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Ravi Shastri की सलाह: 2027 ODI World Cup तक Jasprit Bumrah को संभलकर इस्तेमाल करे Team India

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच Ravi Shastri ने टीम मैनेजमेंट को सलाह दी है कि Jasprit Bumrah को 2027 ODI World Cup तक सीमित ओवरों के क्रिकेट में चुनिंदा मुकाबलों में ही उतारा जाए। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, Shastri का मानना है कि Bumrah की चोटों के इतिहास को देखते हुए उनके वर्कलोड का सावधानीपूर्वक प्रबंधन करना जरूरी है, ताकि उन्हें अहम मुकाबलों के लिए फिट रखा जा सके। “तीनों Formats में लगातार न खिलाएं” Ravi Shastri के मुताबिक, Bumrah को विश्व कप तक तीनों फॉर्मेट में लगातार खिलाना सही रणनीति नहीं होगी। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में Bumrah की अहमियत पर जोर देते हुए सुझाव दिया कि उन्हें वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में जरूरत के अनुसार सीमित अवसर दिए जाएं। Injury History बनी चिंता की वजह 32 वर्षीय Jasprit Bumrah का करियर पीठ की चोटों से प्रभावित रहा है। वर्ष 2023 में उनकी पीठ की सर्जरी हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 में बाएं घुटने की चोट के कारण वह श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से भी बाहर रहे थे। इसके बाद उन्होंने एशियन गेम्स में टी20 क्रिकेट के जरिए वापसी की। New Zealand Tour पर भी Workload Management न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए Bumrah को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। हालांकि, इससे पहले होने वाली पांच वनडे और पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं मिली है। इस चयन को उनके वर्कलोड को नियंत्रित रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि चयन के पीछे के सभी कारणों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। Tests को Priority देने की सलाह Shastri का मानना है कि Bumrah को टेस्ट क्रिकेट के महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए तरोताजा और फिट रखना चाहिए। न्यूजीलैंड दौरे के बाद भारत को श्रीलंका और जिम्बाब्वे के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज खेलनी है। इसके अलावा, आगे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज भी निर्धारित है। ऐसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में Bumrah के कार्यभार का संतुलन टीम मैनेजमेंट के लिए अहम चुनौती रहेगा। 2027 ODI World Cup पर नजर 2027 वनडे विश्व कप का आयोजन 2 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होना निर्धारित है। टूर्नामेंट से पहले Bumrah की फिटनेस और उपलब्धता भारतीय टीम की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। Shastri की सलाह का मुख्य संदेश यही है कि Bumrah को हर सीरीज में लगातार खिलाने के बजाय उनकी फिटनेस, रिकवरी और लंबे समय की उपयोगिता को ध्यान में रखकर मैदान पर उतारा जाए। Source: Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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Shubman Gill और Shafali Verma बने September 2026 के ICC Players of the Month, भारत ने किया awards double

दुबई, 13 अक्टूबर 2026: भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। Shubman Gill को September 2026 का ICC Men’s Player of the Month, जबकि Shafali Verma को ICC Women’s Player of the Month चुना गया है। भारत ने तीसरी बार एक ही महीने में पुरुष और महिला दोनों ICC monthly awards अपने नाम किए हैं। Shubman Gill ने रिकॉर्ड पांचवीं बार जीता award Gill ने यह सम्मान रिकॉर्ड पांचवीं बार जीता है। उन्होंने भारत के Abhishek Sharma और Zimbabwe के Sikandar Raza को पीछे छोड़ा। September में West Indies के खिलाफ दो ODIs में Gill ने कुल 333 रन बनाए, जिसमें 110 रन की पारी और नाबाद 223 रन शामिल रहे। 223 रन की पारी ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड Guwahati में West Indies के 405 रन के जवाब में Gill ने सिर्फ 133 गेंदों पर नाबाद 223 रन बनाए। उन्होंने 117 गेंदों में double century पूरी की, जिसे ICC ने ODI इतिहास की सबसे तेज double century बताया। भारत ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया था। Shafali Verma ने Asia Cup और Asian Games में दिखाया दम Shafali Verma ने September में शानदार all-round प्रदर्शन किया। उन्होंने सात T20Is में 360 रन बनाए, उनका strike rate 184.61 रहा और उन्होंने छह विकेट भी लिए। Women’s Asia Cup में वह tournament की leading run-scorer रहीं, जबकि Asian Games में भी भारत की gold-medal जीत में अहम भूमिका निभाई। Shafali को दूसरी बार मिला ICC monthly honour यह Shafali Verma का दूसरा ICC Player of the Month award है। इससे पहले उन्होंने November 2025 में यह सम्मान जीता था। Asian Games semifinal में Bangladesh के खिलाफ उन्होंने नाबाद 100 रन की पारी भी खेली। भारत ने तीसरी बार किया clean sweep यह पांचवीं बार है जब एक ही cricket board के खिलाड़ियों ने पुरुष और महिला दोनों monthly awards जीते हैं। भारत ने इससे पहले June 2024 और September 2025 में भी दोनों awards अपने नाम किए थे। source – ICC जय राष्ट्र न्यूज़

