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प्रेस क्लब में ‘मोदी चालीसा’ का अनावरण; VIDEO वायरल होते ही मचा बवाल, आयोजकों से अलग हुआ प्रेस क्लब

नई दिल्ली: दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा में आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी के कटआउट के सामने आरती और ‘मोदी चालीसा’ का पाठ करते लोग दिखाई दे रहे हैं। कार्यक्रम में ‘जय जय मोदी’ और ‘हर हर मोदी’ जैसे नारे भी लगाए गए। वीडियो में क्या दिखा? सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में नरेंद्र मोदी की तस्वीर/कटआउट को भगवान राम के स्वरूप में दिखाया गया है। मंच पर इसी तस्वीर के सामने आरती की गई और ‘भगवान श्री नरेंद्र मोदी चालीसा’ का पाठ किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने धार्मिक अंदाज में नारे भी लगाए। वीडियो वायरल होने के बाद इसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं और प्रेस क्लब परिसर में हुए इस आयोजन को लेकर सवाल उठने लगे। बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड से जुड़े पदाधिकारी रहे मौजूद रिपोर्टों के मुताबिक कार्यक्रम में बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राजन सिंह प्रमुख रूप से मौजूद थे। राजन सिंह इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर पटना में मंदिर बनाने की घोषणा को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। आयोजन में ‘मोदी चालीसा’ को प्रस्तुत करने के साथ उसका पाठ भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को भगवान श्रीराम के स्वरूप में प्रदर्शित करने वाली तस्वीर भी दिखाई गई। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने किया किनारा विवाद बढ़ने के बाद प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम उसकी ओर से आयोजित नहीं किया गया था। क्लब के अनुसार, एक संगठन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए हॉल किराये पर लिया था, लेकिन वहां आयोजित गतिविधि ने बुकिंग की शर्तों का उल्लंघन किया। जानकारी मिलते ही क्लब अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर कार्यक्रम को रुकवा दिया। इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा आयोजन प्रेस क्लब ऑफ इंडिया का आधिकारिक कार्यक्रम नहीं था। VIDEO वायरल होने के बाद राजनीतिक बहस ‘मोदी चालीसा’ के वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर राजनीतिक और वैचारिक बहस शुरू हो गई है। आलोचक इसे राजनीतिक व्यक्तिपूजा का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि समर्थकों की ओर से इसे प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान और समर्थन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, प्रेस क्लब की ओर से कार्यक्रम से दूरी बनाए जाने के बाद विवाद का केंद्र अब आयोजकों द्वारा क्लब की बुकिंग की शर्तों के कथित उल्लंघन और कार्यक्रम की प्रकृति पर है। सोशल मीडिया पर क्यों ट्रेंड कर रहा है मामला? प्रधानमंत्री की तस्वीर के सामने आरती, धार्मिक शैली में ‘मोदी चालीसा’ का पाठ और ‘जय जय मोदी’ जैसे नारों वाले वीडियो ने कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर काफी ध्यान आकर्षित किया। इसी वजह से यह मामला आज की Trending Political News में शामिल हो गया है। फिलहाल प्रेस क्लब ने साफ कर दिया है कि उसने इस आयोजन का समर्थन या आयोजन नहीं किया था और नियमों के उल्लंघन के बाद कार्यक्रम को रोक दिया गया। स्रोत: प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, लाइव हिन्दुस्तान, द लल्लनटॉप, अमर उजाला Jai Rashtra News

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नागालैंड के नन्हे रॉकस्टार ‘याटो’ ने जीता देशवासियों का दिल, राष्ट्रगान की आवाज ने मचाई धूम

