IMD ने कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया, गुजरात-महाराष्ट्र समेत कई इलाकों में हाई अलर्ट

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से पश्चिमी भारत और पहाड़ी राज्यों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भूस्खलन का खतरा जताया है। कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की भी आशंका है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? मौसम विभाग के अनुसार जिन राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है, उनमें प्रमुख रूप से— शामिल हैं। अलग-अलग जिलों के लिए मौसम की तीव्रता के अनुसार येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए गए हैं। IMD की चेतावनी मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील इलाकों में NDRF और SDRF की टीमों की तैनाती की गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी लगातार बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन के चलते कुछ मार्ग अस्थायी रूप से बंद किए जा सकते हैं। यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष सक्रिय मानसून के बीच IMD ने गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) | NDMA | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन (Landslide) और अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा जताया है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका व्यक्त की गई है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? मौसम विभाग के अनुसार जिन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, उनमें प्रमुख रूप से— शामिल हैं। विभिन्न जिलों के लिए अलग-अलग स्तर के मौसम अलर्ट जारी किए गए हैं। IMD की चेतावनी मौसम विभाग ने कहा है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमों को तैयार रखा गया है। कई जिलों में स्थानीय प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। लोगों के लिए एडवाइजरी IMD और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि— यातायात और जनजीवन पर असर लगातार बारिश के कारण कई शहरों में सड़क यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से कुछ मार्ग बंद हो सकते हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। निष्कर्ष सक्रिय मानसून के बीच IMD ने दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। Source: India Meteorological Department (IMD) | National Disaster Management Authority (NDMA) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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सोनम वांगचुक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार किया, अस्पताल में भर्ती को लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस तेज

नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने रविवार को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने उनकी पत्नी द्वारा दायर उस याचिका पर अंतरिम आदेश देने से मना कर दिया, जिसमें वांगचुक को सरकारी सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने और तत्काल छुट्टी देने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार द्वारा उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना मनमाना नहीं माना जा सकता। क्या है पूरा मामला? सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस और चिकित्सा अधिकारियों ने उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए दावा किया कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध सरकारी अस्पताल में रखा गया है और निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दी जाए। दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने फिलहाल किसी भी अंतरिम राहत से इनकार करते हुए कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाने का निर्णय उचित प्रतीत होता है। अदालत ने यह भी माना कि उन्हें जबरन उपचार दिए जाने का कोई स्पष्ट आधार फिलहाल रिकॉर्ड पर नहीं है। मामले की आगे सुनवाई जारी रहेगी और सरकार से विस्तृत स्थिति रिपोर्ट भी मांगी गई है। सरकार का पक्ष सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि वांगचुक की तबीयत लंबे अनशन के कारण लगातार बिगड़ रही थी। चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया ताकि उनकी नियमित निगरानी और आवश्यक चिकित्सा देखभाल की जा सके। अस्पताल प्रशासन ने भी बताया कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्हें लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग की जरूरत है। परिवार और समर्थकों की आपत्ति वांगचुक के परिवार और समर्थकों ने अदालत में कहा कि वे निजी अस्पताल में इलाज कराना चाहते हैं और सरकारी अस्पताल के माहौल को लेकर उन्हें आपत्ति है। उनके वकीलों ने अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए और इसे चिंता का विषय बताया। राजनीतिक बहस तेज हाई कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि सरकार का कहना है कि प्राथमिकता वांगचुक का जीवन और स्वास्थ्य सुरक्षित रखना है। इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा जारी है। आगे क्या होगा? मामले की अगली सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट सरकार की स्थिति रिपोर्ट और अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर विचार करेगा। अदालत के अंतिम निर्णय तक वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में ही रहेंगे। दूसरी ओर, उनके समर्थकों ने आंदोलन जारी रखने और आगे की रणनीति पर विचार करने की बात कही है। निष्कर्ष दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा तत्काल राहत से इनकार किए जाने के बाद सोनम वांगचुक का मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब सभी की नजर अदालत की अगली सुनवाई, मेडिकल रिपोर्ट और सरकार के आगे के कदमों पर रहेगी। Source: Reuters, PTI एवं अन्य विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट। जय राष्ट्र न्यूज़

