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Operation Sindoor is ongoing: पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता, ऑपरेशन सिंदूर जारी है- आईजी बीएसएफ शशांक आनंद

बीएसएफ के महानिरीक्षक, जम्मू फ्रंटियर, शशांक आनंद ने मंगलवार को कहा कि “सीमा बल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी चौकसी में कोई कमी नहीं आने दी है और ऑपरेशन सिंदूर जारी है, क्योंकि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता।” सीमा पर घुसपैठ की कोशिशों के बारे में आशंका जताते हुए आईजी ने कहा कि “बीएसएफ हाई अलर्ट (Operation Sindoor is ongoing) पर है।” दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर को संबोधित करते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आनंद ने कहा कि “हम एक सेकंड के लिए भी अपनी चौकसी में कोई कमी नहीं आने देंगे। हम सीमा पर यथासंभव उच्चतम सतर्कता बनाए हुए हैं। वे पाकिस्तानी गोलाबारी की आड़ में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकवादी घुसपैठ की संभावना और ऑपरेशन सिंदूर के बाद उठाए गए सुरक्षा उपायों के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।” विस्तार से बात रखते हुए उन्होंने कहा कि “ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि दुश्मन किसी तरह की शरारत, सीमा पार से गोलीबारी या घुसपैठ की योजना बना सकता है। हम तैयार और सतर्क हैं।”  सीमा पर उच्च सतर्कता बनाए रखने के लिए बीएसएफ मजबूत निगरानी प्रणाली लगा (Operation Sindoor is ongoing) रहा है आईजी आनंद ने कहा कि “पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता (Operation Sindoor is ongoing) है।” इस दरम्यान उन्होंने बताया कि “सीमा पर उच्च सतर्कता बनाए रखने के लिए बीएसएफ मजबूत निगरानी प्रणाली लगा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि हम अपने निगरानी उपकरणों और प्रणालियों को तेजी से उन्नत कर रहे हैं। हम ऐसी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं जो हमें सीमा पार से किसी भी घुसपैठ की गतिविधि के बारे में अग्रिम जानकारी देती है। उन्होंने ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए बीएसएफ पर भरोसा जताया।” इस दौरान उन्होंने कहा कि उसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी रेंजर्स की बिना उकसावे की गोलीबारी और बमबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया था। इस कार्रवाई में बीएसएफ ने पाकिस्तान की 76 सीमा चौकियों और 42 अग्रिम रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया। बीएसएफ ने बताया कि उसने उन तीन आतंकी लॉन्च पैड को भी नष्ट किया, जहां से आतंकवादियों के घुसपैठ की आशंका थी। हमने उनकी 76 चौकियों और 42 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर गोलीबारी (Operation Sindoor is ongoing) की यही नहीं, अधिकारियों ने बताया कि “बीएसएफ की यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा 60 भारतीय चौकियों और 49 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर भारी गोलीबारी और बमबारी शुरू करने के बाद हुई, जिसका मकसद कथित तौर पर 40-50 आतंकवादियों को सीमा पार घुसपैठ कराना (Operation Sindoor is ongoing) था।” बीएसएफ के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) चित्रपाल सिंह ने मीडिया को बताया कि “पाकिस्तान ने हमारी 60 सीमा चौकियों और 49 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर गोलीबारी की। जवाब में हमने उनकी 76 चौकियों और 42 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर गोलीबारी की।” इस दौरान आईजी शशांक आनंद ने बीएसएफ की महिला कर्मियों की भी सराहना की। कमांडेंट नेहा भंडारी सहित बीएसएफ की महिला कर्मियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि “हम सांबा सेक्टर में एक चौकी का नाम ऑपरेशन सिंदूर और दो अन्य का नाम शहीदों के नाम पर रखने का प्रस्ताव कर रहे हैं। इस बीच बीएसएफ द्वारा पहले भी घुसपैठ की कई कोशिशों को नाकाम करने का जिक्र करते हुए उन्होंने विस्तार से कहा कि “बीएसएफ ने गोलाबारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 40 से 50 संदिग्ध आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था।” इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई है कि कई लॉन्च पैड नष्ट (Operation Sindoor is ongoing) हुए हैं  डीआईजी चित्रपाल सिंह ने बताया कि “पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस द्वारा सुंदरबनी सेक्टर के पास संचालित एक प्रमुख आतंकी लॉन्च पैड को नष्ट कर दिया गया है।” अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि “अब उस क्षेत्र से कोई हलचल नहीं देखी (Operation Sindoor is ongoing) गई है।” यही नहीं, बीएसएफ के जम्मू फ्रंटियर के आईजी शशांक आनंद ने कहा कि “खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई है कि कई लॉन्च पैड नष्ट हुए हैं और सटीक हमलों के दौरान आतंकवादियों और पाकिस्तानी रेंजर्स में से कई की मौत हो गई।” विदित हो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। पकिस्तान द्वारा पोषित आतंकियों ने मौत का नंगा नाच खेला था। मारे गए अधिकतर लोग पर्यटक थे। इस आतंकी हमले का करारा जवाब देने हेतु ही भारत सरकार ने 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिन्दूर (Operation Sindoor is ongoing) के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी अड्डों एयर एयर बेस को तबाह किया था। सेना की इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी और 40 से अधिक पाकिस्तानी जवान मारे गए थे। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने भी पलटवार करना शुरू किया था। मामला गंभीर होता देख पाकिस्तानी के अनुरोध पर भारत ने संघर्ष विराम रोकने पर सहमति जताई थी। Latest News in Hindi Today Hindi news Operation Sindoor is ongoing #OperationSindoor #BSF #ShashankAnand #Pakistan #BorderSecurity #IndiaNews #BreakingNews

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IPL patriotic theme: आईपीएल की क्लोजिंग सेरेमनी होगी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम, तीनों सेना प्रमुखों को दिया गया न्योता

