Team 50 Congress Madhya Pradesh

MP में कांग्रेस की ताकत बनेगी राहुल की Team 50, जानिए क्या है जीत का मास्टर प्लान

मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) बीते कुछ वर्षों से लगातार चुनावी पराजयों का सामना कर रही है। विधानसभा और लोकसभा दोनों स्तरों पर पार्टी की कमजोर होती स्थिति ने शीर्ष नेतृत्व को पुनः संगठन को जमीनी स्तर से मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। इसी दिशा में कांग्रेस ने अब गुजरात मॉडल (Gujrat Model) को अपनाते हुए संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसकी औपचारिक शुरुआत राहुल गांधी (Rahul Gandhi) 3 जून को भोपाल से करेंगे। राहुल गांधी का 10 वर्षों बाद पीसीसी कार्यालय दौरा संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की खास बात यह है कि करीब एक दशक बाद राहुल गांधी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) पहुंचेंगे, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व अब मध्य प्रदेश को लेकर गंभीर और सक्रिय रणनीति बना रहा है। राहुल गांधी के इस दौरे को पार्टी के कार्यकर्ताओं के मनोबल और उत्साह को बढ़ाने के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।  ‘टीम 50’ की भूमिका और जिम्मेदारी राहुल गांधी संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) के तहत अपनी ‘टीम 50’ को भी प्रदेश में सक्रिय करने जा रहे हैं। यह टीम देशभर से चुने गए 50 ऑब्जर्वरों की है, जिसमें असम, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के सांसद, विधायक और पूर्व मंत्री शामिल हैं। इन पर्यवेक्षकों को मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा जाएगा, जहां ये जिले की पार्टी इकाई का मूल्यांकन करेंगे। प्रत्येक ऑब्जर्वर को संबंधित जिले में जिला अध्यक्ष चुनने का अधिकार भी दिया जाएगा। उनका कार्य केवल नामांकन नहीं बल्कि ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की पहचान करना होगा जो स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं और जनसंपर्क बनाए रखते हैं। इसके साथ ही ये टीम निष्क्रिय नेताओं पर भी नजर रखेगी जो संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं।  सीधे दिल्ली को रिपोर्टिंग संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की एक और खासियत यह है कि ऑब्जर्वर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को नहीं, बल्कि सीधे दिल्ली के आलाकमान को सौंपेंगे। इसका उद्देश्य है पारदर्शिता बनाए रखते हुए स्थानीय गुटबाजी और सिफारिशी संस्कृति से बचना। इस टीम को मध्य प्रदेश कांग्रेस के चार वरिष्ठ नेताओं के जरिए को-ऑर्डिनेट किया जाएगा, जिन्हें को-ऑब्जर्वर की भूमिका दी जाएगी। ये नेता राहुल गांधी से चर्चा कर PCC में फीडबैक देंगे और ऑब्जर्वरों तथा कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने का कार्य करेंगे। इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस  गुजरात मॉडल का विस्तार गौरतलब है कि कांग्रेस ने अहमदाबाद अधिवेशन के बाद गुजरात में संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की शुरुआत की थी, जिसमें जिलेवार रिपोर्ट तैयार कर स्थानीय नेतृत्व को नया आकार दिया गया। गुजरात में इस मॉडल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और अब इसी मॉडल को मध्य प्रदेश में लागू किया जा रहा है। मध्य प्रदेश दूसरा राज्य है जहां यह अभियान लागू हो रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस अब देशभर में संगठनात्मक ढांचे को फिर से खड़ा करने की दिशा में गंभीर है। कांग्रेस के लिए आगे की राह यह संगठन सृजन अभियान केवल एक सांगठनिक कवायद नहीं, बल्कि पार्टी के पुनर्जन्म की नींव रखने का प्रयास है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो कांग्रेस को मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अपने कार्यकर्ता नेटवर्क को पुनः सक्रिय करने, स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़ाव बढ़ाने और विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए ठोस आधार तैयार करने में मदद मिलेगी। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का यह अभियान कांग्रेस के लिए एक नई उम्मीद की तरह है। अब देखना होगा कि यह प्रयास व्यावहारिक परिणाम दे पाता है या नहीं। लेकिन एक बात तय है — कांग्रेस (Congress) ने पुनर्गठन की दिशा में ठोस और गंभीर कदम उठाया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Sangathan Srijan Abhiyan #RahulGandhi #Team50 #Congress #MPElections #PoliticalStrategy #MadhyaPradesh #IndianPolitics

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Operation Sindoor Not Over Yet: पाकिस्तान को तीन बार घर में घुसकर मारा है.. समझ ले, ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है- पीएम मोदी