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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 20वें दिन में, 20 जुलाई तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुक्रवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गई। जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन के दौरान वांगचुक ने कहा कि वे 20 जुलाई तक हर हाल में आंदोलन जारी रखेंगे और उसी दिन प्रस्तावित शांतिपूर्ण संसद मार्च में हिस्सा लेंगे। उनकी सेहत को लेकर बढ़ती चिंता के बीच समर्थकों, सामाजिक संगठनों और कई सार्वजनिक हस्तियों ने सरकार से संवाद शुरू करने की अपील की है। क्या कहा सोनम वांगचुक ने? वांगचुक ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे शारीरिक रूप से कमजोर महसूस कर रहे हैं, लेकिन मानसिक रूप से पूरी तरह दृढ़ हैं। उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की और कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को संसद तक पहुंचाना उनका उद्देश्य है। सेहत को लेकर बढ़ी चिंता भूख हड़ताल लंबी खिंचने के कारण वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनका वजन काफी कम हुआ है और चिकित्सकीय निगरानी जारी है। इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला दोहराया है। आंदोलन की प्रमुख मांगें वांगचुक का कहना है कि उनका आंदोलन लद्दाख से जुड़े पर्यावरणीय और प्रशासनिक मुद्दों के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े सवालों पर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उनका आग्रह है कि सरकार इन मुद्दों पर संवाद कर ठोस समाधान निकाले। राजनीतिक और सार्वजनिक प्रतिक्रिया आंदोलन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सार्वजनिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई नेताओं ने सरकार से बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। फिल्मकार किरण राव ने भी संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि अभिनेता आमिर खान ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। 20 जुलाई के संसद मार्च पर नजर अब सबकी नजर 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च पर है। वांगचुक ने कहा है कि यह मार्च शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात संसद तक पहुंचाना है। सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों पर भी नजर रखी जा रही है। निष्कर्ष सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है। आंदोलन के 20वें दिन उनकी सेहत, सरकार की संभावित प्रतिक्रिया और 20 जुलाई के संसद मार्च को लेकर पूरे देश की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है। Source: PTI एवं सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट। Original Report: उपलब्ध आधिकारिक और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD Heavy Rain Alert 2026: पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert 2026: कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी नई दिल्ली: IMD Heavy Rain Alert 2026 के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ताज़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) और मानसून ट्रफ की सक्रियता के कारण अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? IMD के अनुसार आज ओडिशा, पश्चिम बंगाल (गंगीय क्षेत्र), बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। वहीं उत्तराखंड और पूर्वी हिमालयी क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना जताई गई है। क्यों बढ़ी बारिश की गतिविधि? मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में नमी की मात्रा बढ़ गई है। यही प्रणाली अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में लगातार बारिश का कारण बन सकती है। क्या हो सकता है असर? IMD ने चेतावनी दी है कि लगातार भारी बारिश के कारण— प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि— किसानों और यात्रियों के लिए सलाह विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है। वहीं यात्रियों को यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने और संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए योजना बनाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों की राय मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के मध्य में मानसून की यह सक्रिय स्थिति सामान्य मौसमी चक्र का हिस्सा है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के कारण स्थानीय स्तर पर बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां बन सकती हैं। इसलिए सतर्कता और समय पर चेतावनी का पालन करना आवश्यक है। निष्कर्ष IMD Heavy Rain Alert 2026 के तहत पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 24–48 घंटों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने की अपील की है। प्रशासन भी संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों में जुटा हुआ है। Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय। Original Report: IMD द्वारा 16 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक मौसम बुलेटिन और नवीनतम चेतावनियों के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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18वें दिन भी जारी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, जंतर-मंतर पहुंचीं स्वरा भास्कर

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पैरोकार सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 18वें दिन भी जारी है। वह कथित परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पहुंचीं और आंदोलन में शामिल होकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए आंदोलन का समर्थन किया और लिखा कि यह “बच्चों के भविष्य की लड़ाई” है। वहीं, अभिनेता अभय देओल, नसीरुद्दीन शाह, ओमी वैद्य, रुबीना दिलैक और जीनत अमान सहित कई कलाकार भी पहले ही वांगचुक के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। जय राष्ट्र न्यूज | सच के साथ

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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, उत्तराखंड सहित पूर्वी भारत में विशेष निगरानी

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखंड में रेड अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर IMD ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। देहरादून, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में अत्यधिक वर्षा की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है और यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। पूर्वी भारत में भी भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासनों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका दिल्ली-एनसीआर सहित कई बड़े शहरों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। वहीं कोलकाता, पटना, गुवाहाटी, देहरादून और अन्य शहरों में भारी वर्षा के कारण ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और आपातकालीन टीमें तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में न रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की भी सलाह दी गई है। राहत और बचाव एजेंसियां अलर्ट पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील जिलों में अलर्ट मोड पर रखा गया है। संभावित बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, बचाव उपकरण और आपातकालीन दलों की तैनाती की जा रही है। कृषि पर भी पड़ेगा असर कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश से धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को कुछ क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है, लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में जलभराव के कारण फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून के चलते अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और मौसम संबंधी अपडेट केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त करने की अपील की है। Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA)। Original Report: IMD द्वारा जारी नवीनतम मौसम बुलेटिन और आधिकारिक चेतावनी के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

