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अभिजीत दिपके पर BJP नेता प्रवीण दरेकर का पलटवार, PM मोदी को लेकर बयान पर जताई आपत्ति

मुंबई: महाराष्ट्र BJP के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर दिए गए बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। दरेकर ने आरोप लगाया कि शिवाजी पार्क में हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणी की गई और आंदोलन अपने मूल मुद्दों से भटककर राजनीतिक मंच बन गया। शिवाजी पार्क प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस दौरान अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखे राजनीतिक हमले किए थे। PM मोदी पर दिपके की टिप्पणी पर आपत्ति अभिजीत दिपके ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी के चाय बेचने से जुड़े पुराने संदर्भ को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की थी। उन्होंने सवाल किया था कि जनता ने उन्हें चाय बेचने के लिए नहीं बल्कि सरकार चलाने के लिए चुना है। इसी तरह उन्होंने ‘Melody chocolate’ का जिक्र करते हुए भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था। दरेकर बोले- आंदोलन राजनीतिक ड्रामा बन गया प्रवीण दरेकर ने CJP के प्रदर्शन पर हमला करते हुए इसे ‘political drama’ करार दिया। उनका कहना था कि शुरुआत में आंदोलन को छात्रों और चुनावी मुद्दों से जुड़ा बताया गया, लेकिन बाद में इसका इस्तेमाल प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और महाराष्ट्र सरकार को निशाना बनाने के लिए किया गया। बाबासाहेब आंबेडकर को लेकर भी उठाया मुद्दा दरेकर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़े कुछ तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने CJP से आंबेडकरी समाज और महाराष्ट्र की जनता से माफी मांगने की मांग भी की। यह BJP नेता का आरोप है और इस पर CJP की अलग राजनीतिक व्याख्या सामने आई है। ‘राजनीतिक नेताओं का अपमान स्वीकार नहीं’ दरेकर ने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन प्रधानमंत्री और अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने CJP नेतृत्व पर आंदोलन के जरिए केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने का आरोप लगाया। फडणवीस को भी निशाना बना चुके हैं दिपके अभिजीत दिपके ने शिवाजी पार्क के भाषण में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा था। उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की और कहा कि अगर सरकार चाहे तो उन्हें तीन दिन नहीं बल्कि तीन महीने जेल में डालकर देख सकती है। BJP नेताओं का CJP पर लगातार हमला प्रवीण दरेकर के अलावा BJP नेता राम कदम ने भी अभिजीत दिपके के बयानों की आलोचना की है। राम कदम ने संविधान और बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर सवाल उठाए और इसे आंबेडकर के सम्मान से जोड़ा। CJP का दावा- मुद्दा चुनाव आयोग की जवाबदेही का दूसरी ओर CJP का कहना है कि उसका आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, voter-list revision और चुनाव आयोग की जवाबदेही से जुड़ा है। संगठन ने इन मुद्दों पर देश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। राजनीतिक टकराव और तेज CJP के प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में BJP और अभिजीत दिपके के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक तरफ BJP नेता दिपके पर प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं को लेकर मर्यादा तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं CJP सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना अभियान जारी रखने की बात कह रही है। source – Loksatta / Reuters / IANS / Pudhari / The Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया, आंध्र प्रदेश में ₹18,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की शुरुआत

भोगापुरम (आंध्र प्रदेश): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में बने ऑलूरी सीताराम राजू (ASR) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। लगभग ₹5,640 करोड़ की लागत से विकसित यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट उत्तर आंध्र प्रदेश की कनेक्टिविटी, पर्यटन, उद्योग और निवेश को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट माना जा रहा है। उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री ने राज्य में लगभग ₹18,000 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। यह नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भविष्य में विशाखापट्टनम क्षेत्र के लिए प्रमुख एयर हब के रूप में कार्य करेगा। आधुनिक टर्मिनल, उन्नत सुरक्षा प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट उत्तर आंध्र और दक्षिण ओडिशा के लाखों यात्रियों को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराएगा। वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन 17 अगस्त 2026 से शुरू होने की योजना है। क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम सरकार का कहना है कि भोगापुरम एयरपोर्ट से— UDAN 2.0 विस्तार को भी मिली गति प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान UDAN 2.0 विस्तार का भी शुभारंभ किया। सरकार का उद्देश्य छोटे शहरों और दूरदराज़ क्षेत्रों को सस्ती हवाई सेवाओं से जोड़ना है ताकि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियाँ मजबूत हो सकें। प्रधानमंत्री का संबोधन अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक हवाई अड्डे केवल यात्रा की सुविधा नहीं बल्कि विकास, निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है। निष्कर्ष भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन आंध्र प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और हवाई संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. Source: Prime Minister’s Office (PMO) | Ministry of Civil Aviation | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

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कारगिल विजय दिवस पर पूरे देश ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर जवानों को किया नमन

नई दिल्ली: आज 26 जुलाई को पूरा देश कारगिल विजय दिवस मना रहा है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना द्वारा कारगिल युद्ध में हासिल की गई ऐतिहासिक जीत की याद में देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल के वीर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों ने अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा की। उन्होंने कहा कि देश हमेशा अपने वीर जवानों का ऋणी रहेगा और उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। देशभर के सैन्य प्रतिष्ठानों, स्कूलों और सरकारी संस्थानों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। कारगिल युद्ध का इतिहास साल 1999 में जम्मू-कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में पाकिस्तानी घुसपैठियों और सैनिकों ने भारतीय सीमा में कई ऊंची चोटियों पर कब्जा करने की कोशिश की थी। भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय चलाकर कठिन परिस्थितियों में दुश्मन को पीछे हटाया और सभी रणनीतिक चोटियों पर दोबारा तिरंगा फहराया। करीब दो महीने तक चले इस संघर्ष में भारत के 527 से अधिक सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया और हजारों जवान घायल हुए। उनकी वीरता और बलिदान के सम्मान में हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। देशभर में आयोजित हुए कार्यक्रम कारगिल विजय दिवस के अवसर पर— सेना ने दोहराया राष्ट्र की सुरक्षा का संकल्प भारतीय सेना ने इस अवसर पर कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिए जवान हर परिस्थिति में तैयार हैं। सेना ने कारगिल युद्ध के वीरों को याद करते हुए वर्तमान सैनिकों के साहस और समर्पण को भी राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। निष्कर्ष कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान का स्मरण है। 26 जुलाई को पूरा देश उन वीरों को नमन करता है जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। Source: Prime Minister’s Office (PMO) | Ministry of Defence | Indian Army जय राष्ट्र न्यूज़

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