extramarital affair news

Woman cheats on husband with two married men: पति को धोखा देकर किया दो शादीशुदा मर्दों से प्रेम, एक को दूसरे से मरवाया, बच्चे की गवाही ने बिगाड़ा खेल

हवस चाहे मर्द की हो या औरत की, कहीं का नहीं छोड़ती। अधिकतर मर्डर अनैतिक प्रेम संबंधों की वजह से ही होते हैं। खैर, इंदौर के राजा और सोनम रघुवंशी की कहानी सामने आने के बाद से देश भर में कोने-कोने से एक-एक कर सोनम निकल कर आ रही हैं। ताजा मामला राजस्थान के अलवर का है। जहाँ, एक महिला पति को छोड़कर बॉयफ्रेंड के साथ रहने लगती है। फिर उसे धोखा देकर किसी और से प्यार करने (Woman cheats on husband with two married men) लगी। और फिर एक से दूसरे बॉयफ्रेंड का कत्ल करवा देती है। वो तो एक बच्चे ने मर्डर होते देख लिया और उसकी गवाही से मामले का पर्दाफाश हो गया वर्ना किसी तीसरे का मर्डर होना फिक्स था। इस हत्या की गुत्थी ऐसी उलझी हुई थी कि उसे सुलझाने के लिए पुलिस को तकरीबन 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने पड़े। जिसके बाद महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसे अजब प्रेम की गजब कहानी कहेंगे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।  ससुराल वालों को सबक सिखाने के लिए उसने उन पर प्रताड़ित करने का मामला दर्ज (Woman cheats on husband with two married men) कराया ये घटना है 7 जून की रात की। घटना है राजस्थान के अलवर के खेरली इलाके की। घटना पर आऊं इससे पहले पूरी कहानी को समझते हैं। कहानी की शुरुआत होती है अनीता राज से, जिसकी शादी साल 2010 में भुसावर थाना क्षेत्र के एक गांव में पढ़े लिखे शख्स इंद्रमोहन जाटव से होती है। इंद्रमोहन फल बेचने का काम करता था। शादी हिंदू रीति-रिवाज और परिवार की सहमति से हुई थी। सबकुछ ठीक रहा था। इस बीच एक लड़का भी हुआ। कुछ साल बाद पति, सास ससुर ने खेरली रेल में मकान बनवाया, जहां अनिता राज अपने ससुराल वालों के साथ रहने लगी। इस तरह समय बीतता गया। और फिर कुछ समय बाद अनीता का ससुराल वालों से झगड़ा होने लगा। ससुराल वालों को सबक सिखाने के लिए उसने उन पर प्रताड़ित करने का मामला दर्ज (Woman cheats on husband with two married men) कराया। इस काम में पति इंद्रमोहन अपनी पत्नी अनीता राज का बखूबी साथ देता रहा। परिवार से न बनती देख इंद्रमोहन ने बाईपास पर एक मकान किराए पर ले लिया और पत्नी, बच्चे के साथ रहने लगा। अब पत्नी, बच्चे सब खुश थे।  अनीता पति इंद्रमोहन को छोड़कर वीरू जाटव के साथ लिव-इन रिलेशन में रहने (Woman cheats on husband with two married men) लगी इसी बीच अनीता राज का वीरू जाटव से इश्क हो गया। वीरू जाटव से इश्क होने के बाद अनीता का पति इंद्रमोहन से झगड़ा होने लगा। इसी बीच एक दिन अनीता ने पति इंद्रमोहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी और अब अनीता इंद्रमोहन को छोड़कर वीरू जाटव के साथ लिव-इन रिलेशन में रहने (Woman cheats on husband with two married men) लगी। दोनों से एक पुत्र हुआ, जिसका नाम विशाल रखा। इसके बाद उसे एक और शख़्स से इश्क हुआ और उससे भी उसे एक लड़का हुआ। इस तरह उसे दो लोगों से दो लड़के हुए। चूँकि वीरू जाटव पहले से ही शादीशुदा था और उसकी पहली पत्नी से दो लड़के एक लड़की थी। बड़ी लड़की सविता ने इसी साल बारहवीं कक्षा पास की। एक महीने पहले वीरू ने बड़े बेटे की भी शादी की। वीरू जाटव दोनों पत्नियों और बच्चों की पूरी देखभाल करता था और दोनों का ख़र्चा उठाया करता था। लेकिन वह अपनी नयी पत्नी अनीता राज और उसके बच्चे के साथ ही रहता था। खैर, पहली पत्नी सपना ने अपने बच्चों के भविष्य तथा अपने जीवन जीने के लिए पति की दूसरी शादी को स्वीकार कर लिया था। ये तो रही बात पहले प्रेमी वीरू जाटव की। वीरू जाटव नहीं चाहता था कि अनीता काशी से मिले या फिर उससे शादी (Woman cheats on husband with two married men) करे  इस कहानी का तीसरा और महत्वपूर्ण शख्स भी है, जिसका नाम है काशी प्रजापत। काशी प्रजापत का घर वीरू जाटव की कालोनी में ही है। वो कचौरी का ठेला लगाता है। बड़ी बात यह कि काशी प्रजापत भी शादीशुदा है और उसका एक लड़का है। कमाल की बात यह कि इंद्रमोहन, वीरू जाटव के बाद अनीता राज ने चोरी छिपे काशी से भी प्रेम संबंध बना लिया। संबंध तो बना लिया लेकिन वीरू जाटव नहीं चाहता था कि अनीता उससे मिले या फिर उससे शादी (Woman cheats on husband with two married men) करे। कुल-मिलाकर उसके इस नए प्रेम संबंध में दूसरा पति वीरू जाटव अड़ंगा लड़ा रहा। अब अनीता और काशी दोनों ने मिलकर वीरू को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। अनीता और काशी ने वीरू को मारने के लिए आठ जून को चार लोगों को दो लाख रुपये की सुपारी देकर उसकी हत्या करवा दी। उसकी हत्या तो करवा दी लेकिन इस हत्याकांड को अनीता और वीरू के बेटे ने देख लिया। लेकिन वह डर के मारे वो शांत रहा। और हत्या के वक्त सोने का नाटक करता रहा।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक आधी रात को चार लोग घर में आए और उसके पिता वीरू की सोते वक्त दम घोंटकर मार (Woman cheats on husband with two married men) दिया खैर, हत्या के बाद अनीता ने शुरूआत में परिवार को बताया कि वीरू बीमार था और बीमारी की वजह से उसकी मौत हो गई। लेकिन वीरू के टूटे दांत और दम घुटने के निशान देखकर लोगों का शक गहराता गया। इस बीच वीरू के भाई ने शिकायत दर्ज करवा दी। शिकायत दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन करने लगी। पुलिस की पूछताछ में बच्चे ने गवाही दी कि उसकी मां ने रात में घर का मेन गेट जानबुझकर खुला छोड़ दिया था। करीब आधी रात को चार लोग घर में आए और उसके पिता वीरू की सोते वक्त दम घोंटकर मार (Woman cheats on husband with two married men) दिया। बच्चे ने यह बताया की वह उन चार लोगों में एक आदमी को जानता है। उस आदमी का नाम काशीराम प्रजापत है। बाद में पुलिस जांच में पता चला है कि काशीराम अनीता का प्रेमी है। पुलिस… Read More