गुजरात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अलीपुरद्वार में एक जनसभा को संबोधित किया। इस बीच उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला। ममता सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि आज देशभर में 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। मैं तो चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल में भी 70 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिले, लेकिन टीएमसी सरकार ये नहीं करने दे रही है। ध्यान देने वाली भारत यह कि इस इस संबोधन मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। मोदी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि “पाकिस्तान को तीन बार घर में घुसकर मारा है। समझ ले, ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं (Operation Sindoor Not Over Yet) हुआ है। 1947 से लेकर आज तक पाकिस्तान ने सिर्फ आतंक (Operation Sindoor Not Over Yet) को पाला है यही नहीं, अपने भाषण के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने हमारी बहनों के सिंदूर को मिटाने की कोशिश की, लेकिन हमारी सेना ने उन्हें सिंदूर की शक्ति का अहसास करा दिया। पाकिस्तान को धमकाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान को समझना चाहिए कि भारत ने तीन बार घर में घुसकर मारा है। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं (Operation Sindoor Not Over Yet) हुआ है। अगर भारत पर हमला हुआ, तो दुश्मन को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। 1947 से लेकर आज तक पाकिस्तान ने सिर्फ आतंक को पाला है। बांग्लादेश युद्ध के दौरान वहां की सेना द्वारा किए गए अत्याचारों को दुनिया नहीं भूली है। टीएमसी सरकार चाय बागानों के मजदूरों को भी नहीं बख्श रही है (PM Modi) पीएम मोदी  अलीपुरद्वार में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने राज्य सरकार को बुजुर्गों को मुफ्त इलाज से वंचित रखने और शिक्षक भर्ती घोटाले जैसे मुद्दों पर घेरा। बंगाल की दुर्दशा पर प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा, गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार भ्रष्टाचार की मार झेल रहे हैं। हमने देखा है कि भ्रष्टाचार किस तरह विनाश की ओर ले जाता है, खास तौर पर पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में। टीएमसी सरकार ने हजारों शिक्षकों और उनके परिवारों का भविष्य बर्बाद कर दिया है। यह सिर्फ कुछ हजार शिक्षकों का विनाश नहीं है, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था बिगड़ रही है। अभी भी वे अपनी गलतियों को स्वीकार करने से इनकार करते हैं, इसके बजाय अदालतों को दोष देते हैं। यहाँ तक कि टीएमसी सरकार चाय बागानों के मजदूरों को भी नहीं बख्श रही है। राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण कई चाय बागान बंद हो रहे हैं। राज्य सरकार मजदूरों की मेहनत की कमाई को लूटने की कोशिश कर रही है। इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस टीएमसी सरकार ने अपने शासनकाल में हजारों टीचर्स का भविष्य बर्बाद कर दिया है- पीएम मोदी (PM Modi) सूबे की ममता सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मोदी (Operation Sindoor Not Over Yet) ने कहा कि टीएमसी सरकार ने अपने शासनकाल में हजारों टीचर्स का भविष्य बर्बाद कर दिया है। टीएमसी के घोटालेबाजों ने सैकड़ों गरीब परिवार के बेटे-बेटियों को अंधकार में धकेल दिया है। आलम यह कि बंगाल की जनता को अब टीएमसी सरकार के सिस्टम पर भरोसा नहीं है। यहां की जनता के पास अब सिर्फ कोर्ट का ही आसरा है। इसलिए पूरा बंगाल कह रहा है, “बंगाल में मची चीख-पुकार, नहीं चाहिए निर्मम सरकार।” इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज पश्चिम बंगाल एक साथ कई संकटों से घिरा हुआ है। एक संकट समाज में फैली हिंसा और अराजकता का है। दूसरा संकट माताओं-बहनों की असुरक्षा का है, उनके साथ हो रहे जघन्य अपराधों का है, तीसरा संकट नौजवानों में फैल रही घोर निराशा का है, बेतहाशा बेरोजगारी का है। चौथा संकट घनघोर भ्रष्टाचार का है, यहां के सिस्टम पर लगातार कम होते जन-विश्वास का है तो वहीं पांचवां संकट गरीबों का हक छिनने वाली सत्ताधारी पार्टी की स्वार्थी राजनीति का है। Latest News in Hindi Today Hindi news Operation Sindoor Not Over Yet #OperationSindoor #PMModi #PakistanStrike #SurgicalStrike #IndiaSecurity #IndianArmy #ModiSpeech

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Ladli Behna Yojana

Ladli Behna Yojana: 5 वर्षों में लाडली बहनों को सरकार देगी 3000 रुपये प्रतिमाह

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (MP CM Mohan Yadav) ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घोषणा की है कि राज्य की लाडली बहनों को लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों के भीतर प्रत्येक महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह घोषणा उन्होंने बैतूल जिले के सारणी के पाथाखेड़ा में महिला स्वयं सहायता समूहों के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान की। महिलाएं होंगी आत्मनिर्भरता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने इस अवसर पर महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने चुनाव के दौरान  लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana)  के तहत 1000 रुपय प्रतिमाह देने का वादा किया था, जो कि अब बढ़कर 1230 रुपये हो चुका है। आने वाले समय में यह राशि क्रमशः बढ़ती जाएगी और अगले पांच वर्षों में यह 3000 रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कांग्रेस पूछ रही है कि ये पैसा कहां से आएगा। मैं सभी बहनों को आश्वस्त करता हूं कि चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हम धीरे-धीरे करके इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे और 5 वर्षों के भीतर 3000 रुपये प्रतिमाह की राशि लाडली बहनों को दी जाएगी।” स्वयं सहायता समूहों को मिल रहा है बढ़ावा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई लखपति दीदी योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य है कि प्रत्येक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला की सालाना आमदनी एक लाख रुपये तक हो। इस दिशा में राज्य में 350 से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी भी दी कि राज्य में कई स्थानों पर रेडीमेड गारमेंट फैक्ट्रियां स्थापित की जा रही हैं। इन फैक्ट्रियों में काम करने वाली महिलाओं (Ladli Behna Yojana) को सरकार 5000 रुपये और फैक्ट्री मालिक 8000 रुपये देंगे, जिससे कुल मिलाकर 13000 रुपये प्रतिमाह की आमदनी सुनिश्चित की जाएगी। यह पहल ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। महिलाओं के लिए शिक्षा और अवसरों का विस्तार मुख्यमंत्री मोहन यादव ( CM Mohan Yadav) ने अपने संबोधन में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं और बच्चों के लिए की जा रही अन्य योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अब स्कूल जाने वाले बच्चों को मुफ्त किताबें, कॉपियां और दूर रहने पर मुफ्त साइकिल दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई छात्र मेरिट में आता है तो उसे स्कूटी दी जाती है, और विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले विद्यार्थियों को 1 लाख से लेकर 1 करोड़ तक की छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। इसे भी पढ़ें:- विदेश से सोना-चांदी लाना अब नहीं रहा आसान: क्या है सरकार के नए नियम? जनता का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी शक्ति मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा, “हमारी बहन-बेटियों की संस्कृति हमारी ताकत है। आपका आशीर्वाद हमारे लिए सबसे बड़ा संबल है। हमने संकल्प लिया है कि बहनों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए जो भी संभव होगा, हम करेंगे।” कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैतूल जिले में 464 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया, जिसमें महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की यह घोषणा राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। आर्थिक सहायता के साथ-साथ रोजगार, शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने वाली यह योजनाएं आने वाले समय में लाखों महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूती देने का कार्य करेंगी। यह पहल न केवल महिलाओं को स्वावलंबी बनाएगी, बल्कि मध्य प्रदेश को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनाने में भी सहायक होगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Ladli Behna Yojana #LadliBehnaYojana #MPGovernment #WomenEmpowerment #MonthlySupport #₹3000Scheme

