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FIH हॉकी वर्ल्ड कप में भारत की शानदार शुरुआत, Wales पर 3-1 की जीत के बाद अगले मुकाबले पर नजर

नई दिल्ली: भारत ने FIH Hockey World Cup 2026 में शानदार शुरुआत करते हुए Wales को 3-1 से हरा दिया। शुरुआती मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब उसकी नजर अगले मैच में बेहतर प्रदर्शन के साथ टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने पर है। भारत ने Wales को 3-1 से हराया भारत ने मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की और लगातार Wales के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा। कप्तान Harmanpreet Singh ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे, जबकि भारत की ओर से एक और गोल ने टीम को 3-1 की जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। Wales ने भी मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने दबाव के बावजूद अपनी बढ़त बनाए रखी। Harmanpreet Singh का शानदार प्रदर्शन भारतीय कप्तान Harmanpreet Singh एक बार फिर टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए। उनके दो गोलों ने भारत को मुकाबले में निर्णायक बढ़त दिलाई। उनकी ड्रैग-फ्लिक और पेनल्टी कॉर्नर को भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकतों में माना जा रहा है। टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ भारत को उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। जीत के बावजूद टीम के लिए सुधार की गुंजाइश Wales के खिलाफ जीत भारत के लिए सकारात्मक शुरुआत रही, लेकिन टीम को अगले मुकाबलों से पहले कुछ क्षेत्रों में सुधार करने की जरूरत होगी। खासकर फिनिशिंग, पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की क्षमता और गेंद पर कब्जा बनाए रखने पर टीम का फोकस रहेगा। World Cup जैसे बड़े टूर्नामेंट में मजबूत टीमों के खिलाफ छोटी गलतियां भी भारी पड़ सकती हैं। अगले मुकाबले की तैयारी तेज पहले मैच में जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम का ध्यान अब अगले मुकाबले पर है। टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों की फिटनेस, रणनीति और विपक्षी टीम की कमजोरी का विश्लेषण कर रहा है। भारत की कोशिश होगी कि शुरुआती जीत की लय को बरकरार रखते हुए अगले मैच में भी तीन अंक हासिल किए जाएं। World Cup में भारत की उम्मीदें घरेलू परिस्थितियों और हाल के प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय टीम से इस World Cup में काफी उम्मीदें हैं। टीम का लक्ष्य केवल शुरुआती मुकाबले जीतना नहीं बल्कि टूर्नामेंट के अंतिम चरण तक पहुंचकर खिताब की मजबूत दावेदारी पेश करना होगा। Wales के खिलाफ जीत ने भारत को अच्छी शुरुआत दी है, लेकिन असली चुनौती टूर्नामेंट के अगले दौर में मजबूत विपक्षियों के खिलाफ होगी। निष्कर्ष भारत ने FIH Hockey World Cup 2026 में Wales को 3-1 से हराकर शानदार आगाज किया है। Harmanpreet Singh के दो गोलों ने जीत में अहम भूमिका निभाई। अब भारतीय टीम की नजर अगले मुकाबले पर है, जहां वह जीत की लय बरकरार रखते हुए World Cup अभियान को और मजबूत करना चाहेगी। Source: FIH, Hockey India जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत-श्रीलंका टेस्ट में बारिश बनी विलेन, भारत 460/9 पर मजबूत; तीसरे दिन मौसम पर टिकी निगाहें