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टी20 क्रिकेट में भारत ने रचा इतिहास, 200 जीत दर्ज करने वाली पहली टीम बनी

नई दिल्ली: भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने टी20 इंटरनेशनल में नया इतिहास रच दिया है। जापान को दो रन से हराकर भारत ने अपनी 200वीं T20I जीत दर्ज की और इस मुकाम तक पहुंचने वाली दुनिया की पहली पुरुष टीम बन गई। बारिश के कारण पांच-पांच ओवर के मुकाबले में भारत ने बेहद कम स्कोर का सफल बचाव करते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। जापान के खिलाफ मिली ऐतिहासिक 200वीं जीत भारत और जापान के बीच 22 सितंबर 2026 को जापान के Sano International Cricket Ground में एकमात्र टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेला गया। यह दोनों देशों की पुरुष टीमों के बीच पहला T20I मैच भी था। BCCI और Japan Cricket Association ने इस मुकाबले का आयोजन भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रम के तहत किया था। बारिश और गीली आउटफील्ड के कारण मैच को घटाकर पांच-पांच ओवर का कर दिया गया। सिर्फ 32 रन बना सकी टीम इंडिया टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम जापानी स्पिन गेंदबाजों के सामने खुलकर रन नहीं बना सकी। भारत ने पांच ओवर में चार विकेट पर 32 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 16 रन की पारी खेली और टीम के सर्वोच्च स्कोरर रहे। जापान के गेंदबाजों ने परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा। आखिरी ओवर तक चला रोमांच 33 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जापान ने भारत को कड़ी टक्कर दी। चार ओवर के बाद मेजबान टीम को जीत के लिए आखिरी छह गेंदों पर केवल आठ रन चाहिए थे। भारत की ओर से अंतिम ओवर अक्षर पटेल ने डाला। उन्होंने दबाव में रन बचाते हुए जापान को लक्ष्य तक नहीं पहुंचने दिया। जापान की टीम पांच ओवर में 30 रन पर तीन विकेट ही बना सकी और भारत ने मुकाबला दो रन से जीत लिया। वॉशिंगटन सुंदर ने दो विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई। 200 T20I जीत दर्ज करने वाली पहली टीम जापान के खिलाफ जीत के साथ भारत पुरुष T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 200 मुकाबले जीतने वाली पहली टीम बन गया। इस रिकॉर्ड में Super Over के जरिए हासिल की गई जीत भी शामिल हैं। भारत की T20I यात्रा की शुरुआत 2006 में हुई थी। टीम इंडिया ने अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला और उसी मैच में छह विकेट से जीत हासिल की थी। 50वीं से 200वीं जीत तक ऐसा रहा सफर भारत ने अपनी 50वीं T20I जीत 2017 में श्रीलंका के खिलाफ दर्ज की थी। इसके बाद 2022 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम ने 100वीं जीत हासिल की। 2024 में ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारत 150 T20I जीत तक पहुंचा और अब जापान के खिलाफ मुकाबले ने टीम इंडिया को ऐतिहासिक 200वीं जीत दिला दी। एशियन गेम्स से पहले बढ़ा आत्मविश्वास जापान के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए Asian Games 2026 से पहले अहम अभ्यास मैच भी था। भारत पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता में सीधे क्वार्टर फाइनल चरण से अपना अभियान शुरू करेगा। हालांकि जापान के खिलाफ बल्लेबाजी में भारतीय टीम को संघर्ष करना पड़ा, लेकिन बेहद कम स्कोर का बचाव कर जीत हासिल करना गेंदबाजों के लिए सकारात्मक संकेत रहा। टी20 क्रिकेट में भारत का दबदबा भारत हाल के वर्षों में T20I क्रिकेट की सबसे सफल टीमों में शामिल रहा है। जापान के खिलाफ 200वीं जीत ने इस रिकॉर्ड को और मजबूत किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक कोई दूसरी पुरुष टीम 200 जीत के आंकड़े तक नहीं पहुंची है। भारत ने इस ऐतिहासिक मुकाम को जापान के खिलाफ बेहद रोमांचक दो रन की जीत के साथ हासिल किया। source – Business Standard / Times of India / ICC / BCCI जय राष्ट्र न्यूज़