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Himanta Biswa Sarma arms policy

Assam arms policy: इस वजह से असम सरकार आम जनता के हाथ में देने जा रही है हथियार

असम की सरकार अपने राज्य के बासिंदों को हथियार रखने की अनुमति देने जा (Assam arms policy) रही है। दरअसल, सरकार ने जनता के हाथ में हथियार देने की स्कीम को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असम कैबिनेट बांग्लादेश के पास दूरदराज के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले मूल निवासियों और स्थानीय नागरिकों को हथियार देगी। इस पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) का कहना है कि “इससे लोगों को साहस मिलेगा।” यही नहीं उन्होंने आगे कहा कि “इस स्कीम के तहत धुबरी, मोरीगांव, बारपेटा, नागांव और दक्षिण सलमारा-मनकचर, रूपाही, ढिंग और जानिया जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन इलाकों में हमारे लोग माइनॉरिटी में हैं। इन जिलों में असम के लोगों को असुरक्षा का सामना करना पड़ता है, खासकर बांग्लादेश में हाल के घटनाक्रमों से, उन पर या तो सीमा पार से या अपने ही गांवों से हमलों का खतरा है। इस दौरान उन्होंने दावा करते हुए कहा कि ऐसे क्षेत्रों में असम के लोग 1979-85 में हुए असम आंदोलन के बाद से सुरक्षा के लिए लाइसेंस वाले हथियार की मांग कर रहे हैं।” बंगाली-मुस्लिम मूल के संदिग्ध अवैध विदेशियों के असम में अतिक्रमण की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि “पिछली सरकारों ने यदि उन्हें हथियारों के लाइसेंस दिए होते, तो कई लोगों को अपनी जमीनें बेचकर जगह नहीं छोड़नी पड़ती। हम बहुत सारी जमीनों पर कब्जा होने से बचा सकते थे।” सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग लंबे समय से हथियार की मांग कर (Assam arms policy) रहे हैं मांग- हिमंत बिस्वा सरमा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि “इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग लंबे समय से हथियार की मांग कर (Assam arms policy) रहे हैं, उनकी इस मांग को रिव्यू करने के बाद राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “यह योजना पूरे राज्य में लागू होगी। इसलिए, अगर लोग इसके लिए आवेदन करते हैं तो हम गुवाहाटी शहर के हतीगांव इलाके में रहने वाले अपने लोगों को हथियार देने पर विचार कर सकते हैं।” सीएम सरमा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि “बांग्लादेश में हालिया घटनाक्रम और संदिग्ध विदेशियों के खिलाफ राज्य सरकार के हालिया अभियान के चलते, ऐसे क्षेत्रों में स्वदेशी लोगों को लगता है कि उन पर या तो सीमा पार से या अपने ही गांवों से हमला हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि “सरकार इस स्कीम के लिए एलिजिबल लोगों को लाइसेंस देने में नरमी अपनाएगी। जो लोग असम के मूल निवासी हैं और राज्य के कमजोर और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले स्वदेशी समुदाय हैं, उन्हें इस स्कीम से साहस मिलेगा।”  इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  भारतीय आर्म्स एक्ट हथियार (Assam arms policy) को दो प्रकारों में बांटता है खैर, बात करें 1959 के भारतीय आर्म्स एक्ट की तो आर्म्स एक्ट हथियार (Assam arms policy) को दो प्रकारों में बांटता है। निषिद्ध बोर (प्रोहिबिटेड बोर) और गैर-निषिद्ध बोर (नॉन-प्रोहिबिटेड बोर ) पीबी हथियारों को आमतौर पर सेना, राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों जैसी सरकारी एजेंसियां इस्तेमाल करती हैं। एनपीबी व्यक्ति के लिए होता है। नॉन-प्रोहिबिटेड बोर उन लोगों को दिया जाता जिन्हें अपनी जानमाल का खतरा होता है। प्रोहिबिटेड बोर आर्म्स के लिए लाइसेंस गृह मंत्रालय जारी करता है तो वहीं नॉन-प्रोहिबिटेड बोर आर्म्स के लिए लाइसेंस डीएम और राज्य सरकार जारी करती हैं। यही नहीं, इन हथियारों को रखने के लिए कुछ शर्तें भी हैं। शर्त यह कि इसके लिए व्यक्ति की उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए। हिंसा से जुड़े किसी भी अपराध का दोषी न ठहराया गया हो। इसके अलावा शांति बनाए रखने हेतु बॉन्ड भरने का आदेश न दिया गया हो और शारीरिक और मानसिक रूप से फिट हो। इन बेसिक शर्तों के आधार पर ही लइसेंस आवंटित किया जाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news #AssamArmsPolicy #AssamNews #SelfDefenseIndia #WeaponsLicense #HimantaBiswaSarma #IndiaNews #CitizensWithGuns #ArmsPolicyChange