गॉल: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट में बारिश लगातार खेल का मजा किरकिरा कर रही है। दूसरे दिन बारिश के कारण लंबे समय तक खेल रुका, लेकिन सीमित समय में भारतीय टीम ने 460/9 का मजबूत स्कोर खड़ा कर लिया। अब तीसरे दिन भी बारिश की आशंका के चलते मैच के नतीजे पर मौसम का बड़ा असर पड़ सकता है। भारत 460/9 पर दूसरे दिन भारत ने बारिश से प्रभावित खेल में 43 ओवर बल्लेबाजी की और 172 रन जोड़े। दिन का खेल खत्म होने तक भारत 460 रन पर 9 विकेट गंवा चुका था। क्रीज पर कुलदीप यादव 12 और प्रसिद्ध कृष्णा 1** रन बनाकर मौजूद थे। भारत की पारी की सबसे बड़ी खासियत देवदत्त पडिक्कल की 167 रन की शानदार पारी रही। उन्होंने अपने करियर का बेहतरीन टेस्ट प्रदर्शन करते हुए भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया। श्रीलंकाई स्पिनरों ने कराई वापसी भारत एक समय बेहद मजबूत स्थिति में था, लेकिन श्रीलंका के स्पिन गेंदबाजों ने बाद में जोरदार वापसी की। प्रभात जयसूर्या ने 4 विकेट लिए, जबकि डेब्यू कर रहे केशरा नुवान्था ने 3 विकेट हासिल किए। दोनों ने मिलकर भारत के अंतिम सात विकेटों में अहम भूमिका निभाई। ऋषभ पंत 39 रन बनाकर आउट हुए, जबकि ध्रुव जुरेल ने 51 रन की उपयोगी पारी खेलकर भारत को 460 तक पहुंचाने में मदद की। तीसरे दिन बारिश सबसे बड़ी चुनौती तीसरे दिन भी गॉल में बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को बारिश की संभावना 83% तक बताई गई है। दिन के कई घंटों में बारिश की संभावना 40% से अधिक रहने का अनुमान है। ऐसे में मुकाबला बार-बार रुक सकता है और भारत के लिए श्रीलंका को आउट करने तथा मैच में निर्णायक बढ़त बनाने के लिए उपलब्ध समय कम हो सकता है। भारत के सामने बड़ा फैसला भारत के पास फिलहाल सिर्फ एक विकेट बाकी है। टीम के सामने यह रणनीतिक सवाल है कि आखिरी विकेट के साथ कितने रन जोड़े जाएं या जल्दी पारी घोषित करके श्रीलंका को बल्लेबाजी के लिए उतारा जाए। अगर बारिश लगातार खेल में बाधा डालती रही, तो भारत की बड़ी पहली पारी भी मैच को जीत में बदलने के लिए पर्याप्त समय नहीं दे पाएगी। मैच का समीकरण भारत ने पहली पारी में 460/9 तक पहुंचकर मजबूत आधार बना लिया है। अब भारतीय गेंदबाजों की कोशिश होगी कि श्रीलंका की पारी को जल्दी समेटकर मैच पर दबाव बनाया जाए। लेकिन बारिश भारत की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। ज्यादा समय खेल नहीं हो पाया तो मुकाबला ड्रॉ की ओर भी बढ़ सकता है। निष्कर्ष भारत ने बारिश से बाधित गॉल टेस्ट में 460/9 का मजबूत स्कोर बनाकर अपनी स्थिति मजबूत रखी है। देवदत्त पडिक्कल की 167 रन की पारी और ध्रुव जुरेल के अर्धशतक ने भारत को बड़ा स्कोर दिलाया। अब तीसरे दिन भारतीय टीम की नजर श्रीलंका के विकेटों पर होगी, लेकिन बारिश मैच के नतीजे की सबसे बड़ी बाधा बन सकती है। Source: Reuters, India Today, NDTV, ESPNcricinfo जय राष्ट्र न्यूज़

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श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल का धमाका, 131 रन की नाबाद पारी से भारत मजबूत

गॉल: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट के शुरुआती दिन देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 131 रन बना दिए। उनकी पारी की बदौलत भारत ने दिन का खेल खत्म होने तक 2 विकेट पर 288 रन बना लिए। बारिश और खराब रोशनी के कारण पहले दिन का खेल समय से पहले समाप्त करना पड़ा। पडिक्कल का पहला टेस्ट शतक देवदत्त पडिक्कल ने 178 गेंदों का सामना करते हुए 131 रन* बनाए, जिसमें 12 चौके और एक छक्का शामिल रहा। उन्होंने 134 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। यह उनके टेस्ट करियर का पहला शतक है। पडिक्कल को टीम में साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद मौका मिला था और उन्होंने इस अवसर को शानदार अंदाज में भुनाया। स्पिन के खिलाफ दिखाया शानदार फुटवर्क गॉल की परिस्थितियों में श्रीलंकाई स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ पडिक्कल ने बेहद संयमित बल्लेबाजी की। उन्होंने गेंद की लाइन के हिसाब से अपने पैरों का इस्तेमाल किया और बैकफुट पर कई शानदार शॉट लगाए। उनकी बल्लेबाजी में खास बात यह रही कि उन्होंने आक्रामक शॉट खेलने के बजाय गेंद को अच्छी तरह पढ़कर रन बनाए। उनकी तकनीक और फुटवर्क की क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी तारीफ की। KL राहुल के साथ बड़ी साझेदारी पडिक्कल ने KL राहुल के साथ दूसरे विकेट के लिए 150 रन की साझेदारी की। राहुल ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 77 रन बनाए, लेकिन बाद में क्रैम्प्स के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। इस साझेदारी ने भारत को शुरुआती झटके से उबरने और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाने में मदद की। भारत के 600वें टेस्ट में यादगार पारी यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के लिए भी खास है, क्योंकि यह भारत का 600वां टेस्ट मैच है। ऐसे ऐतिहासिक मुकाबले में पडिक्कल का शतक उनकी पारी को और खास बना देता है। इसके अलावा, 15 अगस्त को शतक लगाने के कारण पडिक्कल ने एक खास उपलब्धि भी हासिल की। वह स्वतंत्रता दिवस पर अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने। उनसे पहले विराट कोहली ने 2012 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में 15 अगस्त को शतक लगाया था। दिन का खेल खत्म होने पर भारत मजबूत स्थिति में पहले दिन भारत ने 73 ओवर में 288/2 का स्कोर बनाया। स्टंप्स के समय: भारत अब दूसरे दिन अपनी पारी को और आगे बढ़ाकर बड़ा स्कोर खड़ा करने की कोशिश करेगा। निष्कर्ष देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में नाबाद 131 रन की शानदार पारी खेलकर टेस्ट टीम में अपनी वापसी को यादगार बना दिया है। स्पिन के खिलाफ उनका आत्मविश्वास, बेहतरीन फुटवर्क और धैर्य गॉल की परिस्थितियों में खास तौर पर नजर आया। अब निगाहें दूसरे दिन पडिक्कल और ऋषभ पंत पर रहेंगी। Source: ESPNcricinfo, Reuters, NDTV, AP, DD India जय राष्ट्र न्यूज़

