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BRICS Summit के चलते Delhi में आज से Traffic Restrictions लागू, 22 Diversion Points बनाए गए

नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026: BRICS Summit 2026 को देखते हुए Delhi Traffic Police ने आज से राजधानी के कई हिस्सों में traffic restrictions और diversions लागू कर दिए हैं। Central और South Delhi के महत्वपूर्ण routes पर traffic regulate किया जा रहा है और कुल 22 diversion points बनाए गए हैं। ये व्यवस्थाएं 11 से 13 सितंबर तक summit के दौरान लागू रहेंगी। आज 2 बजे से 8:30 बजे तक विशेष Restrictions Delhi Traffic Police की advisory के मुताबिक 11 सितंबर को दोपहर 2 बजे से रात 8:30 बजे तक कई प्रमुख roads पर traffic movement नियंत्रित रहेगा। करीब 35 से ज्यादा roads restrictions या regulated movement के दायरे में आ सकती हैं। VVIP और foreign delegates की movement के अनुसार कुछ routes पर temporary diversion भी किया जाएगा। इन प्रमुख Roads पर पड़ सकता है असर Traffic restrictions से प्रभावित प्रमुख routes में: समेत Central और South Delhi के कई महत्वपूर्ण corridors शामिल हैं। 22 Diversion Points किए गए तय Traffic Police ने पूरे प्रभावित इलाके में 22 diversion points निर्धारित किए हैं। इनमें Patel Chowk, Janpath, RML Hospital, Dhaula Kuan Flyover, Moti Bagh Flyover, Mandi House और Lodhi Road के आसपास के कई junction शामिल हैं। इन locations पर security और traffic situation के आधार पर vehicles को alternate routes पर divert किया जा सकता है। Airport और Railway Station जाने वालों को सलाह Airport और railway stations जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। Delhi Traffic Police ने खासकर airport जाने वाले passengers को संभव हो तो Delhi Metro का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। New Delhi, Old Delhi और Hazrat Nizamuddin Railway Stations के लिए भी alternative routes जारी किए गए हैं। Public Transport इस्तेमाल करने की अपील Authorities ने लोगों से unnecessary travel से बचने, restricted areas में जाने से पहले traffic updates check करने और जहां संभव हो public transport का इस्तेमाल करने को कहा है। Traffic conditions VVIP movement के अनुसार बदल सकती हैं, इसलिए commuters को official Delhi Traffic Police advisories follow करने की सलाह दी गई है। source – Delhi Traffic Police / The Indian Express / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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BRICS Summit से पहले Delhi में करीब 30,000 Security Personnel तैनात, NSG और Anti-Drone Systems भी Active

नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026: 18th BRICS Summit से पहले राष्ट्रीय राजधानी Delhi में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। करीब 25,000 security personnel और 4,800 traffic police personnel को summit और VVIP movement के लिए लगाया जा रहा है। इसके साथ 100 से ज्यादा NSG commandos और anti-drone systems भी security grid का हिस्सा हैं। 12–13 सितंबर को Bharat Mandapam में Summit India अपनी BRICS Chairship के तहत 12 और 13 सितंबर 2026 को New Delhi के Bharat Mandapam में 18th BRICS Summit की मेजबानी करेगा। VVIP Routes पर कड़ी सुरक्षा Visiting heads of state और delegations के movement को देखते हुए airport, diplomatic enclave, summit venue और प्रमुख hotels के आसपास multi-layer security लगाई गई है। Delhi Traffic Police ने 35 से ज्यादा महत्वपूर्ण routes पर restrictions और diversions की तैयारी की है। 100 से ज्यादा NSG Commandos तैनात Summit की security में 100 से अधिक NSG commandos, anti-drone systems और specialised security teams को शामिल किया गया है। VIP convoys की monitoring के लिए GPS tracking और sensitive locations पर enhanced surveillance का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। Putin के लिए Special Security Arrangements Russian President Vladimir Putin के 11 सितंबर को India पहुंचने की उम्मीद है। उनके hotel और travel routes पर additional senior police officers तैनात किए गए हैं। Russian security teams भी पहले ही Delhi पहुंच चुकी हैं। Xi Jinping की संभावित यात्रा पर भी नजर Chinese President Xi Jinping के भी summit में शामिल होने की व्यापक उम्मीद है और Delhi Police Special Cell उनकी संभावित यात्रा के लिए security arrangements संभाल रही है। हालांकि Reuters के मुताबिक Beijing ने 10 सितंबर तक Xi की यात्रा की औपचारिक पुष्टि नहीं की थी। Hotels के Staff का Background Verification जिन hotels में international leaders और delegations रुकेंगे, वहां कर्मचारियों का detailed background verification किया गया है। Security personnel hotels के ground floor से rooftops तक तैनात किए गए हैं, जबकि sensitive zones में surveillance बढ़ा दी गई है। Anti-Drone और AI Surveillance भी इस्तेमाल Possible aerial threats को देखते हुए anti-drone technology लगाई जा रही है। Reports के मुताबिक AI-enabled cameras और facial recognition systems का भी इस्तेमाल security monitoring के लिए किया जाएगा। Delhi में आने वाले दो दिनों में international delegations और heads of state के arrival के साथ VVIP movement बढ़ने की संभावना है, इसलिए traffic restrictions और security checks भी बढ़ सकते हैं। source – The Indian Express / PIB / Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत भरभराकर गिरी, 7 की मौत; मलबे में अब भी लोगों की तलाश