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mental harassment in relationships

Blackmail by girlfriend: प्रेमिका और उसके दो बॉयफ्रेंड द्वारा की जारी ब्लैकमेलिंग से परेशान युवक ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखी यह बात

हाल के दिनों में प्रेमी और प्रेमिकाओं के चक्कर में कई पति और पत्नियों का या तो खून हुआ है या फिर उन्होंने आत्महत्या कर ली है। ऐसे कई मामले हैं जहाँ अपने प्रेमी और प्रेमिकाओं के चक्कर अपनी हंसती खेलती जिंदगी बर्बाद की है। तजा मामला है उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का, जहाँ एक युवक ने आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक़ प्रेमिका और उसके दो बॉयफ्रेंड उसे ब्लैकमेल कर (Blackmail by girlfriend) रहे थे। मामला लोनी कोतवाली के बंथला इलाके का है, जहाँ मंगलवार की युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले युवक ने वीडियो बनाई और सुसाइड नोट भी लिखा। सुसाइड नोट को उसने अपने परिजनों को भेजा है। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। फ़िलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।  युवक ने वीडियो में ब्लैकमेल के चलते आत्महत्या करने की बात (Blackmail by girlfriend) कही  मृतक की पहचान 28 वर्षीय पवन कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। पवन बंथला इलाके में परिवार के साथ रहा करता था। ढलाई का काम करने वाले पवन का मंगलवार रात सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ। वायरल वीडियो में उसने आत्महत्या करने की बात कही है। इस दौरान उसने प्रेमिका और उसके दो साथियों पर उसने ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। उक्त वीडियो में ब्लैकमेल के चलते ही उसने आत्महत्या करने की बात (Blackmail by girlfriend) कही है। इस बीच वीडियो वायरल होने के बाद परिवार के लोग जब कमरे में पहुंचे तो देखा कि पवन का शव फंदे से लटक रहा है। लड़कियां बहुत बचा ली अब सब अपने बेटों को संभाल (Blackmail by girlfriend) लो पवन ने तीन पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा है। तीन पेज के सुसाइड नोट (Blackmail by girlfriend) में पवन ने लिखा कि “बस मैं क्या ही कहूं। मैं अपने अंगूठे का निशान पेपर पर लगा रहा हूं। निवेदन यह है कि लड़कियां बहुत बचा ली अब सब अपने बेटों को संभाल लो। मैं उस लड़की को बहुत प्यार करता था। लेकिन अब उसका दूसरा बॉय फ्रेंड मुझे ब्लैकमेल कर रहा है। उसको सजा मिलनी चाहिए। मुझे इंसाफ दिला देना साहब। आज मैं हार गया हूं। इसलिए मुझे ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है। बस सरफराज को (बीएनएस का सेक्शन 108) सजा दिला देना। ये सेक्शन बोलता है कि 10 साल की सजा और मिलनी चाहिए। रानी आंटी से भी पूछना चाहिए। सब लोगों के कहने पर मुझे ब्लैकमेल कर रही है। अनामिका मुझे पता है जिस तरह की धमकियां मुझे मिल रही है।” इस बीच पवन के परिजनों ने बताया कि “युवती और उसके दो साथी दोनों दिल्ली के रहने वाले हैं। आरोपियों ने पवन से नगदी और कुछ जेवरात भी ले लिए हैं।  इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला मुकदमा दर्ज कर आरोपी सरफराज को हिरासत में ले (Blackmail by girlfriend) लिया है फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि “मुकदमा दर्ज कर आरोपी सरफराज को हिरासत में ले लिया है।” लोनी गाजियाबाद के सहायक पुलिस आयुक्त सिद्धार्थ गौतम ने कहा कि “आज दिनांक 28-05-2025 को थाना लोनी पर एक वादी द्वारा सूचना दी गई कि उनके बेटे पवन गुप्ता उम्र करीब 24 वर्षीय ने रात में फांसी लगाकर आत्महत्या (Blackmail by girlfriend) कर ली। इस संबंध में एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसकी जांच की जा रही है। वादी की तहरीर के आधार पर अभियुक्त सरफराज के विरुद्ध थाना लोनी पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Blackmail by girlfriend #Blackmail #SuicideNote #GirlfriendTrap #LoveTriangle #CrimeNews #IndiaNews #BreakingNews #MentalHealth

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Musk Trump disagreement

Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt: एलन मस्क ने छोड़ा ट्रंप सरकार का साथ, इस वजह से दोस्ती में आई दरार

टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सब कुछ सही नहीं चला रहा है। इससे पहले भी दोनों के रिश्तों में तल्खी देखी गयी थी। अततः एलन मस्क ने ट्रंप के विशेष सलाहकार पद से इस्तीफा दे (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) दिया है। डोनाल्ड ट्रंप के बेहद खास माने जाने वालों में से एक एलन मस्क ने ऐलान किया है कि “वह ट्रंप प्रशासन से बाहर हो रहे हैं। संघीय नौकरशाही को कम करने और उसमें सुधार लाने के प्रयासों का नेतृत्व करने के बाद एलन मस्क राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष सलाहकार के रूप में अपनी सरकारी भूमिका छोड़ रहे हैं। उन्होंने बुधवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर बताया कि “वे सरकारी दक्षता विभाग के प्रमुख के रूप में अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।” इसके साथ ही, उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “उन्होंने उन पर विश्वास किया और उन्हें अपने प्रशासन में एक विशेष सरकारी कर्मचारी के तौर पर शामिल किया।”  राष्ट्रपति द्वारा इसे एक शानदार बिल कहना निराशाजनक (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) है- एलन मस्क गौर करने वाली बात यह कि मस्क का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब लंबे समय से ये चर्चा चल रही थी कि दोनों के बीच रिश्ते ठीक नहीं हैं। हालाँकि मस्क ने कुछ दिन पहले ही ट्रंप के एक फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि “राष्ट्रपति द्वारा इसे एक शानदार बिल कहना निराशाजनक (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) है। मस्क के मुताबिक, यह फैसला खर्चों में भारी बढ़ोतरी करेगा, जिससे संघीय घाटा बढ़ेगा।” बता दें कि एलन मस्क को अमेरिकी सरकार में विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में नामित किया गया था। इसके तहत वह हर साल 130 दिनों तक सरकार के काम में अपनी सलाह देते। ध्यान देने वाली बात यह कि 20 जनवरी को ट्रंप के शपथ ग्रहण से मई के अंत में ये सीमा पूरी हो रही है। जानकारी के मुताबिक व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने समाचार आउटलेट सेमाफोर को बताया कि “विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में मस्क की ऑफबोर्डिंग बुधवार रात से शुरू होगी। इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी मुहाजिरों की आखिरी उम्मीद PM मोदी, पाक नेता ने सेना से बचाने की लगाई गुहार मैं राष्ट्रपति ट्रंप को फिजूलखर्ची को कम करने के अवसर के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा- एलन मस्क गौरतलब हो कि उन्होंने इस ऐलान से पहले बाकायदा ट्रंप के सुंदर बिल की आलोचना की थी। मस्क ने कहा था कि “वह इस बिल से निराश (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) हैं। इस विधेयक में कर कटौती और आव्रजन प्रवर्तन में वृद्धि का मिश्रण शामिल है। मस्क ने इसे एक बहुत बड़ा व्यय विधेयक बताया जो संघीय घाटे को बढ़ाता है और उनके सरकारी दक्षता विभाग, जिसे डीओजीई के नाम से जाना जाता है, के काम को कमजोर करता है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा कि “मैं राष्ट्रपति ट्रंप को फिजूलखर्ची को कम करने के अवसर के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा। डीओजेई मिशन समय के साथ और मजबूत होगा क्योंकि यह सरकार चलाने का एक तरीका बन जाएगा।” खैर, कुल-मिलकर बात यह कि मास्क ट्रम्प के कुछ फैसलों से नाराज चल रहे थे। उन्होंने ट्रंप द्वारा टैक्स में कटौती और इमिग्रेशन सुधार के फैसले को लेकर सीबीएस के साथ बातचीत में कहा कि “मेरा मानना है कि कोई भी बिल या तो बड़ा हो सकता है या फिर सुंदर, लेकिन दोनों नहीं हो सकता। कुछ चीजें हैं जिनसे मैं संतुष्ट नहीं हूं, मगर कई चीजों से मैं काफी उत्साहित हूं।” इस दौरान मस्क ने यह भी बताया कि “इस फैसले में कुछ बदलाव होने की संभावना बनी हुई है, जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भी कहा है।” Latest News in Hindi Today Hindi news  Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt #ElonMusk #Trump #Politics #BreakingNews #MuskVsTrump #USPolitics

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Farmer loan relief 2025

MSP और ब्याज छूट योजना पर मोदी सरकार का फैसला क्या किसानों के लिए है लाभकारी?

