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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा सर्च ऑपरेशन, पूरे इलाके में हाई अलर्ट

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में व्यापक सर्च एंड कॉर्डन ऑपरेशन (CASO) शुरू कर दिया है। हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने आतंकियों की तलाश के लिए कई इलाकों में घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार हमलावर ने मजदूरों से बातचीत के दौरान उनकी पहचान और व्यक्तिगत जानकारी पूछी, जिसके बाद उन पर गोलीबारी की गई। सुरक्षा एजेंसियाँ इस घटना को लक्षित आतंकी हमला (Targeted Terror Attack) मानकर जांच कर रही हैं और हमले में शामिल आतंकियों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। पूरे दक्षिण कश्मीर में बढ़ाई गई सुरक्षा घटना के बाद कुलगाम, अनंतनाग और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रवेश और निकास मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है। प्रवासी मजदूरों में भय का माहौल हमले के बाद दक्षिण कश्मीर के ईंट-भट्ठों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों में डर का माहौल है। कई मजदूरों ने काम बंद कर दिया है और अपने गृह राज्यों लौटने पर विचार कर रहे हैं। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। सरकार ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियाँ तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। निष्कर्ष कुलगाम आतंकी हमले के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और सुरक्षा बल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि हमले में शामिल आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी है. Source: Jammu & Kashmir Police | Ministry of Home Affairs | Indian Army जय राष्ट्र न्यूज़

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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की मौत, सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन तेज

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में एक ईंट-भट्ठे पर हुए आतंकवादी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। आतंकियों ने शुक्रवार देर शाम गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी की थी, जिसमें एक मजदूर की मौके पर मौत हो गई थी जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। यह घटना पिछले लगभग 21 महीनों में प्रवासी मजदूरों पर हुआ पहला बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा भी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹10 लाख की अनुग्रह राशि (Ex-Gratia) देने की घोषणा की। उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला मानवता के खिलाफ अपराध है और दोषियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर चिंता यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कश्मीर में सेब सीजन के कारण बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से मजदूर काम करने आते हैं। घटना के बाद प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। जांच जारी सुरक्षा एजेंसियां हमले में शामिल आतंकियों और उनके नेटवर्क की पहचान करने में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच में इसे एक टार्गेटेड आतंकी हमला माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या ने एक बार फिर घाटी में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जबकि सुरक्षा बल हमलावरों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। Source: Jammu & Kashmir Police | Office of the Chief Minister, Jammu & Kashmir जय राष्ट्र न्यूज़

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अनंतनाग आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा, घाटी में हाई अलर्ट

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों द्वारा एक पुलिसकर्मी की हत्या के बाद पूरे कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी गई है। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी, जो अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे, शहीद हो गए। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई शुरू कर दी है। हमले के तुरंत बाद पुलिस, सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने अनंतनाग और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। अमरनाथ यात्रा मार्ग और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ी संख्या में संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। अधिकारियों के अनुसार आतंकवादी नेटवर्क और उनके सहयोगियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही वांछित आतंकियों से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई है। अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर विशेष फोकस चूंकि हमला अमरनाथ यात्रा के दौरान हुआ, इसलिए यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है। अतिरिक्त चेकिंग, ड्रोन निगरानी और सुरक्षा गश्त बढ़ाई गई है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सरकार का रुख केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और हमले के जिम्मेदार लोगों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों को पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। निष्कर्ष अनंतनाग में पुलिस अधिकारी की शहादत के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है। व्यापक तलाशी अभियान, अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के जरिए सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रही हैं। Source: Jammu & Kashmir Police | PTI | Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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