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Women’s Asia Cup जीत के बाद India ने Mohsin Naqvi से Trophy लेने से किया इनकार; विवाद गहराया

दुबई, 14 सितंबर 2026: Indian Women’s Cricket Team ने Sri Lanka को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार Women’s Asia Cup जीत लिया, लेकिन जीत के बाद trophy presentation को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। Team India ने Asian Cricket Council (ACC) President और Pakistan के Interior Minister Mohsin Naqvi के हाथों trophy लेने से इनकार कर दिया। BCCI ने पहले ही ACC को बताया था अपना Stand Reports के मुताबिक BCCI ने final से पहले ही ACC को जानकारी दे दी थी कि अगर Mohsin Naqvi trophy presentation करेंगे, तो Indian team उनके हाथों trophy स्वीकार नहीं करेगी। BCCI Secretary Devajit Saikia ने आज कहा कि यह मौजूदा परिस्थितियों और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया “सोचा-समझा institutional decision” था। Trophy के बिना खत्म हुआ Presentation India के इनकार के बाद presentation ceremony असामान्य तरीके से खत्म हुई और भारतीय खिलाड़ियों को मंच पर Asia Cup trophy नहीं सौंपी गई। Indian team ने मैदान पर ही अपनी जीत का जश्न मनाया। घटना के बाद trophy presentation का video social media पर तेजी से viral हो गया। Coach Amol Muzumdar ने किया BCCI के फैसले का समर्थन Indian Women’s Team के head coach Amol Muzumdar ने कहा कि team BCCI के stand के साथ है और खिलाड़ियों के लिए tournament जीतना सबसे महत्वपूर्ण था। उन्होंने साफ किया कि trophy नहीं लेने का फैसला board की position के अनुरूप था। India ने Sri Lanka को 72 Runs से हराया Final में India ने पहले batting करते हुए 183/5 बनाए। Shafali Verma ने 68 और Smriti Mandhana ने 59 runs की महत्वपूर्ण पारी खेली। जवाब में Sri Lanka की पूरी team 111 runs पर आउट हो गई। Shree Charani ने 4 wickets लेकर India की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई। 2025 Men’s Asia Cup जैसा विवाद दोहराया यह पहली बार नहीं है जब Indian cricket team ने Mohsin Naqvi से trophy लेने से इनकार किया है। 2025 Men’s Asia Cup के दौरान भी ऐसी ही स्थिति बनी थी। इस बार Women’s Asia Cup में घटना दोहराए जाने के बाद India-Pakistan cricket relations और ACC की भूमिका को लेकर debate फिर तेज हो गई है। source – AP / PTI / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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Women’s Asia Cup में Sri Lanka ने Pakistan को हराया, India के खिलाफ होगा Final