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 (आईपीएल) का रोमांच अपने चरम पर है। इस लीग के प्लेऑफ में चार टीमें क्रमशः पंजाब किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस पहुँच चुकी हैं। 29 मई को पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच पहला क्वालीफायर मैच खेला जाएगा। 3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल मैच खेला जाएगा। इस फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग के फाइनल में तीनों सेना प्रमुखों को (IPL patriotic theme) आमंत्रित किया है। यह निमंत्रण अहमदाबाद में तीन जून को होने वाले फाइनल के समापन समारोह में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सशस्त्र बलों के वीरतापूर्ण प्रयासों को सम्मानित करने के लिए दिया गया है। इस पूरे मामले पर बीसीसीआई ने मंगलवार को कहा कि “उसने अहमदाबाद में तीन जून को होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग फाइनल के लिए तीनों सेना के प्रमुखों को आमंत्रित किया है। टूर्नामेंट के समापन समारोह के दौरान हाल में हुए ऑपरेशन सिंदूर में उनके वीरतापूर्ण प्रयासों को सलामी दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने मंगलवार को एक मीडिया बयान में यह घोषणा की। बीसीसीआई देश के सशस्त्र बलों की वीरता, साहस और निस्वार्थ सेवा को सलाम (IPL patriotic theme) करता है देवजीत  सैकिया ने मीडिया में बयान जारी कर कहा कि “हमने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने के लिए (IPL patriotic theme) सभी भारतीय सशस्त्र बलों के प्रमुखों, शीर्ष अधिकारियों और सैनिकों को अहमदाबाद में आईपीएल फाइनल के लिए आमंत्रित किया है।” उन्होंने आगे कहा कि बीसीसीआई देश के सशस्त्र बलों की वीरता, साहस और निस्वार्थ सेवा को सलाम करता है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के तहत वीरतापूर्ण प्रयासों की सराहना की जिसने राष्ट्र की रक्षा की और उसे प्रेरित किया।” सैकिया ने कहा कि “उनकी सराहना के तौर पर हमने समापन समारोह को सशस्त्र बलों को समर्पित करने और अपने नायकों को सम्मानित करने का फैसला किया है। जबकि क्रिकेट एक राष्ट्रीय जुनून बना हुआ है लेकिन हमारे देश और इसकी संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा से बड़ा कुछ भी नहीं है।” बता दें कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी थल सेना प्रमुख हैं, एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी नौसेना प्रमुख हैं और एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह वायुसेना प्रमुख हैं।  इसे भी पढ़ें:- चेन्नई सुपर किंग्स की दसवीं हार, राजस्थान रॉयल्स ने दी 6 विकेट से मात, वैभव सूर्यवंशी ने जीता दिल बीसीसीआई द्वारा तीनों सेना प्रमुखों को आमंत्रित करना एक अच्छा कदम (IPL patriotic theme) है- सीके खन्ना  यही नहीं, बीसीसीआई के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने बोर्ड के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “बीसीसीआई द्वारा तीनों सेना प्रमुखों को आमंत्रित करना एक अच्छा कदम (IPL patriotic theme) है, क्योंकि सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश को गौरवान्वित किया है। हमें सुरक्षित रखने के लिए हम हमेशा अपने सैन्य बलों के ऋणी रहेंगे।” गौरतलब हो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। पकिस्तान द्वारा पोषित आतंकियों ने मौत का नंगा नाच खेला था। मारे गए अधिकतर लोग पर्यटक थे। इस आतंकी हमले का करारा जवाब देने हेतु ही भारत सरकार ने 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिन्दूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी अड्डों एयर एयर बेस को तबाह किया था। सेना की इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी और 40 से अधिक पाकिस्तानी जवान मारे गए थे। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने भी पलटवार करना शुरू किया था। मामला गंभीर होता देख पाकिस्तानी के अनुरोध पर भारत ने संघर्ष विराम रोकने पर सहमति जताई थी। Latest News in Hindi Today Hindi news IPL patriotic theme #IPL2025 #OperationSindoor #PatrioticIPL #ClosingCeremony #IndianArmy #Navy #AirForce #CricketTribute #DeshPrem

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Why +91, country dialing codes: कभी सोचा है, आखिर भारतीय फ़ोन नंबरों के आगे +91 ही क्यों लगता है, कोई और नंबर क्यों नहीं?

