उनकी outreach किस तरह की होनी चाहिए और युवाओं को संगठन के भीतर वास्तविक भूमिका कैसे दी जा सकती है। BJP ने Tharoor की टिप्पणी को बनाया मुद्दा Tharoor की शुरुआती टिप्पणी के बाद BJP नेताओं ने इसे कांग्रेस के भीतर असंतोष और राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति पर सवाल के तौर पर पेश किया। वहीं कांग्रेस की ओर से यह कहा गया कि राहुल गांधी का फोकस केवल तत्काल राजनीतिक प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि systemic reforms और युवाओं से जुड़े मूल मुद्दों पर है। इस तरह Tharoor की टिप्पणी ने कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक बहस को भी जन्म दे दिया। Tharoor की सफाई के बाद क्या बदला? नई सफाई के बाद Tharoor ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि उनकी टिप्पणी को राहुल गांधी के खिलाफ व्यक्तिगत या संगठनात्मक बगावत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका मुख्य तर्क यह है कि राजनीतिक दलों को युवाओं की बदलती राजनीतिक सोच और उनकी अपेक्षाओं को समझना होगा। इसके लिए केवल campaign आयोजित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को निर्णय प्रक्रिया और संगठनात्मक ढांचे में भी जगह देनी होगी। कांग्रेस के लिए युवा वोट बैंक क्यों महत्वपूर्ण है? भारत में युवा और छात्र वर्ग राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण मतदाता समूह है। शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दे सीधे युवाओं को प्रभावित करते हैं। ऐसे में कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों के सामने चुनौती है कि वे युवाओं से केवल चुनावी समय में संपर्क न करें, बल्कि लगातार संवाद और संगठनात्मक भागीदारी का रास्ता बनाएं। निष्कर्ष Shashi Tharoor ने Rahul Gandhi के ‘Chhatron Ki Goonj’ अभियान को लेकर अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा है कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया। उनका कहना है कि वह कांग्रेस नेतृत्व पर व्यक्तिगत हमला नहीं कर रहे थे, बल्कि यह सवाल उठा रहे थे कि राजनीतिक दल युवाओं के साथ अधिक प्रभावी संवाद कैसे स्थापित कर सकते हैं। Tharoor की टिप्पणी ने कांग्रेस के युवा outreach और राहुल गांधी की रणनीति को लेकर राजनीतिक बहस जरूर तेज कर दी है। अब देखना होगा कि यह बहस कांग्रेस के भीतर युवाओं की भूमिका और पार्टी की भविष्य की outreach strategy में किस तरह का बदलाव लाती है। Source: Outlook India, Hindustan Times, The Statesman, NDTV, Indian political reports जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राष्ट्रीय | PM Modi ने IIT Delhi में emerging technologies पर दिया जोर, बोले—देश की जरूरतों को ध्यान में रखकर करें innovation