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Trump cryptic statement

Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir: आखिर ट्रंप ने क्यों कहा, कोई नहीं जानता कि मैं क्या करूंगा, मचा हड़कंप

बीते सप्ताह भर से इजरायल और ईरान के बीच आत्मघाती हमले जारी हैं। एक तरफ जहां इजरायल तेहरान के अलग-अलग हिस्सों में एयर स्ट्राइक कर रहा है और उसके न्यूक्लियर ठिकानों को नुकसान पहुंचा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ ईरान इजरायल पर लॉन्ग रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दाग रहा है। यही नहीं, ईरान-इजरायल युद्ध में अब अमेरिका भी कूद पड़ा है। बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर हमले को मंजूरी दे दी है। फिलहाल उन्होंने अंतिम आदेश के लिए रुकने को कहा है। उनके मुताबिक फाइनल आदेश के बाद हमला किया (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) जाएगा। दरअसल, वो यह देख रहे हैं कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम की हठ छोड़ता है या नहीं। खैर, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान-इजरायल युद्ध के बीच एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान बातचीत के लिए व्हाइट हाउस आने को तैयार था, लेकिन उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया।  आज की स्थिति और एक हफ्ते पहले की स्थिति में काफी आ (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) चुका है फर्क  डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि अब बातचीत का समय बीत चुका है। ट्रंप ने कहा कि आज की स्थिति और एक हफ्ते पहले की स्थिति में काफी फर्क आ (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) चुका है। अब किसी को नहीं पता कि मेरा अगला कदम क्या होगा, क्योंकि मेरा धैर्य अब खत्म हो गया है। उन्होंने आगे कहा, “ईरान की ओर से व्हाइट हाउस आने का सुझाव भी दिया गया था। यह एक साहसिक कदम था, लेकिन उनके लिए ऐसा करना आसान नहीं होता।” दरअसल, ट्रंप से उस बयान पर पूछा गया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई ने आत्मसमर्पण से इनकार कर दिया था। इस पर जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, मैं उन्हें सिर्फ शुभकामनाएं दूंगा। अब हमारा सब्र जवाब दे चुका है। उनका देश बर्बादी के कगार पर है। कई लोगों की जान जा चुकी है। जो कि बेहद दुखद है। इस दौरान  जब ट्रंप से यह जानने की कोशिश की गई कि क्या अमेरिका ईरान पर हमला करेगा? तो उन्होंने शांत शब्दों में कहा कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी कि हमला होगा या नहीं।  ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) दिया करारा जवाब गौरतलब हो कि राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) के बयान से पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को करारा जवाब (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) दिया है। खामेनेई ने साफ और स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान कभी भी घुटने नहीं टेकेगा और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान अपने शहीदों के खून की अनदेखी नहीं करेगा और उसे हमेशा याद रखेगा। विदित हो कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खामेनेई को सख्त संदेश देते हुए कहा था कि ईरान को बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण कर देना चाहिए। इसके जवाब में खामेनेई ने अमेरिका को तीखा संदेश भेजा।  इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! यदि अमेरिका ने हमला किया (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) तो उसे ऐसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान कभी भी आत्मसमर्पण नहीं करेगा, और यदि अमेरिका ने हमला किया (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) तो उसे ऐसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे जिनकी भरपाई संभव नहीं होगी। इस दौरान खामेनेई ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान विदेशी शक्तियों की किसी भी धमकी या दबाव के सामने झुकेगा नहीं। खामेनेई ने बेबाकी अंदाज में दो टूक कहा, हम न तो किसी जबरन थोपे गए युद्ध को स्वीकार करेंगे और न ही किसी थोपी गई शांति को हम हर परिस्थिति में डटकर मुकाबला करेंगे। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir #Trump #DonaldTrump #USPolitics #CrypticStatement #GlobalNews #2025Elections #TrumpNews