चैट्जीपीटी और एआई के इस युग में हम में से कोई शायद ही ऐसा हो, जो मोबाइल न यूज़ करता हो। भारत में तकरीबन 90% परिवारों के पास अपना मोबाइल है। सभी का अपना मोबाइल नंबर भी है। सभी के मोबाइल नंबर 10 अंकों के होते हैं। सभी भारतीय नम्बरों के आगे +91 लगता है। विशेषकर तब, जब हम विदेशों में कॉल करने या व्हाट्सएप जैसे ऐप्स पर नंबर सेव करने की सोचते हैं। अपने देखा भी ही होगा। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर +91 ही क्यों? हम यही कोड क्यों लगाते (Why +91, country dialing codes) हैं? कोई और भी तो कोड लगा सकते हैं। और बड़ा सवाल यह कि आखिर ये कोड क्या है और क्यों लगता है? तो बता दें कि +91 भारत का कंट्री कोड है। यह एक तरह का डिजिटल पता है, यह दुनिया को बताता है कि यह फोन नंबर भारत से है। हर देश का एक खास कोड है मसलन, अमेरिका का +1,जापान का +81 और ब्रिटेन का +44, ठीक वैसे ही भारत का है +91  यह फैसला इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) ने (Why +91, country dialing codes) किया ऐसे में जब हम अपने नंबर के आगे +91 लगाते हैं तो पहली नजर में यह साफ हो जाता है कि नंबर भारत में रजिस्टर्ड है। यह कोड इंटरनेशनल डायलिंग सिस्टम का हिस्सा है, जो कि दुनिया भर में कॉलिंग को आसान बनाता है। अब बड़ा सवाल वही कि भारत के लिए +91 ही (Why +91, country dialing codes) क्यों? आखिर किसने चुना इस नंबर को? तो आपको बता दें कि यह फैसला इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) ने किया। दरअसल, यह एक ग्लोबल संगठन है। यह टेलीकॉम के नियमों को बनाता है। सूचना क्रांति के मद्देनजर आईटीयू ने साल 1960 के दशक में हर देश के लिए यूनिक कंट्री कोड तय करना शुरू किया था, ताकि पूरी दुनिया में कॉलिंग का एक स्टैंडर्ड सिस्टम हो। भारत को +91 कोड साल 1980 के दशक में मिला था। यह कोड आईटीयू की एक कमिटी ने तय किया, जिसमें भारत के डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (डीओटी)ने भी हिस्सा लिया। भारत ने आईटीयू के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया कि +91 कोड हमारे टेलीकॉम सिस्टम के लिए सही हो। +91 का इस्तेमाल 1990 के दशक से ज्‍यादा आम हुआ, जब भारत में मोबाइल फोन और इंटरनेशनल कॉलिंग का चलन बढ़ा। तब से यह कोड मोबाइल और लैंडलाइन दोनों के लिए इस्तेमाल होता आ रहा है।  इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप? आईटीयू ने दुनिया को 9 ज़ोन में बांटा है और हर जोन के कोड्स एक खास नंबर से शुरू (Why +91, country dialing codes) होते हैं गौर करनेवाली बात यह कि आईटीयू ने दुनिया को 9 ज़ोन में बांटा है और हर जोन के कोड्स एक खास नंबर से शुरू होते हैं। एशिया के लिए ज्‍यादातर कोड्स +9 से ही शुरू होते हैं। भारत को +91 मिला (Why +91, country dialing codes), क्योंकि यह उस वक्त उपलब्ध था। और तो और एशिया जोन में फिट भी बैठता था। वैसे भी यदि अपने इर्द-गिर्द देशों के कोड्स देखें पाएंगे कि पाकिस्तान का +92 और श्रीलंका का +94, नेपाल का +977 और म्यांमार का +95 है। यह सब एक क्रम में बांटा गया है। कोड चुनते वक्त देश की आबादी, टेलीकॉम नेटवर्क की जरूरतें और पहले से बंटे कोड्स का भी ध्यान रखा जाता है। भारत जैसे बड़े देश को छोटा और आसान कोड चाहिए था ताकि कॉल में दिक्कत न हो। इसलिए आईटीयू ने हर देश को एक यूनिक कोड दिया ताकि कॉल्स सही जगह लगे। जब आप +91 डायल करते हैं तो, टेलीकॉम नेटवर्क को पता चलता है कि कॉल को भारत के नेटवर्क में भेजना है। वहां से नंबर के अगले हिस्से जैसे मोबाइल कोड या एरिया कोड के आधार पर कॉल सही फोन तक पहुंचती है। बता दें कि यह कोड तब काम आता है जब कोई विदेश से भारत में कॉल कर रहा हो या फिर भारत में बैठा कोई शख्स व्हाट्सएप, टेलीग्राम जैसे ऐप्स पर नंबर सेव कर रहे हो, तो उस समय इंटरनेशनल फॉर्मेट मांगते हैं। यदि आप किसी ऑनलाइन फॉर्म में नंबर डाल रहे हो, जैसे गूगल,अमेजन या कोई इंटरनेशनल वेबसाइट।  Latest News in Hindi Today Hindi news Why +91, country dialing codes #IndiaCountryCode #Plus91 #IndianPhoneNumbers #DialingCodeIndia #WhyPlus91

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ITR benefits and documents

ITR Filing 2025: यहां पढ़ें इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग से जुड़ी A टू Z जानकारी

मई महीने की दस्तक के साथ ही शुरू हो जाती है इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की चर्चा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया – सभी आयकर रिटर्न फॉर्म (ITR Forms) अब उपलब्ध हैं। इसके साथ ही आधिकारिक रूप से ITR Filing 2025 का सीजन भी शुरू हो गया है। लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि तुरंत रिटर्न फाइल कर दिया जाए, तो थोड़ा ठहरिए! अभी रिटर्न फाइलिंग के लिए जरूरी कई पहलू अधूरे हैं – जैसे कि ऑनलाइन यूटिलिटी टूल्स अभी incometax.gov.in पोर्टल पर जारी नहीं हुए हैं और सैलरीड क्लास को अब तक उनका Form-16 नहीं मिला है। ITR फाइलिंग की तारीख और तैयारी असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2025 है। वैसे तो अभी दो महीने हैं, लेकिन स्मार्ट टैक्सपेयर्स अभी से जरूरी दस्तावेज़ जुटाना शुरू कर चुके हैं। खासतौर पर इस बार के फॉर्म्स में 2024 के बजट में किए गए बदलावों को शामिल किया गया है – जैसे कि कैपिटल गेन टैक्स नियमों में बदलाव किए गए हैं। वहीं अगर आपने म्यूचुअल फंड या शेयर बेचे हैं, तो अब कुछ विशेष शर्तों के तहत आप ITR-1 फॉर्म का चुनाव कर सकते हैं। सही ITR फॉर्म चुनना बेहद जरूरी गलत ITR फॉर्म का चयन आपके रिटर्न को ‘डिफेक्टिव’ घोषित कर सकता है। अगर इसे आसान शब्दों में समझें तो अगर आपका कैपिटल गेन ₹1.25 लाख से कम है और कोई घाटा कैरी फॉरवर्ड नहीं करना है, तो आप ITR-1 फॉर्म भर सकते हैं। नए फॉर्म्स में अलग-अलग एसेट्स पर कैपिटल गेन टैक्स के हिसाब से अपडेट किए गए सेक्शन जोड़े गए हैं, इसलिए सावधानी ज़रूरी है। ITR फाइलिंग के लिए जरूरी डॉक्युमेंट्स जरूरी डॉक्युमेंट्स: इन डॉक्युमेंट्स की भी पड़ सकती है जरूरत  टैक्स सेविंग्स और डिडक्शन के प्रूफ हालांकि इन दस्तावेज़ों को ITR के साथ अपलोड नहीं करना होता, लेकिन किसी गड़बड़ी की स्थिति में ये आपके काम आ सकते हैं: सेक्शन 80C और 80CCD(1B) सेक्शन 80D सेक्शन 80E सेक्शन 24B सेक्शन 80G अन्य इनकम स्रोतों के लिए: इसे भी पढ़ें:- विदेश से सोना-चांदी लाना अब नहीं रहा आसान: क्या है सरकार के नए नियम? नया टैक्स रिजीम अपनाना या पुराना? 2025 के बजट में नया टैक्स रिजीम ज्यादा आकर्षक बना दिया गया है – अब टैक्स फ्री इनकम लिमिट ₹12 लाख तक बढ़ा दी गई है। लेकिन ध्यान दें कि 31 जुलाई 2025 से पहले जो भी रिटर्न फाइल किया जाएगा, वह FY 2024-25 के लिए होगा। यदि आपने नौकरी के समय नया टैक्स रिजीम चुना था और अब पुराने रिजीम में जाना चाहते हैं, तो आपको अपने सभी डॉक्युमेंट्स अच्छे से संभालकर रखने होंगे। ITR फाइलिंग सिर्फ एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय समझदारी का भी प्रमाण है। इसलिए जल्दबाजी न करें, सही फॉर्म और दस्तावेज़ों के साथ अपनी ITR Filing 2025 को आसान और त्रुटिरहित बनाएं। समय रहते दस्तावेज तैयार रखें, ताकि आखिरी वक्त की हड़बड़ी से बचा जा सके और टैक्स बेनिफिट्स का पूरा लाभ लिया जा सके। Latest News in Hindi Today Hindi news VDA Schedule के अनुसार #ITRFiling2025 #IncomeTaxReturn #TaxFilingGuide #ITR2025 #IncomeTaxIndia #FileYourITR #TaxSeason2025 #ITRDeadline

