अमित शाह के अलवर दौरे पर टीकाराम जूली का निशाना, भीड़ जुटाने को लेकर BJP पर लगाए आरोप
अलवर: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलवर दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा। जूली ने आरोप लगाया कि सरकार जनसभा में बड़ी भीड़ जुटाने और राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन पर ध्यान दे रही है, जबकि अलवर में सड़क, सफाई, रोजगार और प्रशासन से जुड़ी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। अमित शाह के दौरे को लेकर की गईं व्यापक तैयारियां अमित शाह के अलवर दौरे को लेकर प्रशासन और BJP संगठन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई थीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और पुलिस बल तैनात किया गया था। टीकाराम जूली ने भीड़ जुटाने पर उठाए सवाल टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि BJP अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के लिए जनसभा में अधिक से अधिक लोगों की मौजूदगी सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि किसी सभा में उमड़ने वाली भीड़ से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होता। उनके मुताबिक, सरकार को राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर लोगों की परेशानियों पर भी ध्यान देना चाहिए। अलवर की बुनियादी समस्याओं को लेकर सरकार पर हमला जूली ने अलवर की नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि शहर में सड़क, सफाई और नगर प्रशासन से संबंधित कई समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार को इन मुद्दों के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिल सके। सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति का मुद्दा भी चर्चा में अमित शाह के दौरे से कुछ दिन पहले अलवर में सफाई कर्मचारियों की नियुक्तियों को लेकर विवाद सामने आया था। इस मुद्दे पर राजस्थान के मंत्री संजय शर्मा भी सफाई कर्मचारियों के समर्थन में धरने पर बैठे थे। इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने BJP सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। विपक्ष ने इसे प्रशासनिक समन्वय से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस ने मंत्री के धरने को लेकर भी घेरा कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब सत्तारूढ़ दल के मंत्री को अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठना पड़े, तो प्रशासनिक व्यवस्था और सरकार के भीतर समन्वय की स्थिति पर चर्चा होना स्वाभाविक है। हालांकि, यह विपक्ष की राजनीतिक प्रतिक्रिया थी और इसे प्रशासनिक विफलता का स्वतंत्र प्रमाण नहीं माना जा सकता। कांग्रेस नेताओं और छात्रों को हिरासत में लेने का मामला अमित शाह के दौरे से पहले कुछ कांग्रेस नेताओं और छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और पुलिस के दावों में अंतर सामने आया। कांग्रेस ने दावा किया कि करीब दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि पुलिस की ओर से बताई गई संख्या इससे कम थी। विरोध प्रदर्शन रोकने के आरोप कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उसके कार्यकर्ताओं को संभावित विरोध प्रदर्शन से पहले ही रोक दिया गया। वहीं, पुलिस ने कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया एहतियाती कदम बताया। इस मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए। ऐसे में कार्रवाई के कारणों और परिस्थितियों को समझने के लिए आधिकारिक जानकारी और उपलब्ध तथ्यों को ध्यान में रखना जरूरी है। जूली ने जनता से सीधे संवाद की उठाई मांग टीकाराम जूली ने मांग की कि अमित शाह को केवल पार्टी नेताओं और अधिकारियों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर स्थिति का आकलन नहीं करना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व से जनता के बीच जाकर अलवर की वास्तविक समस्याओं को समझने की अपील की। उनका कहना था कि स्थानीय समस्याओं का समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए और जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज अमित शाह का अलवर दौरा BJP के संगठनात्मक संपर्क और राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण था। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुविधाओं और सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को उठाया। इस घटनाक्रम के बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई। जहां BJP का कार्यक्रम संगठनात्मक गतिविधियों पर केंद्रित था, वहीं विपक्ष ने स्थानीय समस्याओं और सरकारी कामकाज को लेकर सवाल उठाए। भीड़ जुटाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं टीकाराम जूली की ओर से भीड़ जुटाने को लेकर लगाए गए आरोप राजनीतिक दावों की श्रेणी में आते हैं। उपलब्ध जानकारी में ऐसा कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि लोगों को अवैध या जबरन तरीके से जनसभा में शामिल कराया गया था। फिलहाल, अलवर दौरे को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्थानीय समस्याओं, सफाई कर्मचारियों के मुद्दे और पुलिस की कार्रवाई चर्चा के प्रमुख विषय बने हुए हैं। स्रोत: The Indian Express / The Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

