PM मोदी की वैश्विक नेताओं से मुलाकातों पर चर्चा तेज, भारत की कूटनीतिक सक्रियता पर दुनिया की नजर

नई दिल्ली / एविंया (फ्रांस): वैश्विक कूटनीति के मंच पर भारत का कद लगातार बड़ा होता जा रहा है। फ्रांस के एविंया में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit 2026) के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ हुई बैक-टू-बैक द्विपक्षीय मुलाकातों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं के साथ पीएम मोदी की इन मुलाकातों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह बढ़ती ‘कूटनीतिक सक्रियता’ (Strategic Autonomy) आने वाले दिनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा समीकरणों को बदलने वाली साबित होगी। अमेरिका और भारत के बीच ‘COMPACT’ समझौते पर बड़ी प्रगति G7 समिट के इतर सबसे बहुप्रतीक्षित मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका कॉम्पेक्ट (INDIA-U.S. COMPACT) समझौते की समीक्षा की, जिसके तहत रक्षा, रणनीतिक तकनीक, ऊर्जा और द्विपक्षीय व्यापार में ऐतिहासिक प्रगति देखी जा रही है। भारत-यूरोपियन यूनियन (EU) फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर ऐतिहासिक मुहर प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से भी मुलाकात की। बड़ी सफलता: इस बैठक में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) के वार्ताओं के निष्कर्ष का स्वागत किया गया। इस ऐतिहासिक समझौते से भारत और यूरोप के बीच व्यापार और निवेश के असीमित अवसर खुलेंगे और सप्लाई चेन को और मजबूती मिलेगी। जर्मनी के साथ रक्षा और वीज़ा नियमों पर बड़ी डील जर्मनी के नए चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ पीएम मोदी की बैठक में भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन रोडमैप’ पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा, भारतीय नागरिकों के लिए जर्मनी से होकर गुजरने वाले ट्रांजिट वीज़ा की छूट को लागू करने का स्वागत किया गया, जिससे भारतीयों के लिए यूरोपीय यात्रा और आसान हो जाएगी। ‘ग्लोबल साउथ’ की बुलंद आवाज बना भारत शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत दुनिया में केवल अपने हितों की बात नहीं कर रहा, बल्कि वह ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील और गरीब देशों) की मजबूत आवाज बनकर उभरा है। भारत ने वैश्विक मंचों पर विकसित देशों से डोनर-बेनिफिशियरी (दाता और लाभार्थी) की मानसिकता से बाहर निकलकर समानता के आधार पर साझेदारी करने का आह्वान किया है। यूक्रेन संकट और पश्चिम एशिया के तनाव के बीच, पीएम मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि “भारत हमेशा शांति के पक्ष में है और मानवता को सबसे ऊपर रखता है।” फ्रांस में ‘विवाटेक 2026’ में भारत का डंका G7 समिट के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी पेरिस (फ्रांस) पहुंचे हैं, जहां प्रवासी भारतीयों ने उनका भव्य स्वागत किया। पीएम मोदी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ यूरोप के सबसे बड़े स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी इवेंट VivaTech 2026 में हिस्सा लेंगे। इस साल विवाटेक में ‘इंडिया पवेलियन’ सबसे बड़ा है, जो यह दर्शाता है कि भारत अब दुनिया का नया डिजिटल और इनोवेशन हब बन चुका है। Source: The Hindu Original report: The Hindu – PM Modi arrives in Paris to attend VivaTech 2026 Publication: jairashtranews

आगे और पढ़ें
Translate »