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Shashi Tharoor warns Pakistan: गुयाना में पाक को चेताते हुए शशि थरूर ने कहा कि “यदि वे हमला करेंगे तो इससे भी होगा बुरा हाल”

आतंकवाद के खिलाफ बनाई गई सर्वदलीय शिष्टमंडल की अगुवाई कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को पुनः एक बार पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी (Shashi Tharoor warns Pakistan) दी। बता दें कि गुयाना के जॉर्ज टाउन में थरूर ने कहा कि “यदि वे फिर से हमला करते हैं तो उनका हाल इस बार से भी बुरा होगा।” थरूर ने आगे कहा कि “हम चाहते हैं कि दुनिया डर में नहीं साहस के साथ प्रतिक्रिया दे।” इस दौरान पाकिस्तान को समझाते हुए थरूर ने कहा कि “हमारे बीच अभी शांति है और हम शांति में रहना चाहते हैं। यह बहुत बड़ा संदेश है लेकिन जैसा कि आपके राष्ट्रपति ने कहा कि हम अपनी ताकत के साथ शांति में रहना चाहते हैं न कि दहशत की वजह से। ये लोग कल फिर से हमला करेंगे, यह सोचकर हम दहशत में नहीं हैं। यदि वे फिर हमला करेंगे तो इससे भी बुरा हाल होगा।” आतंकवादियों की मंशा (Shashi Tharoor warns Pakistan) भारत में हिंदुओं-मुस्लिमों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की थी इस बीच मीडिया से रूबरू होते हुए थरूर ने कहा कि “पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकवादियों की मंशा (Shashi Tharoor warns Pakistan) भारत में हिंदुओं-मुस्लिमों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की भी थी, लेकिन यह कामयाब नहीं हो सका। भारत का पूरा समुदाय एकजुट रहा। चार दिन तक चले संघर्ष के बारे में जानकारी देने के लिए सरकार और सेना ने जो दो सैन्य महिलाओं को आगे किया उनमें से एक मुस्लिम है। यह भी बहुत बड़ा और स्पष्ट संदेश है। यह हिंदू-मुस्लिम के बारे में नहीं बल्कि आतंकवाद के बारे में है।” दरअसल, थरूर का शिष्टमंडल अमेरिका की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद गुयाना पहुंचा है। गौरतलब हो कि “यह शिष्टमंडल पनामा, ब्राजील और कोलोंबिया भी जाएगा।”  पाकिस्तानी आतंकवाद की समस्या केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है- बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा एक तरफ जहाँ थरूर पाकिस्तान को चेता (Shashi Tharoor warns Pakistan) रहे थे तो वहीं कांगो के किंशासा में बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि “भारत एकजुट है। यह एक महत्वपूर्ण संदेश है, पाकिस्तानी आतंकवाद की समस्या केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। हमें सतर्क रहना होगा। ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की धारणा को पूरी तरह बदल दिया है और भारत पर किया गया कोई भी आतंकी हमला अब युद्ध की तरह माना जाएगा। नया भारत और नई कहानी यह है कि अगर आप आकर हमें मारते हैं, तो हम आपको वहीं जाकर अपनी मिसाइलों से मारेंगे, जहां आप सो रहे हैं।” इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है- कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी सस्मित पात्रा के अलावा दोहा में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि “भारत कई विभिन्न धर्मों, समुदायों, भाषाओं का एक अद्भुत संगम है और हमारी इसी संस्कृति और विरासत में हमने हमेशा शांति से रहने और अपने पड़ोसियों के साथ समन्वय में आगे बढ़ने की कोशिश की है। हमारा पश्चिमी पड़ोसी पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है। भारत ने इस स्थिति को बहुत धैर्य और सहनशीलता के साथ रोकने की कोशिश की है, लेकिन भारत के प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान की मंशा कभी खत्म नहीं हुई।” कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, आतंकवाद एक घृणित कैंसर है, जिसे पूरे विश्व से अलग करना जरूरी है। इसे नष्ट करना जरूरी है। और इसलिए हम यह संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा रहे हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Shashi Tharoor warns Pakistan #ShashiTharoor #PakistanWarning #GuyanaSpeech #IndiaPakistan #TharoorSpeech #BreakingNews #GlobalPolitics