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Delhi Water Crisis

दिल्ली में पानी का संकट: आम आदमी पार्टी का बीजेपी सरकार पर तीखा हमला

देश की राजधानी दिल्ली इस समय एक गंभीर जल संकट (Water crisis in Delhi) से जूझ रही है। गर्मी के चरम पर पहुंचते ही राजधानी में पानी की भारी किल्लत ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। इस संकट को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की दिल्ली सरकार पर कड़ा हमला बोला है। आप नेता सौरभ भारद्वाज (AAP Politician Saurabh Bharadwaj) ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि “चार इंजन वाली सरकार” के बावजूद दिल्ली के नागरिक बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बीजेपी सरकार (BJP Government) बने चार महीने हो चुके हैं, लेकिन जनता की सबसे बुनियादी ज़रूरत यानी पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में यह सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। राजधानी के कई इलाकों में जनता परेशान  आप नेता सौरभ भारद्वाज (AAP Politician Saurabh Bharadwaj) ने बताया कि अंबेडकर नगर, देवली, तुगलकाबाद, छतरपुर, मेहरौली, पालम, हरिनगर, रजौरी गार्डन, ग्रेटर कैलाश और जनकपुरी जैसे कई इलाकों में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। खास बात यह है कि ग्रेटर कैलाश जैसे क्षेत्रों में पहले कभी पानी की कमी नहीं थी, लेकिन अब वहां भी टंकियों में पानी नहीं आ रहा है। इस संकट के चलते जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग सड़कों पर उतर आए हैं, पानी की टंकी और मटके लेकर विरोध कर रहे हैं, और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के दफ्तरों का घेराव कर रहे हैं। बुधवार को दक्षिणी दिल्ली में महिलाओं ने मटके फोड़कर अपना गुस्सा जताया और “भाजपा हाय-हाय” के नारे लगाए। NGT की फटकार ने खोली पोल नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) ने भी दिल्ली जल बोर्ड को गंभीर फटकार लगाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक NGT ने राजधानी में दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए इसे नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि पीने के पानी में पाए जाने वाले प्रदूषक तत्व, जैसे की ई. कोलाई, लेड और आर्सेनिक, गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं। वहीँ ICMR की रिपोर्ट के अनुसार गर्मियों में दूषित जल के सेवन से होने वाले संक्रमणों, जैसे कि डायरिया, टायफाइड और हेपेटाइटिस-A, के मामलों में 25–30% की वृद्धि दर्ज की जाती है। जल संकट के पीछे क्या कारण है? जानकारों के अनुसार दिल्ली की जल समस्या (Water crisis in Delhi) के पीछे कई वजहें हैं:-  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा क्या कर रही है सरकार? दिल्ली में बीजेपी (BJP) की तरफ से कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने अब तक स्थिति पर कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है, जिससे जनता में नाराजगी और बढ़ गई है। हालांकि सरकार का कहना है कि जल बोर्ड की कार्यप्रणाली में सुधार किया जा रहा है और जल्द ही अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन ये प्रयास तब तक अधूरे लगते हैं जब तक ज़मीन पर बदलाव दिखाई न दे। दिल्ली का जल संकट (Water crisis in Delhi) एक चेतावनी है कि यदि अब भी सरकारें सचेत नहीं हुईं तो भविष्य में ये परेशानी और ज्यादा बढ़ सकती है। आम आदमी पार्टी की तरफ से उठाए गए सवाल जायज हैं और यह सरकार की जवाबदेही तय करने का समय है। इस पूरे मसले में यह स्पष्ट होता जा रहा है कि पानी सिर्फ एक संसाधन नहीं, बल्कि राजनीति का भी केंद्र बन चुका है। लेकिन इस राजनीति के बीच आम दिल्लीवासी की प्यास कौन बुझाएगा, यह सबसे बड़ा सवाल है। Latest News in Hindi Today Hindi Water crisis in Delhi #DelhiWaterCrisis #AAPvsBJP #WaterShortageDelhi #Kejriwal #BJP #DelhiPolitics #WaterCrisis2025

