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दशहरे पर IPS अंकिता शर्मा ने किया शस्त्र पूजन, AK-47 से फायरिंग का वीडियो वायरल

राजनांदगांव, 21 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित शस्त्र पूजन के दौरान पुलिस अधीक्षक और 2018 बैच की IPS अधिकारी अंकिता शर्मा का AK-47 से फायरिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और जवान भी मौजूद थे। वीडियो सामने आने के बाद शस्त्र पूजन के दौरान फायरिंग को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है। जहां कुछ लोग इसे पुलिस की परंपरा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स ने इस तरह की फायरिंग की प्रकृति और औचित्य पर सवाल उठाए हैं। शस्त्र पूजन के बाद AK-47 से की फायरिंग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंकिता शर्मा पारंपरिक साड़ी पहनकर शस्त्र पूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान विधि-विधान से हथियारों और पुलिस वाहनों की पूजा की गई। पूजा के बाद उनके AK-47 से कई राउंड फायरिंग करने का वीडियो सामने आया। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगा और लोगों का ध्यान आकर्षित करने लगा। हर्ष फायरिंग या औपचारिक प्रदर्शन? वीडियो को लेकर सबसे अधिक चर्चा इस बात पर हो रही है कि फायरिंग को किस श्रेणी में रखा जाए। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और रिपोर्ट्स में इसे हर्ष फायरिंग कहा जा रहा है, जबकि अन्य इसे शस्त्र पूजन के दौरान की गई औपचारिक फायरिंग या हथियार संचालन के प्रदर्शन के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस फायरिंग की आधिकारिक प्रकृति स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसे अवैध हर्ष फायरिंग करार देना उचित नहीं होगा। इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। वीडियो पर सोशल मीडिया में मिली-जुली प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हैं। कुछ यूजर्स ने इसे पुलिस की परंपरा और अधिकारी के हथियार संचालन से जोड़कर देखा, जबकि कुछ ने धार्मिक आयोजन के दौरान AK-47 जैसे स्वचालित हथियार से फायरिंग किए जाने पर सवाल उठाए। इस तरह वीडियो ने शस्त्र पूजन की परंपरा और सार्वजनिक आयोजनों में हथियारों के इस्तेमाल को लेकर बहस छेड़ दी है। कौन हैं IPS अंकिता शर्मा? अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की IPS अधिकारी हैं और राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2017 में ऑल इंडिया रैंक 203 हासिल की थी। अपने करियर के दौरान वह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। दशहरे पर शस्त्र पूजन की परंपरा विजयादशमी के अवसर पर देश के कई हिस्सों में पुलिस, सुरक्षा बलों और अन्य संस्थानों में शस्त्र पूजन किया जाता है। इस परंपरा को शक्ति, सुरक्षा, साहस और कर्तव्य के प्रतीकात्मक सम्मान से जोड़ा जाता है। राजनांदगांव पुलिस लाइन में भी इसी अवसर पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। हालांकि, पूजा के बाद की गई फायरिंग की आधिकारिक प्रकृति और उससे जुड़ी परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट जानकारी का इंतजार है। Source: Aaj Tak, NDTV, Navbharat Times, Jansatta जय राष्ट्र न्यूज़

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विजयादशमी पर राजा भैया ने किया शस्त्र पूजन, बेंती कोठी में 500 से अधिक हथियारों की पूजा

प्रतापगढ़, 21 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा स्थित बेंती कोठी में विजयादशमी के अवसर पर विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने पारंपरिक शस्त्र पूजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक अपने लाइसेंसी हथियारों के साथ पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, समारोह में 500 से अधिक हथियारों का पूजन किया गया। कार्यक्रम में राजा भैया के परिवार के सदस्यों, राजनीतिक सहयोगियों और समर्थकों की मौजूदगी रही। केसरिया पगड़ी पहनकर पूजा में शामिल हुए राजा भैया शस्त्र पूजन के दौरान राजा भैया केसरिया पगड़ी पहने नजर आए। वैदिक विधि-विधान के साथ आयोजित समारोह में पारंपरिक और आधुनिक हथियारों की पूजा की गई। बेंती कोठी में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण परिसर में खासा उत्साह देखने को मिला। हथियारों के लाइसेंस के सत्यापन की भी खबर अमृत विचार की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम में लाए गए हथियारों और उनके लाइसेंस का सत्यापन भी किया गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दस्तावेजों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, सत्यापन की पूरी प्रक्रिया और उससे संबंधित आधिकारिक विवरण स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं हैं। 500 से अधिक हथियारों की पूजा NDTV और नवभारत टाइम्स समेत कई मीडिया रिपोर्ट्स में समारोह के दौरान 500 से अधिक हथियारों के पूजन का उल्लेख किया गया है। इसी आंकड़े को कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में गिना जा रहा है। विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा को शक्ति, साहस और रक्षा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इस अवसर पर कई स्थानों पर पारंपरिक रीति से हथियारों की पूजा की जाती है। बेंती कोठी के प्रवेश द्वार पर स्थापित हुई गणेश प्रतिमा समारोह के दौरान बेंती कोठी के प्रवेश द्वार पर राजस्थान के किशनगढ़ से लाई गई संगमरमर की गणेश प्रतिमा भी स्थापित की गई। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों, राजनीतिक सहयोगियों और समर्थकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। वर्षों से निभा रहे हैं शस्त्र पूजन की परंपरा राजा भैया बेंती कोठी में विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन करते रहे हैं। यह आयोजन उनके यहां निभाई जाने वाली पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों का हिस्सा माना जाता है। विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजन की परंपरा देश के विभिन्न हिस्सों में प्रचलित है। इसे बुराई पर अच्छाई की जीत और शक्ति के सदुपयोग के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। Source: NDTV, नवभारत टाइम्स, India TV, अमृत विचार जय राष्ट्र न्यूज़

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