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PM Modi roars in Gujarat: गुजरात में गरजे पीएम मोदी, कहा- “अभी, मैंने कुछ नहीं किया है और लोग पाकिस्तान में पसीना बहा रहे हैं”

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पहली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं। आज उन्होंने गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ के समारोह में हिस्सा लिया और गांधीनगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस दौरान पीएम मोदी ने गांधीनगर में रोड शो किया। रोड शो में लोगों ने पुष्प वर्षा की। इस रोड शो में केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल और सीएम भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे। इस बीच विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “अगर आप 1960 की सिंधु जल संधि का अध्ययन करेंगे, तो आपको झटका लगेगा। यह तय हुआ था कि जम्मू-कश्मीर की नदियों पर बने बांधों की सफाई नहीं की जाएगी। गाद निकालने का काम नहीं किया (PM Modi roars in Gujarat) जाएगा। तलछट साफ करने के लिए नीचे के गेट बंद रहेंगे। 60 साल तक ये गेट कभी नहीं खोले गए। जिन जलाशयों को 100 प्रतिशत क्षमता तक भरना था, वे अब केवल 2 प्रतिशत या 3 प्रतिशत तक ही सीमित रह गए हैं। अभी, मैंने कुछ नहीं किया है और लोग वहां पसीना बहा रहे हैं। हमने बांधों की सफाई के लिए छोटे-छोटे गेट खोले हैं, और वहां पहले से ही बाढ़ आ गई है।”  शरीर कितना ही स्वस्थ क्यों ना हो लेकिन अगर एक कांटा चुभता (PM Modi roars in Gujarat) है तो पूरा शरीर परेशान रहता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “शरीर कितना ही स्वस्थ क्यों ना हो लेकिन अगर एक कांटा चुभता (PM Modi roars in Gujarat) है तो पूरा शरीर परेशान रहता है। हमने तय कर लिया है उस कांटे को निकाल कर रहेंगे। उन्होंने पूरे जोश भरते हुए कहा कि “मैं 2 दिनों से गुजरात में हूं। कल मैं वडोदरा, दाहोद, भुज, अहमदाबाद गया और आज गांधीनगर, मैं जहां-जहां गया ऐसा लग रहा है देश भक्ति का ज्वार है। गर्जना करता सिंदुरिया सागर और लहराता तिरंगा जन मन के हृदय में मातृभूमि के प्रति अपार प्रेम ऐसा नजारा था ऐसा दृश्य था। ये सिर्फ गुजरात में ही नहीं हिंदुस्तान के कोने-कोने में है।” इसके आगे पीएम मोदी ने कहा कि “1947 में मां भारती के टुकड़े हुए थे। उस समय कटनी चाहिए थी जंजीरें लेकिन काट दी गईं (PM Modi roars in Gujarat) भुजाएं। देश के तीन टुकड़े कर दिए गए और उसी रात पहला आतंकी हमला कश्मीर की धरती पर हुआ। मां भारती का एक हिस्सा आतंकवादियों के बलबूते पर, मुजाहिदीनों के नाम पर पाकिस्तान ने हड़प लिया। अगर उसी दिन इन मुजाहिदीनों को मौत के घाट उतार दिया गया होता और सरदार पटेल की बात मान ली गई होती, तो 75 साल से चला आ रहा ये सिलसिला देखने को नहीं मिलता।” हमारे भारतीय सशस्त्र बलों-हमारे बहादुरों-ने पाकिस्तान को इस तरह से हराया कि (PM Modi roars in Gujarat) वे कभी नहीं भूल पाएंगे पाकिस्तान की कलई खोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “6 मई की रात जो लोग मारे गए, पाकिस्तान में उन जनाजों को स्टेट ऑनर दिया (PM Modi roars in Gujarat) गया। उनके ताबूतों पर पाकिस्तान के झंडे लगाए गए, वहां की सेना ने उनको सैल्यूट किया।” भारतीय जवानों की बहादुरी का गुणगान करते हुए पीएम ने कहा कि “जब भी भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ, हमारे भारतीय सशस्त्र बलों-हमारे बहादुरों-ने उन्हें इस तरह से हराया कि वे कभी नहीं भूल पाएंगे। यह महसूस करते हुए कि वे भारत के खिलाफ सीधे युद्ध में कभी नहीं जीत सकते, उन्होंने छोटे युद्ध का सहारा लिया, इसके बजाय आतंकवादियों को सैन्य प्रशिक्षण और सहायता प्रदान की। हम इसे छोटा युद्ध नहीं कह सकते हैं।”  इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  हम 11 नंबर की अर्थव्यवस्था से दुनिया की 4 नंबर की अर्थव्यवस्था (PM Modi roars in Gujarat) बन गए हैं पीएम मोदी ने कहा कि “11 साल के समय में हमने कोरोना देखा, पड़ोसियों के साथ की परिस्थितियों के साथ-साथ प्राकृतिक आपदा को भी (PM Modi roars in Gujarat) झेला, लेकिन इन सबके बावजूद भी हम 11 नंबर की अर्थव्यवस्था से दुनिया की 4 नंबर की अर्थव्यवस्था बन गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि “हमारा लक्ष्य है हम विकास चाहते हैं प्रगति चाहते हैं। इस मिट्टी ने मुझे बड़ा किया है। यहां से मुझे जो शिक्षा और दीक्षा मिली है। जो सपने आपने मुझमें संजोए उसे वास्तविकता में पूरा करने की कोशिश कर रहा हूं।” उन्होंने गुजरात सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि “गुजरात ने नमक से हीरे तक का सफर तय किया है। गुजरात सरकार ने 20 साल के शहरी विकास के लिए जो रोड मैप बनाया है उसे गुजरात के लोगों के लिए सामने रखा है।   साल “2047 तक हिंदुस्तान विकसित ही (PM Modi roars in Gujarat) होना चाहिए पीएम मोदी यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि साल “2047 तक हिंदुस्तान विकसित ही (PM Modi roars in Gujarat) होना चाहिए। आजादी के 100 साल ऐसे ही नहीं मनाएंगे। आप कल्पना की कीजिए वीर सावरकर, नेताजी, सरदार पटेल ने आजादी से पहले जो भाव पैदा किया था। इन सबमें आजादी के लिए इच्छा शक्ति नहीं होती तो आज हम आजाद नहीं होते।” पीएम मोदी ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि “ये प्रॉक्सी वार नहीं आप वार ही कर रहे थे। उन्होंने आतंकियों का राजकीय सम्मान किया। पीएम मोदी ने कहा कि मैं नई पीढ़ी को कहना चाहता हूं कि कैसे देश को बर्बाद किया गया है।”  Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi roars in Gujarat #PMModi #GujaratSpeech #ModiInGujarat #PakistanReaction #ModiRally2025 #ModiSpeechToday #IndianPolitics

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Not Found Suitable

राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप? 