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Rahul Gandhi birthday 2025

Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री

आज यानी 19 जून को,कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ साथ अन्य दलों के लोग भी उन्हें जन्मदिन की बधाइयाँ दे रहे (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) हैं। खैर, रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को यूपी में इंडिया गठबंधन के सहयोगी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने खास अंदाज में जन्मदिन की बधाई दी है। अखिलेश ने उन्हें समावेशी राजनीतिक सक्रियता के लिए शुभकामनाएं दी हैं। दरअसल, अखिलेश ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई दी और कहा श्री राहुल गांधी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई व सौहार्दपूर्ण, समावेशी, समायोजनकारी समग्र सामाजिक-राजनीतिक सक्रियता के लिए शुभकामनाएँ!  नई दिल्ली के होली फैमिली अस्पताल में हुआ (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) था राहुल गांधी का जन्म  राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का जन्म 19 जून 1970 को नई दिल्ली के होली फैमिली अस्पताल में हुआ (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) था। भारत के कद्दावर राजनीतिक परिवार में जन्में राहुल गाँधी के परिवार की बात करें तो उनके परदादा यानी पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले और सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे हैं, तो वहीं उनकी दादी इंदिरा गांधी, भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। इतना ही नहीं उनके पिता राजीव गांधी भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री रह चुके हैं। बात करें राहुल गांधी की शिक्षा की तो उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद देहरादून के प्रतिष्ठित द दून स्कूल से शिक्षा ली। यही नहीं, राहुल गांधी ने प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय के फ्लोरिडा के रोलिंस कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद कांग्रेस नेता ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के ट्रिनिटी कॉलेज से एम.फिल की डिग्री हासिल की। सुरक्षा कारणों से राहुल गांधी को अपना नाम बदलकर उच्च शिक्षा करनी (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) पड़ी पूरी  राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का जन्म भले ही सबसे कद्दावर राजनीतिक परिवार में हुआ हो लेकिन उन्होंने छोटी उम्र में ही अपनी दादी की मौत (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) देखी। बात साल 1983 की है। जब पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर राहुल को घर पर ही रहकर पढ़ाई करनी पड़ी। इसके बाद प्रधानमंत्री बने राहुल के पिता राजीव गांधी की भी हत्या कर दी गई। इसलिए सुरक्षा कारणों से राहुल गांधी को अपना नाम बदलकर उच्च शिक्षा पूरी करनी पड़ी। बता दें कि ग्रेजुएशन के बाद राहुल ने तकरीबन तीन साल तक लंदन के मॉनिटर ग्रुप में काम किया। यह कंपनी मैनेजमेंट गुरु माइकल पोर्टर की कंसल्टिंग फर्म थी। गौर करने वाली बात यह कि यही वो समय था, जब राहुल गांधी की जान को भी खतरा माना जा रहा था। वजह यही जो यहाँ उन्हें राउल विंसी के नाम से काम करना पड़ा। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा साल 2004 में राहुल गांधी ने भारतीय राजनीति में (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) रखा कदम  खैर, इस बीच साल 2004 में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भारतीय राजनीति में कदम (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) रखा। उन्होंने अपने पिता राजीव गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी से चुनाव लड़ा। और शानदार जीत हासिल की। ​​इस चुनाव में राहुल एक लाख से ज्यादा वोटों से जीते थे। इसके बाद साल 2017 में उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी की स्मृति ईरानी से करारी हार का सामना करना पड़ा। यह हार सिर्फ राहुल गांधी की नहीं थी बल्कि उनके नेतृत्व में पूरे देश में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। कांग्रेस के ख़राब प्रदर्शन से दुखी राहुल गांधी ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi #RahulGandhi #BirthdaySpecial #IndianPolitics #CongressParty #PoliticalJourney

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PM Modi Canada Visit,

क्या लैपटॉप गोद में रखकर काम करना महिलाओं की फर्टिलिटी के लिए हो सकता है खतरनाक?

बदलते समय के साथ कई चीजों में बदलाव आ चुका है। अब लोग 9 से 5 बजे तक काम नहीं करते हैं बल्कि अब फ्लेक्सिबल आर्स में आराम से घर बैठ कर काम किया जाता है। आज लाखों लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। जहां घर से काम करने के कई फायदे हैं वहीं इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। लगातार लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने बैठ कर काम करना आसान नहीं होता और सेहत के लिए भी हानिकारक है। कई बार ऐसा भी होता है कि हम लैपटॉप को गोद में रखकर काम करते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि लैपटॉप और फर्टिलिटी (Fertility) के बीच में संबंध है? ऐसा पाया गया है कि गोद में लैपटॉप रखकर काम करने से महिलाओं की फर्टिलिटी (Women’s fertility) पर असर हो सकता है। आइए जानें लैपटॉप और महिलाओं की फर्टिलिटी (Laptops and women’s fertility) के बारे में विस्तार से। लैपटॉप और महिलाओं की फर्टिलिटी (Laptops and women’s fertility) के बारे में जानें पुरुष जो लैपटॉप को अपनी गोद में रख कर काम करते हैं, उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। क्योंकि ऐसा पाया गया है कि इससे पुरुषों की फर्टिलिटी (Fertility) पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे उनके स्पर्म की क्वालिटी पर असर होता है। लेकिन, स्टडी के अनुसार इससे लैपटॉप और महिलाओं की फर्टिलिटी (Laptops and women’s fertility) के बीच में भी संबंध है। इससे उनकी एग की गुणवत्ता भी खराब हो सकती हैं। यानी लैपटॉप से महिलाओं की फर्टिलिटी (Women’s fertility) प्रभावित होती है और यह इनफर्टिलिटी का कारण बन सकता है। यही नहीं, लम्बे समय तक लॅपटॉप को गोद में रख कर काम करने से एग रिलीज में भी समस्या हो सकती है। जिससे महिलाओं को कंसीव करने में मुश्किल हो सकता है। दरअसल लैपटॉप से हीट और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड रेडिएशन जनरेट होती हैं, जिससे हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे पीरियड्स में भी समस्या आ सकती है।  इसका अर्थ यह यह है कि लैपटॉप का अधिक समय तक गोद में रख कर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आप उचित दूरी पर इसे रख कर इसका प्रयोग करें और इसका प्रयोग सही तरीके से करें। महिलाओं की फर्टिलिटी (Women’s fertility) पर इसके प्रभाव के अलावा भी लैपटॉप के इस्तेमाल के कई अन्य नुकसान भी हो सकते हैं। जानिए इनके बारे में। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक लैपटॉप के इस्तेमाल के कई अन्य नुकसान यह नहीं हो सकता कि हम लैपटॉप का कम या बिलकुल भी इस्तेमाल न करें। अगर आप कंसीव करना चाहती हैं तो आपको यह सलाह दी जाती है कि गोद में लैपटॉप को रख कर इसके इस्तेमाल से बचें। इसके अन्य नुकसान इस प्रकार हैं: लैपटॉप और महिलाओं की फर्टिलिटी (Laptops and women’s Fertility) के संबंध के बारे में तो आप जान ही गए होंगे। इसलिए गोद की जगह टेबल या किसी स्टैंड का इस्तेमाल करें। आपकी आंखों और शरीर से यह उचित दूरी पर होना चाहिए। इसके अलावा कूलिंग पैड का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। ताकि लैपटॉप से निकलने वाली हीट और रेडिएशन्स से बचने में मदद मिल सके। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Fertility #FemaleFertility #LaptopUse #ReproductiveHealth #RadiationRisks #WomenHealthTips