दुबई, 12 सितंबर 2026: Women’s Asia Cup 2026 के दूसरे semi-final में Sri Lanka ने Pakistan को 4 विकेट से हराकर final में जगह बना ली है। 11 सितंबर की रात Dubai International Stadium में खेले गए मुकाबले में Sri Lanka ने 131 रन का लक्ष्य 18.4 overs में 6 wickets खोकर हासिल किया। अब defending champion Sri Lanka का सामना 13 सितंबर को India से होगा। Pakistan ने बनाए 130 Runs पहले बल्लेबाजी करते हुए Pakistan ने 20 overs में 5 wickets पर 130 runs बनाए। Captain Fatima Sana ने 36 balls पर नाबाद 47 runs की महत्वपूर्ण पारी खेली। Sri Lanka की ओर से Chamari Athapaththu और Chamudi Praboda ने दो-दो wickets लिए। 33/4 पर फंसी Sri Lanka ने की वापसी 131 runs के target का पीछा करते हुए Sri Lanka की शुरुआत खराब रही और टीम एक समय 33 runs पर 4 wickets गंवा चुकी थी। इसके बाद Harshitha Samarawickrama और Kavisha Dilhari ने पांचवें wicket के लिए 67 runs की partnership कर Sri Lanka को मुकाबले में वापस ला दिया। Harshitha ने 36 और Dilhari ने 33 runs बनाए। Fatima Sana के 4 Wickets भी नहीं बचा सके Pakistan Fatima Sana ने batting के बाद bowling में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 wickets लिए। उन्होंने 17वें over में Harshitha और Dilhari दोनों को आउट कर मुकाबले को फिर रोमांचक बना दिया। लेकिन Nilakshika Silva ने नाबाद 18 और Kaushani Nuthyangana ने नाबाद 10 runs बनाकर Sri Lanka को 8 balls बाकी रहते जीत दिला दी। 13 September को India-Sri Lanka Final Sri Lanka लगातार तीसरी बार Women’s Asia Cup final में पहुंचा है। दूसरी ओर India ने Bangladesh को 40 runs से हराकर final में जगह बनाई थी और tournament में अब तक unbeaten है। 2024 के Women’s Asia Cup final में भी India और Sri Lanka आमने-सामने थे, जहां Sri Lanka ने India को हराकर अपना पहला Asia Cup title जीता था। इस बार Team India के पास पिछली final defeat का बदला लेने का मौका होगा। source – ICC / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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India ने Sri Lanka को 290 पर समेटा, Colombo Test में कराया Follow-On; Sonal Dinusha का शतक बेकार

