Demand to shut illegal madrasas

Demand to shut illegal madrasas: विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कलेक्टर से की अवैध मदरसों को बंद करने की मांग

राजस्थान की राजधानी जयपुर के हवामहल निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य को अवैध मदरसों में अवैध गतिविधियों और अनैतिक कृत्यों की शिकायतें मिल रही थीं। इस संबंध में बालमुकुंद आचार्य ने जयपुर में चल रहे अवैध मदरसों की जांच कराने और उन्हें बंद (Demand to shut illegal madrasas) करने की कार्रवाई के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने यह लेटर हवामहल विधानसभा के एक स्थानीय निवासी की उस शिकायत के बाद 3 अप्रैल को लिखा है, जिसमें जलमहल के सामने स्थित मदरसे के मौलाना पर नाबालिग का अपहरण करने के बाद फर्जी निकाह करने के आरोप लगाए गए हैं। बता दें कि इस लेटर में भाजपा विधायक ने लिखा है कि “मेरी जानकारी में आया है कि अपराकाशी जयपुर शहर में मदरसे बिना सरकारी मान्यता के संचालित किए जा रहे हैं। इनमें कई प्रकार के अनैतिक कार्य होने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। मदरसा संचालकों के भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। इसीलिए जयपुर शहर के सभी मदरसों की जांच करवाकर, अनाधिकृत रूप से संचालित मदरसों पर कार्रवाई करवाकर, उन्हें बंद करवाने की कार्रवाई का कष्ट करें।” पुलिस अधिकारियों को दिए एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश (Demand to shut illegal madrasas) जानकारी के मुताबिक स्वामी बालमुकुंद ने यह लेटर हवामहल विधानसभा के एक स्थानीय निवासी की शिकायत के बाद लिखा है। लिखे पत्र में जलमहल के सामने स्थित मदरसे के खिलाफ गंभीर (Demand to shut illegal madrasas) आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक मौलाना मुफ्ती सलीम पुत्र रईस पर एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर जबरन अपहरण करने और फिर फर्जी निकाह कराने का आरोप है। जानकारी के लिए बता दें कि यह मदरसा राज्य सरकार या अन्य किसी संस्था से रजिस्टर ही नहीं है। इस मामले पर बालमुकुंद आचार्य का कहना हे कि “इसके पहले भी कई गरीब तबके की बच्चियों के साथ अनैतिक कृत्य करने, खाडी देशों से चंदा लेने, हवाला के जरिए पैसा प्राप्त कर उसका उपयोग देशद्रोही की गतिविधियों में करने, जयपुर में तीन-तीन फर्जी आईडी बनाकर निवास करने जैसी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।”  इसे भी पढ़ें:- वक्फ बिल पास होते ही कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, महाराष्ट्र के इस बड़े मुस्लिम नेता ने छोड़ी पार्टी अवैध मदरसों में चल रही थी गैरकानूनी गतिविधियां (Demand to shut illegal madrasas) बता दें कि जयपुर शहर में बिना किसी सरकारी मान्यता के संचालित कुछ मदरसों में अवैध गतिविधियों और अनैतिक कृत्यों की शिकायतें बालमुकुंद आचार्य को लगातार मिल रही थी। इसी कड़ी में विधायक को हवा महल क्षेत्र के स्थानीय निवासियों द्वारा मदरसा नूर उल इस्लाम, टोंक वालों की बस्ती, जेपी कॉलोनी,   जलमहल के सामने स्थित मदरसे के खिलाफ गंभीर शिकायत (Demand to shut illegal madrasas) प्राप्त हुई। विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने इस गंभीर मामले में न सिर्फ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए हैं बल्कि  जिला कलेक्टर को भी पत्र लिखा है। विधायक का मानना है कि इस प्रकार की संस्थाएं समाज में घोर असुरक्षा और अव्यवस्था पैदा कर रही हैं। गौरतलब है कि रमजान के महीने में भी बालमुकुंद आचार्य ने लाउडस्पीकर की तेज आवाज से आम जनता को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया था और पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर छतों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग की थी।  Latest News in Hindi Today Hindi News Demand to shut illegal madrasas #IllegalMadrasas #BalmukundAcharya #MadarsaBan #EducationReform #ReligiousSchools #MadarsaControversy #IndiaPolitics #CollectorMemorandum #ShutMadrasas #MLAProtest