नई दिल्ली: नागालैंड के महज 5 साल के याटो वांगनाओ इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनका ‘जन गण मन’ गाने का वीडियो वायरल हुआ, जिसे सुनकर देशभर के लोग उनकी मासूमियत, आत्मविश्वास और देशभक्ति की जमकर तारीफ कर रहे हैं। याटो के राष्ट्रगान ने मचाई धूम याटो का राष्ट्रगान गाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। छोटी सी उम्र में जिस आत्मविश्वास और भावनात्मक अंदाज में उन्होंने ‘जन गण मन’ प्रस्तुत किया, उसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। खास तौर पर राष्ट्रगान के अंतिम हिस्से ‘जय हे’ को जिस अंदाज में याटो ने गाया, उसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई। कई लोगों ने वीडियो को बार-बार देखने और सुनने की बात कही। आनंद महिंद्रा भी हुए प्रभावित याटो की प्रतिभा से प्रभावित होकर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी उनका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने याटो की प्रस्तुति की तारीफ करते हुए नागालैंड की खूबसूरती और सांस्कृतिक पहचान को भी सामने रखा। महिंद्रा ने याटो के वीडियो को नागालैंड के लिए एक तरह का अनौपचारिक टूरिज्म प्रमोशन बताते हुए कहा कि इस छोटे बच्चे ने जिस तरह लोगों का ध्यान नागालैंड की ओर खींचा, वह बेहद खास है। छोटी उम्र, बड़ा आत्मविश्वास याटो की सबसे खास बात उनकी उम्र के मुकाबले उनका आत्मविश्वास है। महज पांच साल की उम्र में राष्ट्रगान को इस तरह पूरे जोश और भाव के साथ प्रस्तुत करना सोशल मीडिया यूजर्स को काफी पसंद आया। उनके वीडियो ने एक बार फिर दिखाया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में छिपी प्रतिभाएं किस तरह सोशल मीडिया के जरिए पूरे भारत तक पहुंच सकती हैं। नागालैंड की संस्कृति भी चर्चा में याटो की वायरल प्रस्तुति के साथ नागालैंड भी चर्चा में आ गया है। पूर्वोत्तर भारत की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। आनंद महिंद्रा की पोस्ट के बाद कई यूजर्स ने नागालैंड को अपनी Travel Bucket List में शामिल करने की बात कही। सोशल मीडिया पर मिल रहा प्यार याटो के वीडियो पर देशभर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग उनकी आवाज, मासूमियत और देशभक्ति की भावना की तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने याटो को भविष्य का बड़ा कलाकार बताते हुए उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की अपील भी की है। निष्कर्ष नागालैंड के 5 वर्षीय याटो वांगनाओ ने अपनी प्यारी आवाज और जोशीले अंदाज में राष्ट्रगान गाकर देशवासियों का दिल जीत लिया है। उनका वायरल वीडियो न सिर्फ उनकी प्रतिभा को सामने ला रहा है, बल्कि नागालैंड की खूबसूरती और पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक पहचान को भी देशभर में चर्चा में ला रहा है। Source: Times of India, Navbharat Times जय राष्ट्र न्यूज़

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संसद में विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन! हाथों में सॉफ्ट टॉय लेकर किया विरोध

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया। विपक्षी सांसद हाथों में सॉफ्ट टॉय लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन करते नजर आए। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपने मुद्दों को अलग अंदाज में सामने रखा। यह प्रदर्शन संसद में चल रहे राजनीतिक गतिरोध के बीच हुआ, जहां विपक्ष कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेर रहा था। हाथों में सॉफ्ट टॉय लेकर पहुंचे सांसद प्रदर्शन के दौरान कुछ विपक्षी सांसदों के हाथों में सॉफ्ट टॉय दिखाई दिए। आमतौर पर संसद परिसर में होने वाले विरोध प्रदर्शनों में पोस्टर, बैनर और तख्तियों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इस बार सॉफ्ट टॉय ने प्रदर्शन को अलग बना दिया। तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह प्रदर्शन सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आ गया। विपक्ष लगातार उठा रहा है कई मुद्दे मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार से जवाब की मांग की। इनमें छात्र आंदोलनों, मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया और विभिन्न नीतिगत मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल शामिल रहे। विपक्षी सांसदों का कहना है कि जिन मुद्दों को वे जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल मानते हैं, उन पर संसद में पर्याप्त चर्चा होनी चाहिए। संसद परिसर में लगातार प्रदर्शन मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव देखने को मिला। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में मार्च, नारेबाजी और अलग-अलग प्रतीकों के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया। सॉफ्ट टॉय वाला प्रदर्शन भी इसी राजनीतिक विरोध का हिस्सा रहा। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें सॉफ्ट टॉय हाथ में लेकर प्रदर्शन करते सांसदों की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे रचनात्मक और शांतिपूर्ण विरोध बताया, जबकि कुछ ने प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाए। इस तरह का दृश्य संसद के बाहर आम विरोध प्रदर्शनों की तुलना में काफी अलग नजर आया। सत्ता पक्ष और विपक्ष में जारी टकराव संसद के मानसून सत्र में कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष सरकार से जवाब और चर्चा की मांग करता रहा, जबकि सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगाए। ऐसे माहौल में विपक्ष की ओर से अपनाए जा रहे अलग-अलग प्रदर्शन के तरीके राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन रहे हैं। निष्कर्ष संसद परिसर में सॉफ्ट टॉय लेकर विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। विपक्ष ने इस अनोखे तरीके से सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया और इसकी तस्वीरें तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित हुईं। Source: संसद से जुड़े मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक रूप से सामने आए वीडियो/तस्वीरें जय राष्ट्र न्यूज़