केंद्र सरकार ने एक बार फिर किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और ब्याज छूट योजना में बदलाव की घोषणा की है। बुधवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी दी। इस मीटिंग में खासतौर पर खरीफ सत्र 2025-26 के लिए धान की MSP और किसानों को कर्ज में दी जाने वाली ब्याज छूट पर निर्णय लिए गए हैं। ये फैसले सीधे तौर पर देश के करोड़ों किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक और प्रयास हैं। धान की MSP में 69 रुपये की बढ़ोतरी कैबिनेट ने खरीफ सत्र 2025-26 के लिए धान की MSP को 69 रुपये बढ़ाकर 2369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। पहले यह दर 2300 रुपये प्रति क्विंटल थी। इसका मतलब यह है कि अब किसानों को 1 क्विंटल धान बेचने पर न्यूनतम 2369 रुपये की गारंटी मिलेगी। सरकार का यह कदम किसानों को फसल की बेहतर कीमत दिलाने और कृषि क्षेत्र में स्थायित्व लाने के लिए अहम माना जा रहा है। MSP में यह बढ़ोतरी न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देने, और उन्हें बाजार में उचित मोल मिलने की दिशा में भी एक मजबूत संकेत है। इस फैसले से देशभर के धान उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी और वे अगली फसल की बुवाई के लिए बेहतर योजना बना सकेंगे। ब्याज छूट योजना (MISS) को मिली मंजूरी कैबिनेट ने इसके साथ ही संशोधित ब्याज छूट योजना (Modified Interest Subvention Scheme – MISS) को जारी रखने की मंजूरी भी दे दी है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (Farmer loan relief 2025) के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर लोन दिया जाता है। इस योजना के तहत किसानों को 7 प्रतिशत की दर से लोन मिलता है, जिसमें सरकार 1.5 प्रतिशत की ब्याज सहायता देती है। अगर किसान समय पर लोन का भुगतान कर देता है तो उसे अतिरिक्त 3 प्रतिशत की छूट मिलती है। इस प्रकार प्रभावी ब्याज दर घटकर मात्र 4 प्रतिशत रह जाती है। यह लाभ 3 लाख रुपये तक के अल्पकालीन लोन पर लागू होता है, जबकि मत्स्य पालन और पशुपालन के लिए 2 लाख रुपये तक के लोन पर भी यही सुविधा उपलब्ध है। किसान क्रेडिट कार्ड: एक प्रभावी पहल किसान क्रेडिट कार्ड (Farmer loan relief 2025) योजना की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुई थी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को कार्यशील पूंजी के लिए बैंकों से आसान और त्वरित लोन दिलाना था। KCC के तहत मिलने वाली ब्याज छूट योजना ने किसानों की लागत में भारी कमी लाई है। आज भी यह योजना किसानों के लिए एक बुनियादी आर्थिक मदद का जरिया बनी हुई है। इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  अन्य महत्वपूर्ण पहलू MSP तय करने में उत्पादन लागत, मांग और आपूर्ति जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके। सरकार की यह रणनीति किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में एक और कदम है, जो 2022 तक प्राप्त करने का संकल्प लिया गया था। ब्याज सहायता योजना से किसानों की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ती है और वे बिचौलियों पर निर्भर हुए बिना सीधे बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। मोदी सरकार द्वारा लिए गए ये फैसले निश्चित ही किसानों के लिए राहत भरे हैं। MSP में वृद्धि और ब्याज छूट योजना को जारी रखने से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, कृषि में निवेश बढ़ेगा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी। अब यह आवश्यक है कि इन योजनाओं का लाभ हर किसान तक समय पर और पारदर्शी ढंग से पहुंचे। Latest News in Hindi Today Hindi news Farmer loan relief 2025 #MSPScheme2025 #FarmersRelief #ModiGovernment #InterestSubsidy #AgriculturePolicy #LoanWaiver2025 #IndianFarmers

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Wadala Wife Attacks Husband with Lover

Wadala Wife Attacks Husband with Lover: इस वजह से पत्नी ने मुंबई के वडाला इलाके में प्रेमी संग मिलकर पति पर किए ताबड़तोड़ कई वार

प्रेम हसीन होता है। ये पुरानी कहावत है। मौजूदा दौर में घटित हो रही घटनाओं के देखकर तो यही कहा जा सकता है कि प्रेम जानलेवा है। दरअसल, मुंबई के वडाला इलाके में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर (Wadala Wife Attacks Husband with Lover) दी। फ़िलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान इस्माइल अली जमाल अली शेख (36) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक मुंबई के एंटॉप हिल के बंगाली पुरा इलाके में 36 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस्माइल की पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर उस पर चाकू से कई बार हमला किया। एंटॉप हिल पुलिस ने हत्या के मामले में उसकी पत्नी सुमाया शेख (26) और उसके प्रेमी जब्बार शेख को गिरफ्तार किया है। इस्माइल को अपनी पत्नी और जब्बार के बीच नाजायज संबंध के बारे में पता चल गया (Wadala Wife Attacks Husband with Lover) था एंटॉप हिल पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस्माइल को अपनी पत्नी और जब्बार के बीच नाजायज संबंध के बारे में पता चल गया (Wadala Wife Attacks Husband with Lover) था। इस बीच अवैध संबंध का खुलासा होने पर दोनों पत्नी-पत्नी के बीचक तीखी नोकझोंक हुई। बातों ही बातों में बात बढ़ने लगी और दोनों रात भर लड़ते रहे। इस तरह लड़ते-लड़ते सुबह के तीन बज गए। इस बीच आरोपी महिला ने अपने प्रेमी जब्बार को घर बुलाया। अब दोनों मिलकर इस्माइल से हाथ-पाई करने लगे। तभी सुमाया ने इस्माइल के पैर पकड़ लिए। तभी मौका पाकर जब्बार ने एक धारदार हथियार से इस्माइल की गर्दन पर एक के बाद एक कई बार वार कर दिया। यही नहीं, प्रेमी के हमले के बाद आरोपी महिला ने भी चाकू से अपने पति पर कई बार वार किया। इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला पुलिस को की गुमराह करने की भरसक (Wadala Wife Attacks Husband with Lover) कोशिश  पुलिस के के मुताबिक, आरोपी सुमाया ने अपने पति के खून से लथपथ शव को घर के बाहर घसीटा और फिर पुलिस को गुमराह करने की भरसक कोशिश की। अनजान बनते हुए उसने दावा किया कि किसी और ने उसके पति की हत्या कर (Wadala Wife Attacks Husband with Lover) दी। पहले तो एक पल के लिए तो पुलिस ने उसपर यकीन भी कर लिया, लेकिन पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने के चलते पुलिस को उसपर शक हुआ। सुमाया गोलमोल जवाब दे रही थी। इस बीच पुलिस ने जब कड़ाई से पुलिसिया अंदाज में पूछताछ की तो वो टूट गई और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। बता दें कि मर्डर के बाद महिला का प्रेमी जब्बार शेख मौके से भाग गया था। लेकिन बाद में गुप्त सूचना के आधार पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। फ़िलहाल पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू को भी बरामद कर लिया है। एंटॉप हिल पुलिस स्टेशन ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस संबंधित मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। Latest News in Hindi Today Hindi news Wadala Wife Attacks Husband with Lover #WadalaCrime #MumbaiNews #HusbandAttack #WifeWithLover #DomesticViolence #CrimeNews #WadalaIncident #BreakingNews