कोलंबो: भारत ने श्रीलंका के खिलाफ Colombo में खेले जा रहे दूसरे Test के चौथे दिन मुकाबले पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। Team India ने मेजबान Sri Lanka की पहली पारी को 290 runs पर समेट दिया और 213 runs की विशाल बढ़त हासिल करने के बाद कप्तान Shubman Gill ने follow-on enforce करने का फैसला किया। Sri Lanka के युवा all-rounder Sonal Dinusha ने 103 runs की शानदार century लगाई, लेकिन उनकी पारी टीम को follow-on से नहीं बचा सकी। India ने अपनी पहली पारी 503/9 पर declare की थी। Follow-on से बचने के लिए Sri Lanka को कम से कम 304 runs बनाने थे, लेकिन मेजबान टीम 290 पर all out हो गई और जरूरी स्कोर से 14 runs पीछे रह गई। सिर्फ 15 मिनट में India ने लिए आखिरी दो Wickets चौथे दिन Sri Lanka ने 265/8 से अपनी पारी आगे बढ़ाई थी। उस समय Sonal Dinusha 85 runs पर और Lahiru Kumara 8 runs पर नाबाद थे। लेकिन भारतीय टीम को बाकी दो wickets लेने में ज्यादा समय नहीं लगा। Reuters के मुताबिक चौथे दिन के शुरुआती करीब 15 मिनट में India ने Sri Lanka के आखिरी दोनों बल्लेबाजों को आउट कर दिया। Debutant spinner Saransh Jain ने दोनों wickets हासिल किए और Sri Lankan innings को 290 पर खत्म कर दिया। Sonal Dinusha ने जड़ा शानदार 103 Sri Lanka की तरफ से सबसे बड़ी पारी Sonal Dinusha ने खेली। 25 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 162 balls पर 103 runs बनाए। उनकी पारी में 8 fours और 3 sixes शामिल रहे। उन्होंने मुश्किल परिस्थिति में lower order के साथ मिलकर India के bowlers का लंबे समय तक सामना किया। चौथे दिन Dinusha ने आक्रामक शुरुआत की। उन्होंने Saransh Jain के over में six और four लगाकर तेजी से 90s में प्रवेश किया और अगले over में Prasidh Krishna की गेंद पर boundary लगाकर century पूरी की। लगातार दूसरी Test Century Dinusha के लिए यह series की लगातार दूसरी century है। Galle में खेले गए पहले Test में उन्होंने पहली पारी में 100 runs बनाए थे और दूसरी पारी में 84 runs की शानदार पारी खेली थी। अब Colombo में 103 runs बनाकर उन्होंने भारत के खिलाफ अपनी शानदार form जारी रखी। Reuters ने भी इसे Dinusha की series की दूसरी century बताया है। Saransh Jain को मिला Maiden Test Wicket भारत के debutant off-spinner Saransh Jain के लिए चौथे दिन की शुरुआत यादगार रही। उन्होंने Lahiru Kumara को आउट करके अपने Test career का पहला wicket हासिल किया। Kumara ने 58 balls में 12 runs बनाए और लंबे समय तक Dinusha का साथ दिया। इसके बाद Saransh ने Sonal Dinusha को भी pavilion भेजा। Dinusha का outside edge slip में KL Rahul ने पकड़ लिया और Sri Lanka की पूरी innings 290 runs पर समाप्त हो गई। Prasidh Krishna और Manav Suthar ने लिए 3-3 Wickets India के लिए पहली पारी में Prasidh Krishna और Manav Suthar सबसे सफल bowlers रहे। Prasidh Krishna ने 3/52, जबकि Manav Suthar ने 3/85 के figures दर्ज किए। Saransh Jain ने दो wickets हासिल किए। इन performances की बदौलत India ने Sri Lanka को अपने 503-run total के मुकाबले काफी पीछे रोक दिया। Pasindu Sooriyabandara ने भी बनाए 80 Runs Dinusha के अलावा Pasindu Sooriyabandara ने भी Sri Lankan innings को संभालने की कोशिश की। उन्होंने 80 runs की महत्वपूर्ण पारी खेली और middle order में resistance दिखाया। Sri Lanka एक समय 8/2 के दबाव में था, लेकिन Sooriyabandara और Dinusha की पारियों ने टीम को 290 तक पहुंचाया। इसके बावजूद मेजबान टीम follow-on बचाने के लिए जरूरी 304 runs तक नहीं पहुंच सकी। India को मिली 213 Runs की Lead India ने पहली पारी में 503/9 घोषित किए थे। Sri Lanka के 290 पर all out होने के बाद India को 213 runs की first-innings lead मिली। इतनी बड़ी बढ़त के बाद कप्तान Shubman Gill ने Sri Lanka को दोबारा बल्लेबाजी के लिए बुलाया। Sri Lanka की दूसरी innings 26 August की सुबह शुरू हो चुकी है। Follow-On का Rule क्या है? Test cricket में पांच दिन के मुकाबले में अगर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम अपने opponent से पहली innings में कम से कम 200 runs की lead हासिल करती है, तो वह दूसरी टीम को तुरंत दोबारा बल्लेबाजी के लिए बुला सकती है। India की lead 213 runs थी, इसलिए Shubman Gill के पास follow-on enforce करने का विकल्प था। उन्होंने वही विकल्प चुना और Sri Lanka को अपनी दूसरी innings तुरंत शुरू करनी पड़ी। Sri Lanka सिर्फ 14 Runs से चूका यहां एक दिलचस्प आंकड़ा भी है। Sri Lanka को follow-on बचाने के लिए 304 runs बनाने थे। अगर team 304 तक पहुंच जाती तो deficit 199 runs रह जाता और India follow-on enforce नहीं कर पाता। लेकिन Sri Lanka 290 पर all out हुआ। यानी host team सिर्फ 14 runs से follow-on बचाने से चूक गई। Padikkal और Jurel की Centuries ने बनाई थी India की मजबूत स्थिति India की मजबूत position की नींव उसकी पहली innings में रखी गई थी। Devdutt Padikkal ने 117 runs बनाए, जबकि wicketkeeper-batter Dhruv Jurel ने unbeaten 115 की पारी खेली। Rishabh Pant ने भी 63 runs की तेज पारी खेली और India ने 503/9 पर innings declare की। Padikkal की यह series में लगातार दूसरी century थी। India Series में पहले ही 1-0 से आगे भारत दो मैचों की Test series में पहले से 1-0 की बढ़त बनाए हुए है। Galle में खेले गए पहले Test को India ने 165 runs से जीता था। अब Colombo Test में Sri Lanka को follow-on देने के बाद India के पास series 2-0 से जीतने का मजबूत मौका है। Sri Lanka के सामने बड़ी चुनौती Follow-on के बाद Sri Lanka के सामने अब सबसे पहली चुनौती 213 runs की deficit खत्म करने की है। अगर भारतीय bowlers Sri Lanka को दूसरी पारी में 213 से कम पर all out कर देते हैं तो India को दोबारा batting करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वह innings victory दर्ज कर सकता है। अगर Sri Lanka 213 से…

