Kuno में बड़ी Cheetah Update; India में जन्मी मादा ने 4 Cubs को दिया जन्म, कुल Population 56 पहुंची

श्योपुर, 18 सितंबर 2026: Madhya Pradesh के Kuno National Park से Project Cheetah के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। India में जन्मी female cheetah KGP12 ने चार cubs को जन्म दिया है। KGP12 South Africa से लाई गई female cheetah Gamini की बेटी है। नए cubs के जन्म के साथ India में cheetahs की कुल संख्या बढ़कर 56 हो गई है। Project Cheetah के 4 साल पूरे होने के अगले दिन खुशखबरी Project Cheetah ने 17 सितंबर को India में अपने चार साल पूरे किए थे और इसके ठीक अगले दिन Kuno में चार नए cubs के जन्म की जानकारी सामने आई। Union Environment Minister Bhupender Yadav ने इसे Project Cheetah के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए Kuno और conservation team को बधाई दी। South African Cheetah Gamini की बेटी है KGP12 KGP12 का जन्म India में हुआ था और उसकी mother Gamini को South Africa से फरवरी 2023 में India लाया गया था। इस वजह से नए cubs को Project Cheetah के तहत India में आगे बढ़ रही नई generation का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। दूसरी बार मां बनी KGP12 KGP12 इससे पहले April 2026 में भी चार cubs को जन्म दे चुकी थी। उस समय उसने Kuno के wild area में बच्चों को जन्म दिया था। हालांकि करीब एक महीने बाद उसके पहले litter के चारों cubs leopard attack में मारे गए थे। अब KGP12 ने secured enclosure में दूसरी बार चार cubs को जन्म दिया है। India में Cheetahs की संख्या 56 चार नए cubs के जन्म के बाद India की total cheetah population अब 56 हो गई है। इनमें: मौजूद हैं। कुल cheetahs में से 36 का जन्म India में हुआ है। Forest Team कर रही Cubs की Monitoring Kuno National Park के field staff नए cubs और उनकी mother की लगातार monitoring कर रहे हैं। Officials के मुताबिक mother और cubs को disturb न करने के लिए निगरानी दूरी से की जा रही है। इस birth को Project Cheetah के breeding programme और Indian conditions में cheetahs के adaptation के लिए positive development माना जा रहा है। 2022 में शुरू हुआ था Project Cheetah Project Cheetah की शुरुआत 17 September 2022 को Namibia से आठ cheetahs लाकर की गई थी। इसके बाद South Africa और Botswana से भी cheetahs India लाए गए। अब programme का focus imported animals के साथ-साथ India में जन्मी नई generations को sustainable population में बदलने पर है। source – Ministry of Environment / The Indian Express / The New Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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आदिवासी बस्तियों में पेयजल व्यवस्था पर सवाल, CJP ने दिखाई जमीनी हकीकत

बालाघाट, 14 सितंबर 2026: Madhya Pradesh के Balaghat जिले की आदिवासी बस्तियों में पेयजल, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रभावित गांवों के दौरे के बाद social media पर videos और तस्वीरें साझा करते हुए स्थानीय पानी की quality और tribal families को मिल रही basic facilities पर सरकार से जवाब मांगा। यह मामला ऐसे समय उठा है जब जिले में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत की reports पहले ही प्रशासनिक और judicial scrutiny के दायरे में हैं। नल के पानी का Video Share कर उठाया सवाल Abhijeet Dipke ने एक tribal village में उपलब्ध tap water का video share करते हुए सवाल किया कि क्या राज्य के मंत्री और विधायक अपने बच्चों को ऐसा पानी पिलाना चाहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित drinking water जैसी basic facility भी पर्याप्त रूप से नहीं मिल रही है। कुछ tribal families के अब भी river water पर निर्भर होने का दावा भी उन्होंने किया। Handpump से पीला पानी आने का भी दावा Balaghat child deaths से जुड़ी PIL में भी प्रभावित इलाकों के handpumps से पीले रंग का पानी निकलने की शिकायत सामने आई है। हालांकि बच्चों की मौतों को केवल contaminated water से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Centre की investigation में measles, malaria, co-infections, respiratory distress, dehydration, malnutrition, anaemia और shock समेत कई clinical causes सामने आए हैं। Schools और ASHA Workers की स्थिति पर भी सवाल Dipke ने tribal children के एक school का दौरा कर उसकी infrastructure condition पर भी सवाल उठाए। उन्होंने school में बच्चों को दिए जा रहे food और उपलब्ध basic facilities का जायजा लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इलाके की ASHA workers को पिछले छह महीने से salary नहीं मिली है, जिससे ग्रामीण health system की स्थिति को लेकर नई चिंता पैदा हुई है। 30 से ज्यादा बच्चों की मौत के बाद बढ़ी चिंता Balaghat के remote tribal villages, खासकर Baiga community से जुड़े इलाकों में पिछले कुछ समय में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत की reports सामने आई हैं। इन मौतों की एक single confirmed वजह अभी तय नहीं हुई है और जांच जारी है। कई बच्चों को hospitals में भर्ती भी कराया गया है। High Court ने सरकार से मांगा जवाब Madhya Pradesh High Court की Jabalpur Bench ने मामले में state government, Health Department, Women and Child Development Department और Balaghat Collector समेत संबंधित authorities को notices जारी किए हैं। PIL में आरोप लगाया गया है कि करीब 400 बच्चों का इलाज 50-bed capacity वाले hospital में किया जा रहा था और प्रभावित क्षेत्रों में nutrition तथा drinking water की स्थिति भी खराब है। सरकार ने परिवारों को दी आर्थिक सहायता Balaghat administration के मुताबिक अब तक 24 मृत बच्चों के परिवारों को ₹4-4 लाख की financial assistance दी जा चुकी है और बाकी eligible families को सहायता देने की प्रक्रिया जारी है। source – Times of India / Jansatta / Madhya Pradesh High Court Proceedings जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए रेड अलर्ट जारी किया, कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून की तेज़ गतिविधियों को देखते हुए मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन राज्यों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही कई अन्य राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट भी जारी किए गए हैं। किन राज्यों में भारी बारिश की संभावना IMD के अनुसार मध्य प्रदेश, असम और केरल के अलावा मेघालय, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश मौसम विभाग ने राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैयार रखने, निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखने और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह देने को कहा है। नदी किनारे रहने वाले लोगों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है। मछुआरों और यात्रियों के लिए चेतावनी IMD ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों की चेतावनी जारी करते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। कई तटीय क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें, मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नज़र रखें और भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों तथा नदी-नालों के पास जाने से बचें। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए जारी रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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