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FIH हॉकी वर्ल्ड कप में भारत की धमाकेदार शुरुआत, वेल्स को 3-1 से हराया; हरमनप्रीत सिंह का शानदार प्रदर्शन

एम्स्टेलवीन: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में जीत के साथ अपने अभियान का आगाज किया है। शनिवार को खेले गए Pool D के मुकाबले में भारत ने वेल्स को 3-1 से शिकस्त दी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल दागकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। पहले क्वार्टर में भारत ने बनाई बढ़त भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। संजय ने 8वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके कुछ ही मिनट बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 11वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से गोल करते हुए भारत की बढ़त को 2-0 कर दिया। हरमनप्रीत ने फिर दिखाया दम तीसरे क्वार्टर में भी भारत का दबदबा जारी रहा। 43वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया, जिससे भारत 3-0 से आगे हो गया। भारत के तीनों गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए आए। आखिरी क्वार्टर में वेल्स ने किया पलटवार वेल्स ने मैच के अंतिम चरण में वापसी की कोशिश की। 56वें मिनट में Sam Welsh ने गोल कर स्कोर 3-1 कर दिया। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने संयम बनाए रखा और वेल्स को दूसरा गोल करने का मौका नहीं दिया। भारत ने 3-1 से मुकाबला अपने नाम कर टूर्नामेंट में पूरे तीन अंक हासिल किए। हरमनप्रीत ने जीत के बाद क्या कहा? मैच के बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने जीत पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि शुरुआती मुकाबला जीतना और पूरे तीन अंक हासिल करना टीम के लिए महत्वपूर्ण था। हालांकि, वेल्स के आखिरी मिनटों में गोल करने को लेकर उन्होंने कहा कि टीम को अपनी गलतियों से सीखना होगा और आगामी मुकाबलों में उन्हें दोहराने से बचना होगा। भारत का अगला मुकाबला इंग्लैंड से वेल्स के खिलाफ जीत के बाद भारत अब अपने अगले Pool D मुकाबले में 17 अगस्त को इंग्लैंड का सामना करेगा। यह मुकाबला भी नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन में होगा। भारतीय टीम की नजर इस बार लंबे समय से चले आ रहे विश्व कप खिताब के इंतजार को खत्म करने पर है। भारत ने आखिरी बार 1975 में पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप जीता था। भारत की जीत के बड़े पॉइंट्स निष्कर्ष भारत ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हॉकी वर्ल्ड कप में शानदार जीत के साथ शुरुआत की है। हरमनप्रीत सिंह की दो गोल की बदौलत भारत ने वेल्स को 3-1 से हराया। अब टीम की नजर इंग्लैंड के खिलाफ अगले मुकाबले पर है, जहां जीत के साथ अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश होगी। Source: Hockey India, Olympics.com, All India Radio, PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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World U20 Athletics में Basant Meghwal ने रचा इतिहास, Men’s High Jump में जीता Silver Medal

