नई दिल्ली: छठ पूजा से पहले दिल्ली में यमुना की सफाई एक बार फिर सियासी मुद्दा बन गई है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने 29 अक्टूबर को सोनिया विहार घाट पर यमुना में डुबकी लगाई, आचमन किया और दावा किया कि नदी के प्रदूषण में काफी कमी आई है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को भी यमुना में डुबकी लगाने की चुनौती दी।
सोनिया विहार घाट पर लगाई डुबकी
उत्तर-पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी सोनिया विहार घाट पहुंचे और यमुना में स्नान किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में यमुना के एक बड़े हिस्से की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है और लोग यहां छठ पूजा कर सकते हैं।
प्रदूषण आधा होने का किया दावा
मनोज तिवारी ने दावा किया कि रेखा गुप्ता सरकार के कार्यकाल में पिछले करीब डेढ़ वर्ष में यमुना के प्रदूषण में लगभग आधी कमी आई है। भाजपा ने भी कहा कि दिल्ली में नदी के आधे से अधिक हिस्से की सफाई का काम पूरा हो चुका है। हालांकि सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि पूरी नदी को साफ करने में अभी समय लगेगा।
राहुल गांधी और केजरीवाल को दी चुनौती
डुबकी लगाने के बाद मनोज तिवारी ने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल से सवाल किया कि वे यमुना में स्नान करने कब आएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने स्नान का वीडियो साझा करते हुए इसे नदी की सुधरी स्थिति का प्रमाण बताया।
विपक्ष ने उठाए सफाई के दावों पर सवाल
मनोज तिवारी के दावों पर विपक्ष ने सवाल उठाए। आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिस पल्ला से वजीराबाद वाले ऊपरी हिस्से में तिवारी ने डुबकी लगाई, वह हिस्सा पहले से अपेक्षाकृत साफ रहा है।
उन्होंने भाजपा नेताओं को कालिंदी कुंज और ओखला के आसपास नदी की स्थिति देखने की चुनौती दी, जहां प्रदूषण का स्तर कहीं अधिक गंभीर माना जाता है।
अगले दिन कालिंदी कुंज में दिखा सफेद झाग
मनोज तिवारी की डुबकी के एक दिन बाद कालिंदी कुंज क्षेत्र में यमुना की सतह पर मोटी सफेद झाग की परत दिखाई दी। इससे नदी की सफाई को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई।
दिल्ली में सबसे प्रदूषित हिस्सा कौन-सा?
यमुना दिल्ली में करीब 52 किलोमीटर तक बहती है। रिपोर्टों के मुताबिक वजीराबाद से ओखला के बीच करीब 22 किलोमीटर का हिस्सा सबसे ज्यादा प्रदूषित माना जाता है। यहीं नालों से बड़ी मात्रा में गंदा पानी नदी में पहुंचता है।
जल मंत्री बोले- पूरी सफाई में लगेगा समय
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा पहले स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार ने पूरी यमुना के साफ हो जाने का दावा नहीं किया है। उनके अनुसार पल्ला से वजीराबाद तक के ऊपरी हिस्से में सुधार हुआ है, जबकि वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक सफाई का काम अभी जारी है।
₹8,941 करोड़ की परियोजनाएं शुरू
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में यमुना की सफाई से जुड़ी 43 परियोजनाओं की शुरुआत की थी, जिनकी कुल लागत करीब ₹8,941 करोड़ बताई गई है। सरकार का लक्ष्य दिल्ली में यमुना के हिस्से को मई 2029 तक साफ करना है।
छठ से पहले फिर केंद्र में यमुना
छठ पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी और घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में हर वर्ष यमुना में प्रदूषण और झाग की स्थिति बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन जाती है। इस बार मनोज तिवारी की डुबकी ने सफाई के दावों को फिर से राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है।
सफाई के दावों पर आंकड़ों की होगी असली परीक्षा
यमुना की वास्तविक स्थिति का आकलन केवल किसी एक घाट या नदी के एक हिस्से को देखकर नहीं किया जा सकता। अलग-अलग स्थानों पर जल गुणवत्ता में बड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए सरकार के सफाई संबंधी दावों की वास्तविक परीक्षा पूरे दिल्ली क्षेत्र में प्रदूषण के आंकड़ों और नालों से आने वाले गंदे पानी में कमी के आधार पर होगी।
स्रोत – इंडियन एक्सप्रेस, पीटीआई, आज तक, एनडीटीवी, अमर उजाला, टाइम्स ऑफ इंडिया
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