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT Delhi के 57वें दीक्षांत समारोह में छात्रों और युवा इंजीनियरों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के विकास में innovation, research और emerging technologies की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने करियर और तकनीकी क्षमताओं का इस्तेमाल केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि देश की वास्तविक जरूरतों के समाधान के लिए भी करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और वैश्विक परिस्थितियों के दौर में युवाओं को लगातार सीखते रहना होगा। उन्होंने छात्रों को जिज्ञासु बने रहने, सवाल पूछने और ऐसी समस्याओं के समाधान खोजने की सलाह दी जिनका कोई तैयार जवाब मौजूद नहीं है। करियर का आकलन सिर्फ सैलरी से न करें PM Modi ने IIT Delhi के graduating students से कहा कि वे अपने करियर के फैसले लेते समय केवल वेतन या व्यक्तिगत लाभ को आधार न बनाएं। उन्होंने युवाओं से यह सोचने को कहा कि उनके काम से देश की कौन-सी जरूरत पूरी होगी और समाज को उसका क्या लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री के मुताबिक, देश की प्रगति में योगदान देने का मतलब केवल सरकारी क्षेत्र में काम करना नहीं है। निजी कंपनियों, startups, research institutions और technology-driven businesses के जरिए भी युवा राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ‘Out of syllabus’ समस्याओं के लिए तैयार रहें प्रधानमंत्री ने छात्रों को जीवन और करियर की चुनौतियों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिंदगी की कई कठिन परीक्षाएं ऐसी होती हैं जो ‘out of syllabus’ होती हैं। उनका संदेश था कि वास्तविक दुनिया की समस्याओं के लिए किताबों में हमेशा तैयार उत्तर नहीं मिलते। ऐसे में युवाओं को परिस्थितियों के अनुसार सीखने, सोचने और समाधान निकालने की क्षमता विकसित करनी होगी। Emerging technologies में भारत की बड़ी संभावनाएं PM Modi ने कहा कि दुनिया तेजी से technological transformation के दौर से गुजर रही है। Artificial Intelligence, advanced computing, quantum technology और दूसरी emerging technologies आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था और समाज को प्रभावित करेंगी। ऐसे समय में भारत के लिए केवल नई तकनीकों का इस्तेमाल करना पर्याप्त नहीं होगा। देश को research, innovation और indigenous technology development पर भी जोर देना होगा, ताकि भारत अपनी जरूरतों के अनुरूप तकनीकी समाधान विकसित कर सके। Research को वास्तविक समस्याओं से जोड़ने पर जोर प्रधानमंत्री ने छात्रों और researchers से कहा कि उनकी research का उद्देश्य केवल academic achievement तक सीमित नहीं रहना चाहिए। Research को देश और समाज की वास्तविक समस्याओं से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं को ऐसे solutions विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जो भारत की बड़ी चुनौतियों जैसे infrastructure, energy, healthcare, education और technology access में उपयोगी साबित हो सकें। लगातार सीखते रहने की सलाह PM Modi ने graduating students से कहा कि degree हासिल करने के बाद learning खत्म नहीं होती। बदलती technology के दौर में professionals को लगातार अपने skills को update करना होगा। उन्होंने युवाओं से curiosity बनाए रखने और नए सवाल पूछने की आदत विकसित करने को कहा। उनके मुताबिक, तेजी से बदलती दुनिया में सीखने की क्षमता ही लंबे समय में सबसे महत्वपूर्ण ताकतों में से एक होगी। वैश्विक बदलावों को अवसर के रूप में देखें प्रधानमंत्री ने geopolitical बदलावों और technological transformation का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और इन बदलावों के बीच भारत के सामने नई चुनौतियों के साथ-साथ बड़े अवसर भी मौजूद हैं। युवा engineers और technology professionals इन बदलावों को समझकर भारत को global technology ecosystem में मजबूत स्थिति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। IIT Delhi के graduates को मिला बड़ा संदेश IIT Delhi के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री का मुख्य संदेश यह रहा कि देश की नई पीढ़ी केवल नौकरी पाने वाली workforce न बने, बल्कि problem solvers, innovators और technology creators के रूप में आगे बढ़े। उन्होंने छात्रों से अपने ज्ञान और skills को देश की जरूरतों के साथ जोड़ने की अपील की। यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत AI, semiconductor, quantum technology, space technology और अन्य advanced technology sectors में अपनी क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। IIT Delhi में ‘Param Pragya’ का भी उल्लेख IIT Delhi के 57वें Convocation से जुड़े कार्यक्रम में institute की research और technology initiatives भी चर्चा में रहे। समारोह में ‘Param Pragya’ से जुड़े कार्यक्रम का भी उल्लेख हुआ, जो भारत की advanced computing और technology capabilities को मजबूत करने की दिशा से जुड़ा है। यह पहल इस व्यापक दिशा से जुड़ी है जिसमें भारत emerging technologies में research और indigenous capabilities को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। निष्कर्ष IIT Delhi के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवा engineers और graduates को innovation, research और continuous learning पर जोर देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि career decisions लेते समय केवल salary को नहीं, बल्कि देश की जरूरतों और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को भी ध्यान में रखना चाहिए। प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब emerging technologies तेजी से दुनिया की अर्थव्यवस्था और रोजगार के स्वरूप को बदल रही हैं। भारत के लिए आने वाले वर्षों में यह चुनौती होगी कि वह केवल नई technologies को अपनाए नहीं, बल्कि research और innovation के जरिए अपनी तकनीकी क्षमताएं भी विकसित करे। Source: All India Radio / DD India, Hindustan Times, Indian Express, IIT Delhi Convocation-related reports जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

खास खबर | NEET-UG पेपर लीक पर CBI का बड़ा खुलासा; NTA से जुड़े एक्सपर्ट्स पर आरोप

NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट से परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। जांच के अनुसार, पेपर लीक प्रिंटिंग प्रेस से नहीं, बल्कि NTA के लिए काम कर रहे कुछ विषय विशेषज्ञों के जरिए होने का आरोप सामने आया है। इस खुलासे के बाद NTA की परीक्षा प्रक्रिया, पेपर की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नोट: आरोप चार्जशीट में जांच के आधार पर दर्ज हैं; मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है। #NEETUG#NEETPaperLeak#CBI#NTA#EducationNews BreakingNews JayRashtraNews

आगे और पढ़ें

राष्ट्रीय | महाराष्ट्र में 9 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी को मौत की सजा