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Gen Z का असर? | जय राष्ट्र न्यूज

वायरल होने के बाद रवि किशन ने Gen Z को कहा—“धन्यवाद!” नई दिल्ली: अभिनेता और भाजपा सांसद रवि किशन इन दिनों सोशल मीडिया पर Gen Z के बीच जबरदस्त चर्चा में हैं। उनके पुराने इंटरव्यू, डायलॉग, डांस वीडियो और अलग-अलग अंदाज के क्लिप लगातार वायरल हो रहे हैं। इस वायरल ट्रेंड पर अब रवि किशन ने खुद प्रतिक्रिया दी है और Gen Z का खुले तौर पर शुक्रिया अदा किया है। “Gen Z ने मुझे नाम और पहचान दी” मीडिया से बातचीत के दौरान रवि किशन ने Gen Z की क्रिएटिविटी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि युवाओं ने जिस तरह उनके वीडियो और डायलॉग को सोशल मीडिया पर वायरल किया, वह उनके लिए बेहद खास अनुभव है। उन्होंने Gen Z को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस पीढ़ी ने उन्हें नाम और पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई है। रवि किशन ने युवाओं की क्रिएटिविटी को भी शानदार बताया और कहा कि सोशल मीडिया पर जिस तरह Gen Z उनके कंटेंट को नए अंदाज में पेश कर रही है, वह काफी दिलचस्प है। पुराने वीडियो बने नए मीम कंटेंट रवि किशन के कई पुराने वीडियो पिछले कुछ समय से दोबारा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। उनके अलग-अलग इंटरव्यू के डायलॉग और एक्सप्रेशन को लेकर मीम्स बनाए जा रहे हैं। “Jaldi The Late”, “Money Follows” और दूसरे वायरल क्लिप्स ने उन्हें सोशल मीडिया पर एक अलग तरह की लोकप्रियता दिलाई है। उनके डांस वीडियो और बातचीत के कुछ पुराने अंश भी Gen Z के बीच तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। मजाक से शुरू हुआ ट्रेंड बना बड़ी लोकप्रियता शुरुआत में रवि किशन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर मीम और मजाक के तौर पर शेयर किए गए थे। लेकिन धीरे-धीरे यह ट्रेंड उनकी लोकप्रियता में बदल गया। अब युवा उनके कंटेंट को सिर्फ मीम के रूप में नहीं बल्कि उनके अलग अंदाज और व्यक्तित्व के कारण भी पसंद कर रहे हैं। रवि किशन ने भी इस पूरे ट्रेंड को सकारात्मक तरीके से लिया है। सोशल मीडिया पर इंटरनेशनल असर भी रवि किशन की वायरल लोकप्रियता सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। उनके वायरल ऑडियो और वीडियो क्लिप का इस्तेमाल कुछ अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स ब्रांड और फुटबॉल क्लबों के सोशल मीडिया कंटेंट में भी किया गया। इससे उनकी इंटरनेट लोकप्रियता और बढ़ गई और Gen Z के बीच उनके मीम्स का ट्रेंड और तेजी से फैलने लगा। रवि किशन ने युवाओं को किया सलाम रवि किशन ने अपने खास अंदाज में Gen Z को सम्मान देते हुए कहा कि उन्होंने जिस तरह उनकी बातों, अंदाज और वीडियो को वायरल किया है, वह उनके लिए किसी बड़े बदलाव से कम नहीं है। उन्होंने युवाओं की रचनात्मकता और सोशल मीडिया के इस्तेमाल की भी तारीफ की। क्यों वायरल हो रहे हैं रवि किशन? रवि किशन के वायरल होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं— इन सभी ने मिलकर रवि किशन को सोशल मीडिया पर एक वायरल इंटरनेट सेंसेशन बना दिया है। निष्कर्ष रवि किशन की हालिया सोशल मीडिया लोकप्रियता यह दिखाती है कि Gen Z किसी पुराने कंटेंट को भी नए अंदाज में पेश करके उसे दोबारा वायरल बना सकती है। अपने ऊपर बने मीम्स और वायरल वीडियो को लेकर रवि किशन ने नाराजगी के बजाय युवाओं का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने Gen Z की क्रिएटिविटी की तारीफ करते हुए कहा कि युवाओं ने उन्हें नाम और पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई है। Source: ThePrint, NDTV, Times of India, Aaj Tak जय राष्ट्र न्यूज़