यूजीन, अमेरिका: भारत के युवा हाई-जंप एथलीट Basant Kumar Meghwal ने World Athletics U20 Championships 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए Men’s High Jump में Silver Medal जीत लिया। Oregon के Eugene में आयोजित प्रतियोगिता में Basant ने 2.21 मीटर की छलांग लगाकर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी यह performance उनके personal best के बराबर रही और इसके साथ ही वह World U20 Championships में पुरुषों की high jump में medal जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। 2.21 मीटर की छलांग से जीता Silver Basant ने final में 2.21m की ऊंचाई पार की। यह उनके career के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बराबर है। World Athletics के रिकॉर्ड के अनुसार Basant का personal best भी 2.21m है। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने भारत के लिए World U20 Championships में पुरुषों के high jump event का पहला medal सुनिश्चित किया। भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि Basant की जीत सिर्फ एक व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि भारतीय athletics के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। World U20 Championships में भारत ने इससे पहले विभिन्न athletics events में medals जीते हैं, लेकिन Men’s High Jump में यह भारत का पहला medal है। Basant ने silver के साथ इस event में भारत का नाम इतिहास में दर्ज करा दिया। 19 साल के Basant ने दिखाया दम Basant Kumar Meghwal की उम्र अभी 19 वर्ष है। उनका जन्म 7 जनवरी 2007 को हुआ था और World Athletics profile में उनका personal best 2.21m दर्ज है। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह प्रदर्शन उनके भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ाता है। High Jump जैसे technical event में लगातार ऊंचाई बढ़ाना किसी भी athlete के लिए बड़ी चुनौती होती है और Basant ने U20 स्तर पर खुद को साबित किया है। National level पर भी कर चुके हैं शानदार प्रदर्शन World U20 Championships से पहले Basant घरेलू competitions में भी शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। अप्रैल 2026 में आयोजित 24th National Junior U20 Athletics Federation Competition में Basant ने Men’s High Jump में 2.21m की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया था। आधिकारिक Athletics Federation of India results में भी उनका 2.21m प्रदर्शन दर्ज है। 2025 में भी उन्होंने National Junior Athletics Championships में 2.11m के साथ gold medal जीता था। Personal Best की बराबरी कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमके Eugene में Basant का 2.21m jump उनके लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने अपने personal best की बराबरी की। World Athletics के अनुसार उनका 2.21m personal best अप्रैल 2026 में Bengaluru में आया था। World stage पर उसी स्तर का प्रदर्शन दोहराना उनकी consistency को दिखाता है। भारत के Athletics अभियान को मिली मजबूती Basant का silver भारत के World U20 Athletics Championships अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण रहा। इसी championship में भारतीय athletes ने अन्य field events में भी शानदार प्रदर्शन किया। Men’s Javelin Throw में Ashish Yadav ने silver medal जीता, जबकि Men’s Long Jump में Shahnavaz Khan ने bronze medal हासिल किया। इससे भारतीय athletics contingent के medal tally में और इजाफा हुआ। High Jump में भारत के लिए नई उम्मीद भारत में athletics के कुछ events, खासकर javelin और long jump, में हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला है। अब Basant की यह सफलता high jump में भी नई उम्मीद पैदा करती है। विशेषज्ञों और athletics fans की नजर अब इस बात पर होगी कि Basant आने वाले senior-level competitions में अपनी 2.21m performance को किस तरह आगे बढ़ाते हैं। अगला लक्ष्य और बड़ी ऊंचाई U20 स्तर पर World Championship medal जीतने के बाद Basant के सामने अब senior athletics में खुद को स्थापित करने की चुनौती होगी। High jump में 2.21m का स्तर मजबूत है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय senior competition में medal contention के लिए उन्हें आने वाले वर्षों में अपनी best height को और बेहतर करना होगा। Basant की कम उम्र और लगातार सुधार को देखते हुए उनके पास आने वाले वर्षों में 2.25m और उससे ऊपर जाने का लक्ष्य हासिल करने का अवसर है। निष्कर्ष Basant Kumar Meghwal ने World Athletics U20 Championships 2026 में Men’s High Jump में Silver Medal जीतकर इतिहास रच दिया है। Eugene में उन्होंने 2.21m की छलांग लगाई और अपने personal best की बराबरी की। उनकी यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि वह World U20 Championships में Men’s High Jump में medal जीतने वाले पहले भारतीय athlete बन गए हैं। 19 वर्षीय Basant की यह सफलता भारतीय athletics में high jump के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। Source: World Athletics, Athletics Federation of India, India Today, The Tribune, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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Ashmita Chaliha ने Korea Masters 2026 का खिताब जीता, Han Qian Xi को हराकर रचा इतिहास