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के PG के रूप में इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत के ढहने से बड़ा हादसा हो गया। रविवार दोपहर अचानक पूरी इमारत कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गई। आज तक हादसे में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को बचाया गया है। राहत एवं बचाव टीमें मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ हादसा Delhi Police को 6 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे Satya Niketan में building collapse की PCR call मिली थी। सूचना मिलते ही Delhi Police, Delhi Fire Services, NDRF, DDMA और ambulance teams मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर rescue operation शुरू किया गया। CCTV में कैद हुआ इमारत गिरने का खौफनाक मंजर हादसे का CCTV footage भी सामने आया है। वीडियो में इमारत से पहले मलबा गिरता दिखाई देता है और कुछ ही सेकंड बाद पूरी building भरभराकर नीचे आ जाती है। पास मौजूद एक दुकानदार खतरा देखकर समय रहते भागता हुआ भी दिखाई देता है। Basement और Ground Floor पर चल रहा था काम पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लगभग 40 से 50 साल पुरानी इमारत में renovation और basement से जुड़ा काम चल रहा था। अधिकारियों को आशंका है कि structural pillar या walls से छेड़छाड़ के कारण building कमजोर हुई होगी। हादसे के सही कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा। PG में रहते थे Delhi University के छात्र इस building का इस्तेमाल student PG के रूप में किया जा रहा था। Satya Niketan Delhi University के South Campus के नजदीक है और यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और hostels में रहते हैं। हादसे के समय इमारत के अंदर कई छात्रों के मौजूद होने की आशंका जताई गई थी। Building Owner के खिलाफ FIR Delhi Police ने कथित building owner Hariram Bansal और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला BNS की धारा 105, 290 और 125(a) सहित संबंधित provisions के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने मालिक की तलाश के लिए कई teams बनाई हैं और उसके खिलाफ Look Out Circular भी जारी किया गया है। पांच MCD अधिकारी Suspended आज Delhi government ने हादसे के बाद बड़ी administrative कार्रवाई करते हुए MCD के पांच अधिकारियों को suspend कर दिया। इनमें South Zone के Deputy Commissioner और building department से जुड़े engineering officials शामिल हैं। आसपास की unsafe buildings की जांच और demolition की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। PM Modi ने जताया दुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। PMO ने कहा कि authorities मौके पर राहत और सहायता उपलब्ध करा रही हैं। Rescue Operation जारी NDRF और अन्य agencies मलबा हटाकर search operation चला रही हैं। आसपास की कमजोर इमारतों को भी खाली कराया जा रहा है ताकि किसी और हादसे का खतरा न रहे। हादसे ने Satya Niketan में चल रहे student PGs की building safety और construction norms पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। source – India Today / Aaj Tak / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया, गुजरात-महाराष्ट्र समेत कई इलाकों में हाई अलर्ट