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भारत–श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ से पहले कोलंबो में अभ्यास मैच शुरू, टीम इंडिया की तैयारियों पर सभी की नज़र

कोलंबो: भारत और श्रीलंका के बीच आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ से पहले भारतीय टीम ने शुक्रवार से कोलंबो के नॉनडिस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब (NCC) ग्राउंड पर श्रीलंका क्रिकेट इलेवन (SLC XI) के खिलाफ चार दिवसीय अभ्यास मैच खेलना शुरू कर दिया है। यह मुकाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने और अंतिम एकादश तय करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है. बारिश बनी सबसे बड़ी चुनौती अभ्यास मैच के पहले दिन मौसम ने खिलाड़ियों और आयोजकों की चिंता बढ़ा दी। कोलंबो में लगातार बारिश के कारण मैच प्रभावित होने की आशंका बनी रही। मौसम विभाग ने पूरे अभ्यास मैच के दौरान रुक-रुक कर वर्षा की संभावना जताई है, जिससे टीम इंडिया की तैयारियों पर असर पड़ सकता है. शुभमन गिल चोट के कारण पहले दिन बाहर भारतीय कप्तान शुभमन गिल अभ्यास सत्र के दौरान दाहिने हाथ की उंगली में चोट लगने के कारण पहले दिन मैदान पर नहीं उतरे। उनकी अनुपस्थिति में केएल राहुल ने टीम की कप्तानी संभाली। टीम प्रबंधन के अनुसार गिल की चोट गंभीर नहीं है और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. गेंदबाजों के लिए अहम अभ्यास टीम प्रबंधन का मानना है कि यह अभ्यास मैच विशेष रूप से तेज़ और स्पिन गेंदबाजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। श्रीलंका की पिचों पर गेंद की गति और स्पिन दोनों अलग तरह का व्यवहार करती हैं, इसलिए गेंदबाजों को मैच परिस्थितियों में अभ्यास का अवसर मिलेगा। बल्लेबाजों के लिए भी लंबी पारी खेलने और संयम के साथ बल्लेबाज़ी करने की परीक्षा होगी. 15 अगस्त से शुरू होगी टेस्ट सीरीज़ अभ्यास मैच के बाद भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के SSC ग्राउंड में होगा। भारतीय टीम इस सीरीज़ को जीतकर श्रीलंका में अपने मजबूत रिकॉर्ड को आगे बढ़ाना चाहेगी. निष्कर्ष कोलंबो में खेला जा रहा अभ्यास मैच भारतीय टीम के लिए केवल औपचारिक मुकाबला नहीं, बल्कि टेस्ट सीरीज़ से पहले अंतिम तैयारी का महत्वपूर्ण चरण है। बारिश, स्थानीय परिस्थितियाँ और खिलाड़ियों की फिटनेस पर सभी की नज़र बनी हुई है, क्योंकि इन्हीं तैयारियों के आधार पर भारत अपनी टेस्ट चुनौती की शुरुआत करेगा। Source: BCCI | Sri Lanka Cricket जय राष्ट्र न्यूज़