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National Medical Commission

नेशनल मेडिकल कमीशन का नया नियम: मेडिकल फैकल्टी के प्रमोशन के लिए BCMET कोर्स अनिवार्य

शिक्षक बनना और पढ़ाना कई लोगों का सपना होता है। यह एक ऐसा पेशा है, जिससे न केवल आपका जीवन बदल सकता है बल्कि इससे आप अपने छात्रों को सकारात्मक दिशा भी दे सकते हैं। एक अच्छा शिक्षक ने सिर्फ पढ़ाता नहीं है बल्कि छात्रों को सीखने, समझने और सपने देखने के लिए भी प्रेरित करता है। अगर टीचिंग आपका भी सपना है, तो एक खास खबर आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार अब अगर आप मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges) में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर में प्रोमोट होना चाहते हैं, तो अब इसके लिए आपको बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी (Basic Course in Medical Education Technology) करना होगा। आइए जानें मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए बीसीएमइटी कोर्स (BCMET course to become Professor and Associate Professor in Medical Colleges) के बारे में। मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए BCMET कोर्स (BCMET course to become Professor and Associate Professor in Medical Colleges) मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges) में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए अब बेसिक कोर्स में बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी (Basic Course in Medical Education Technology) करने को अब जरूरी बना दिया गया है। यह निर्णय नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) ने लिया है और उन्होंने ने ही इसके बारे में नोटिफिकेशन जारी की है। नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर की पोस्ट पर प्रमोशन के लिए फैकल्टी मेंबर्स को कमिशन द्वारा नॉमिनेटेड इंसीट्यूट से इस कोर्स को करना होगा।  यह कोर्स मेडिकल टेक्नोलॉजी एजुकेशन में बेसिक कोर्स के रूप में काम करेगा। आप ऑफिशियल वेबसाइट पर इसके बारे में और अधिक जान सकते हैं। अब पाएं मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए बीसीएमइटी कोर्स (BCMET course to become Professor and Associate Professor in Medical Colleges) के बारे में और जानकारी। इसे भी पढ़े: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, जानें आवेदन प्रक्रिया और योग्यता क्या है डेडलाइन? इस रूल के अनुसार फैकल्टी मेमेबर्स को एकेडेमिक ईयर 2026-27 के लिए परमिशन लेटर (एलओपी) के लिए अप्लाई करने से पहले अपना बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी (Basic Course in Medical Education Technology) को पूरा करना होगा, जिसे अक्टूबर 2025 तक जमा किया जाना चाहिए। यह कार्यक्रम मेडिकल एजुकेटर्स की टीचिंग कैपेबिलिटीज में सुधार करेगा, जिससे भारत में मेडिकल एजुकेशन की गुणवत्ता में वृद्धि होगी। इसके बारे में दिए आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges) में फैकल्टी की नियुक्ति के संबंध में, जहां पोस्ट्स को स्वीकृति दी गई है और आखिरी समय में नियुक्तियां की गई हैं, वहीं पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (PGMEB) ने यह निर्णय लिया है कि ऐसे मामलों में प्रिंसिपल सेक्रेटरी, मेडिकल एजुकेशन, सरकार द्वारा एक एफेडेविट प्राप्त किया जाना चाहिए। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों ने भी यह पुष्टि की है कि नियुक्त फैकल्टी अगले एकेडेमिक ईयर में बीसीएमईटी कोर्स (BCMET Course) पूरा करेगी। संक्षेप में कहा जाए तो इस नए नियम के अनुसार, प्रमोशन के लिए एलिजिबल होने के लिए फेक्ल्टी मेंबर को नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) डेजिगनेटेड इंस्टीट्यूशंस से बीसीएमईटी कोर्स (BCMET Course) पूरा करना होगा। अगर आप भी मेडिकल फेकल्टी हैं, और प्रमोशन चाहते हैं तो आज ही आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और इसके बारे में और जानकारी प्राप्त करें। प्रमोशन के इस मौके को न गवाएं। Latest News in Hindi Today Hindi news National Medical Commission #MedicalColleges #Professor #AssociateProfessor #BCMETcourseforbecomingProfessorandAssociateProfessorinMedicalColleges #BasicCourseinMedicalEducationTechnology #BCMET #NationalMedicalCommission

