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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया, आंध्र प्रदेश में ₹18,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की शुरुआत

भोगापुरम (आंध्र प्रदेश): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में बने ऑलूरी सीताराम राजू (ASR) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। लगभग ₹5,640 करोड़ की लागत से विकसित यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट उत्तर आंध्र प्रदेश की कनेक्टिविटी, पर्यटन, उद्योग और निवेश को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट माना जा रहा है। उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री ने राज्य में लगभग ₹18,000 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। यह नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भविष्य में विशाखापट्टनम क्षेत्र के लिए प्रमुख एयर हब के रूप में कार्य करेगा। आधुनिक टर्मिनल, उन्नत सुरक्षा प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट उत्तर आंध्र और दक्षिण ओडिशा के लाखों यात्रियों को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराएगा। वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन 17 अगस्त 2026 से शुरू होने की योजना है। क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम सरकार का कहना है कि भोगापुरम एयरपोर्ट से— UDAN 2.0 विस्तार को भी मिली गति प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान UDAN 2.0 विस्तार का भी शुभारंभ किया। सरकार का उद्देश्य छोटे शहरों और दूरदराज़ क्षेत्रों को सस्ती हवाई सेवाओं से जोड़ना है ताकि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियाँ मजबूत हो सकें। प्रधानमंत्री का संबोधन अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक हवाई अड्डे केवल यात्रा की सुविधा नहीं बल्कि विकास, निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है। निष्कर्ष भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन आंध्र प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और हवाई संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. Source: Prime Minister’s Office (PMO) | Ministry of Civil Aviation | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

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कारगिल विजय दिवस पर पूरे देश ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर जवानों को किया नमन

नई दिल्ली: आज 26 जुलाई को पूरा देश कारगिल विजय दिवस मना रहा है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना द्वारा कारगिल युद्ध में हासिल की गई ऐतिहासिक जीत की याद में देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल के वीर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों ने अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा की। उन्होंने कहा कि देश हमेशा अपने वीर जवानों का ऋणी रहेगा और उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। देशभर के सैन्य प्रतिष्ठानों, स्कूलों और सरकारी संस्थानों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। कारगिल युद्ध का इतिहास साल 1999 में जम्मू-कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में पाकिस्तानी घुसपैठियों और सैनिकों ने भारतीय सीमा में कई ऊंची चोटियों पर कब्जा करने की कोशिश की थी। भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय चलाकर कठिन परिस्थितियों में दुश्मन को पीछे हटाया और सभी रणनीतिक चोटियों पर दोबारा तिरंगा फहराया। करीब दो महीने तक चले इस संघर्ष में भारत के 527 से अधिक सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया और हजारों जवान घायल हुए। उनकी वीरता और बलिदान के सम्मान में हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। देशभर में आयोजित हुए कार्यक्रम कारगिल विजय दिवस के अवसर पर— सेना ने दोहराया राष्ट्र की सुरक्षा का संकल्प भारतीय सेना ने इस अवसर पर कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिए जवान हर परिस्थिति में तैयार हैं। सेना ने कारगिल युद्ध के वीरों को याद करते हुए वर्तमान सैनिकों के साहस और समर्पण को भी राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। निष्कर्ष कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान का स्मरण है। 26 जुलाई को पूरा देश उन वीरों को नमन करता है जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। Source: Prime Minister’s Office (PMO) | Ministry of Defence | Indian Army जय राष्ट्र न्यूज़

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