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का दमदार प्रदर्शन जारी, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग में पदकों की उम्मीद बरकरार

ग्लासगो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। भारतीय दल ने वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, पैरा स्पोर्ट्स और बॉक्सिंग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की है। कई भारतीय खिलाड़ी आज भी विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतने की दौड़ में हैं, जिससे देश को और सफलता मिलने की उम्मीद है। भारत के लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में मीराबाई चानू का लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक शामिल है। इसके अलावा एथलेटिक्स और पैरा स्पोर्ट्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने कई पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। वेटलिफ्टिंग भारत के लिए इस बार भी सबसे सफल खेलों में शामिल रहा है। बॉक्सिंग में कई पदक लगभग तय भारतीय मुक्केबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई वर्गों में सेमीफाइनल में जगह बनाई है। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में पहुंचने वाले मुक्केबाज़ कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लेते हैं। ऐसे में भारत के लिए बॉक्सिंग से कई पदकों की उम्मीद बनी हुई है। एथलेटिक्स में भी मजबूत चुनौती भारतीय एथलीट ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। लंबी दूरी की दौड़, हाई जंप और पैरा एथलेटिक्स में भारत पहले ही पदक जीत चुका है, जबकि कई खिलाड़ी आज फाइनल मुकाबलों में उतरेंगे। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि एथलेटिक्स से भी भारत के खाते में नए पदक जुड़ेंगे। पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत अब तक भारत के खाते में कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक आ चुके हैं। भारतीय दल लगातार शीर्ष देशों के बीच अपनी स्थिति बेहतर करने का प्रयास कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों के बीच भारत का प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। आगे भी रहेंगी पदक की उम्मीदें आने वाले मुकाबलों में भारत के खिलाड़ी— में चुनौती पेश करेंगे। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि खेलों के अंतिम चरण में भारत की पदक संख्या और बढ़ेगी। निष्कर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर साबित किया है कि देश का खेल स्तर लगातार ऊंचा हो रहा है। वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स और बॉक्सिंग में शानदार प्रदर्शन ने भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत किया है। खेलों के शेष मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ियों से उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। Source: Indian Olympic Association (IOA) | Commonwealth Sport | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, लगातार तीसरी बार जीता स्वर्ण; आज भारत के कई और पदक मुकाबले