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Political switch in Maharashtra

Muslim leader leaves Congress: वक्फ बिल पास होते ही कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, महाराष्ट्र के इस बड़े मुस्लिम नेता ने छोड़ी पार्टी

संसद के दोनों सदनों से वक्फ संशाेधन बिल पास होने के बाद से बीजेपी के सहयोगी दलों में इस्तीफों का दौर जारी है। कई मुस्लिम नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा देन शुरू कर दिया है। देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस भी अछूती नहीं है। वक्फ संशाेधन बिल पास होने के बाद कांग्रेस का एक बड़े मुस्लिम चेहरे ने पार्टी का साथ छोड़ (Muslim leader leaves Congress) दिया है। ध्यान देने वाली बात यह कि एक तरफ कांग्रेस जहां खुद को मजबूत करने के लिए गुजरात के अहमदाबाद में राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों में जोरशोर से जुटी है, तो वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र में पार्टी को बड़ा झटका लगा है। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के पूर्व विधायक यूसुफ अब्राहनी ने पार्टी के सभी पद और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अब्राहनी ने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है। इसके साथ ही उसकी एक प्रति मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा व सांसद गायकवाड़ को भी भेजी है। संजय निरुपम, मिलिंद देवड़ा के अलावा दिवंगत बाबा सिद्दीकी और उनके बेटे जीशान सिद्दीकी ने भी छोड़ दिया था कांग्रेस का साथ (Muslim leader leaves Congress)  कांग्रेस से इस्तीफा देने के बारे में यूसुफ अब्राहनी ने बताया कि “पार्टी की बहुत बुरी हालत है। और इसके जिम्मेदार पार्टी के नेता ही है।” जानकारी के मुताबिक उन्होंने यह बात राहुल गांधी को विस्तार से बताई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इससे वे बहुत निराश है। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे है कि जल्द ही कांग्रेस के कई और नेता पार्टी को से इस्तीफा दे सकते हैं। गौरतलब हो कि पिछले साल संजय निरुपम, मिलिंद देवड़ा के अलावा दिवंगत बाबा सिद्दीकी और फिर उनके बेटे जीशान सिद्दीकी ने भी कांग्रेस को राम-राम बोल (Muslim leader leaves Congress) दिया था। इसे भी पढ़ें:- सीएम योगी ने अपने तीसरे टर्म को लेकर कही यह बड़ी बात, मचा सियासी हड़कंप  यूसुफ अब्राहनी राज्य मंत्री के दर्जे के साथ म्हाडा के अध्यक्ष के रूप में भी कर चुके हैं (Muslim leader leaves Congress) बता दें कि पेशे से वकील यूसुफ अब्राहनी कई मुस्लिम संगठनों और एसोसिएशन से भी जुड़े हुए हैं। वर्तमान में वो इस्लाम जिमखाना के अध्यक्ष हैं। वो राज्य मंत्री के दर्जे के साथ म्हाडा के अध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं। यही नहीं, वो मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। अहम बात यह कि पद से इस्तीफा देने के साथ-साथ उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता भी छोड़ दी। हालांकि पूर्व विधायक यूसुफ अब्राहनी ने अपनी भविष्य की रणनीति के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। अभी तक कुछ नहीं पता चला है कि उनकी अगली रणनीति क्या होगी। क्या वो किसी अन्य दल में शामिल होंगे या फिर राजनीति से तौबा कर लेंगे। खैर, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को दिए इस्तीफा पत्र (Muslim leader leaves Congress) में उन्होंने कांग्रेस और पार्टी से मिले स्नेह के लिए धन्यवाद भी दिया है। Latest News in Hindi Today Hindi News  Muslim leader leaves Congress #CongressCrisis #WaqfBill #MuslimLeaderExit #MaharashtraPolitics #PoliticalShakeup #IndianPolitics #CongressNews #WaqfControversy #PartySwitch #MinorityPolitics