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Khalistan Supporters in Canada

‘भारत विरोधी खालिस्तानियों को हम पनाह देते हैं’; पीएम मोदी के दौरे के बाद कनाडा ने मानी अपनी गलती 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के दौरे के बाद कनाडा ने पहली बार स्वीकार किया है कि खालिस्तानी चरमपंथी उसके जमीन का इस्तेमाल भारत में हिंसा-आतंकवाद फैलाने के लिए कर रहे हैं। कनाडा की खुफिया एजेंसी कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट में बताया गया है कि खालिस्तानी चरमपंथी (Khalistani Extremists) कनाडा का इस्तेमाल भारत में हिंसा फैलाने, धन जुटाने और अलगावाद को बढ़ावा देने का प्लान बनाने के रूप में कर रहे हैं। सीएसआईएस (CSIS) ने अपनी यह वार्षिक रिपोर्ट बुधवार को जारी की। इसमें कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर प्रमुख खतरों और चिंताओं के बारे में बताया गया है।  खालिस्तानी आतंकवादियों का पनहगाह बन चुका है कनाडा  सीएसआईएस ने अपने इस रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा है कि, ‘खालिस्तानी चरमपंथी (Khalistani Extremists) कनाडा में मौजूद हैं और ये यहां के जमीन का इस्तेमाल मुख्य रूप से भारत में हिंसा को बढ़ावा देने, गैर कानूनी गतिविधियों के लिए धन जुटाने या अलगावाद को योजना बनाने के लिए लंबे समय से कर रहे हैं। सीएसआईएस की रिपोर्ट पुष्टि करती है कि कनाडा अब भारत विरोधी तत्वों के लिए एक सुरक्षित देश बन चुका है। इस रिपोर्ट ने भारत द्वारा सालों से उठाई जा रही चिंताएं पुष्ट की है। भारत दशकों से कनाडा को चेतावनी देता रहा है कि उसका देश खालिस्तानी आतंकवादियों  का पनहगाह बन चुका है, लेकिन कनाडा इस सच्चाई को स्वीकार्य करने को तैयार नहीं था। हालांकि अब उसकी खुद की खुफिया एजेंसी द्वारा यह खुलासा होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि कनाडा सरकार जल्द ही भारत विरोधी इन तत्वों पर कार्रवाई शुरू करेगा।  खालिस्तानी चरमपंथ को रोकने के लिए भारत कर रहा कनाडा में कार्रवाई  सीएसआईएस के रिपोर्ट में कहा गया है कि 1980 के दशक के मध्य से ही कनाडा में भारत विरोधी कुछ छोटे संगठन मौजूद हैं। जिन्हें खालिस्तानी चरमपंथी (Khalistani Extremists) माना जाता है, क्योंकि ये कनाडा का इस्तेमाल मुख्य रूप से भारत में हिंसा को बढ़ावा देने के लिए कर रहे हैं। कनाडा से उभरने वाला ये खालिस्तानी चरमपंथ कनाडा में भारतीय विदेशी हस्तक्षेप गतिविधियों को बढ़ावा देने का कारण है। इनको रोकने के लिए ही भारत हमारी धरती पर गैर अधिकृति कार्रवाई कर रहा है।   कनाडा ने खालिस्तानियों के लिए पहली बार किया उग्रवाद शब्द का इस्तेमाल सीएसआईएस के इस रिपोर्ट की सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात ये है कि कनाडा ने पहली बार खालिस्तानियों के लिए आधिकारिक तौर पर ‘उग्रवाद’ शब्द का इस्तेमाल किया है। यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे पहले कनाडा की सरकार इन खालिस्तानियों (Khalistani Extremists) को हल्के में लेती थीं और इनके कार्रवाई को ‘सामुदायिक गतिविधियों’ की तरह देखती थी। लेकिन सीएसआईएस ने जिस तरह से अब इन्हें उग्रवादी कहकर संबोधित किया उससे यही लगता है कि, खालिस्तानी उग्रवादी अब न केवल भारत के लिए खतरा हैं, बल्कि कनाडा के लिए भी खतरा बन चुके हैं। इसीलिए सीएसआईएस ने खालिस्तान पर चिंता व्यक्ति करते हुए इन पर कार्रवाई की मांग की है।   इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! ट्रूडो सरकार में बेहद खराब स्तर पर पहुंच गए थे दोनों देशों के रिश्ते  बता दें कि कनाडा में जब पीएम जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) की सरकार थी, तब दोनों देशों के रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। साल 2023 में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद पीएम ट्रूडो इसका आरोप भारत पर लगाया था और दावा किया था कि उनके पास इस हत्याकांड में भारत की संलिप्तता के सबूत हैं। भारत ने इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे “बेतुका” और “बेबुनियाद” बताया था। साथ ही कनाडा पर भारत विरोधी तत्वों को पनाह देने का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद भारत ने कनाडा के छह राजनायिकों को देश से निकालने के साथ अपने राजनायिकों को भी वापस बुला लिया था। लेकिन कनाडा में सत्ता परिवर्तन होने के बाद दोनों देशों के संबंधों में सुधार होता नजर आ रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) ने हाल ही में संपन्न जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) को भी आमंत्रित किया था। इस दौरान दोनों देशों ने फिर से राजनायिक रिश्ते को पहले की तरह बहाल करने पर सहमति जताई।  Latest News in Hindi Today Hindi news Khalistani Extremists #PMModiVisit #CanadaKhalistanRow #IndiaCanadaTensions #ModiTrudeau #CanadaAdmitsMistake

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Donald Trump General Munir meeting

ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और पाकिस्तान के सेना प्रमुख व फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर (Asim Munir) के बीच व्हाइट हाउस में बुधवार दोपहर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों के बीच यह मुलाकात व्हाइट हाउस के कैबिनेट रूम में लंच के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में ईरान-इजरायल संघर्ष (Iran–Israel War) और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पाकिस्तान की क्षेत्रीय समझ की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान ईरान को अमेरिका से बेहतर समझता है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है। हमें उनकी कूटनीतिक शक्ति और अनुभव का लाभ लेना चाहिए, खासकर ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।” डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने आगे कहा कि वे पाकिस्तान की उस भूमिका को भी महत्व देते हैं जो उसने हाल ही में भारत-पाक सीमा पर तनाव कम करने में निभाई है। पाकिस्तान दक्षिण एशिया में संतुलन बनाए रखने में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है। नोबेल शांति पुरस्कार की सिफारिश का असर? व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने बैठक के बाद प्रत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि यह बैठक जनरल मुनीर (Asim Munir) द्वारा ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सिफारिश किए जाने के बाद आयोजित की गई थी। अन्ना केली ने कहा, “फील्ड मार्शल मुनीर ने हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध रोकने में भूमिका निभाने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति ने इस सम्मान के लिए आसिम मुनीर (Asim Munir) का व्यक्तिगत रूप से आभार जताया।” मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने जनरल मुनीर की उस भूमिका की सराहना की जिससे भारत-पाक तनाव के बीच सैन्य संघर्ष टल सका। उन्होंने इसे एक “साहसिक और जिम्मेदार” कदम बताया। दोनों के बीच व्यापारिक संबंधों पर भी हुई चर्चा व्हाइट हाउस के अनुसार, इस बैठक में केवल कूटनीतिक मसलों पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक सहयोग और व्यापार को लेकर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका पाकिस्तान और भारत के साथ त्रिपक्षीय व्यापारिक बातचीत की संभावनाएं तलाश रहा है। उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान की आर्थिक चिंताओं को गंभीरता से ले रहे हैं। व्यापारिक मोर्चे पर शुरुआती बातचीत शुरू हो चुकी है, और हम आगे बढ़ने को तैयार हैं।” हालांकि, ट्रंप ने किसी संभावित समझौते की समय-सीमा या स्पष्ट ढांचे पर विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन यह संकेत जरूर दिए कि आने वाले समय में इस दिशा में ठोस प्रगति हो सकती है। इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन ट्रंप के झूठे दावों को नाकार चुका भारत  बता दें कि हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत ने पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी ढांचे पर हमला किया था, जवाब में पाकिस्तान (Asim Munir) ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। जिससे सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई थी। भारते ने जब पाकिस्तान के एयर बेस पर हमला किया तो उसने संघर्ष रोककर बातचीत की अपील की। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उनकी पहल पर भारत-पाकिस्तान संघर्ष रूका, लेकिन भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष के शामिल होने से इंकार कर दिया। भारत का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान के अपील पर रोका गया। हालांकि, इस संघर्ष के बाद से ही पाकिस्तान की लीडरशीप ट्रंप की चापलूसी करने में जुटी है। इसी के तहत मुनीर ने ट्रंप को शांति दूत बताते हुए नोबेल पुरस्कार देने की मांग की थी। पाकिस्तान के इस अपील से गदगद हुए ट्रंप ने मुनीर को मिलने के लिए व्हाइट हाउस बुला लिया था।   Latest News in Hindi Today Hindi news Asim Munir #Trump #Pakistan #IranIsraelConflict #GeneralMunir #MiddleEastPeace #USForeignPolicy

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India Iran evacuation

India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu:ऑपरेशन सिंधु के तहत भारत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीयों को निकालना शुरू किया, वापस लौटे लोगों ने बयां किए ईरान के हालात