ग्लासगो: भारत की स्टार वेटलिफ्टर और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रचते हुए लगातार तीसरा स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। उन्होंने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 190 किलोग्राम (85 किग्रा स्नैच + 105 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाया और नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड भी बनाया। यह उपलब्धि उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीन स्वर्ण जीतने वाली भारत की चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल करती है। मीराबाई की जीत भारत के लिए ग्लासगो खेलों का पहला स्वर्ण पदक भी बनी। पदक समारोह के दौरान राष्ट्रगान बजने पर भावुक हुईं मीराबाई ने कहा कि यह सफलता वर्षों की मेहनत, चोटों से संघर्ष और परिवार व कोच के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता से पहले वजन वर्ग में बने रहने के लिए उन्हें कड़ी तैयारी और कई त्याग करने पड़े। भारत की पदक तालिका को मिली मजबूती मीराबाई चानू के स्वर्ण के साथ भारतीय वेटलिफ्टरों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। राजा मुथुपांडी और ऋषिकांत सिंह ने भी रजत पदक जीतकर भारत की पदक संख्या बढ़ाई। इन सफलताओं के बाद भारत ने पदक तालिका में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की और वेटलिफ्टिंग एक बार फिर भारत के सबसे सफल खेलों में शामिल रहा। आज कई और पदकों पर भारत की नजर कॉमनवेल्थ गेम्स के आज के मुकाबलों में भारत के खिलाड़ी कई महत्वपूर्ण स्पर्धाओं में उतरेंगे। इनमें प्रमुख हैं— भारतीय ओलंपिक संघ और खेल विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आज भी भारत पदक तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा। देशभर में जश्न का माहौल मीराबाई चानू की ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में खुशी की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्रियों, खिलाड़ियों और खेल संगठनों ने उन्हें बधाई दी। सोशल मीडिया पर भी #MirabaiChanu और #CWG2026 ट्रेंड कर रहे हैं। मीराबाई का प्रेरणादायक सफर मणिपुर के एक साधारण परिवार से आने वाली मीराबाई चानू ने कठिन परिस्थितियों में प्रशिक्षण लेकर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई। ओलंपिक रजत पदक, विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण और अब लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ स्वर्ण के साथ उन्होंने भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया है। निष्कर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू की ऐतिहासिक जीत ने भारत की पदक उम्मीदों को नई ऊर्जा दी है। अब देश की नजर आज होने वाले अन्य पदक मुकाबलों पर है, जहां भारतीय खिलाड़ी एक बार फिर शानदार प्रदर्शन कर तिरंगा ऊंचा लहराने की कोशिश करेंगे. Source: Commonwealth Sport | Olympics.com | All India Radio Sports जय राष्ट्र न्यूज़

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आज मीराबाई चानू के साथ भारत का वेटलिफ्टिंग अभियान शुरू, कई पदक मुकाबलों पर नजर

ग्लासगो/नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के चौथे दिन भारत के लिए सबसे बड़ा आकर्षण ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू हैं, जिनके साथ भारतीय वेटलिफ्टिंग अभियान आज आधिकारिक रूप से शुरू हो रहा है। भारतीय दल के लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, जिम्नास्टिक्स, तैराकी और लॉन बॉल्स सहित कई स्पर्धाओं में पदक की उम्मीदें हैं। मीराबाई चानू अपने तीसरे लगातार कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक की दावेदार मानी जा रही हैं। उनके प्रदर्शन पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। भारतीय कोचिंग स्टाफ और खेल विशेषज्ञों को उम्मीद है कि अनुभवी खिलाड़ियों के दम पर भारत आज पदक तालिका में मजबूत बढ़त हासिल कर सकता है। आज किन खेलों में उतरेगा भारत? आज भारतीय खिलाड़ी इन प्रमुख स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगे— इनमें से कई मुकाबले सीधे पदक या अगले नॉकआउट चरण में प्रवेश के लिए निर्णायक होंगे। मीराबाई चानू पर सबसे बड़ी उम्मीद मीराबाई चानू भारतीय वेटलिफ्टिंग की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया था और इस बार भी उनसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। यदि वह स्वर्ण जीतती हैं, तो यह उनके कॉमनवेल्थ करियर की एक और ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। भारत की पदक संभावनाएं मजबूत वेटलिफ्टिंग के अलावा भारतीय मुक्केबाज, जिम्नास्ट और लॉन बॉल्स खिलाड़ी भी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। भारतीय दल का लक्ष्य आज अधिक से अधिक पदक जीतकर पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलित मिश्रण भारत के लिए सकारात्मक परिणाम ला सकता है। देशभर में उत्साह कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर खेल प्रेमियों में उत्साह चरम पर है। सोशल मीडिया पर मीराबाई चानू और अन्य भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी जा रही हैं। भारतीय ओलंपिक संघ ने भी खिलाड़ियों से आत्मविश्वास के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। निष्कर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आज का दिन भारत के लिए बेहद अहम है। मीराबाई चानू के नेतृत्व में शुरू हो रहा वेटलिफ्टिंग अभियान और अन्य पदक मुकाबले भारत की पदक संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पूरे देश की निगाहें आज भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी हैं। Source: Commonwealth Sport | Indian Olympic Association | Olympics.com जय राष्ट्र न्यूज़

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