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हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान तेज, घटना की जांच भी शुरू

शिमला: हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हुए भीषण भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। घटना के कारण कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं और प्रभावित इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रशासन के अनुसार भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों की मदद ली जा रही है, जबकि मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताए जाने के बाद राहत कार्यों को और तेज कर दिया गया है। राहत एवं बचाव अभियान जारी बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और राहत शिविरों में भोजन, पेयजल तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। घटना की जांच शुरू राज्य सरकार ने भूस्खलन की परिस्थितियों और नुकसान के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभाग यह पता लगाएंगे कि प्राकृतिक कारणों के अलावा कहीं अन्य कारकों की भी भूमिका तो नहीं रही। प्रभावित क्षेत्रों का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण भी कराया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सके। यातायात प्रभावित भूस्खलन के कारण कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात बाधित हुआ है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मलबा हटाकर सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास कर रही हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। IMD का अलर्ट जारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। निष्कर्ष हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटा है, जबकि घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है। Source: Himachal Pradesh State Disaster Management Authority (HPSDMA) | NDRF | IMD | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट गहराया, लाखों लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान तेज

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में धेमाजी, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट शामिल हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि कृषि भूमि, घर और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव अभियान तेज राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन की अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं। नावों की सहायता से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन के अनुसार हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है और राहत अभियान लगातार जारी है। यातायात और जनजीवन प्रभावित बाढ़ के कारण कई प्रमुख सड़कें और ग्रामीण संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। कुछ रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जबकि कई स्कूलों को एहतियातन बंद रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। IMD ने जारी किया नया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। सरकार की अपील असम सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। निष्कर्ष लगातार बारिश के कारण असम में बाढ़ का संकट और गहरा गया है। लाखों लोग प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | Reuters | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट और गहराया, लाखों लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं, जबकि कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। NDRF, SDRF, स्थानीय प्रशासन और अन्य बचाव एजेंसियां लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। सबसे अधिक प्रभावित जिले बाढ़ का असर मुख्य रूप से ऊपरी और मध्य असम के कई जिलों में देखा जा रहा है। इनमें— जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई गांवों में घर, खेत और सड़कें पानी में डूब गई हैं। बचाव अभियान तेज राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त राहत दल तैनात किए हैं। नावों और अन्य विशेष उपकरणों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। कई राहत शिविरों में हजारों विस्थापित लोग रह रहे हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। यातायात और जनजीवन प्रभावित लगातार बारिश और जलभराव के कारण कई राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। कुछ रेल सेवाओं के संचालन पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। मौसम विभाग की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसके चलते नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा बना रह सकता है। सरकार की अपील असम सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से तुरंत संपर्क करें। निष्कर्ष असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट गहराया, 5.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार राज्य के 16 से अधिक जिलों में 5.6 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रभावित जिलों में सिवसागर, चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और धेमाजी सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। राहत और बचाव अभियान जारी राज्य सरकार ने NDRF, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया है। नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है और राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी तथा आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है। कई स्थानों पर सेना भी स्थानीय प्रशासन की सहायता के लिए तैयार रखी गई है। बाढ़ से सबसे ज्यादा असर किन क्षेत्रों पर? बाढ़ का सबसे अधिक प्रभाव ऊपरी असम (Upper Assam) के जिलों में देखा जा रहा है। कई गांवों में घर, कृषि भूमि और चाय बागान जलमग्न हो गए हैं। लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। यातायात भी प्रभावित बाढ़ के कारण कई सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है। कुछ रेल मार्ग भी प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है। सरकार की अपील असम सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा केवल प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य लगातार जारी है। निष्कर्ष असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। Source: ASDMA | IMD | PTI | Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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