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लंदन के Parliament Square में ध्रुव राठी का भाषण, ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

लंदन, 19 अक्टूबर 2026: यूट्यूबर और एक्टिविस्ट ध्रुव राठी ने लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) को लेकर उठ रहे कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। ध्रुव राठी ने भाषण में क्या कहा? ध्रुव राठी ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य किसी विदेशी सरकार से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की मांग करना नहीं, बल्कि भारतीय प्रवासी समुदाय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सवालों की ओर ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर अपनी चिंताएं भी सामने रखीं। CEC के इस्तीफे और नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग रिपोर्टों के मुताबिक, राठी ने कहा कि विरोध प्रदर्शन तब समाप्त हो सकता है, जब ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और नए चुनाव आयुक्त की नियुक्ति ऐसी प्रक्रिया के तहत हो, जिसमें प्रधानमंत्री के साथ विपक्ष के नेता की भी भूमिका हो। यह मांग निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर चल रही व्यापक बहस से जुड़ी है। पार्लियामेंट स्क्वायर पर जुटे सैकड़ों लोग प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों और प्रवासी भारतीयों ने हिस्सा लिया। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI)-UK, Save Democracy और अन्य संगठनों ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ सहित कई नारे लगाए और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनावी पारदर्शिता की मांग की। मोदी समर्थकों ने किया जवाबी प्रदर्शन इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों का एक समूह भी वहां पहुंचा। उन्होंने ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने दोनों समूहों को अलग रखा। इस तरह एक ही स्थान पर भारत की चुनावी प्रक्रिया को लेकर विरोध और उसके समर्थन में प्रदर्शन देखने को मिले। चुनावी मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश लंदन पहुंचने से पहले ध्रुव राठी ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही थी। पार्लियामेंट स्क्वायर पर आयोजित प्रदर्शन को इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए SIR और निर्वाचन आयोग से जुड़े आरोपों पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई। ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर स्वतंत्र पुष्टि जरूरी ‘वोट चोरी’ और SIR में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोप प्रदर्शनकारियों और विपक्षी समूहों के दावे हैं। निर्वाचन आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है। इसलिए इन दावों को स्थापित तथ्य मानने के बजाय उपलब्ध साक्ष्यों, आधिकारिक जवाबों और संबंधित जांच के आधार पर उनका आकलन करना जरूरी है। स्रोत: Times of India, The Economic Times, Eastern Eye जय राष्ट्र न्यूज़

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