मुंबई: महाराष्ट्र में एक 9 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अत्यंत जघन्य अपराध माना और दोषी के लिए कठोरतम सजा तय की। मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने घटनाक्रम से जुड़े सबूत और गवाह पेश किए। सुनवाई के दौरान अपराध की गंभीरता, बच्ची की उम्र और मामले की परिस्थितियों को प्रमुख आधार बनाया गया। 9 साल की बच्ची को बनाया गया था निशाना मामला महाराष्ट्र में 9 वर्षीय बच्ची के साथ हुए यौन अपराध और हत्या से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने बच्ची को निशाना बनाया और उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी। घटना सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर आक्रोश फैल गया था और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठी थी। अदालत ने माना गंभीर और जघन्य अपराध मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अपराध की प्रकृति और पीड़िता की कम उम्र को गंभीरता से लिया। दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने आरोपी को मृत्युदंड सुनाया। मौत की सजा भारतीय न्याय व्यवस्था में सबसे कठोर दंड है और आम तौर पर अत्यंत गंभीर मामलों में दी जाती है। अभियोजन पक्ष ने पेश किए अहम सबूत सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों को अदालत के सामने रखा। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को अपराध के लिए दोषी ठहराया। मामले में जांच एजेंसियों और अभियोजन की ओर से जुटाए गए सबूतों ने दोषसिद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बच्चियों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल इस फैसले के बाद बच्चों, विशेषकर नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में तेज जांच, प्रभावी अभियोजन और पीड़ित परिवार को कानूनी एवं सामाजिक सहायता देना महत्वपूर्ण है। कानून के तहत नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों को गंभीरता से लिया जाता है और ऐसे मामलों की सुनवाई विशेष कानूनी प्रावधानों के तहत की जा सकती है। मौत की सजा के बाद भी कानूनी प्रक्रिया बाकी अदालत द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद भी सजा का तत्काल निष्पादन नहीं होता। ऐसे मामलों में दोषी को ऊपरी अदालत में अपील का अधिकार होता है और मृत्युदंड के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसलिए अदालत का फैसला मामले में एक महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन अंतिम कानूनी स्थिति आगे की अपील और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। निष्कर्ष महाराष्ट्र में 9 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में अदालत द्वारा आरोपी को मौत की सजा सुनाया जाना मामले की गंभीरता को दर्शाता है। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अपराध की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद कठोरतम दंड दिया है। हालांकि, मृत्युदंड के मामलों में आगे की अपील और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। Source: संबंधित न्यायालय के फैसले एवं मीडिया रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राष्ट्रीय | Heavy Rain Alert: दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, Kerala और Odisha में भी बढ़ी चिंता

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने के बीच दिल्ली-NCR, Kerala, Odisha, Uttarakhand, Rajasthan और Karnataka समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार को कई क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रह सकती है, जबकि कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की भी संभावना है। दिल्ली-NCR में बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर आवाजाही में परेशानी जैसी स्थिति बन सकती है। वहीं Kerala और Odisha में भी भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। Delhi-NCR में बारिश का दौर जारी दिल्ली-NCR में शनिवार को बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भरने तथा सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है। दिल्ली में मौजूदा मौसम को देखते हुए लोगों को बाहर निकलते समय स्थानीय मौसम अपडेट और ट्रैफिक स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। Kerala में भारी बारिश को लेकर अलर्ट Kerala में भी भारी बारिश की स्थिति को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में रविवार को भी भारी बारिश हो सकती है और कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बताई गई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात में बाधा और स्थानीय स्तर पर अन्य मौसम संबंधी परेशानियां पैदा हो सकती हैं। Odisha में बहुत भारी बारिश की संभावना Odisha में बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। IMD ने राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। भारी बारिश की स्थिति में नदियों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने का खतरा रहता है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कई अन्य राज्यों में भी सक्रिय रहेगा मानसून Delhi-NCR, Kerala और Odisha के अलावा Uttarakhand, Rajasthan और Karnataka समेत कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क अवरोध का खतरा बढ़ सकता है। वहीं मैदानी इलाकों में तेज बारिश से जलभराव और यातायात संबंधी समस्याएं सामने आ सकती हैं। Weather-related disruption की बढ़ी आशंका भारी बारिश के कारण कई शहरों में रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक धीमा पड़ने, सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने और कुछ इलाकों में स्थानीय प्रशासन द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाए जाने की संभावना है। स्कूल बंद करने का फैसला पूरे देश के स्तर पर नहीं होता। संबंधित राज्य सरकार या जिला प्रशासन स्थानीय मौसम और सुरक्षा की स्थिति के आधार पर ऐसा निर्णय ले सकता है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग की चेतावनी के बीच लोगों को अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच Delhi-NCR, Kerala और Odisha समेत कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे जलभराव, ट्रैफिक, यात्रा और अन्य सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। अगले कुछ दिनों में मौसम की स्थिति पर प्रशासन और आम लोगों की नजर बनी रहेगी। Source: India Meteorological Department (IMD), Indian Express, NDTV Profit, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राष्ट्रीय | अमरनाथ यात्रा पर बड़ा अपडेट: खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी के बीच जम्मू से यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई

जम्मू: जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी को देखते हुए जम्मू से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं का नया जत्था फिलहाल रवाना नहीं किया गया। यात्रा को रोकने का फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पहाड़ी इलाकों में मौसम लगातार खराब बना हुआ है और बारिश के कारण यात्रा मार्ग तथा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है। खराब मौसम के कारण लिया गया फैसला अमरनाथ यात्रा के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर रास्तों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के बजाय यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित कर रहा है। अधिकारियों की ओर से मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही जम्मू से नए जत्थे को आगे भेजने का फैसला लिया जाएगा। यात्रियों की संख्या में भी आई कमी यात्रा रोकने के पीछे श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को भी एक प्रमुख कारण बताया गया है। सामान्य दिनों की तुलना में जम्मू आधार शिविर पर यात्रियों की संख्या कम होने के कारण फिलहाल नए जत्थे को रवाना नहीं किया गया। प्रशासन यात्रा व्यवस्था, मौसम और श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहा है। भगवती नगर बेस कैंप से नहीं रवाना हुआ नया जत्था जम्मू का भगवती नगर आधार शिविर अमरनाथ यात्रा के प्रमुख शुरुआती केंद्रों में से एक है। यहां से श्रद्धालुओं के जत्थे सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर घाटी की ओर रवाना होते हैं। मौजूदा मौसम को देखते हुए शनिवार को यहां से अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले नए जत्थे को रोक दिया गया। यात्रा से जुड़े अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भी प्रशासन की नजर खराब मौसम के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति भी महत्वपूर्ण हो गई है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा रहता है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है। यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन हाईवे और यात्रा मार्ग की स्थिति की निगरानी कर रहा है। सड़क की स्थिति खराब होने पर यात्रियों को आगे भेजना जोखिम भरा हो सकता है। यात्रा पूरी तरह बंद नहीं, फैसला अस्थायी अधिकारियों के अनुसार, यह अस्थायी रोक है। इसका मतलब यह नहीं है कि अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति में सुधार होने के बाद जम्मू से श्रद्धालुओं के नए जत्थे को फिर से रवाना किया जा सकता है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले प्रशासन और श्री अमरनाथ यात्रा से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं की जानकारी लेते रहें। श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता अमरनाथ यात्रा के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ी और दुर्गम इलाकों से होकर अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं। ऐसे में खराब मौसम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सावधानी बरतता है। मौजूदा परिस्थितियों में भी प्रशासन का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और यात्रा मार्ग की स्थिति पर है। अब मौसम में सुधार का इंतजार फिलहाल जम्मू से अमरनाथ यात्रा को दोबारा शुरू करने की कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है। यात्रा बहाली का फैसला मौसम, सड़क और यात्रा मार्ग की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल सबसे जरूरी है कि वे बिना आधिकारिक अनुमति या अपडेट के यात्रा के अगले चरण के लिए आगे न बढ़ें। निष्कर्ष खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी के बीच जम्मू से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन जम्मू-श्रीनगर हाईवे और यात्रा मार्ग की स्थिति पर नजर रख रहा है। मौसम में सुधार और परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही नए जत्थे को रवाना करने पर फैसला लिया जाएगा। Source: Indian Express / Business Standard / अन्य संबंधित रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राष्ट्रीय | रांची में छात्र आंदोलन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही, आरोपी हिरासत में

झारखंड की राजधानी रांची में छात्र आंदोलन के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक व्यक्ति ने स्याही फेंक दी। यह घटना बिरसा चौक के पास उस समय हुई, जब AISA और AISF के नेतृत्व में छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उसने वैचारिक असहमति के कारण यह कदम उठाया। वहीं, नेहा बोरा ने कहा कि इस घटना से उनका मनोबल नहीं टूटेगा और वे छात्रों के अधिकारों के लिए अपना आंदोलन जारी रखेंगी। #NehaBora#AISA#Jharkhand#Ranchi#StudentProtest BreakingNews JaiRashtraNews

आगे और पढ़ें
Translate »