गुजरते वक़्त के साथ-साथ ईरान और इजरायल के बीच हालात खराब होते जा रहे हैं। रोज दोनों देश एक दूसरे पर मिसाइल अटैक कर रहे हैं। युद्ध जैसे हालात के इस बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन सिंधु के तहत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) है। इस कड़ी में भारत सरकार की तरफ से 110 भारतीय छात्रों को ईरान से निकालकर पहले आर्मेनिया पहुंचाया गया फिर वहां से गुरुवार की सुबह ये छात्र दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे। दिल्ली पहुंचने के बाद सभी छात्र काफी खुश नजर आये। ईरान से आए अधिकतर छात्रों ने बताया की ईरान की राजधानी तेहरान में हालात बहुत नाजुक हैं। हमारे हॉस्टल के ऊपर से मिसाइलें गुजरती थीं। हम मिसाइल देखकर डर जाते थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने उत्तरी ईरान से 110 भारतीय छात्रों को निकाला है। देश के कई राज्यों के छात्रों को ईरान से दिल्ली लाया गया है। अब वो यहां से अपने-अपने राज्य के लिए जा रहे हैं।  भारत सरकार ने सब कुछ अच्छी तरह से (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) किया प्रबंधित  ईरान से निकाले गए एक छात्र ने बताया कि वहां की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। तेहरान में तो स्थिति बेहद ही खराब है। वहां से सभी भारतीय छात्रों को निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं। सभी छात्रों को निकाला जा रहा है और सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जा रहा है। छात्रों ने बताया कि पहले हमें हमारी यूनिवर्सिटी से निकाला गया और आर्मेनिया ले जाया (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) गया। जिसके बाद हमें कतर ले जाया गया। इस तरह हम कतर से भारत पहुंचे हैं। छात्र के अलावा ईरान से वापस आए छात्रों के माता-पिता का खुशी का ठिकाना नहीं हैं। ईरान से वापस आई एक छात्रा की मां कहती हैं कि मुझे बहुत खुशी है कि मेरी बेटी घर लौट आई है। उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि सभी के बच्चे अपने घर वापस लौट आएं। उन्होंने भारत सरकार का आभार जताते हुए कहा कि भारत सरकार ने सब कुछ इतनी अच्छी तरह से प्रबंधित किया है कि हमारे बच्चों को कहीं भी कोई परेशानी नहीं हुई।  भारत सरकार ने बहुत अच्छे प्रयास किए (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हैं यही नहीं एक अन्य छात्र के पिता ने बताया कि मेरा बेटा भारत से भेजे गए विशेष विमान से अर्मेनिया के रास्ते वापस आ रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि मेरा बेटा घर वापस आ रहा है। कहने की जरूरत नहीं भारत सरकार ने बहुत अच्छे प्रयास किए (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हैं। उन्होंने भारत सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि तेहरान में फंसे छात्रों की भी मदद करे। उन्होंने कहा कि तेहरान सहित देश के अंदरूनी इलाकों में फंसे लोग अभी तक बाहर नहीं निकल पाए हैं। मैं तेहरान में भारतीय दूतावास को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मेरा बेटा जल्द ही यहां पहुँचने वाला है।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा कुछ छात्र जम्मू कश्मीर की सरकार से (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हुए नाराज  एक तरफ जहाँ ईरान से लौटे छात्र भारत सरकार की तारीफ करते नहीं तक रहे हैं तो वहीं कुछ छात्र जम्मू कश्मीर की सरकार से नाराज (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हैं। छात्रों का कहना है कि भारत सरकार ने हमारी पूरी मदद की, हर सहूलियत दी, लेकिन जम्मू कश्मीर सरकार ने हमसे कहा था कि दिल्ली से कश्मीर तक का वो इंतजाम करेंगे। लेकिन आप देख सकते हैं किस तरह की बस जम्मू सरकार ने हमारे लिए दी है। जम्मू कश्मीर सरकार की तरफ से उपलब्ध करवाए गए बस से कश्मीर के छात्र नाराज हैं। उनका कहना है कि वो इतनी लंबी यात्रा कर के आए हैं और अब फिर 20 घंटे की यात्रा कर पाना वो भी इस बस हमारे लिए बेहद मुश्किल होने वाला है। छात्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर सरकार ने दिल्ली से कश्मीर तक की यात्रा के लिए बेहतर इंतजाम करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मौके पर दी गई बसें न केवल पुरानी हैं, बल्कि लंबी यात्रा के लिए असुविधाजनक भी हैं।  कहने की जरूरत नहीं, इस स्थिति ने न सिर्फ छात्रों, बल्कि विदेश मंत्रालय को भी निराश किया है। जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा किया गया यह इंतजाम अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा है। Latest News in Hindi Today Hindi news India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu #OperationSindhu #IndiaIran #EvacuationMission #IndianCitizensRescued #MEAIndia #IranCrisis2025 #GlobalNews

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Groom killed before wedding

Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding: यूपी के रामपुर में शादी से पहले ही दुल्हन ने अपने आशिक से कराया दूल्हे का कत्ल

मोबाइल के इस युग में पता नहीं क्या हो गया है, जहाँ देखों वहां पति पत्नी को मौत के घाट उतार रहे हैं तो कहीं पत्नी पति को। मारने का चक्कर सिर्फ प्रेमी और प्रेमिका का होना है। अभी इंदौर का राजा रघुवंशी हत्याकांड अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि उत्तर प्रदेश के रामपुर से कुछ इसी तरह के मिलते-जुलते मामले ने लोगों को सकते में डाल दिया। रामपुर में शादी से एक दिन पहले बाइक सवार दो युवक दुल्हन का चचेरा भाई बताकर दूल्हे के घर पहुंचे और उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर शव अजीमनगर क्षेत्र के रतनपुरा शुमाली गांव के जंगल में फेंक (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) दिया। दरअसल, रामपुर स्थित भोट क्षेत्र के धनुपुरा गांव की रहने वाली गुलफशां ने अपने प्रेमी सद्दाम के साथ मिलकर शादी से एक दिन पहले अपने 25 वर्षीय मंगेतर निहाल को मौत के घाट उतार दिया। फ़िलहाल, पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपी गुलफशां के प्रेमी व फरमान नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।  रिश्ता 6 महीने पहले तय हुआ था और निकाह के लिए 15 जून की तारीख हुई (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) थी तय  जानकारी के मुताबिक रामपुर के मोहल्ला गूजर टोला स्थित फकीरों वाला फाटक निवासी निहाल का शव अजीमनगर थाना क्षेत्र के गांव रतनपुरा के जंगल में मिला था। शव मिलने के बाद निहाल के परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के भाई नायाब ने निहाल की होने वाली पत्नी गुलफशां को इस हत्याकांड का आरोपी बताया था। नायाब ने बताया कि उसका भाई खाना बनाने का काम करता (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) था। उसका निकाह भोट थाना क्षेत्र के धनुपुरा गांव निवासी गुलफशां से तय हुआ था। यह रिश्ता 6 महीने पहले तय हुआ था और निकाह के लिए 15 जून की तारीख तय हुई थी।  निहाल के गायब होने के कारण भी नहीं जा (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) सकी बारात  इस पूरे मामले पर नायाब ने कहा कि बारात की तैयारियां चल रही थीं। शादी की रस्में शुरू हो चुकी थीं। इसी बीच 14 जून को एक युवक ने खुद को गुलफशां का भाई बताते हुए निहाल को फोन किया। और निहाल से कपड़ों का नाप लेने की बात कही। इसके बाद निहाल उन युवकों की बाइक पर बैठकर चला गया। और फिर वापस नहीं लौटा। इस बीच काफी देर बाद जब निहाल वापस नहीं लौटा, तो परिवार के लोगों ने तलाश शुरू कर दी। काफी छानबीन करने के बाद जब कहीं कोई खबर नहीं मिली तो परिवार वालों ने इसकी सूचना परिवार वालों को (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) दी। जाहिर सी बात है निहाल के गायब होने के कारण बारात भी नहीं जा सकी। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक नायाब की निशानदेही पर पुलिस ने दो आरोपियों सद्दाम और फरमान को (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) कर लिया है गिरफ्तार  सूचना पाकर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। इस बीच निहाल का शव रात में अजीमनगर इलाके के जंगल में मिला। नायाब का कहना है कि गुलफशां ने अपने प्रेमी सद्दाम और उसके दोस्तों के साथ मिलकर हत्या करवाई (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) है। नायाब ने आरोप लगाया कि गुलफशां और सद्दाम के बीच एक साल से प्रेम संबंध थे। नायाब की निशानदेही पर पुलिस ने दो आरोपियों सद्दाम और फरमान को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन गुलफशां और अनीस को अभी तक नहीं पकड़ा गया है। परिजनों ने गुलफशां को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  Latest News in Hindi Today Hindi  #RampurMurder #BrideLoverPlot #WeddingCrime #UPNews #TrueCrimeIndia