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाया है कि सरकार पिछड़े वर्गों (SC-ST-OBC) के योग्य उम्मीदवारों को शिक्षा के अवसरों से जानबूझकर दूर कर रही है। उन्होंने नॉट फाउंड सूटेबल (Not Found Suitable) को एक नए प्रकार का मनुवाद करार देते हुए इसे सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों पर हमला बताया है। राहुल गांधी ने यह बयान दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में आरक्षित वर्गों के खाली पदों के मुद्दे पर दिया। उन्होंने दावा किया कि DU में 60% से ज्यादा प्रोफेसर और 30% से अधिक एसोसिएट प्रोफेसर के आरक्षित पद नॉट फाउंड सूटेबल (Not Found Suitable) के बहाने खाली रखे गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि योग्य उम्मीदवारों को ‘उपयुक्त नहीं’ बताकर उन्हें शैक्षणिक और नेतृत्व की मुख्यधारा से दूर रखने की साजिश रची जा रही है। ‘नॉट फाउंड सूटेबल’ बन गया मनुवाद  राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट करते हुए लिखा कि नॉट फाउंड सूटेबल (Not Found Suitable) अब नया मनुवाद है। SC-ST-OBC के योग्य युवाओं को अयोग्य बताकर शिक्षा और नेतृत्व से दूर रखा जा रहा है। यह सामाजिक न्याय का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने शिक्षा को समानता का सबसे बड़ा हथियार बताया था और मौजूदा सरकार उसी हथियार को कुंद करने में लगी है। उन्होंने न सिर्फ दिल्ली यूनिवर्सिटी बल्कि IITs, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भी यही पैटर्न दोहराए जाने का आरोप लगाया। उनके अनुसार यह केवल नौकरी या शिक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह सम्मान, प्रतिनिधित्व और बराबरी की लड़ाई है। राहुल गांधी का DU दौरा और छात्रों से संवाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस पहुंचे और DUSU (दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन) के छात्रों से बातचीत की। यह मीटिंग DUSU अध्यक्ष के कार्यालय में आयोजित की गई थी, जिसमें उन्होंने आरक्षण, प्रतिनिधित्व और शैक्षणिक न्याय के मुद्दों पर चर्चा की। राहुल ने कहा कि उन्होंने छात्रों से फीडबैक लिया है और अब वे मिलकर BJP-RSS के आरक्षण विरोधी एजेंडे का मुकाबला संविधान की ताकत से करेंगे। इसे भी पढ़ें:- एमपी-हरियाणा में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति, ऑब्जर्वरों की टीम तैनात यूनिवर्सिटी प्रशासन और ABVP का विरोध राहुल गांधी के इस दौरे पर दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आपत्ति जताई है। विश्वविद्यालय के अनुसार राहुल का दौरा संस्थानिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। DU ने अपने बयान में कहा कि वह इस घटना की निंदा करता है और आशा करता है कि भविष्य में ऐसा न हो। राहुल गांधी जितनी देर तक  विश्वविद्यालय परिसर में थें तबतक वहां की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी, जिससे एक प्रमुख छात्र संगठन का कामकाज भी प्रभावित हुआ। इसके विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने डीयू में छात्र सम्मान मार्च निकाला और DUSU कार्यालय के बाहर राहुल गांधी का पुतला दहन किया। राजनीतिक विवाद या सामाजिक विमर्श? राहुल गांधी की यह पहल एक तरफ जहां राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है, वहीं यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक विमर्श को भी जन्म देती है – क्या योग्य उम्मीदवारों को सिर्फ जातिगत पूर्वग्रह के कारण अवसरों से वंचित किया जा रहा है? क्या Not Found Suitable जैसी प्रक्रिया का दुरुपयोग करके आरक्षित वर्गों के खिलाफ संस्थागत भेदभाव हो रहा है? इन सवालों का जवाब देना न सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी है, बल्कि समाज के हर जागरूक नागरिक का भी कर्तव्य है। क्योंकि यह सिर्फ शिक्षा की नहीं, समान अवसर, भागीदारी और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई है। राहुल गांधी ने Not Found Suitable को नया मनुवाद बताते हुए सामाजिक न्याय की लड़ाई को फिर से मुख्यधारा में लाने की कोशिश की है। चाहे उनके बयानों को राजनीति कहें या सच की आवाज, यह तय है कि आरक्षण, प्रतिनिधित्व और समानता का मुद्दा फिर से राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन चुका है। और यह बहस तब तक जरूरी है, जब तक हर योग्य नागरिक को उसका हक न मिल जाए। Latest News in Hindi Today Hindi news Not Found Suitable #RahulGandhi #NotFoundSuitable #BJP #IndianPolitics #Congress

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Jagannath temple celebration