आसन, दक्षिण कोरिया: भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी Ashmita Chaliha ने रविवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए Victor Korea Masters 2026 का Women’s Singles title अपने नाम कर लिया। उन्होंने फाइनल में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त Han Qian Xi को तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में 14-21, 21-14, 21-14 से हराया। इस जीत के साथ Ashmita ने अपने करियर का पहला BWF World Tour title हासिल किया। पहले गेम में पिछड़ गईं Ashmita फाइनल की शुरुआत Ashmita Chaliha के लिए आसान नहीं रही। Han Qian Xi ने पहले गेम में तेज शुरुआत करते हुए भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बनाया और 21-14 से गेम अपने नाम कर लिया। पहला गेम गंवाने के बाद Ashmita के सामने वापसी की चुनौती थी। लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा और अगले दोनों गेम में अपनी रणनीति और खेल की गति में महत्वपूर्ण बदलाव किया। दूसरे गेम में शानदार वापसी दूसरे गेम में Ashmita ने आक्रामक और नियंत्रित बैडमिंटन खेला। उन्होंने Han Qian Xi को लगातार दबाव में रखा और 21-14 से दूसरा गेम जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। इसके बाद निर्णायक तीसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी लय बनाए रखी और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल करते हुए बढ़त बनाई। निर्णायक गेम में दिखाया आत्मविश्वास तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन Ashmita ने महत्वपूर्ण रैलियों में बेहतर नियंत्रण दिखाया। उन्होंने 21-14 से तीसरा गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। इस तरह एक गेम से पिछड़ने के बाद उन्होंने लगातार दो गेम जीतकर शानदार comeback पूरा किया। पहला BWF World Tour title Korea Masters की यह जीत Ashmita Chaliha के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनका पहला BWF World Tour खिताब है। इस जीत के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में अपने करियर की एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रिपोर्टों के अनुसार वह BWF World Tour के Super 300 या उससे ऊपर के Women’s Singles title जीतने वाली चुनिंदा भारतीय महिला खिलाड़ियों की सूची में भी शामिल हो गई हैं। चोट के बाद शानदार वापसी Ashmita की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह चोट से वापसी के बाद लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार कर रही थीं। उन्हें पिछले दौर में घुटने की चोट के कारण लंबा rehabilitation period झेलना पड़ा था। कोर्ट पर वापसी के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपनी form हासिल की और Korea Masters में शानदार प्रदर्शन करते हुए आखिरकार अपना पहला World Tour title जीत लिया। फाइनल तक का सफर भी रहा शानदार Ashmita ने Korea Masters में शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया। टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में उन्होंने कई मुकाबले जीतकर अगले rounds में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उन्होंने अपनी हमवतन Rakshitha Ramraj को 21-13, 14-21, 21-13 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। इसके बाद फाइनल में चीन की Han Qian Xi को हराकर उन्होंने title अपने नाम कर लिया। भारत के लिए बड़ी बैडमिंटन उपलब्धि Ashmita की जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने Women’s Singles में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आते देखा है और Ashmita की यह सफलता इस प्रतिस्पर्धा को और मजबूत करती है। Korea Masters जैसे BWF World Tour event में title जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है और इससे Ashmita की अंतरराष्ट्रीय ranking तथा confidence को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। Han Qian Xi के खिलाफ दिखी मानसिक मजबूती फाइनल में पहला गेम हारने के बाद मुकाबले में वापसी करना Ashmita की मानसिक मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने दूसरे और तीसरे गेम में अपनी गलतियों को कम किया और rallies को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया। निर्णायक गेम में दबाव के बावजूद उन्होंने मैच को अपने हाथ से निकलने नहीं दिया। निष्कर्ष Ashmita Chaliha ने Korea Masters 2026 Women’s Singles title जीतकर भारतीय बैडमिंटन में नया अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने फाइनल में चीन की Han Qian Xi को 14-21, 21-14, 21-14 से हराकर अपने करियर का पहला BWF World Tour title जीता। पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी Ashmita की इस जीत को और खास बनाती है। चोट के बाद वापसी करते हुए उन्होंने जिस तरह लगातार बेहतर प्रदर्शन किया, वह उनके संघर्ष और आत्मविश्वास को दिखाता है। अब इस खिताब के बाद भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की नजरें Ashmita के आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर रहेंगी। Source: Indian Express, India Today, The Statesman, DD News, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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India vs Sri Lanka XI: कोलंबो में Day 2 का खेल बारिश से रुका, दोबारा शुरू होने के बाद Padikkal का शानदार शतक