जय राष्ट्र न्यूज़ | मौसम एवं पर्यावरण डेस्क | 23 जून 2026 मुख्य समाचार देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज होने के साथ भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा, असम सहित कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी वर्षा की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश भी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। मानसून ने पकड़ी रफ्तार लगभग दो सप्ताह की धीमी प्रगति के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर से गति पकड़ी है और देश के मध्य तथा पश्चिमी हिस्सों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इससे खरीफ फसलों की बुवाई को भी लाभ मिल सकता है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण कई राज्यों में वर्षा की तीव्रता बढ़ने की संभावना जताई गई है। किन राज्यों पर ज्यादा असर? IMD के अनुसार महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा, असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में भी आंधी और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी व्यक्त की गई है। तेज हवाओं और आंधी की चेतावनी मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने और तेज तूफानी गतिविधियों का भी खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों ने लोगों से खुले स्थानों में सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। दिल्ली-एनसीआर में मौसम बदला दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी मौसम ने अचानक करवट ली है। धूल भरी आंधी और तेज हवाओं के बाद कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते IMD ने रेड अलर्ट जारी किया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ घंटों और दिनों में भी मौसम अस्थिर बना रह सकता है। किसानों के लिए राहत विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की सक्रियता बढ़ने से कृषि क्षेत्र को राहत मिल सकती है। विशेषकर उन राज्यों में जहां किसान खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे हैं, वहां अच्छी बारिश लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन की तैयारी कई राज्यों में स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। निचले इलाकों, नदी किनारे बसे क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। लोगों से मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है। स्रोत: India Meteorological Department (IMD) मूल रिपोर्ट:https://mausam.imd.gov.in जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग की विशेष निगरानी

जय राष्ट्र न्यूज़ | राज्य डेस्क | 19 जून 2026 मुख्य समाचार देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा और अन्य राज्यों में मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं की संभावना IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली-NCR में 19 जून से 21 जून तक हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रह सकता है, जिससे पिछले दिनों की गर्मी में कमी आएगी। कई राज्यों के लिए मौसम चेतावनी IMD ने 17 से अधिक राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत के अलावा पूर्वी और पश्चिमी भारत के कई क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के कारण कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली आपूर्ति में बाधा जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। यात्रियों और किसानों को सलाह मौसम विभाग ने यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देखने की सलाह दी है। खराब मौसम के कारण कुछ क्षेत्रों में सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। वहीं कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि वर्षा की गतिविधियों पर किसानों की विशेष नजर बनी हुई है क्योंकि आगामी दिनों का मौसम खरीफ फसलों की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राहत के साथ सावधानी भी जरूरी बारिश और तेज हवाओं से गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन बिजली गिरने और आंधी के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से आधिकारिक मौसम बुलेटिन और चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। निष्कर्ष दिल्ली-NCR समेत देश के कई राज्यों में मौसम विभाग ने बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और आधिकारिक सलाह का पालन करने की जरूरत है। स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मूल रिपोर्ट:IMD Delhi-NCR Weather Forecast जय राष्ट्र न्यूज़

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NEET Re-Exam की सुरक्षा तैयारियों को लेकर राज्यों में हाई अलर्ट, प्रशासन और एजेंसियां पूरी तरह सतर्क

जय राष्ट्र न्यूज़ | नई दिल्ली | 17 जून 2026 मुख्य समाचार NEET Re-Exam 2026 को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से आयोजित करने के लिए देशभर के राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। परीक्षा से पहले प्रशासन, पुलिस विभाग, शिक्षा अधिकारियों और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के बीच समन्वय बढ़ाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्था राज्यों में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर पहचान सत्यापन, निगरानी कैमरे और सुरक्षा जांच की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा केंद्रों के आसपास भी अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई परीक्षा प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रश्नपत्रों के भंडारण और परिवहन की प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक चरण में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। साइबर निगरानी बढ़ाई गई ऑनलाइन माध्यमों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए साइबर सुरक्षा एजेंसियों को भी सक्रिय किया गया है। सोशल मीडिया, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स और अन्य डिजिटल माध्यमों पर निगरानी रखी जा रही है ताकि फर्जी सूचनाओं और धोखाधड़ी के प्रयासों को रोका जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल निगरानी परीक्षा सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। राज्यों में समन्वय बैठकें कई राज्यों में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग और शिक्षा अधिकारियों के बीच विशेष बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठकों में परीक्षा दिवस की तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। छात्रों और अभिभावकों से अपील शिक्षा विभाग ने छात्रों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। किसी भी प्रकार की अफवाह या फर्जी जानकारी से बचने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के दौरान मानसिक संतुलन बनाए रखना और तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। निष्पक्ष परीक्षा पर फोकस अधिकारियों के अनुसार इस बार परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी छात्रों को समान और निष्पक्ष अवसर मिले। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था से छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास और मजबूत होगा। निष्कर्ष NEET Re-Exam 2026 से पहले राज्यों में हाई अलर्ट और व्यापक सुरक्षा तैयारियां यह दर्शाती हैं कि प्रशासन परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर गंभीर है। परीक्षा केंद्रों, प्रश्नपत्रों और डिजिटल माध्यमों की निगरानी के जरिए सुरक्षित परीक्षा आयोजन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। लाखों छात्रों और अभिभावकों की नजर अब परीक्षा के सफल संचालन पर बनी हुई है। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए।

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