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Mallikarjun Kharge ‘Shuddhikaran’ विवाद में Uttarakhand Police की कार्रवाई, अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

देहरादून, 9 सितंबर 2026: Congress President Mallikarjun Kharge की Haldwani rally के बाद Ramlila Maidan में कथित “shuddhikaran” को लेकर चल रहे विवाद में Uttarakhand Police ने करीब एक महीने बाद FIR दर्ज की है। Haldwani Kotwali में मामला अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। करीब 80 शिकायतें मिलीं Nainital SSP Manjunath TC के मुताबिक इस मामले को लेकर पूरे Uttarakhand से करीब 80 complaints और petitions मिली थीं। इनमें अकेले Nainital district से 19 शिकायतें थीं। Police ने legal scrutiny के बाद Haldwani की social activist और lawyer Anju की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की। उन्होंने police को घटना से जुड़े videos भी उपलब्ध कराए थे। SC/ST Act समेत इन धाराओं में Case FIR में Bharatiya Nyaya Sanhita की Sections 196 और 299 तथा SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की Section 3(1)(r) लगाई गई है। ये provisions groups के बीच कथित वैमनस्य फैलाने, धार्मिक भावनाएं आहत करने और caste-based insult या humiliation से संबंधित हैं। FIR में फिलहाल किसी व्यक्ति को नामजद नहीं किया गया है। क्या है पूरा ‘Shuddhikaran’ विवाद? Mallikarjun Kharge ने 8 अगस्त को Haldwani के Ramlila Maidan में Congress rally को संबोधित किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इसके बाद venue पर cleaning और कथित “shuddhikaran” ritual किया गया और इसके videos तथा photographs social media पर circulate किए गए। Congress ने इसे Kharge की Dalit identity से जोड़ते हुए caste discrimination और untouchability का मामला बताया है। आयोजकों ने Caste Motive से किया इनकार “Shuddhi Yagya” आयोजित करने वाले Shri Ram Sena Dharmarth Seva Nyas ने आरोपों से इनकार किया है। संगठन का कहना है कि कार्यक्रम का Mallikarjun Kharge की caste से कोई संबंध नहीं था और उसका उद्देश्य venue की सफाई तथा धार्मिक-सांस्कृतिक पवित्रता बहाल करना था। BJP ने भी इस आयोजन को करने वाले संगठन से दूरी बनाई है। Kharge ने Rajya Sabha में भी उठाया था मुद्दा Mallikarjun Kharge ने इस विवाद को Rajya Sabha में उठाते हुए कहा था कि इस घटना से उन्हें untouchability और humiliation का अहसास हुआ। उन्होंने BJP President J. P. Nadda को भी पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। Senior Officer करेंगे Investigation मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच SP Crime Jagdish Chandra को सौंपी गई है। Police अब complaints, उपलब्ध videos और अन्य material की जांच कर यह पता लगाएगी कि कथित ritual के पीछे कौन लोग थे और क्या इसमें caste-based offence बनता है। source – The Indian Express / Uttarakhand Police जय राष्ट्र न्यूज़

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स्वतंत्र भारद्वाज को Delhi High Court से राहत नहीं, गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका खारिज; Trial Court जाने को कहा

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: जंतर-मंतर पर एक छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को Delhi High Court से राहत नहीं मिली है। High Court ने उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली habeas corpus petition खारिज करते हुए कहा कि वह इस समय judicial orders के तहत custody में हैं और अपनी गिरफ्तारी या remand को appropriate trial court के सामने चुनौती दे सकते हैं। 7 सितंबर को High Court ने खारिज की Plea Justice Navin Chawla और Justice Ravinder Dudeja की division bench ने 7 सितंबर को भारद्वाज की याचिका पर सुनवाई की। Petition में दावा किया गया था कि Delhi Police द्वारा की गई गिरफ्तारी illegal थी और उन्हें custody से release किया जाना चाहिए। हालांकि High Court ने habeas corpus के जरिए राहत देने से इनकार कर दिया। Court ने क्यों नहीं दी राहत? Delhi Police की ओर से court को बताया गया कि भारद्वाज को पहले एक दिन की police custody मिली थी, उसके बाद magistrate ने judicial custody का आदेश दिया। Court ने कहा कि जब किसी व्यक्ति की custody सक्षम अदालत के judicial order के तहत जारी है, तो उसे habeas corpus के जरिए सीधे चुनौती देने के बजाय उस remand order के खिलाफ उपलब्ध कानूनी remedy अपनानी होगी। अब Trial Court में Challenge कर सकते हैं Arrest High Court ने भारद्वाज को यह liberty दी कि वह अपनी गिरफ्तारी या judicial remand को appropriate trial court में challenge कर सकते हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि High Court ने गिरफ्तारी को merits पर पूरी तरह सही ठहरा दिया है; court ने मुख्य रूप से habeas corpus petition को इस stage पर maintainable relief नहीं माना। 14 दिन की Judicial Custody मामले की सुनवाई के दौरान prosecution ने High Court को बताया कि संबंधित अदालत ने भारद्वाज को 14 दिन की judicial custody में भेज दिया है। इसलिए फिलहाल वह judicial custody में रहेंगे, जब तक lower court से कोई अलग relief नहीं मिलती। Bulandshahr से हुई थी गिरफ्तारी Delhi Police ने स्वतंत्र भारद्वाज को Uttar Pradesh के Bulandshahr से हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें Delhi लाया गया और court के सामने पेश किया गया। उनकी गिरफ्तारी जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े उस मामले में हुई जिसमें उन पर एक छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट का आरोप है। Podcast Video के बाद बढ़ा था मामला मामला उस समय फिर सुर्खियों में आया जब भारद्वाज का एक podcast clip वायरल हुआ। उसमें उन्होंने कथित हमले को लेकर विवादित दावे किए थे। इसके बाद CJP नेताओं और समर्थकों ने Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन कर गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। SC/ST Act की धाराएं भी जोड़ी गईं Delhi Police ने संबंधित FIR में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act और criminal intimidation से जुड़े provisions भी जोड़े हैं। इसके अलावा छात्र कार्यकर्ता की ओर से कथित धमकियों और morphed images से जुड़े आरोपों पर अलग POCSO case भी दर्ज किया गया है। ये सभी आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। अब Lower Court की प्रक्रिया अहम High Court से habeas corpus relief नहीं मिलने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज की legal strategy अब trial court पर केंद्रित होगी। वह arrest, remand या bail से जुड़ी appropriate applications वहां दाखिल कर सकते हैं। फिलहाल मामले में आरोपों की अंतिम सत्यता तय नहीं हुई है और आगे की स्थिति judicial proceedings पर निर्भर करेगी। source – Delhi High Court / LiveLaw / India Todayजय राष्ट्र न्यूज़

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