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MP में अवैध रेत खनन पर NGT पैनल की गंभीर टिप्पणी, स्थानीय अधिकारियों और सैंड माफिया के बीच संभावित गठजोड़ की आशंका

भोपाल, 19 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश में अवैध रेत खनन को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) से जुड़ी एक जांच समिति ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पैनल ने संकेत दिया है कि लगातार कार्रवाई और निगरानी के दावों के बावजूद अवैध खनन जारी रहना स्थानीय अधिकारियों और सैंड माफिया के बीच संभावित गठजोड़ की आशंका पैदा करता है।

स्पेशल टास्क फोर्स के बावजूद जारी है अवैध खनन

रिपोर्ट के मुताबिक, अवैध रेत खनन पर रोक लगाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में कार्रवाई प्रभावी नहीं रही। पैनल ने सवाल उठाया कि लगातार शिकायतों और कार्रवाई के दावों के बावजूद अवैध खनन पर पूरी तरह रोक क्यों नहीं लग पा रही है।

अधिकारियों की भूमिका की जांच की सिफारिश

पैनल ने प्रवर्तन व्यवस्था में सामने आ रही कमियों की जांच करने और जहां कर्तव्य में लापरवाही साबित हो, वहां जिम्मेदारी तय करने की सिफारिश की है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि अवैध खनन पर नियंत्रण में नाकामी प्रशासनिक कमजोरियों के कारण है या कहीं जानबूझकर संरक्षण दिए जाने की आशंका भी है।

नियमित निगरानी समिति बनाने का सुझाव

NGT पैनल ने अवैध खनन पर लगातार नजर रखने के लिए एक नियमित निगरानी समिति गठित करने की सलाह दी है। इसके साथ ही हर महीने कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्ट तैयार करने की सिफारिश भी की गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ाना और कार्रवाई की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करना है।

अधिकारियों से संभावित गठजोड़ अभी जांच का विषय

पैनल की टिप्पणी में संभावित गठजोड़ और कार्रवाई में कमियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं, लेकिन किसी विशिष्ट अधिकारी को दोषी घोषित नहीं किया गया है। अधिकारियों की मिलीभगत को स्थापित तथ्य तभी माना जा सकता है, जब आगे की जांच में इसके समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य सामने आएं।

पर्यावरण पर भी पड़ सकता है गंभीर असर

अवैध रेत खनन से नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र, भूजल पुनर्भरण और आसपास के प्राकृतिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में पैनल ने केवल छापेमारी और जब्ती तक सीमित रहने के बजाय निरंतर निगरानी, प्रभावी कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया है।

Source: The Indian Express

जय राष्ट्र न्यूज़

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