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Tharoor vs Congress leaders

Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim: शशि थरूर से इस कांग्रेस नेता को ही होने लगी है दिक्कत, कहा- ये तो उनका पब्लिसिटी स्टंट है

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बनाये गए ऑल पार्टी डेलीगेशन में गए कांग्रेस सांसद शशि थरूर विदेशों में पाकिस्तान की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। एक तरफ जहाँ थरूर विदेशों में पाकिस्तान की पोल खोल रहे हैं तो वहीं देश में उनकी ही पार्टी के नेता उनपर तंज कसने से बाज नहीं आ (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) रहे हैं। पता नहीं क्यों कांग्रेस के कुछ नेताओं को पाकिस्तान से क्यों प्रेम है? थरूर से चिढ़े कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि “बीजेपी के नेता जो बात नहीं कह रहे हैं, वो शशि थरूर कह रहे हैं। ये बीजेपी के सुपर प्रवक्ता हैं। ऐसा तो इस सरकार में हो रहा है कि सेना का श्रेय बीजेपी ले रही है। कांग्रेस सरकार में सेना की कार्रवाई को सार्वजनिक नहीं किया जाता था।” उदित राज ने शशि थरूर को बीजेपी का सुपर प्रवक्ता बताते हुए कहा कि “शशि थरूर बीजेपी के सुपर प्रवक्ता हैं। जो बीजेपी नेता नहीं कह रहे हैं, यानी पीएम मोदी और सरकार के पक्ष में बोल रहे हैं, वह शशि थरूर कर रहे हैं। क्या उन्हें पता भी है कि पहले की सरकारें क्या करती थीं?” ये भारतीय सशस्त्र बलों का श्रेय ले रहे (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) हैं- उदित राज मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उदित राज ने कहा कि “ये भारतीय सशस्त्र बलों का श्रेय ले रहे (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) हैं। पहले सर्जिकल स्ट्राइक होती थी पता नहीं चलता था। ये मोदी जी जैसा नहीं कि कुछ करेंगे नहीं और प्रचार करेंगे, शेखी बघारेंगे। सेना की कार्रवाई का लाभ लेंगे।” उन्हें बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस पार्टी ने ऐसा नहीं किया और सेना की कार्रवाई को पब्लिक डिक्लेयर नहीं करती थी, लेकिन ये सेना का सारा श्रेय खुद ही ले रहे हैं। इसमें सेना का कोई सम्मान नहीं है। ये तो शशि थरूर का पब्लिसिटी स्टंट है। ये भारतीय जनता पार्टी के इस समय प्रवक्ता बन गए हैं।”  पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्र को निशाना बनाकर आतंकवादी कारनामों को (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) रखा जारी  गौरतलब हो कि पनामा में एक डेलीगेशन का नेतृत्व करते हुए शशि थरूर ने कहा कि “पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्र को निशाना बनाकर आतंकवादी कारनामों को जारी रखा।” इस दौरान उन्होंने आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की घनघोर आलोचना करते हुए कहा कि “हाल के वर्षों में जो बदलाव आया है वह यह है कि आतंकवादियों को अब पता है कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) पड़ेगी।” वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि “हाल के वर्षों में जो बदलाव आया है, वह यह है कि आतंकवादियों को भी एहसास हो गया है कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।” थरूर ने जोर देते हुए कहा कि इस रंच मात्र भी  संदेह नहीं होना चाहिए। जब ​​पहली बार भारत ने सितंबर 2016 में उरी में सर्जिकल स्ट्राइक करके भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया था। पहले से ही कुछ ऐसा था जो हमने पहले कभी नहीं किया था।” इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  कारगिल युद्ध के दौरान भी भारत ने नियंत्रण रेखा नहीं की (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) थी पार  कांग्रेस सांसद ने कहा कि “कारगिल युद्ध के दौरान भी भारत ने नियंत्रण रेखा पार नहीं की (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) थी। हालांकि, उरी में उसने ऐसा किया और इसके बाद जनवरी 2019 में पुलवामा हमला हुआ।” उन्होंने कहा कि “इस बार हमने न केवल नियंत्रण रेखा बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमा भी पार की और बालाकोट में आतंकवादी मुख्यालय पर हमला किया। इस बार हम उन दोनों से आगे निकल गए हैं। हम न केवल नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा से आगे निकल गए हैं। हमने नौ जगहों पर आतंकी ठिकानों, प्रशिक्षण केंद्रों और आतंकी मुख्यालयों पर हमला करके पाकिस्तान के पंजाबी गढ़ पर हमला किया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim #ShashiTharoor #CongressRift #PublicityStunt #IndianPolitics #CongressParty #PoliticalNews

