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6 साल के आदित्य का धरना खत्म; Pappu Yadav ने न्याय की लड़ाई में साथ देने का दिया भरोसा

पटना: अपने माता-पिता के साथ कथित पुलिस ज्यादती के खिलाफ पटना के Gardanibagh में धरने पर बैठे 6 वर्षीय आदित्य कुमार ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। पूर्णिया सांसद Pappu Yadav 31 अगस्त की देर रात धरना स्थल पहुंचे और आदित्य तथा उसके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने और जरूरत पड़ने पर मामले को अदालत तक ले जाने का भरोसा दिया। इसके बाद आदित्य ने दो दिनों से चल रहा अपना धरना खत्म कर दिया। माता-पिता के लिए न्याय मांग रहा था आदित्य आदित्य ने 30 अगस्त को Gardanibagh में धरना शुरू किया था। परिवार का आरोप है कि 25 अगस्त को BPSC और TRE-4 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान police ने उसके माता-पिता के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया। आदित्य संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था। हालांकि Patna Police ने परिवार के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि बच्चे को भीड़ के बीच उसकी सुरक्षा के लिए अलग किया गया था। हाथ में संविधान लेकर बैठा था धरने पर छह वर्षीय आदित्य की तस्वीरें और videos सोशल मीडिया पर तेजी से viral हुए, जिनमें वह हाथ में भारतीय संविधान की किताब लिए दिखाई दिया। आदित्य पहली कक्षा का छात्र है और उसने धरने के दौरान भी कहा था कि “पढ़ाई और लड़ाई साथ-साथ चलेंगे।” वह अपने माता-पिता के लिए न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहा था। Pappu Yadav ने देर रात कराया धरना खत्म 31 अगस्त की देर रात Pappu Yadav Gardanibagh पहुंचे और आदित्य को समझाकर धरना खत्म कराया। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए जरूरत पड़ने पर Patna High Court और Supreme Court तक कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। आदित्य ने भी कहा कि धरना खत्म करना उसकी हार नहीं है और उसकी लड़ाई अदालत में जारी रहेगी। पहले भी Aditya की पढ़ाई में कर चुके हैं मदद PTI की report के मुताबिक आदित्य ने कहा कि Pappu Yadav ने कठिन समय में उसका school admission कराने में मदद की थी। इसी वजह से उसने Pappu Yadav की बात मानकर धरना खत्म किया। कुछ media reports में अब यह भी कहा जा रहा है कि Pappu Yadav ने आदित्य की आगे की शिक्षा में मदद और पढ़ाई न रुकने देने की बात कही है। हालांकि पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने की formal घोषणा mainstream PTI/ABP reports में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है, इसलिए इसे सावधानी के साथ लिखना बेहतर होगा। अब कानूनी रास्ते से आगे बढ़ेगी लड़ाई धरना समाप्त होने के बाद परिवार की मुख्य मांग अभी भी वही है—कथित police action की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई। Pappu Yadav ने परिवार को legal support का भरोसा दिया है, जबकि Police अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पहले ही खारिज कर चुकी है। इसलिए मामले में अंतिम तथ्य आगे की जांच और judicial proceedings से ही स्पष्ट होंगे। इसलिए सबसे accurate headline होगी: 6 साल के आदित्य का धरना खत्म; Pappu Yadav ने न्याय की लड़ाई में साथ देने और पढ़ाई जारी रखने में मदद का दिया भरोसा स्रोत – PTI, ABP News, NDTV India, ThePrint जय राष्ट्र न्यूज़

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हाथों में संविधान लेकर माता-पिता के लिए न्याय मांग रहे 6 वर्षीय आदित्य; Pappu Yadav के आश्वासन पर खत्म किया धरना