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iPhone price increase

iPhone price increase: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिसिप्रोकल टैरिफ के चलते बढ़ सकती हैं आईफोन की कीमतें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 180 से अधिक देशों पर लगाए गए भारी-भरकम रिसिप्रोकल टैरिफ का असर अब दुनिया में देखा जाने लगा है। दुनिया भर के बाजारों में गिरावट जारी है। इस टैरिफ ने ट्रेड वर्ल्ड वॉर की आशंका बढ़ा दी है। अब इसका असर एप्पल के आईफोन पर भी कीमतों पर भी पड़ (iPhone price increase) सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, यदि कंपनी टैरिफ की लागत ग्राहकों पर डालती है तो ग्रहकों की जेब ढीली हो सकती है। ऐसे में इस फैसले के चलते कंपनी के पास दो विकल्प हैं, या तो वह इस अतिरिक्त शुल्क का वहन खुद वहन करे या फिर इसका बोझ ग्राहकों पर डाले। अगर एप्पल टैरिफ का भार ग्राहकों पर डालती है, तो आईफोन की कीमतों में 40% तक वृद्धि हो सकती है। ऐसे में एक हाई-एंडआईफोन की कीमत लगभग 2,300 डॉलर तक पहुंच सकती है। गौर करने वाली बात यह कि एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग मुख्य रूप से चीन में होती है। और डोनाल्ड ट्रंप ने 54% का भारी-भरकम टैक्स लगा दिया गया है। जाहिर है, आईफोन की कीमतों में भारी उछाल होना लाजमी है।  30 से 40 प्रतिशत तक की (iPhone price increase) हो सकती है बढ़ोतरी  बता दें कि ट्रंप के रिसिप्रोकल टैरिफ नीति के चलते आईफोन की कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी (iPhone price increase) हो सकती है। इसे एक उदाहरण से समझते हैं। आईफोन 16 जो कि $799 लांच हुआ था, इस नीति के चलते अब वो $1,142 तक पहुंच सकता है, तो वहीं, आईफोन16 प्रो मैक्स की कीमत तकरीबन  $2,300 के आसपास जा सकती है। इतना ही नहीं, आईफोन का सबसे सस्ता मॉडल आईफोन 16e की कीमत भी $599 से बढ़कर $856 तक बढ़ सकती है। ध्यान देने वाली बात यह कि आईफोन ही नहीं, एप्पल के अन्य डिवाइसेज़ भी महंगे हो सकते हैं। कहने की जरूरत नहीं, अगर एप्पल टैरिफ का भार ग्राहकों पर डालता है, तो कंपनी की बिक्री में गिरावट आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले से ही कई बाजारों में एप्पल  की सेल गिर रही है। क्योंकि इसके इसके फीचर्स ग्राहकों को अधिक प्रभावित नहीं कर पाए हैं। ऐसे में, यदि आईफोन महंगा होता है, तो ग्राहक सैमसंग, गूगल पिक्सेल और अन्य ब्रांड्स की तरफ शिफ्ट हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ एप्पल ने अमेरिका में 500 अरब डॉलर के निवेश का किया है ऐलान (iPhone price increase) सीएफ़आरए रिसर्च के एक्सपर्ट एंजेलो ज़िनो का मानना है कि आपले ग्राहकों पर सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत लागत ही डाल पाएगा। दावा तो यह भी किया जा रहा है कि कंपनी फिलहाल आईफोन 17 की लॉन्चिंग तक कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं करने वाली है। भले ही एप्पल कुछ निर्माण भारत और वियतनाम जैसे देशों में शिफ्ट कर रहा है लेकिन वहां भी 26% से 46% तक के टैक्स लागू हैं, जिससे लागत कम नहीं हो रही है। खैर, जानकारी के मुताबिक अगले चार वर्षों में एप्पल ने अमेरिका में 500 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है। इसपर सीईओ टिम कुक ने कहा कि “हम अमेरिकी में निवेश करेंगे और इस निवेश से देश के भविष्य को और मजबूत करेंगे।” ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह निवेश आईफोन की आसमान छूती कीमतों (iPhone price increase) को रोक पाएगा भी या नहीं?  Latest News in Hindi Today Hindi news iPhone price increase #iPhonePriceHike #TrumpTariffs #iPhone2025 #USChinaTrade #ReciprocalTariff #AppleNews #iPhoneCost #TradeWarImpact #TechNews #AppleTariff