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Axiom Mission 4

अब 22 जून को लॉन्च होगा Axiom Mission 4: ISRO

भारत के अंतरिक्ष मिशन में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसमें भारत के शुभांशु शुक्ला का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा। साल 1984 में राकेश शर्मा के बाद शुभांशु दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बनने जा रहे हैं जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करेंगे। यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। शुभांशु शुक्ला को Axiom Mission 4 (Ax-4) के अंतर्गत अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। यह मिशन न केवल भारत के लिए बल्कि पोलैंड और हंगरी के लिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि इन तीनों देशों के प्रतिनिधि पहली बार मानव अंतरिक्ष यात्रा में भाग लेंगे। यह मिशन भारत की वैज्ञानिक क्षमता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति समर्पण का प्रतीक है। 22 जून को लॉन्च होगा Axiom Mission 4   ISRO ने एक्स पर यह जानकारी दी है कि अब 22 जून को Axiom Mission 4  लॉन्च होगा। इस 14 दिवसीय मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला न केवल अंतरिक्ष में रिसर्च करेंगे, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता का भी प्रदर्शन करेंगे। वह भारतीय छात्रों और शिक्षकों के साथ सीधे संवाद स्थापित करेंगे, जिससे न केवल बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी बल्कि युवाओं को प्रेरणा भी मिलेगी। यह प्रयास शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भारत के दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर दर्शाएगा। शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सहयोग से संभव हो रही है। ISRO ने हमेशा से नई तकनीक और स्वदेशी अंतरिक्ष तकनीक के विकास को प्राथमिकता दी है। इस मिशन में ISRO द्वारा तैयार किए गए विशेष वैज्ञानिक प्रयोगों को अंतरिक्ष में अंजाम दिया जाएगा, जिनके परिणाम आने वाले समय में विज्ञान, औषधि और पर्यावरण के क्षेत्रों में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। शुभांशु का चयन एक कठिन प्रक्रिया के बाद हुआ है, जिसमें शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और वैज्ञानिक समझ को परखा गया। भारत अब अंतरिक्ष विज्ञान में न केवल तकनीक और प्रक्षेपण के क्षेत्र में बल्कि मानव संसाधन के स्तर पर भी अग्रणी बनता जा रहा है। Axiom Mission 4  को @Axiom_Space द्वारा @NASA और @SpaceX के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस तरह भारत अब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ साझेदारी में सक्रिय रूप से भागीदारी कर रहा है। इससे भारत को वैश्विक मंच पर वैज्ञानिक शक्ति के रूप में मान्यता मिल रही है। इस मिशन का सबसे विशेष पक्ष यह है कि यह केवल वैज्ञानिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भी प्रतीक बन रहा है। शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में भारत की संस्कृति, परंपरा और शांति के संदेश को लेकर जाएंगे, जिससे विश्व समुदाय में भारत की सॉफ्ट पावर को भी बल मिलेगा। इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन युवाओं के रोलमॉडल हैं “शुभांशु शुक्ला” इनसबके अलावा शुभांशु शुक्ला के साथ जुड़ी यह ऐतिहासिक यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। जब भारतीय बच्चे यह देखेंगे कि उनका प्रतिनिधि अंतरिक्ष में जाकर न केवल वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं, बल्कि देश की पहचान भी मजबूत कर रहे हैं, जिससे वे भी विज्ञान, तकनीक और नई-नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित होंगे। भारत के लिए यह अवसर केवल एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं है, बल्कि यह देश की वैज्ञानिक प्रगति, वैश्विक कूटनीति और युवाओं के उज्जवल भविष्य का प्रतीक है। यह मिशन दर्शाता है कि भारत अब केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक सहयोग और मानवता के हित में भी अंतरिक्ष विज्ञान का उपयोग कर रहा है। शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारत की अंतरिक्ष यात्रा में नया मोड़ लाने जा रही है। यह मिशन न केवल तकनीकी उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह देश के युवाओं को सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा भी देगा। यह ऐतिहासिक क्षण भारत को एक बार फिर गर्व से भर देगा, और अंतरिक्ष में भारत की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित करेगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Axiom Mission 4  #AxiomMission4 #ISRO #ShubhanshuShukla #SpaceX #ISS #Falcon9 #SpaceExploration

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