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विजयादशमी पर राजा भैया ने किया शस्त्र पूजन, बेंती कोठी में 500 से अधिक हथियारों की पूजा

प्रतापगढ़, 21 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा स्थित बेंती कोठी में विजयादशमी के अवसर पर विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने पारंपरिक शस्त्र पूजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक अपने लाइसेंसी हथियारों के साथ पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, समारोह में 500 से अधिक हथियारों का पूजन किया गया। कार्यक्रम में राजा भैया के परिवार के सदस्यों, राजनीतिक सहयोगियों और समर्थकों की मौजूदगी रही।

केसरिया पगड़ी पहनकर पूजा में शामिल हुए राजा भैया

शस्त्र पूजन के दौरान राजा भैया केसरिया पगड़ी पहने नजर आए। वैदिक विधि-विधान के साथ आयोजित समारोह में पारंपरिक और आधुनिक हथियारों की पूजा की गई।

बेंती कोठी में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण परिसर में खासा उत्साह देखने को मिला।

हथियारों के लाइसेंस के सत्यापन की भी खबर

अमृत विचार की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम में लाए गए हथियारों और उनके लाइसेंस का सत्यापन भी किया गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दस्तावेजों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, सत्यापन की पूरी प्रक्रिया और उससे संबंधित आधिकारिक विवरण स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं हैं।

500 से अधिक हथियारों की पूजा

NDTV और नवभारत टाइम्स समेत कई मीडिया रिपोर्ट्स में समारोह के दौरान 500 से अधिक हथियारों के पूजन का उल्लेख किया गया है। इसी आंकड़े को कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में गिना जा रहा है।

विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा को शक्ति, साहस और रक्षा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इस अवसर पर कई स्थानों पर पारंपरिक रीति से हथियारों की पूजा की जाती है।

बेंती कोठी के प्रवेश द्वार पर स्थापित हुई गणेश प्रतिमा

समारोह के दौरान बेंती कोठी के प्रवेश द्वार पर राजस्थान के किशनगढ़ से लाई गई संगमरमर की गणेश प्रतिमा भी स्थापित की गई।

इस अवसर पर परिवार के सदस्यों, राजनीतिक सहयोगियों और समर्थकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

वर्षों से निभा रहे हैं शस्त्र पूजन की परंपरा

राजा भैया बेंती कोठी में विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन करते रहे हैं। यह आयोजन उनके यहां निभाई जाने वाली पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों का हिस्सा माना जाता है।

विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजन की परंपरा देश के विभिन्न हिस्सों में प्रचलित है। इसे बुराई पर अच्छाई की जीत और शक्ति के सदुपयोग के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है।

Source: NDTV, नवभारत टाइम्स, India TV, अमृत विचार

जय राष्ट्र न्यूज़

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