कोलंबो: भारत और Sri Lanka Cricket XI के बीच नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब ग्राउंड में खेले जा रहे तीन दिवसीय अभ्यास मैच के Day 2 में बारिश ने खेल में बाधा डाली। बारिश के कारण कुछ समय के लिए खेल रोकना पड़ा, लेकिन मौसम साफ होने के बाद मुकाबला दोबारा शुरू हुआ। ताजा अपडेट के मुताबिक भारत की पारी आगे बढ़ रही है। भारत ने पहले दिन Sri Lanka XI के 363/8 के जवाब में दूसरे दिन बल्लेबाजी शुरू की और शुरुआती झटकों के बाद पारी को संभाला। Devdutt Padikkal ने शानदार शतक लगाकर भारतीय पारी को मजबूती दी। बारिश के कारण रुका Day 2 का खेल कोलंबो में मौसम की स्थिति पहले से ही इस अभ्यास मैच के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। Day 2 के दौरान बारिश के कारण खेल में रुकावट आई। हालांकि, बारिश रुकने और परिस्थितियां खेलने लायक होने के बाद मैच को दोबारा शुरू किया गया। मौसम की वजह से खेल के ओवरों और लय पर असर पड़ा है। Devdutt Padikkal ने जड़ा शानदार शतक भारत के लिए Day 2 की सबसे बड़ी खबर Devdutt Padikkal का शतक रहा। उन्होंने दबाव के बीच धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए अपनी सेंचुरी पूरी की और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। Padikkal का यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत की टेस्ट सीरीज से पहले बल्लेबाजी क्रम को लेकर टीम मैनेजमेंट के सामने कई सवाल हैं। भारत को शुरुआत में लगे झटके दूसरे दिन भारत की शुरुआत पूरी तरह आसान नहीं रही। Yashasvi Jaiswal दो गेंदों पर बिना खाता खोले आउट हो गए, जबकि भारतीय पारी में शुरुआती विकेट गिरने के बाद Padikkal ने जिम्मेदारी संभाली। Padikkal ने साझेदारों के साथ मिलकर पारी को संभाला और अपनी सेंचुरी के जरिए भारत को मुकाबले में वापस लाया। Ravindra Jadeja ने भी संभाली पारी Padikkal के आउट होने के बाद Ravindra Jadeja ने भी भारतीय पारी को संभालने में अहम भूमिका निभाई। ताजा लाइव अपडेट में Jadeja ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था और भारत की पारी को आगे बढ़ा रहे थे। लाइव स्कोर अपडेट के अनुसार एक समय भारत 218/5 के आसपास था और Sri Lanka XI के 363/8 के स्कोर से पीछे चल रहा था। Sri Lanka XI ने बनाए थे 363/8 Day 1 पर Sri Lanka XI ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 90 ओवर में 363/8 का मजबूत स्कोर बनाया था। भारतीय स्पिनरों ने बीच के चरण में विकेट हासिल किए, लेकिन मेजबान टीम ने अच्छी साझेदारियों के दम पर बड़ा स्कोर खड़ा किया। अब भारत के सामने इस स्कोर को पार करने और अपने बल्लेबाजों को टेस्ट सीरीज से पहले पर्याप्त अभ्यास देने की चुनौती है। Test Series से पहले अहम अभ्यास यह अभ्यास मैच भारत के लिए आगामी India vs Sri Lanka Test Series की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। तीन दिवसीय मैच को पहले चार दिन का रखा गया था, लेकिन बाद में इसे तीन दिन का कर दिया गया। मुकाबला अब 7 से 9 अगस्त तक खेला जा रहा है। भारत और Sri Lanka के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से Galle में शुरू होना है, जबकि दूसरा टेस्ट Colombo में खेला जाएगा। Shubman Gill Day 1 से बाहर रहे भारत के कप्तान Shubman Gill ने अभ्यास मैच के पहले दिन हिस्सा नहीं लिया। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें उंगली में मामूली परेशानी के कारण एहतियातन आराम दिया गया। टीम मैनेजमेंट टेस्ट सीरीज से पहले प्रमुख खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। निष्कर्ष India vs Sri Lanka XI अभ्यास मैच के Day 2 में बारिश के कारण खेल बाधित हुआ, लेकिन मौसम साफ होने के बाद मुकाबला दोबारा शुरू हो गया। भारत के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर Devdutt Padikkal का शानदार शतक और Ravindra Jadeja की उपयोगी पारी रही। वहीं Sri Lanka XI के 363/8 के जवाब में भारत अभी भी पीछे चल रहा है। अब नजरें इस बात पर हैं कि भारत Sri Lanka XI की बढ़त को कितना कम कर पाता है और मौसम बाकी दिन के खेल को कितना प्रभावित करता है। Source: Indian Express, Outlook India, Reuters, Cricbuzz जय राष्ट्र न्यूज़

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खेल | Commonwealth Games 2026: भारत ने 39 पदकों के साथ अभियान चौथे स्थान पर समाप्त किया