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Interpol Begins Silver Notice

Interpol Begins Silver Notice: रेड कॉर्नर नोटिस के बाद इंटरपोल ने शुरू की सिल्‍वर नोटिस, इन लोगों पर कसी जाएगी नकेल

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि दुनिया भर के देश रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए फरार अपराधियों को पकड़ने की कोशिश करते हैं। इनमें भारत भी शामिल है। यह चलन आज से नहीं बल्कि दशकों से चला आ रहा (Interpol Begins Silver Notice) है। अब इंटरपोल ने सिल्वर नोटिस (Silver Notice) नाम से एक नई सुविधा शुरू की है। फिलहाल यह सुविधा एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है। इसमें कुल 51 देशों की भागीदारी है। यह पायलट प्रोग्राम नवंबर 2025 तक चलेगा। जानकारी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक देश 9 सिल्वर नोटिस जारी कर सकता है। इसके तहत दुनिया भर के देशों को अपराधियों की संपत्तियों से जुड़ी जानकारी आपस में साझा करने में मदद मिलेगी। इस नोटिस के जरिए सदस्य देश किसी भी व्यक्ति की अवैध कमाई से जुड़ी संपत्तियों मसलन, गाड़ियां, बैंक खाते, मकान और व्यापार आदि की जानकारी मांग सकते हैं। इससे धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, नशा तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों में जुटाई गई संपत्ति को ट्रैक और जब्त करने की प्रक्रिया बेहद आसान होगी। सीबीआई ने पहला सिल्वर नोटिस शुभम शोकीन के खिलाफ किया है (Interpol Begins Silver Notice) जारी   इंटरपोल की इस सुविधा के तहत सीबीआई ने 23 मई 2025 को पहला सिल्वर नोटिस शुभम शोकीन के खिलाफ जारी (Interpol Begins Silver Notice) किया है। बता दें कि शुभम शोकीन नई दिल्ली स्थित एक विदेशी दूतावास में वीजा और स्थानीय कानून अधिकारी के रूप में काम किया करते थे। उन्होंने सितंबर 2019 से मई 2022 के दौरान अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वीजा में धोखाधड़ी की। इसके तहत उन्होंने प्रत्येक वीजा आवेदक से तकरीबन 15 लाख से 45 लाख रुपये तक की अवैध रिश्वत लेकर शेंगेन वीजा जारी किए। खबर के मुताबिक इस अपराध से प्राप्त पैसों से उन्होंने दुबई, यूएई में 77.60 लाख दिरहम ( तकरीबन 15.73 करोड़) खर्च कर छह अचल संपत्तियां खरीदीं। हालांकि, सीबीआई ने पहले उनके ठिकानों का पता लगाने हेतु उनके खिलाफ ब्लू नोटिस भी जारी किया था।  अमित मदनलाल लखनपाल के खिलाफ (Interpol Begins Silver Notice) जारी किया गया है दूसरा सिल्वर नोटिस  शुभम शोकीन के खिलाफ पहला तो 26 मई 2025 को सीबीआई ने ईडी के अनुरोध पर अमित मदनलाल लखनपाल के खिलाफ दूसरा सिल्वर नोटिस (Interpol Begins Silver Notice) जारी किया। लखनपाल ने मनी ट्रेड कॉइन नामक एक डिजिटल/क्रिप्टो-करेंसी बनाई, जो कि भारत में मान्यता प्राप्त नहीं है। उन्होंने निवेशकों को लुभाकर 113.10 करोड़ रुपये एकत्र किए। कमाल की बात यह कि बिना सरकारी या भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति के उन्होंने निवेशकों को वादा किया गया रिटर्न नहीं लौटाया और धन का गबन कर लिया। लखनपाल ने खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर लोगों को धोखा दिया। उनके खिलाफ पहले रेड नोटिस भी जारी किया जा चुका है।  इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी मुहाजिरों की आखिरी उम्मीद PM मोदी, पाक नेता ने सेना से बचाने की लगाई गुहार सिल्‍वर कॉर्नर नोटिस (Silver Notice) के तहत देश भ्रष्टाचार और तस्करी जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ी संपत्तियों की जानकारी कर सकते हैं साझा  भारत ने प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की जांच से संबंधित कई मामलों में सिल्वर नोटिस (Silver Notice) हेतु अनुरोध प्रस्तुत किए (Interpol Begins Silver Notice) हैं। गौरतलब हो कि सिल्वर नोटिस इन व्यक्तियों की वैश्विक संपत्तियों की पहचान और निगरानी में मदद करेगा। इसकी मदद से अपराध से अर्जित संपत्तियों की जब्ती और वसूली करने में सहायता मिलेगी। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि यह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। बता दें कि सिल्‍वर कॉर्नर नोटिस के तहत देश भ्रष्टाचार, नशीली दवाओं की तस्करी, धोखाधड़ी, पर्यावरणीय अपराधों जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ी संपत्तियों की जानकारी साझा कर सकते हैं।    Latest News in Hindi Today Hindi news  Interpol Begins Silver Notice #Interpol #SilverNotice #RedCornerNotice #MostWanted #InterpolAlert #GlobalCrackdown #InterpolSearch #InterpolUpdates

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