पटना: बिहार की राजधानी पटना में महज 6 साल के आदित्य कुमार अपने माता-पिता के साथ कथित पुलिस ज्यादती के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर चर्चा में हैं। पहली कक्षा में पढ़ने वाले आदित्य 30 अगस्त से गर्दनीबाग धरना स्थल पर हाथ में संविधान की प्रति लेकर बैठे थे। उनका आरोप है कि 25 अगस्त को छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने उनके माता-पिता के साथ थाने में मारपीट की। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। मामले में आज, 1 सितंबर 2026, नया मोड़ आया है। Purnia MP Pappu Yadav के न्याय दिलाने और जरूरत पड़ने पर मामला Supreme Court तक ले जाने के आश्वासन के बाद आदित्य ने अपना धरना समाप्त कर दिया। 25 अगस्त के Student Protest से जुड़ा मामला आदित्य 25 अगस्त को Patna में BPSC और TRE-4 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आए थे। प्रदर्शनकारी Teacher Recruitment Examination में single-tier examination समेत कई मांगों को लेकर मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के आवास की ओर मार्च कर रहे थे। आदित्य अपने माता-पिता के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान पुलिस उन्हें अपने साथ थाने ले गई। माता-पिता से मारपीट का आरोप आदित्य और उनके परिवार का आरोप है कि उन्हें कई घंटों तक माता-पिता से अलग रखा गया और थाने में उनके माता-पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आदित्य ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष या न्यायिक जांच हो और जिन पुलिसकर्मियों पर उनके माता-पिता के साथ मारपीट का आरोप है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। ये फिलहाल आदित्य और उनके परिवार के आरोप हैं और स्वतंत्र जांच में साबित होना बाकी है। Police ने आरोपों से किया इनकार Patna Police ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है। Police का कहना है कि तनावपूर्ण प्रदर्शन और भीड़ के बीच बच्चे को उसकी सुरक्षा के लिए थाने लाया गया था और बाद में उसकी मां को सौंप दिया गया। Police ने गिरफ्तारी और माता-पिता से मारपीट के आरोपों से भी इनकार किया है। ऐसे में घटना को लेकर परिवार और Police के versions अलग-अलग हैं। हाथ में संविधान लेकर धरने पर बैठे आदित्य 30 अगस्त को आदित्य Patna के Gardanibagh protest site पर धरने पर बैठ गए। उनकी तस्वीरों और videos में वह हाथ में भारतीय संविधान की प्रति लिए दिखाई दिए। आदित्य ने सवाल उठाया कि क्या विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की वजह से किसी बच्चे के माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह अपने माता-पिता के लिए न्याय चाहते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने Prime Minister Narendra Modi से मिलने की इच्छा भी जताई थी। DGP से भी मिले थे आदित्य धरना शुरू करने से पहले आदित्य अपने परिवार के साथ Bihar के DGP Vinay Kumar से मिले थे और अपनी मांगों से जुड़ा आवेदन सौंपा था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए परिवार ने Gardanibagh में धरना शुरू किया। आदित्य ने कहा था कि न्याय मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा। Pappu Yadav पहुंचे, खत्म हुआ धरना 31 अगस्त की रात Purnia MP Pappu Yadav Gardanibagh धरना स्थल पहुंचे और आदित्य तथा उनके परिवार से मुलाकात की। Pappu Yadav ने परिवार को कानूनी मदद देने का भरोसा दिया और कहा कि जरूरत पड़ने पर मामले को Supreme Court तक ले जाया जाएगा। इसके बाद आदित्य ने दो दिनों से चल रहा अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की। आदित्य ने कहा कि धरना खत्म करना उनकी हार नहीं है और न्याय की लड़ाई अब court में जारी रहेगी। 1 September की Latest Situation आज 1 सितंबर 2026 तक स्थिति यह है: इसलिए आज के लिए सबसे accurate headline होगी: हाथों में संविधान लेकर माता-पिता के लिए न्याय मांग रहे 6 वर्षीय आदित्य; Pappu Yadav के आश्वासन पर खत्म किया धरना नोट: माता-पिता के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने की बात परिवार का आरोप है। Patna Police इन आरोपों से इनकार कर चुकी है, इसलिए इसे established fact के रूप में नहीं लिखना चाहिए। स्रोत – PTI, Navbharat Times, ABP News, ThePrint जय राष्ट्र न्यूज़

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