जगन्नाथ रथ यात्रा 2025: आस्था और भक्ति की भव्य यात्रा

भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा (Jagannath Rath Yatra) इस वर्ष 27 जून 2025, शुक्रवार को आयोजित की जाएगी। यह यात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि से प्रारंभ होती है और इसे ‘घोषा यात्रा’ या ‘श्री गुंडिचा यात्रा’ के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 (Jagannath Rath Yatra 2025) की तिथि और प्रमुख अनुष्ठान  धार्मिक महत्व मान्यताओं के अनुसार, जो श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ (Lord Jagannath) के रथ को खींचते हैं, उसे देखते हैं या केवल स्पर्श भी करते हैं, उन्हें अत्यंत पुण्य की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इस रथ यात्रा (Rath Yatra) के दर्शन मात्र से व्यक्ति के कई जन्मों के पाप समाप्त हो जाते हैं। यह रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति और भव्यता का अनुपम संगम है। यह यात्रा यह संदेश देती है कि जब मन निष्कलंक और प्रेम से परिपूर्ण होता है, तो स्वयं भगवान भी भक्तों के बीच आते हैं। इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां मौसी के घर होती है विशेष सेवा  मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ (Lord Jagannath), उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से पहले कुछ समय के लिए अस्वस्थ हो जाते हैं और लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। जब वे स्वस्थ होकर विश्रामगृह से बाहर आते हैं, तब इस आनंद के अवसर पर रथ यात्रा (Rath Yatra) का आयोजन होता है।इस दौरान तीनों भगवान विशाल रथों पर सवार होकर अपनी मौसी के घर (गुंडिचा मंदिर) जाते हैं, जहां उनका विशेष सत्कार होता है और वे सात दिनों तक वहां ठहरते हैं। इसके बाद वे पुनः अपने मूल स्थान श्रीजगन्नाथ मंदिर लौटते हैं। विशेष रथों में विराजते हैं भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के लिए विशेष रथ बनाए जाते हैं। जगन्नाथ रथ यात्रा (Lord Jagannath) में तीन अलग-अलग रथ होते हैं, जिन पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा विराजमान होते हैं। भगवान जगन्नाथ का रथ, जिसे नंदीघोष कहा जाता है, लाल और पीले रंगों से सजाया जाता है और इसकी ऊंचाई लगभग 45.5 फीट होती है। इस रथ का निर्माण केवल नीम की लकड़ी से किया जाता है और इसमें कील या किसी भी प्रकार के धातु का इस्तेमाल नहीं होता। इसकी तैयारी अक्षय तृतीया से शुरू हो जाती है। इस रथ में कुल 16 पहिए होते हैं और यह बलभद्र तथा सुभद्रा के रथों की तुलना में थोड़ा बड़ा होता है।  सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियाँ श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने इस वर्ष के रथ यात्रा के लिए विशेष तैयारियाँ की हैं। पिछले वर्ष ‘पाहंडी’ अनुष्ठान के दौरान हुई दुर्घटना को ध्यान में रखते हुए, इस बार प्रत्येक रथ के लिए अलग-अलग ‘पाहंडी’ टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा, भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष उपाय किए गए हैं, और रथों पर मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध जारी रहेगा। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Lord Jagannath #JagannathRathYatra2025 #RathYatra #LordJagannath #PuriFestival #HinduFestivals #OdishaCulture #ChariotFestival

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India advanced weapon

India Upgrades Deadly Weapon: ऑपरेशन सिंदूर में जिस हथियार ने पाकिस्तान में मचाई थी तबाही, उसे और भी एडवांस बना रहा है भारत

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकियों ने 26 निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया था। इस नृशंस हत्या का बदला लेने के लिए भारत की मोदी सरकार ने 6 और 7 मई की दरम्यानी रात तकरीबन डेढ़ बजे ऑपरेशन सिन्दूर के तहत पाकिस्तान के 9 आतंकी अड्डों और एयर बेस को नेस्तनाबूत कर दिया था। ऑपरेशन सिंदूर की धमक न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि समूची दुनिया ने देखी। इस दौरान पूरी दुनिया की नजर भारत की सैन्य शक्ति और हथियारों पर भी (India Upgrades Deadly Weapon) पड़ी। कहने की जरूरत नहीं भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी ताकत दिखाते हुए दुश्मनों को साफ़ चेतावनी दी कि भारत अब बदल चुका है। भारत ने अपने हथियारों के दम पर दिखा दिया कि भारत न सिर्फ घर में घुसता है बल्कि घुसकर मरता भी है और बताता भी है। डीआरडीओ जल्द ही पिनाका एमके 3 की करने जा रहा (India Upgrades Deadly Weapon) है टेस्टिंग  ध्यान देने वाली बात यह कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के कई शहरों पर रॉकेट और ड्रोन से हमले की कोशिश की थी। उसने दिल्ली और अमृतसर को भी निशाना बनाया था, लेकिन भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने उसके हर हमले को नाकाम कर दिया। आपको जानकर गर्व होगा कि भारत के पास कई खतरनाक हथियार हैं जो दुश्मन मुल्क को नाकों चने चबवा सकते हैं। भविष्य में दुश्मन सेना को माकूल जवाब दिया जा सके इसलिए भारतीय सेना को जल्द ही घातक हथियार मिलने वाला है। दरअसल, डीआरडीओ जल्द ही पिनाका एमके 3 की टेस्टिंग करने जा रहा (India Upgrades Deadly Weapon) है। जानकारी के मुताबिक यह एक मल्टीबैरल रॉकेट लॉन्चर है। इसे जल्द अपग्रेड किया जाएगा। भारत के पास अभी पिनाका का पुराना वेरिएंट है।  पिनाका ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में अहम भूमिका निभाई (India Upgrades Deadly Weapon) थी बता दें कि पिनाका ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ अहम भूमिका निभाई (India Upgrades Deadly Weapon) थी। पिनाका एमके 1 की रेंज 40 किलोमीटर है। एमके 2 की रेंज 60 से 90 किलोमीटर है। इसका तीसरा वेरिएंट गाइडेड पिनाका है, जिसकी रेंज 70 से 90 किलोमीटर है। अब भारत का इसका अपग्रेडेड संस्करण मिलने वाला है। जल्द ही पिनाका एमके 3 की टेस्टिंग होगी। इसकी रेंज 120 किलोमीटर तक होगी। यह 250 किलोग्राम के वारहेड के साथ आएगी। डीआरडीओ की टीम इसमें नेविगेशन और कंट्रोल किट लगाएगी। यह लेजर गायरो नेविगेशन और माइक्रोस्ट्रिप एंटीने से लैस होगी। पिनाका 44 सेकेंड में 12 रॉकेट लॉन्च करने में सक्षम है। कहा जा रहा है कि भविष्य में डीआरडीओ 200 से 300 किलोमीटर की रेंज वाली पिनाका की टेस्टिंग भी करेगा। पिनाका एमके 3 की रेंज काफी अधिक है। बेशक यह पाकिस्तान और चीन जैसे दुशमन पड़ोसी देशों के लिए खतरे की घंटी होगी।  इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस भारत के पास कई घातक मिसाइलें (India Upgrades Deadly Weapon) हैं खैर, इसके आलावा भारत के पास कई घातक मिसाइलें (India Upgrades Deadly Weapon) हैं। इसमें अग्नि 5 और ब्रह्मोस मिसाइल शामिल है। ब्रह्मोस की मारक क्षमता तकरीबन 600 किलोमीटर है तो वहीं इसकी स्पीड 3700 किलोमीटर प्रति घंटे की है। बात करें अग्नि 5 की तो इसकी रेंज 5000 से 8000 किलोमीटर तक की है। इसमें मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (एमआईआरवी) तकनीक भी है। यह एक ही मिसाइल से कई लक्ष्यों को तबाह करने में सक्षम है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India Upgrades Deadly Weapon #India #WeaponUpgrade #OperationSindoor #IndianArmy #PakistanStrike #MissileTech #DRDO #DefenseNews #MilitaryPower #MakeInIndia