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से पश्चिमी भारत और पहाड़ी राज्यों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भूस्खलन का खतरा जताया है। कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की भी आशंका है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? मौसम विभाग के अनुसार जिन राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है, उनमें प्रमुख रूप से— शामिल हैं। अलग-अलग जिलों के लिए मौसम की तीव्रता के अनुसार येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए गए हैं। IMD की चेतावनी मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील इलाकों में NDRF और SDRF की टीमों की तैनाती की गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी लगातार बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन के चलते कुछ मार्ग अस्थायी रूप से बंद किए जा सकते हैं। यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष सक्रिय मानसून के बीच IMD ने गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) | NDMA | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन (Landslide) और अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा जताया है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका व्यक्त की गई है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? मौसम विभाग के अनुसार जिन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, उनमें प्रमुख रूप से— शामिल हैं। विभिन्न जिलों के लिए अलग-अलग स्तर के मौसम अलर्ट जारी किए गए हैं। IMD की चेतावनी मौसम विभाग ने कहा है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमों को तैयार रखा गया है। कई जिलों में स्थानीय प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। लोगों के लिए एडवाइजरी IMD और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि— यातायात और जनजीवन पर असर लगातार बारिश के कारण कई शहरों में सड़क यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से कुछ मार्ग बंद हो सकते हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। निष्कर्ष सक्रिय मानसून के बीच IMD ने दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। Source: India Meteorological Department (IMD) | National Disaster Management Authority (NDMA) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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सोनम वांगचुक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार किया, अस्पताल में भर्ती को लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस तेज

नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने रविवार को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने उनकी पत्नी द्वारा दायर उस याचिका पर अंतरिम आदेश देने से मना कर दिया, जिसमें वांगचुक को सरकारी सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने और तत्काल छुट्टी देने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार द्वारा उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना मनमाना नहीं माना जा सकता। क्या है पूरा मामला? सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस और चिकित्सा अधिकारियों ने उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए दावा किया कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध सरकारी अस्पताल में रखा गया है और निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दी जाए। दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने फिलहाल किसी भी अंतरिम राहत से इनकार करते हुए कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाने का निर्णय उचित प्रतीत होता है। अदालत ने यह भी माना कि उन्हें जबरन उपचार दिए जाने का कोई स्पष्ट आधार फिलहाल रिकॉर्ड पर नहीं है। मामले की आगे सुनवाई जारी रहेगी और सरकार से विस्तृत स्थिति रिपोर्ट भी मांगी गई है। सरकार का पक्ष सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि वांगचुक की तबीयत लंबे अनशन के कारण लगातार बिगड़ रही थी। चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया ताकि उनकी नियमित निगरानी और आवश्यक चिकित्सा देखभाल की जा सके। अस्पताल प्रशासन ने भी बताया कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्हें लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग की जरूरत है। परिवार और समर्थकों की आपत्ति वांगचुक के परिवार और समर्थकों ने अदालत में कहा कि वे निजी अस्पताल में इलाज कराना चाहते हैं और सरकारी अस्पताल के माहौल को लेकर उन्हें आपत्ति है। उनके वकीलों ने अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए और इसे चिंता का विषय बताया। राजनीतिक बहस तेज हाई कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि सरकार का कहना है कि प्राथमिकता वांगचुक का जीवन और स्वास्थ्य सुरक्षित रखना है। इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा जारी है। आगे क्या होगा? मामले की अगली सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट सरकार की स्थिति रिपोर्ट और अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर विचार करेगा। अदालत के अंतिम निर्णय तक वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में ही रहेंगे। दूसरी ओर, उनके समर्थकों ने आंदोलन जारी रखने और आगे की रणनीति पर विचार करने की बात कही है। निष्कर्ष दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा तत्काल राहत से इनकार किए जाने के बाद सोनम वांगचुक का मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब सभी की नजर अदालत की अगली सुनवाई, मेडिकल रिपोर्ट और सरकार के आगे के कदमों पर रहेगी। Source: Reuters, PTI एवं अन्य विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट। जय राष्ट्र न्यूज़

