नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कांग्रेस और सहयोगी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, कथित ‘वोट चोरी’ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस रैली के जरिए बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया है कि रैली में उम्मीद से ज्यादा लोग पहुंचेंगे और इसे लेकर विपक्षी दलों में व्यापक उत्साह है।
रामलीला मैदान में तैयारियां तेज
रामलीला मैदान में मुख्य मंच तैयार किया जा रहा है और INDIA गठबंधन के नेताओं के लिए अलग व्यवस्था भी की गई है। पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर बैरिकेडिंग, सामान की जांच के लिए उपकरण और धातु जांच यंत्र लगाने शुरू कर दिए हैं। रैली सुबह करीब 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रस्तावित है।
प्रियंका गांधी ने लिया तैयारियों का जायजा
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार शाम रामलीला मैदान पहुंचकर तैयारियों की समीक्षा की। उनके साथ कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और सांसद पवन खेड़ा भी मौजूद रहे। पार्टी कार्यकर्ता बड़े स्तर पर मंच, बैठने और प्रवेश व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य
कांग्रेस ने रैली में करीब 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। पार्टी के राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने कहा है कि इसे सफल बनाना केवल कांग्रेस नहीं, बल्कि INDIA गठबंधन के सभी दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाजवादी पार्टी और वाम दलों सहित सहयोगी दलों को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।
पवन खेड़ा बोले- रैली होकर रहेगी
पवन खेड़ा ने साफ किया है कि रैली स्थगित नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्र, किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा और लोकतंत्र को लेकर चिंतित नागरिक इसमें शामिल होंगे। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा द्वारा रैली को लेकर उठाए जा रहे सवालों से उल्टा इसका प्रचार बढ़ा है और लोगों में कार्यक्रम को लेकर रुचि बढ़ी है।
राहुल गांधी ने भी की शामिल होने की अपील
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले ही लोगों से ‘चलो दिल्ली’ का आह्वान कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि यह केवल एक राजनीतिक दल की रैली नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा से जुड़ा आंदोलन है। कांग्रेस ने इसे ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान का हिस्सा बनाया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
रैली का प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताएं हैं। कांग्रेस और INDIA गठबंधन का आरोप है कि मतदाता सूचियों से वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग विपक्ष के इन आरोपों से सहमत नहीं है।
दिल्ली पुलिस से मिली अनुमति
1 नवंबर की रैली को दिल्ली पुलिस की अनुमति मिल चुकी है। हालांकि आयोजकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, रात में मैदान में रुकने से बचने और ऐसे भाषणों से परहेज करने के निर्देश दिए गए हैं जिनसे सामाजिक या सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है।
प्रदूषण नियम बन सकते हैं चुनौती
रैली के दिन दिल्ली में बाहरी राज्यों से आने वाले पुराने प्रदूषण मानकों वाले पेट्रोल और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लागू होने वाला है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे पड़ोसी राज्यों से समर्थकों के दिल्ली पहुंचने में बाधा आ सकती है। दिल्ली सरकार ने इन नियमों में रैली के लिए विशेष छूट देने से इनकार किया है।
व्यापारियों ने जताई चिंता
दिल्ली के कुछ व्यापारी संगठनों ने रैली की तारीख बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि दिवाली से पहले बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों के पहुंचने से पुरानी दिल्ली और आसपास के बाजारों में कारोबार प्रभावित हो सकता है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने कांग्रेस नेतृत्व से रैली को दिवाली के बाद कराने का आग्रह किया है।
2027 से पहले विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में आने वाले चुनावों से पहले यह रैली INDIA गठबंधन के बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखी जा रही है। विपक्ष इसे मतदाता सूची और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर जनता को लामबंद करने के अवसर के रूप में पेश कर रहा है। रैली में वास्तविक भीड़ कितनी जुटती है, इस पर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की नजर रहेगी।
स्रोत – इंडियन एक्सप्रेस, एनडीटीवी, कांग्रेस के सार्वजनिक बयान
जय राष्ट्र न्यूज़