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IPL 2025 match highlights

Lucknow Super Giants win: लखनऊ सुपर जायंट्स ने सनसनीखेज अंदाज में मुंबई इंडियंस को मात देते हुए दर्ज की अपनी दूसरी जीत

04 अप्रैल को आईपीएल 2025 का 16वां मुकाबला लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस के बीच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में एलएसजी ने पांच बार की चैंपियन टीम मुंबई को 12 रनों से शिकस्त (Lucknow Super Giants win) दी। दरअसल, कप्तान हार्दिक पांड्या ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उनका ये फैसला गलता साबित हुए। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ ने 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 203 रन बनाए। लखनऊ की ओर से मिचेल मार्श ने सर्वाधिक 60 रनों की पारी खेली। मार्श के अलावा एडेन मार्करम ने भी अर्धशतक जड़ा। 53 रन पर मार्करम के आउट होने के बाद आयुष बडोनी ने 30 रन की तेज-तर्रार पारी खेली और आखिर में डेविड मिलर ने 14 गेंद में 27 रन की आतिशी पारी खेली। इस तरह लखनऊ ने मुंबई इंडियंस को 203 रनों का लक्ष्य दिया। मुंबई इंडियंस के लिए कप्तान हार्दिक पंड्या ने 4 ओवर में 36 रन देकर 5 विकेट लिए। हार्दिक ने अपने टी20 करियर में पहली बार 5 विकेट लिए। आईपीएल के इतिहास में ऐसा कमाल करने वाले पहले कप्तान बन गए हैं।  एलएसजी की सधी हुई गेंदबाजी के आगे मुंबई की टीम 5 विकेट खोकर 191 रन तक ही पहुंच (Lucknow Super Giants win) पाई 204 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत काफी ख़राब रही। मुंबई की नई ओपनिंग जोड़ी कोई कमाल नहीं दिखा सकी। चोटिल होने  के कारण रोहित शर्मा इस मैच से बाहर थे, ऐसे में उनकी जगह बैटिंग करने आए विल जैक्स 5 रन बना कर पवेलियन लौट गए। सिर्फ 17 रन तक टीम के दोनों ओपनर आउट हो चुक थे। नमन धीर और सूर्यकुमार यादव ने पारी को संभालने की कोशिश की। नमन ने 24 गेंदों में 46 बनाए तो वहीं उनके आउट होने के बाद सूर्यकुमार यादव सूर्या 67 रन पर आउट हो गए। सूर्य कुमार यादव का आउट होना मुंबई इंडियंस के लिए सबसे बड़ा झटका था। इसके बाद मुंबई इंडियंस के अन्य बल्लेबाज कोई कमाल नहीं दिखा सके। एलएसजी की सधी हुई गेंदबाजी के आगे मुंबई की टीम 5 विकेट खोकर 191 रन तक ही पहुंच (Lucknow Super Giants win) पाई।  इसे भी पढ़ें:- अपने ही घर में पंजाब किंग्स से बुरी तरह हारी लखनऊ सुपर जायंट्स 7 मुकाबलों में से 6 मुकाबलों में लखनऊ की टीम ने जीत हासिल की है (Lucknow Super Giants win) पांच बार की चैंपियन टीम मुंबई के लिए लखनऊ से हारना (Lucknow Super Giants win) कोई नई बात नहीं है। आईपीएल के इतिहास में लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस के बीच अब तक 7 मुकाबले खेले गए हैं। जिसमें से 6 मुकाबलों में लखनऊ की टीम ने फतेह हासिल की है। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मुंबई को अब तक सिर्फ एक मुकाबले में जीत मिली है। बता दें कि लखनऊ सुपर जायंट्स साल 2022 से आईपीएल लीग का हिस्सा बनी थी। इसके बाद से लखनऊ हमेशा ही मुंबई इंडियंस पर हावी रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Lucknow Super Giants win #LucknowSuperGiants #LSGvsMI #IPL2025 #MIvsLSG #CricketHighlights #T20Thriller #IPLWin #LSGVictory #MIdefeated #CricketNews

