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जंतर-मंतर विवाद पर CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग की

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: जंतर-मंतर पर हुए कथित मारपीट मामले को लेकर Cockroach Janta Party (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने Delhi Police की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। मामला CJP के प्रदर्शन से जुड़े संजय कुमार पर कथित हमले से संबंधित है। सौरव दास ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल सौरव दास ने आरोप लगाया कि संजय कुमार को गंभीर चोट लगने के बावजूद शुरुआत में मामले में पर्याप्त सख्त धाराएं नहीं लगाई गईं। उन्होंने पुलिस से मामले की दोबारा गंभीरता से जांच करने और सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग लेकर पहुंची CJP 4 सितंबर को सौरव दास, CJP के co-convenor Ashutosh Ranka और अन्य समर्थक Patel Chowk से Parliament Street Police Station पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी और FIR में गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग की। Viral Video के बाद बढ़ा विवाद मामला उस समय फिर चर्चा में आया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक कथित podcast/video clip सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। CJP का आरोप था कि वीडियो में कथित हमले को लेकर किए गए दावों के बाद पुलिस को आरोपी के खिलाफ अधिक कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। Delhi Police ने आरोपों को किया था खारिज Delhi Police ने CJP के कुछ आरोपों से असहमति जताई। पुलिस के मुताबिक RML Hospital की medical examination में संजय कुमार की चोट को simple injury बताया गया और skull fracture के दावे को MLC से मेल न खाने वाला बताया गया। पुलिस ने यह भी कहा कि किसी राजनीतिक दबाव या अनुचित हस्तक्षेप का आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत है। बाद में FIR में जोड़ा गया SC/ST Act CJP के विरोध और पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद संबंधित FIR में Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act की धाराएं जोड़ी गईं। इसके अलावा नाबालिग को कथित धमकियों से जुड़े मामले में अलग POCSO case दर्ज किया गया। निष्पक्ष जांच की मांग सौरव दास और CJP नेताओं का कहना है कि मामले में केवल एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि घटना में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों और उसके बाद सोशल मीडिया पर दी गई धमकियों की भी जांच होनी चाहिए। मामला अब पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। source – The Indian Express / NDTVजय राष्ट्र न्यूज़

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स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद समर्थकों का प्रदर्शन, केस वापस लेने की मांग; पुलिस स्टेशन के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: जंतर-मंतर मारपीट मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। समर्थक Parliament Street Police Station के बाहर जुटे और भारद्वाज के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की। पुलिस स्टेशन के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा समर्थकों के जुटने की सूचना के बाद Parliament Street Police Station के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने कई स्थानों पर barricades लगाए और एहतियात के तौर पर paramilitary personnel भी तैनात किए। समर्थकों ने कार्रवाई को बताया एकतरफा प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई एकतरफा तरीके से की जा रही है। समर्थकों ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुई मारपीट की परिस्थितियों और भारद्वाज के self-defence के दावे को भी जांच में ध्यान में रखा जाना चाहिए। ये प्रदर्शनकारियों के दावे हैं और मामले की जांच अभी जारी है। SC/ST Act और POCSO को लेकर भी जताया विरोध भारद्वाज के समर्थकों ने मामले में जोड़ी गई SC/ST Act की धाराओं और एक अलग शिकायत पर दर्ज POCSO case को लेकर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस से भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा और उन्हें वापस लेने की मांग की। जंतर-मंतर की घटना से जुड़ा है मामला स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए CJP-led protest के दौरान उन्होंने एक नाबालिग छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट की थी। मामला उस समय फिर सुर्खियों में आया जब भारद्वाज का एक podcast clip वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने हमले को लेकर विवादित दावे किए थे। भारद्वाज बाद में इसे self-defence में हुई घटना बताते रहे हैं। Bulandshahr से हिरासत में लिए गए थे भारद्वाज Delhi Police ने भारद्वाज को 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के Bulandshahr से हिरासत में लिया था। इसके बाद 5 सितंबर को उन्हें formally arrest किया गया और अदालत ने एक दिन की police custody मंजूर की। आज Judicial Custody में भेजा गया मामले में आज 6 सितंबर को नई कानूनी कार्रवाई हुई। दिल्ली की अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की judicial custody में भेज दिया। उन्हें video conferencing के जरिए duty magistrate के सामने पेश किया गया। मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। समर्थकों और शिकायतकर्ताओं के अलग-अलग दावों की अंतिम सत्यता अदालत और जांच एजेंसियों की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। source – PTI / The Tribune / ABP Newsजय राष्ट्र न्यूज़

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