बारिश में धंसा ₹36,000 करोड़ का गंगा एक्सप्रेसवे? उन्नाव में Repair के बाद फिर पड़ी बड़ी दरारें, Akhilesh ने सरकार को घेरा

उन्नाव: उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे पर बारिश के बाद एक बार फिर सड़क में दरारें सामने आने से निर्माण और drainage व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। 27 अगस्त 2026 को उन्नाव के आसपास repaired stretch पर fresh cracks की तस्वीरें और वीडियो सामने आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक बशीरतगंज क्षेत्र में किलोमीटर 421 से 422 के बीच करीब 25 मीटर लंबी दरार देखी गई है। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे पूरे ₹36,230 करोड़ के एक्सप्रेसवे के “धंस जाने” के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक damage एक सीमित stretch पर है और expressway पर traffic जारी है। आज क्या हुआ? आज सामने आई reports के मुताबिक उन्नाव में पहले repair किए गए हिस्से पर फिर cracks दिखाई दीं। Times Now Navbharat ने बशीरटगंज के पास kilometre 421-422 के बीच करीब 25 metre लंबी और लगभग 3 inch चौड़ी दरार report की है। आसपास slope protection और मिट्टी वाले हिस्से में भी rainwater erosion का असर बताया गया है। Maintenance team ने प्रभावित स्थान पर barricading और corrective work शुरू किया है। फिलहाल traffic को पूरी तरह बंद किए जाने की सूचना नहीं है। एक सप्ताह पहले बना था 10 मीटर गहरा Crater मौजूदा controversy इसलिए ज्यादा गंभीर हो गई क्योंकि इसी महीने गंगा एक्सप्रेसवे पर एक और बड़ा damage सामने आया था। 17-18 अगस्त के आसपास उन्नाव क्षेत्र में kilometre 421 के पास भारी बारिश के बाद road और adjoining embankment का हिस्सा प्रभावित हुआ और करीब 10 metre गहरा crater बनने की reports आई थीं। उस समय UPEIDA और project agency की teams ने मौके पर repair work किया था। 19 अगस्त तक संबंधित अधिकारियों ने बताया था कि प्रभावित section को repair कर दिया गया है और traffic normal तरीके से चल रहा है। अब उसी broader area में fresh cracks सामने आने से repair की durability को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या आज पूरा Expressway धंस गया? नहीं। यह खबर publish करते समय यह distinction बेहद जरूरी है। 594-km लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का पूरा हिस्सा collapse नहीं हुआ है। Fresh damage उन्नाव के एक specific stretch में report हुआ है। इसलिए headline: “₹36,000 करोड़ का गंगा एक्सप्रेसवे धंस गया” अपने आप में misleading impression दे सकती है। बेहतर framing होगी: “₹36,230 करोड़ के गंगा एक्सप्रेसवे पर फिर दरारें; बारिश के बाद उन्नाव में repaired stretch प्रभावित” बारिश के पानी से Soil Erosion की बात Reports में damage के पीछे heavy rainfall, soil settlement और embankment erosion को प्रमुख factors के रूप में बताया गया है। 19 अगस्त को project head R.K. Mishra ने पहले damage पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि नई construction में पहली बारिश के दौरान बड़े स्तर पर भरी गई मिट्टी के settlement से ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा था कि sensitive sections की monitoring और patrolling बढ़ाई गई है। लेकिन 27 अगस्त की fresh cracks का final technical cause अभी किसी विस्तृत independent investigation से establish नहीं हुआ है। इसलिए construction corruption या substandard material को proven cause के तौर पर लिखना अभी सही नहीं होगा। July में भी उन्नाव में हुआ था नुकसान गंगा एक्सप्रेसवे पर monsoon-related damage की यह पहली report नहीं है। July में भी Unnao के Sonic Toll Plaza को expressway से जोड़ने वाली करीब 7-metre approach road heavy rainfall के बाद प्रभावित हुई थी। Embankment की मिट्टी बहने और carriageway के हिस्से को नुकसान पहुंचने की reports सामने आई थीं। इसके बाद repair work कराया गया था। यानी July, mid-August और अब 27 August—तीनों developments ने monsoon के दौरान कुछ sections की drainage और slope stability पर ध्यान खींचा है। Hardoi में भी सामने आया था Subsidence July में Hardoi के Mallawan क्षेत्र में भी heavy rainfall के बाद Ganga Expressway के करीब 60 metre हिस्से में subsidence की report सामने आई थी। Technical team ने वहां repair शुरू किया और अधिकारियों ने उस समय लगातार 48 घंटे हुई rainfall को संभावित कारण बताया था। इन घटनाओं को देखते हुए expressway के अलग-अलग vulnerable stretches की long-term durability अब scrutiny में है। कितना बड़ा है Ganga Expressway? UPEIDA की official information के मुताबिक Ganga Expressway की लंबाई करीब 594 kilometres है। यह: Prime Minister Narendra Modi ने इसका उद्घाटन 29 अप्रैल 2026 को Hardoi जिले में किया था। Current media reports project cost को करीब ₹36,230 करोड़ बताती हैं। उद्घाटन के चार महीने के भीतर सवाल Expressway को शुरू हुए अभी करीब चार महीने ही हुए हैं। इतने कम समय में अलग-अलग जगहों पर soil erosion, approach-road damage, crater और cracks जैसी reports आने के कारण इसकी construction quality और drainage planning पर public scrutiny बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि हर incident का cause समान हो, यह जरूरी नहीं है। किसी location पर drainage, दूसरी पर soil settlement और किसी अन्य जगह embankment erosion जिम्मेदार हो सकता है। Technical audit के बिना सभी घटनाओं को एक ही construction defect से जोड़ना जल्दबाजी होगी। Akhilesh Yadav ने सरकार पर लगाया Corruption का आरोप Fresh cracks सामने आने के बाद Samajwadi Party प्रमुख Akhilesh Yadav ने social media पर एक video share करते हुए BJP सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने cracks को corruption से जोड़ते हुए commuters की safety पर सवाल उठाए। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि corruption का आरोप Akhilesh Yadav का राजनीतिक दावा है। उपलब्ध reports में fresh cracks को corruption का परिणाम साबित करने वाली कोई final technical inquiry सामने नहीं आई है। Traffic बंद हुआ या जारी है? Latest reports के अनुसार affected portion की सुरक्षा के लिए barricading और corrective work किया जा रहा है, लेकिन पूरे Ganga Expressway का traffic बंद नहीं हुआ है। 27 अगस्त की दोपहर तक वाहनों का आवागमन जारी बताया गया। इसलिए social media पर “expressway बंद” या “पूरा highway collapse” जैसे claims को official confirmation के बिना publish नहीं करना चाहिए। UPEIDA ने पहले Damage पर क्या कहा था? पिछले week’s crater के बाद UPEIDA और project team ने affected section को तेजी से repair करने की बात कही थी। Project management ने दावा किया था कि rain-sensitive stretches की regular patrolling और…

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