ग्लासगो: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता 2 अगस्त को समाप्त हुई। भारत के लिए इस बार खास बात यह रही कि कई पारंपरिक पदक वाले खेल इस संस्करण में शामिल ही नहीं थे। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो और एथलेटिक्स सहित उपलब्ध खेलों में मजबूत प्रदर्शन किया। भारत की झोली में आए 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज भारत ने प्रतियोगिता के अंत तक 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज, यानी कुल 39 पदक अपने नाम किए। 39 पदकों के साथ भारत चौथे स्थान पर रहा। भारत से ऊपर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अन्य शीर्ष दल रहे। भारतीय दल के लिए खास तौर पर बॉक्सिंग में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा, जहां कई भारतीय मुक्केबाज फाइनल तक पहुंचे और टीम की पदक संख्या में बड़ा योगदान दिया। बॉक्सिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन भारत के लिए बॉक्सिंग इस कॉमनवेल्थ गेम्स का सबसे सफल खेलों में से एक रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने कई भार वर्गों में पदक हासिल किए और कई खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक तक पहुंच बनाई। बॉक्सिंग से मिले गोल्ड ने प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारत को पदक तालिका में ऊपर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय खिलाड़ियों की इस सफलता को देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वेटलिफ्टिंग में भी भारत का दम वेटलिफ्टिंग भारत के पारंपरिक रूप से मजबूत खेलों में शामिल रहा है और ग्लासगो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। मीराबाई चानू सहित भारतीय वेटलिफ्टरों ने पदक जीतकर टीम के कुल स्कोर को मजबूत किया। वेटलिफ्टिंग में मिले पदकों ने भारत को चौथे स्थान की दौड़ में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जूडो में भारत ने रचा इतिहास जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने यादगार प्रदर्शन किया। भारत ने इस खेल में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं और स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पदक संख्या में इजाफा किया। जूडो में मिली सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि यह उन खेलों में शामिल था जिनमें भारत से इस बार अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। इस बार कई बड़े खेल CWG कार्यक्रम से बाहर रहे 2026 का कॉमनवेल्थ गेम्स पिछले संस्करणों की तुलना में काफी अलग रहा। ग्लासगो में आयोजित इस संस्करण में केवल 10 खेलों को शामिल किया गया था। भारत के लिए चिंता की बात यह रही कि हॉकी, बैडमिंटन, क्रिकेट, कुश्ती, शूटिंग, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे कई ऐसे खेल प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थे, जिनमें भारत आमतौर पर बड़ी संख्या में पदक जीतता है। भारत सरकार के दस्तावेज में भी 2026 के सीमित 10-स्पोर्ट कार्यक्रम और इन खेलों के बाहर रहने का उल्लेख है। इस वजह से 2026 की 39 पदकों की संख्या की तुलना सीधे 2022 के 61 पदकों से करना पूरी तरह समान परिस्थितियों में तुलना नहीं होगी। 2022 में भारत ने जीते थे 61 पदक बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने कुल 61 पदक जीते थे, जिसमें 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज शामिल थे। 2026 में कुल पदकों की संख्या कम रही, लेकिन इस बार प्रतियोगिता का खेल कार्यक्रम काफी छोटा था। इसके बावजूद भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान बरकरार रखा। भारतीय खिलाड़ियों ने कई क्षेत्रों में दिखाया दम ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों ने उपलब्ध खेलों में लगातार पदक हासिल किए। बॉक्सिंग और वेटलिफ्टिंग के अलावा जूडो तथा अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय दल ने अच्छा प्रदर्शन किया। खास तौर पर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भारतीय खेलों के भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ाई हैं। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों ने भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाई। भारत के लिए चौथा स्थान क्यों महत्वपूर्ण है? सीमित खेल कार्यक्रम को देखते हुए चौथे स्थान पर रहना भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जिन खेलों में भारत की मजबूत पदक संभावनाएं रहती हैं, उनमें से कई इस बार प्रतियोगिता में शामिल नहीं थे। इसके बावजूद भारत ने 39 पदक हासिल किए और पदक तालिका में शीर्ष पांच में जगह बनाए रखी। इससे भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्ध खेलों में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता सामने आई है। निष्कर्ष Commonwealth Games 2026 में भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 पदक जीतकर चौथे स्थान पर अपना अभियान समाप्त किया। बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग और जूडो में भारतीय खिलाड़ियों ने विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि इस बार हॉकी, कुश्ती, बैडमिंटन, शूटिंग, क्रिकेट जैसे कई महत्वपूर्ण खेल प्रतियोगिता में शामिल नहीं थे, फिर भी भारत ने उपलब्ध खेलों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान बरकरार रखा। Source: Olympics.com, Indian Express, NDTV Sports, Commonwealth Games 2026 reports जय राष्ट्र न्यूज़

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नई दिल्ली में BWF World Championships 2026 की तैयारियाँ अंतिम चरण में, आयोजकों ने विश्वस्तरीय सुविधाओं का भरोसा दिया