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सोनम वांगचुक, संसद और भारी बारिश रहे आज के सबसे बड़े ट्रेंडिंग टॉपिक्स

नई दिल्ली: देश में आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर तीन मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चा में रहे—सोनम वांगचुक, संसद का मानसून सत्र और देश के कई राज्यों में भारी बारिश। दिनभर इन विषयों से जुड़े हैशटैग ट्रेंड करते रहे और लाखों लोगों ने इन पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं। जहां एक ओर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े घटनाक्रम पर लोगों की नजर रही, वहीं संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी चर्चा का केंद्र बनी रही। इसके साथ ही हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में भारी बारिश व बाढ़ की स्थिति ने भी सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा बटोरी। सोनम वांगचुक पर क्यों रही सबसे ज्यादा चर्चा? सोनम वांगचुक से जुड़े हालिया घटनाक्रम, उनके आंदोलन और उस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट और वीडियो साझा किए गए। समर्थकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी, जिससे यह पूरे दिन ट्रेंडिंग टॉपिक्स में शामिल रहा। मानसून सत्र भी बना चर्चा का केंद्र संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर हुई बहस, विरोध और राजनीतिक बयानबाजी सोशल मीडिया पर लगातार वायरल होती रही। संसद की कार्यवाही से जुड़े वीडियो क्लिप और नेताओं के बयान भी व्यापक रूप से साझा किए गए। भारी बारिश और मौसम अलर्ट पर लोगों की नजर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा कई राज्यों के लिए जारी भारी बारिश के अलर्ट के बाद लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों की तस्वीरें, वीडियो और मौसम अपडेट सोशल मीडिया पर साझा किए। कई जगह जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी तस्वीरें भी तेजी से वायरल हुईं। सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने वाले प्रमुख हैशटैग विशेषज्ञों की राय डिजिटल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक आंदोलन, संसद की कार्यवाही और मौसम जैसी घटनाएं सीधे आम लोगों को प्रभावित करती हैं। इसी कारण ऐसे विषय सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड करते हैं और व्यापक जनचर्चा का हिस्सा बन जाते हैं। निष्कर्ष आज सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक, संसद का मानसून सत्र और भारी बारिश सबसे अधिक चर्चा में रहे। इन तीनों विषयों ने राष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया और पूरे दिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंडिंग सूची में बने रहे। Source: सोशल मीडिया ट्रेंड्स, आधिकारिक अपडेट एवं विश्वसनीय समाचार रिपोर्ट। जय राष्ट्र न्यूज़

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