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Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis

Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis: बेहतर परवरिश हो सके इसलिए गरीबी की मार झेल रहे पिता ने अपनी ढाई साल की बेटी का 40 हजार में किया सौदा

कहते हैं गरीबी से बड़ा कोई अभिशाप नहीं होता। गरीबी एक ऐसी चीज है जो इंसान से क्या नहीं करवा सकती। गरीबी की मुख्य वजह है बेरोजगारी। बेरोजगार इंसान से बड़ा गरीब कोई नहीं होता। जाहिर सी बात जब हाथ में काम नहीं होगा तो पैसे भी नहीं होंगे, और पैसे नहीं होंगे तो आर्थिक तंगी होगी। और यही आर्थिक तंगी गरीबी को जन्म देती है। फिर यही गरीबी, इंसान को अपना और अपने परिवार का पेट पालने हेतु हर काम करने पर मजबूर करती है। आपको जानकर बड़ी हैरानी होगी कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर एक शख्स ने नर्स की मदद से अपनी बेटी का सौदा 40,000 रुपये में (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) कर दिया। दरअसल, मामला बिहार के दानापुर स्थित माल सलामी के भैंसानी टोला का है। जहाँ बेरोजगारी से परेशान एक युवक ने अपनी पत्नी की नजर से बचाकर बेटी को ग्राहकों के हवाले बेच दिया। खैर, इस बीच थोड़ी देर बाद जब मां ने अपनी बेटी की खोजबीन की तो जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ। खुलासा होते ही माँ ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।  बच्ची को सारण में रहने वाली एक दंपति ने (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) खरीदा  सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो उसने आनाकानी करते हुए पुलिस को ही गुमराह करने की कोशिश की लेकिन फिर पुलिसिया धमक के आगे टूट गया। फिर उसने पूरी सच्चाई पुलिस को बताई। इसके आधार पर पुलिस ने एक नर्स को हिरासत में लिया। पुलिस ने जब नर्स से पूछताछ की तो पता चला कि बच्ची को सारण में रहने वाली एक दंपति ने (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) खरीदा है। इसके बाद पुलिस ने सारण में दबिश देकर दंपति को भी गिरफ्तार कर लिया है। न सिर्फ गिरफ्तार किया बल्कि पुलिस ने इनके पास से मासूम बच्ची को भी सही सलामत बरामद कर लिया है। फ़िलहाल पुलिस हर एंगल से आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह भी जाँच रही है कि कहीं यह मामला मानव तस्करी से तो नहीं जुड़ा है? आर्थिक तंगी के चलते परिवार का पालन-पोषण दूभर हो चुका (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) था पूछताछ में बेटी बेचने के आरोपी पिता ने पुलिस को बताया कि “मैं काफी समय से बेरोजगार था। इस वजह से घर की माली हालत ठीक नहीं थी। पैसे न होने के चलते बीतते समय के साथ परिवार का पालन-पोषण दूभर हो चुका (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) था। इस बीच एक दिन इस संबंध में मैंने दानापुर के निजी अस्पताल में कार्यरत नर्स से चर्चा की। नर्स से कहीं नौकरी दिलाने की विनंती की। नर्स ने भी भरोसा दिया था कि जल्द ही वह इस संबंध में कुछ करेगी। इसी बीच संयोग से पत्नी कुछ दिनों के लिए मायके चली गई।”  इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला दूसरे परिवार में जाकर इस बच्ची का ठीक से हो (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) सकेगा पालन पोषण आरोपी पिता ने पुलिस को बताया कि “पत्नी की गैरमौजूदगी में एक दिन नर्स ने उसे बुलाया और बेटी का सौदा करने का ऑफर दिया। उसने कहा था कि उसे अपनी ढाई साल की बेटी को बेचने पर 40 हजार रुपये मिल जाएंगे। इस बीच नर्स ने उसे भावनात्मक ब्लैकमेल करते हुए कहा कि “वह अपनी बटी को ढंग से खिला-पिला नहीं रहा है। ऐसे में दूसरे परिवार में जाकर इस बच्ची का ठीक से पालन पोषण हो (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) सकेगा।” एक तो वो ऐसे ही परेशान था सो, बिना अधिक विचार किये उसने इस सौदे को मान लिया और अपनी मासूम बेटी को नर्स के जरिए दंपति को सौंप दिया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis #FatherSellsDaughter #PovertyCrisis #IndiaNews #ChildRights #ShockingNews #SocialIssues #ChildWelfare #HumanityCrisis

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