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Yudhishthira's chariot

महाभारत का सबसे रहस्यमय रथ: युधिष्ठिर का वह दिव्य वाहन जो हवा में तैरता था

महाभारत (Mahabharat) के युद्ध में अर्जुन के रथ को अक्सर सबसे श्रेष्ठ माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि युधिष्ठिर का रथ उससे भी अधिक विशेष था? यह रथ जमीन पर नहीं, बल्कि हवा में तैरता था, इसकी पीछे की कहानी बेहद रोचक और आश्चर्यजनक है। युधिष्ठिर का दिव्य रथ महाभारत (Mahabharat) के युद्ध में प्रत्येक पांडव के पास अपना एक विशेष रथ था, जो उनके व्यक्तित्व और धर्म के अनुरूप था। अर्जुन के रथ का निर्माण स्वयं देवराज इंद्र ने करवाया था, और उस पर भगवान श्रीकृष्ण सारथी बने थे। लेकिन युधिष्ठिर का रथ इससे भी अद्भुत था। उनका रथ जमीन से कुछ इंच ऊपर हवा में तैरता रहता था, जिससे वह कभी भी धरती के दोषों से प्रभावित नहीं होता था। धर्मराज का रथ क्यों था इतना विशेष? युधिष्ठिर (Yudhishthira) को “धर्मराज” कहा जाता था क्योंकि वे सत्य और न्याय के सबसे बड़े पालक थे। उनके जीवन का हर कार्य धर्म के अनुसार था। ऐसा माना जाता है कि उनके रथ का हवा में तैरना उनके धर्मपरायण जीवन का प्रतीक था। जिस प्रकार युधिष्ठिर कभी भी अधर्म के मार्ग पर नहीं चले, उसी प्रकार उनका रथ भी कभी अधर्म को स्पर्श नहीं करता था। इसे भी पढ़ें:- जहाँ रक्तबीज का वध करके अंतर्ध्यान हुईं थीं माँ काली, नवरात्रि में दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएँ दुर्योधन ने पूछा था सवाल महाभारत (Mahabharat) के युद्ध से पहले जब दुर्योधन और अर्जुन दोनों श्रीकृष्ण की सेना लेने के लिए द्वारका पहुँचे, तब दुर्योधन ने युधिष्ठिर के रथ के बारे में एक सवाल पूछा था। उसने देखा कि युधिष्ठिर का रथ जमीन को छूता ही नहीं है, जबकि अन्य सभी के रथ सामान्य थे। दुर्योधन के पूछने पर श्रीकृष्ण ने बताया कि युधिष्ठिर के रथ का यह विशेष गुण उनके धर्म के कारण है। युधिष्ठिर का रथ भी जमीन पर आ गया कुरुक्षेत्र के युद्ध में एक समय ऐसा भी आया जब युधिष्ठिर (Yudhishthira) का रथ, जो अब तक अन्य रथों से ऊंचा था, जमीन पर आ गिरा। महाभारत युद्ध के दौरान जब पांडव गुरु द्रोण को पराजित करने में असफल रहे, तो उन्होंने एक चाल चली। उन्होंने यह अफवाह फैला दी कि द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा की मृत्यु हो चुकी है। असल में, पांडवों ने अश्वत्थामा नामक एक हाथी को मार दिया था और द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा को युद्ध क्षेत्र से दूर उलझा दिया था। जब यह झूठी खबर गुरु द्रोण तक पहुंची, तो वे अत्यंत व्याकुल हो गए। हालांकि, उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि उनका वीर पुत्र मारा जा सकता है। सत्य जानने के लिए उन्होंने युधिष्ठिर से प्रश्न किया, क्योंकि उनकी सत्यनिष्ठा के लिए वे प्रसिद्ध थे। भाइयों के दबाव में आकर युधिष्ठिर ने कहा, “अश्वत्थामा मारा गया,” लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा, “हाथी अश्वत्थामा मारा गया है, न कि आपका पुत्र।” परंतु इस महत्वपूर्ण सत्य को ढोल-नगाड़ों की गूंज में दबा दिया गया, जिससे द्रोणाचार्य केवल पहले भाग को ही सुन सके और शोक में डूब गए। छल से मारे गए गुरु द्रोण युधिष्ठिर (Mahabharat) की बात सुनते ही द्रोणाचार्य को आघात लगा और वह अस्त्र-शस्त्र छोड़कर रथ से नीचे उतर आए. तभी राजा द्रुपद के बेटे धृष्टद्युम्न ने कौरवों और पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य का सिर धड़ से अलग कर दिया. इस तरह पांडवों ने छल से गुरु द्रोण को मारा था. चूंकि इस छल में युधिष्ठिर भी भागीदार थे, इसलिए उनका रथ उसी क्षण जमीन से छू गया और साधारण रथ की तरह हवा में उड़ने के बजाय धरती पर चलने लगा। इसी गलती के परिणामस्वरूप धर्मराज युधिष्ठिर को स्वर्ग जाने से पहले नरक के दर्शन भी करने पड़े। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Mahabharat #MahabharataMystery #YudhishthiraChariot #FloatingChariot #DivineVehicle #MahabharataSecrets #AncientIndia #Mythology #HinduEpics #VedicWisdom #MahabharataFacts

