कोलकाता, 18 अक्टूबर 2026: उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है, जबकि कम से कम 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद कोलकाता पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7:30 बजे चोरबागान इलाके में भगदड़ मची। उस समय पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। बारिश, संकरी गलियों और प्रवेश तथा निकास मार्गों पर भीड़ के दबाव ने स्थिति को और मुश्किल बना दिया।
प्रारंभिक जांच में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी संभावित खामियों की पड़ताल की जा रही है। हालांकि, हादसे के सटीक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
पंडाल खाली करने की घोषणा से बढ़ी घबराहट?
पुलिस एक कथित घोषणा की भी जांच कर रही है, जिसमें लोगों से पंडाल खाली करने के लिए कहा गया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घोषणा में पंडाल की हालत खराब होने और उसके गिरने की आशंका जताए जाने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घोषणा किसने की, उसके पीछे क्या कारण था और क्या इससे भीड़ में घबराहट बढ़ी। फिलहाल, इसे भगदड़ का अंतिम कारण मानना जल्दबाजी होगी।
सात लोगों की गिरफ्तारी
पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, इनमें दुर्गा पूजा आयोजन समिति से जुड़े पदाधिकारी, पंडाल निर्माण से संबंधित लोग और निजी सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।
इससे पहले पुलिस ने पूछताछ के लिए 14 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें से सात की गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तार लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी का निर्धारण जांच के आधार पर होगा।
SIT करेगी सुरक्षा व्यवस्था की जांच
विशेष जांच दल हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करेगा। इसमें भीड़ नियंत्रण की योजना, प्रवेश और निकास मार्गों की व्यवस्था, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, आपातकालीन प्रबंधन और आयोजकों की जिम्मेदारी शामिल हैं।
फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है। जांच के दौरान उपलब्ध वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा सकती है।
गैर-इरादतन हत्या से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत गैर-इरादतन हत्या से जुड़े मामले में केस दर्ज किया है। जांच में यह निर्धारित किया जाएगा कि हादसे में कथित लापरवाही, सुरक्षा संबंधी खामियों या किसी घोषणा की क्या भूमिका रही।
अन्य दुर्गा पूजा पंडालों में भी सुरक्षा समीक्षा
हादसे के बाद चोरबागान पंडाल को बंद कर दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, कोलकाता के कुछ अन्य अधिक भीड़ वाले दुर्गा पूजा पंडालों में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए अस्थायी रूप से प्रवेश रोका गया।
जांच के नतीजों पर टिकी नजर
इस दर्दनाक हादसे ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन निकासी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब SIT की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है।
स्रोत: The Indian Express, Times of India, Hindustan Times
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