नई दिल्ली: अगस्त में आयोजित होने वाली BWF World Championships 2026 की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। टूर्नामेंट 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित होगा। आयोजन से पहले बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI), स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने संयुक्त रूप से तैयारियों की समीक्षा की है। आयोजकों ने भरोसा दिलाया है कि इस बार खिलाड़ियों और दर्शकों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इंडिया ओपन की कमियों को किया गया दूर इस वर्ष जनवरी में आयोजित इंडिया ओपन के दौरान खिलाड़ियों ने स्टेडियम की स्वच्छता, एयर क्वालिटी, पक्षियों की आवाजाही और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें की थीं। इन अनुभवों को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल में व्यापक सुधार किए गए हैं। स्टेडियम की छत को पूरी तरह वॉटरप्रूफ बनाया गया है, एयर कंडीशनिंग और लाइटिंग सिस्टम को अपग्रेड किया गया है तथा पक्षियों और अन्य जानवरों के प्रवेश को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। भारतीय खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें इस विश्व चैंपियनशिप में भारत की ओर से पी.वी. सिंधु, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी–चिराग शेट्टी, आयुष शेट्टी सहित कई खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे। हाल ही में घोषित ड्रॉ के अनुसार आयुष शेट्टी का पहले ही दौर में विश्व नंबर-1 शी यूकी से मुकाबला होगा, जबकि पी.वी. सिंधु एक बार फिर विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने की कोशिश करेंगी। भारत के लिए ऐतिहासिक अवसर लगभग 17 वर्षों बाद भारत को बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप की मेज़बानी का अवसर मिला है। BAI का कहना है कि यह आयोजन भारतीय बैडमिंटन के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है और इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर अनुभव देने के साथ भारत की आयोजन क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना है। दर्शकों के लिए बेहतर अनुभव आयोजकों ने टिकटिंग, सुरक्षा, प्रवेश व्यवस्था, दर्शक सुविधाओं और डिजिटल सेवाओं में भी सुधार किए हैं। स्टेडियम परिसर में अतिरिक्त स्वयंसेवकों की तैनाती, बेहतर मार्गदर्शन प्रणाली और आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों को सहज अनुभव मिल सके। निष्कर्ष नई दिल्ली में आयोजित होने वाली BWF World Championships 2026 के लिए तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं। आयोजन समिति का दावा है कि पिछली कमियों को दूर कर इस बार खिलाड़ियों और दर्शकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव दिया जाएगा। भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों की निगाहें अब विश्व चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी हैं। Source: Badminton World Federation (BWF) | Badminton Association of India (BAI) जय राष्ट्र न्यूज़

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बाद भारत ने 2030 मेज़बानी की तैयारियाँ तेज़ कीं, अहमदाबाद बनेगा वैश्विक खेलों का केंद्र

अहमदाबाद: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सफल समापन के बाद अब दुनिया की नज़र अहमदाबाद 2030 पर है। भारत ने आधिकारिक रूप से 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी की तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। ग्लासगो में आयोजित समापन समारोह के दौरान भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज औपचारिक रूप से ग्रहण किया और इसके साथ ही अगले संस्करण की तैयारियों की उलटी गिनती शुरू हो गई। 2030 गेम्स भारत के लिए ऐतिहासिक अवसर 2030 का आयोजन कॉमनवेल्थ गेम्स का शताब्दी (Centenary) संस्करण होगा। भारत इससे पहले वर्ष 2010 में नई दिल्ली में इन खेलों की मेज़बानी कर चुका है। इस बार अहमदाबाद को आधुनिक खेल अवसंरचना, स्मार्ट सुविधाओं और वैश्विक आयोजन क्षमता के प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन भारत की 2036 ओलंपिक मेज़बानी की महत्वाकांक्षा को भी मजबूती देगा। खेल अवसंरचना पर तेज़ी से काम केंद्र और गुजरात सरकार पहले से ही स्टेडियम, एथलीट विलेज, परिवहन नेटवर्क और खेल प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास पर काम कर रही हैं। हाल के महीनों में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकों में परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया है। सरकार का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्थायी (Sustainable) और आधुनिक खेल अवसंरचना तैयार करना है। कम लागत, अधिक प्रभाव का मॉडल कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अहमदाबाद 2030 लगभग 15–17 खेलों के साथ आयोजित होगा और इसे पहले के संस्करणों की तुलना में काफी कम लागत वाले मॉडल पर आयोजित करने की योजना है। मौजूदा खेल परिसरों के अधिकतम उपयोग और सीमित नए निर्माण पर जोर दिया जाएगा, ताकि आयोजन आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सके। भारत की खेल महत्वाकांक्षा को मिलेगा बल भारत इस आयोजन के माध्यम से न केवल शानदार मेज़बानी बल्कि पदक तालिका में भी बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य लेकर चल रहा है। एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, शूटिंग, हॉकी, कुश्ती और जूडो जैसे खेलों में दीर्घकालिक तैयारी की योजना बनाई जा रही है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन देश में खेल संस्कृति और खेल पर्यटन दोनों को नई ऊँचाई देगा। निष्कर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन के साथ ही भारत ने अहमदाबाद 2030 की तैयारियों को नई गति दे दी है। आधुनिक खेल अवसंरचना, टिकाऊ आयोजन मॉडल और वैश्विक खेल शक्ति बनने की महत्वाकांक्षा के साथ भारत इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Source: Commonwealth Sport | Indian Olympic Association (IOA) | Ministry of Youth Affairs & Sports जय राष्ट्र न्यूज़

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