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Ravi Shastri की सलाह: 2027 ODI World Cup तक Jasprit Bumrah को संभलकर इस्तेमाल करे Team India

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच Ravi Shastri ने टीम मैनेजमेंट को सलाह दी है कि Jasprit Bumrah को 2027 ODI World Cup तक सीमित ओवरों के क्रिकेट में चुनिंदा मुकाबलों में ही उतारा जाए। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, Shastri का मानना है कि Bumrah की चोटों के इतिहास को देखते हुए उनके वर्कलोड का सावधानीपूर्वक प्रबंधन करना जरूरी है, ताकि उन्हें अहम मुकाबलों के लिए फिट रखा जा सके। “तीनों Formats में लगातार न खिलाएं” Ravi Shastri के मुताबिक, Bumrah को विश्व कप तक तीनों फॉर्मेट में लगातार खिलाना सही रणनीति नहीं होगी। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में Bumrah की अहमियत पर जोर देते हुए सुझाव दिया कि उन्हें वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में जरूरत के अनुसार सीमित अवसर दिए जाएं। Injury History बनी चिंता की वजह 32 वर्षीय Jasprit Bumrah का करियर पीठ की चोटों से प्रभावित रहा है। वर्ष 2023 में उनकी पीठ की सर्जरी हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 में बाएं घुटने की चोट के कारण वह श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से भी बाहर रहे थे। इसके बाद उन्होंने एशियन गेम्स में टी20 क्रिकेट के जरिए वापसी की। New Zealand Tour पर भी Workload Management न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए Bumrah को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। हालांकि, इससे पहले होने वाली पांच वनडे और पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं मिली है। इस चयन को उनके वर्कलोड को नियंत्रित रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि चयन के पीछे के सभी कारणों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। Tests को Priority देने की सलाह Shastri का मानना है कि Bumrah को टेस्ट क्रिकेट के महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए तरोताजा और फिट रखना चाहिए। न्यूजीलैंड दौरे के बाद भारत को श्रीलंका और जिम्बाब्वे के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज खेलनी है। इसके अलावा, आगे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज भी निर्धारित है। ऐसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में Bumrah के कार्यभार का संतुलन टीम मैनेजमेंट के लिए अहम चुनौती रहेगा। 2027 ODI World Cup पर नजर 2027 वनडे विश्व कप का आयोजन 2 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होना निर्धारित है। टूर्नामेंट से पहले Bumrah की फिटनेस और उपलब्धता भारतीय टीम की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। Shastri की सलाह का मुख्य संदेश यही है कि Bumrah को हर सीरीज में लगातार खिलाने के बजाय उनकी फिटनेस, रिकवरी और लंबे समय की उपयोगिता को ध्यान में रखकर मैदान पर उतारा जाए। Source: Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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ICC ने वनडे और टी20 विश्व कप के प्रारूप में किए बड़े बदलाव, क्रिकेट में नए दौर की शुरुआत

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पुरुषों के वनडे विश्व कप 2027 और टी20 विश्व कप 2028 के प्रारूप में बड़े बदलावों की घोषणा की है। ICC का कहना है कि नए प्रारूप का उद्देश्य हर मैच को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना, उभरती टीमों को अधिक अवसर देना और नॉकआउट चरण तक रोमांच बनाए रखना है। इन बदलावों को ICC बोर्ड की वार्षिक बैठक में मंजूरी दी गई। वनडे विश्व कप 2027 में क्या बदलेगा? ICC ने 14 टीमों वाले वनडे विश्व कप के लिए नया ढांचा तैयार किया है। पहले चरण में निचली रैंक वाली तीन टीमें “सुपर सीरीज़” खेलेंगी, जिसमें शीर्ष पर रहने वाली टीम मुख्य प्रतियोगिता में पहुंचेगी। इसके बाद 12 टीमें दो समूहों में खेलेंगी। ग्रुप चरण के बाद शीर्ष प्रदर्शन करने वाली टीमें नए “सुपर 7” चरण में पहुंचेंगी। यहां सभी टीमें राउंड-रॉबिन मुकाबले खेलेंगी और शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। ICC का मानना है कि इससे प्रत्येक मैच का महत्व बढ़ेगा। टी20 विश्व कप 2028 का नया प्रारूप 20 टीमों वाला टी20 विश्व कप जारी रहेगा, लेकिन ग्रुप चरण का प्रारूप बदला जाएगा। अब पांच समूह बनाए जाएंगे और दूसरे चरण में पहले की तुलना में अधिक टीमें पहुंचेंगी। इसके बाद “सुपर 10” चरण खेला जाएगा, जिसमें अतिरिक्त एलिमिनेटर मुकाबले भी होंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिक टीमों को नॉकआउट की दौड़ में बनाए रखना और टूर्नामेंट को अधिक रोमांचक बनाना है। एसोसिएट देशों को मिलेगा बड़ा मौका ICC ने 2028 टी20 विश्व कप के लिए नई क्वालीफिकेशन प्रणाली भी मंजूर की है। इसके तहत एसोसिएट सदस्य देशों के लिए अलग वैश्विक प्रतियोगिता का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे उभरती क्रिकेट टीमों को विश्व स्तर पर अधिक अवसर मिल सकेंगे। ICC ने बदलाव क्यों किए? ICC के अनुसार, हाल के वर्षों में उभरती टीमों के बेहतर प्रदर्शन ने यह दिखाया कि वैश्विक क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। नए प्रारूप का उद्देश्य: क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया नई घोषणा के बाद क्रिकेट जगत में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। कुछ विशेषज्ञों ने इसे अधिक प्रतिस्पर्धी और आधुनिक प्रारूप बताया है, जबकि कुछ का मानना है कि नया ढांचा पहले की तुलना में अधिक जटिल हो सकता है। सोशल मीडिया पर भी इस बदलाव को लेकर व्यापक चर्चा जारी है। भारतीय टीम पर क्या असर होगा? भारत जैसी शीर्ष टीमों के लिए टूर्नामेंट में अधिक उच्च-स्तरीय मुकाबले खेलने का अवसर मिलेगा। वहीं, एसोसिएट देशों के मजबूत प्रदर्शन की स्थिति में प्रतिस्पर्धा और कठिन हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई संरचना के कारण टीमों को रणनीति, स्क्वाड मैनेजमेंट और निरंतर प्रदर्शन पर पहले से अधिक ध्यान देना होगा। निष्कर्ष ICC द्वारा घोषित नया प्रारूप पुरुषों के वनडे और टी20 विश्व कप के इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य के वैश्विक क्रिकेट टूर्नामेंटों की दिशा भी इसी आधार पर तय हो सकती है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजर 2027 वनडे विश्व कप और 2028 टी20 विश्व कप पर रहेगी, जहां इन नए नियमों की पहली बड़ी परीक्षा होगी। Source: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) Original Report: ICC की आधिकारिक घोषणा एवं विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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