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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 20वें दिन में, 20 जुलाई तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुक्रवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गई। जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन के दौरान वांगचुक ने कहा कि वे 20 जुलाई तक हर हाल में आंदोलन जारी रखेंगे और उसी दिन प्रस्तावित शांतिपूर्ण संसद मार्च में हिस्सा लेंगे। उनकी सेहत को लेकर बढ़ती चिंता के बीच समर्थकों, सामाजिक संगठनों और कई सार्वजनिक हस्तियों ने सरकार से संवाद शुरू करने की अपील की है। क्या कहा सोनम वांगचुक ने? वांगचुक ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे शारीरिक रूप से कमजोर महसूस कर रहे हैं, लेकिन मानसिक रूप से पूरी तरह दृढ़ हैं। उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की और कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को संसद तक पहुंचाना उनका उद्देश्य है। सेहत को लेकर बढ़ी चिंता भूख हड़ताल लंबी खिंचने के कारण वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनका वजन काफी कम हुआ है और चिकित्सकीय निगरानी जारी है। इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला दोहराया है। आंदोलन की प्रमुख मांगें वांगचुक का कहना है कि उनका आंदोलन लद्दाख से जुड़े पर्यावरणीय और प्रशासनिक मुद्दों के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े सवालों पर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उनका आग्रह है कि सरकार इन मुद्दों पर संवाद कर ठोस समाधान निकाले। राजनीतिक और सार्वजनिक प्रतिक्रिया आंदोलन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सार्वजनिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई नेताओं ने सरकार से बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। फिल्मकार किरण राव ने भी संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि अभिनेता आमिर खान ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। 20 जुलाई के संसद मार्च पर नजर अब सबकी नजर 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च पर है। वांगचुक ने कहा है कि यह मार्च शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात संसद तक पहुंचाना है। सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों पर भी नजर रखी जा रही है। निष्कर्ष सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है। आंदोलन के 20वें दिन उनकी सेहत, सरकार की संभावित प्रतिक्रिया और 20 जुलाई के संसद मार्च को लेकर पूरे देश की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है। Source: PTI एवं सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट। Original Report: उपलब्ध आधिकारिक और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD Heavy Rain Alert 2026: पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert 2026: कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी नई दिल्ली: IMD Heavy Rain Alert 2026 के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ताज़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) और मानसून ट्रफ की सक्रियता के कारण अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? IMD के अनुसार आज ओडिशा, पश्चिम बंगाल (गंगीय क्षेत्र), बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। वहीं उत्तराखंड और पूर्वी हिमालयी क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना जताई गई है। क्यों बढ़ी बारिश की गतिविधि? मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में नमी की मात्रा बढ़ गई है। यही प्रणाली अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में लगातार बारिश का कारण बन सकती है। क्या हो सकता है असर? IMD ने चेतावनी दी है कि लगातार भारी बारिश के कारण— प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि— किसानों और यात्रियों के लिए सलाह विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है। वहीं यात्रियों को यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने और संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए योजना बनाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों की राय मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के मध्य में मानसून की यह सक्रिय स्थिति सामान्य मौसमी चक्र का हिस्सा है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के कारण स्थानीय स्तर पर बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां बन सकती हैं। इसलिए सतर्कता और समय पर चेतावनी का पालन करना आवश्यक है। निष्कर्ष IMD Heavy Rain Alert 2026 के तहत पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 24–48 घंटों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने की अपील की है। प्रशासन भी संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों में जुटा हुआ है। Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय। Original Report: IMD द्वारा 16 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक मौसम बुलेटिन और नवीनतम चेतावनियों के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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18वें दिन भी जारी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, जंतर-मंतर पहुंचीं स्वरा भास्कर

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पैरोकार सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 18वें दिन भी जारी है। वह कथित परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पहुंचीं और आंदोलन में शामिल होकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए आंदोलन का समर्थन किया और लिखा कि यह “बच्चों के भविष्य की लड़ाई” है। वहीं, अभिनेता अभय देओल, नसीरुद्दीन शाह, ओमी वैद्य, रुबीना दिलैक और जीनत अमान सहित कई कलाकार भी पहले ही वांगचुक के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। जय राष्ट्र न्यूज | सच के साथ

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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, उत्तराखंड सहित पूर्वी भारत में विशेष निगरानी

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखंड में रेड अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर IMD ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। देहरादून, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में अत्यधिक वर्षा की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है और यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। पूर्वी भारत में भी भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासनों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका दिल्ली-एनसीआर सहित कई बड़े शहरों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। वहीं कोलकाता, पटना, गुवाहाटी, देहरादून और अन्य शहरों में भारी वर्षा के कारण ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और आपातकालीन टीमें तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में न रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की भी सलाह दी गई है। राहत और बचाव एजेंसियां अलर्ट पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील जिलों में अलर्ट मोड पर रखा गया है। संभावित बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, बचाव उपकरण और आपातकालीन दलों की तैनाती की जा रही है। कृषि पर भी पड़ेगा असर कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश से धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को कुछ क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है, लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में जलभराव के कारण फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून के चलते अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और मौसम संबंधी अपडेट केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त करने की अपील की है। Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA)। Original Report: IMD द्वारा जारी नवीनतम मौसम बुलेटिन और आधिकारिक चेतावनी के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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