स्किल डेवलपमेंट और रोजगार सृजन पर केंद्रित होगी नई रणनीति, युवाओं के लिए बड़ी उम्मीद

जय राष्ट्र न्यूज़ नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की बैठक में युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास को राष्ट्रीय विकास एजेंडे के प्रमुख स्तंभों में शामिल किया गया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना आवश्यक है। बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा करने तथा स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसे सही दिशा देने से आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है। युवाओं के लिए तैयार होगी नई रणनीति नई दिल्ली: बैठक में बदलते वैश्विक रोजगार बाजार को ध्यान में रखते हुए नई रणनीतियों पर विचार किया गया। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में तकनीक आधारित नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ेगी और युवाओं को इन क्षेत्रों के लिए तैयार करना बेहद जरूरी होगा। रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा नई दिल्ली: नीति आयोग की बैठक में उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार पैदा करने वाला भी बनाया जाए। इसके लिए विभिन्न कौशल विकास योजनाओं, स्टार्टअप सहायता कार्यक्रमों और उद्योगों के साथ साझेदारी को मजबूत करने पर विचार किया गया। शिक्षा और उद्योग के बीच बढ़ेगा तालमेल नई दिल्ली: बैठक में शिक्षा संस्थानों और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में उद्योगों की जरूरतों और युवाओं के कौशल के बीच अंतर को कम करना जरूरी है। नई रणनीति के तहत व्यावसायिक शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और इंटर्नशिप कार्यक्रमों को अधिक महत्व दिया जा सकता है। ग्रामीण युवाओं पर भी विशेष फोकस नई दिल्ली: बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। सरकार का उद्देश्य है कि छोटे शहरों और गांवों के युवाओं को भी आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक कौशल हासिल करने का अवसर मिले। इसके लिए डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म के विस्तार पर जोर दिया गया। विकसित भारत 2047 में युवाओं की होगी बड़ी भूमिका नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश के भविष्य की आधारशिला है। यदि युवाओं को सही कौशल, अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था में और मजबूत स्थान हासिल कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रोजगार सृजन और कौशल विकास पर केंद्रित नई रणनीति देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जय राष्ट्र न्यूज़

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डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने पर जोर, नीति आयोग बैठक में चर्चा

जय राष्ट्र न्यूज़ नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में डिजिटल इंडिया मिशन, ई-गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार को देश के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच डिजिटल सेवाओं के बेहतर समन्वय तथा तकनीक के माध्यम से आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर चर्चा की गई। सरकार का मानना है कि मजबूत डिजिटल व्यवस्था देश के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति दे सकती है। डिजिटल इंडिया मिशन को मिलेगा नया बल नई दिल्ली: नीति आयोग की बैठक में डिजिटल इंडिया अभियान की उपलब्धियों की समीक्षा की गई और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। सरकार का लक्ष्य डिजिटल सेवाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुलभ बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में सुधार होगा और नागरिकों को अधिक सुविधाएं मिल सकेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगी डिजिटल सुविधा नई दिल्ली: बैठक में ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। सरकार का उद्देश्य डिजिटल विभाजन को कम करना और हर नागरिक को तकनीकी विकास का लाभ पहुंचाना है। इसके लिए डिजिटल कनेक्टिविटी, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल शिक्षा कार्यक्रमों को विस्तार देने की योजना पर चर्चा हुई। ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता पर फोकस नई दिल्ली: नीति आयोग की बैठक में ई-गवर्नेंस को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी योजनाओं और सेवाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम उठाने पर विचार किया गया। सरकार का मानना है कि तकनीक के बेहतर उपयोग से भ्रष्टाचार में कमी और प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि संभव है। स्टार्टअप और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा नई दिल्ली: बैठक में डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप इकोसिस्टम और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों के अनुसार मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर देश में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है। AI, फिनटेक, हेल्थटेक और एडटेक जैसे क्षेत्रों में भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में भी विचार-विमर्श किया गया। विकसित भारत 2047 में डिजिटल तकनीक की अहम भूमिका नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में डिजिटल तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित विकास मॉडल देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाकर भारत वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। जय राष्ट्र न्यूज़

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीति आयोग की बैठक में विकास एजेंडे पर चर्चा करते हुए

केंद्र और राज्यों के सहयोग पर PM मोदी का जोर, नीति आयोग बैठक में विकास एजेंडा प्रमुख मुद्दा

जय राष्ट्र न्यूज़ नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग (NITI Aayog) की अहम बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर सहयोग को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण बताया गया। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना तभी साकार हो सकता है जब केंद्र और राज्य सरकारें एक साझा दृष्टिकोण के साथ काम करें। उन्होंने सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की भावना को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि विकास का लाभ देश के हर नागरिक तक पहुंचना चाहिए। विकसित भारत 2047 पर व्यापक चर्चा नई दिल्ली: बैठक का मुख्य फोकस विकसित भारत 2047 के रोडमैप पर रहा। इस दौरान रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, कौशल विकास और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का मानना है कि अगले दो दशकों में भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने के लिए राज्यों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक होगी। इसी उद्देश्य से राज्यों के सुझावों और अनुभवों को भी बैठक में प्रमुखता दी गई। रोजगार और युवाओं के भविष्य पर फोकस नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में नए अवसरों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में तकनीक आधारित उद्योगों में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं, जिससे देश की आर्थिक वृद्धि को नई गति मिलेगी। स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास पर जोर नई दिल्ली: नीति आयोग की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, पोषण स्तर बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की गई। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंचे। बैठक में महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और सामाजिक समानता को भी राष्ट्रीय विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। डिजिटल इंडिया बनेगा विकास का आधार नई दिल्ली: बैठक में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), ई-गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार को विकास की नई ताकत बताया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल सेवाओं का विस्तार नागरिकों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा। डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूत करने और तकनीकी पहुंच को ग्रामीण क्षेत्रों तक बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। राज्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत 2047 केवल केंद्र सरकार का लक्ष्य नहीं बल्कि पूरे देश का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने राज्यों से विकास परियोजनाओं को तेज करने और केंद्र की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कार्य करती हैं तो भारत आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है। जय राष्ट्र न्यूज़

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नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

PM मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की अहम बैठक, विकसित भारत 2047 रोडमैप पर मंथन

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा राष्ट्रीय अपडेट दिनांक: 11 जून 2026 नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज नीति आयोग (NITI Aayog) की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य विषय “विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास” रहा। इस बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर विकास की गति को तेज करें और आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाएं। रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस नई दिल्ली: बैठक में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने, कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत बनाने और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र आने वाले वर्षों में रोजगार के बड़े स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य और सामाजिक विकास पर भी चर्चा नई दिल्ली: नीति आयोग की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, पोषण सुधार और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और क्षेत्रीय असमानताओं को कम किया जा सके। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा विकास की नई ताकत नई दिल्ली: बैठक में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), ई-गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार को भविष्य के विकास का आधार बताया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया अभियान को और मजबूत बनाने तथा तकनीक आधारित सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया। सहकारी संघवाद पर जोर नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल केंद्र सरकार का नहीं बल्कि पूरे देश का सामूहिक संकल्प है, जिसमें राज्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। विशेषज्ञों की राय आर्थिक और नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैठक में चर्चा किए गए प्रस्तावों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें देश और दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए।

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