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KKR beat SRH by 80 runs

KKR beat SRH by 80 runs: आईपीएल के 15वें मुकाबले में केकेआर ने सनराइजर्स हैदराबाद को दी 80 रनों से मात 

आईपीएल 2025 सीजन का 15वां मुकाबला कोलकाता के ईडेन गार्डंस में कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया। वेंकटेश अय्यर 60 रनों की तूफानी पारी के और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर कोलकाता नाइटराइडर्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी शिकस्त (KKR beat SRH by 80 runs) दी। दरअसल, टॉस जीतने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम ने 20 ओवर में छह विकेट खोकर 200 रन बनाए। 201 रन के विशाल लक्ष्‍य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरूआत बेहद खराब रही। टॉप ऑर्डर के बल्‍लेबाज ट्रेविस हेड (4), अभिषेक शर्मा (2) और ईशान किशन (2) एक के बाद एक आउट होते गए। इसके अलावा मिडिल ऑर्डर भी कुछ ख़ास नहीं कर सका। नितीश रेड्डी (19), कमिंडु मेंडिस (27) और हेनरिच क्‍लासेन ने (33) रन बनाए, लेकिन यह नाकाफी था। इसके अलावा अनिकेत वर्मा (6) और कप्‍तान पैट कमिंस (14) ने भी कोई ख़ास कारनामा नहीं किया। इस लड़खड़ाती बल्लेबाजी के चलते हैदराबाद 16.4 ओवर में 120 रन पर ही ऑलआउट हो गई।  शानदार गेंदबाजी के कारण वैभव को मैन ऑफ द मैच से गया नवाजा (KKR beat SRH by 80 runs) इस तरह केकेआर ने यह मुकाबला 80 रन से अपने नाम (KKR beat SRH by 80 runs) कर लिया। केकेआर के लिए जीत के हीरो वेंकटेश अय्यर, वैभव अरोड़ा और वरुण चक्रवर्ती रहे। इन तीनों खिलाड़ियों ने टीम की जीत में अहम योगदान दिया। केकेआर की तरफ से वैभव अरोड़ा और वरुण चक्रवर्ती ने तीन-तीन विकेट चटकाए। आंद्रे रसेल को दो सफलताएं मिली। हर्षित राणा और सुनील नरेन के खाते में एक-एक विकेट आया। बता दें कि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वैभव अरोड़ा ने 3 विकेट लेकर बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया। वैभव ने पहले ही ओवर में ट्रेविस हेड को आउट करके बड़ा झटका दिया। उसके बाद अगले ओवर में ईशान किशन को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच करवाकर पवेलियन भेजा। तो वहीं हेनरिक क्लासेन का विकेट लेकर सनराइजर्स की जीत की उम्मीदें भी खत्म कर दी। शानदार गेंदबाजी के कारण वैभव को मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया।  इसे भी पढ़ें:-गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु उन्हीं के घर में दी 8 विकेट से करारी शिकस्त यह केकेआर की आईपीएल 2025 में चार मैचों में दूसरी जीत है तो वहीं, एसआरएच की यह 4 मैचों में तीसरी हार है  इस जीत के साथ केकेआर ने आईपीएल के इतिहास में बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। दरअसल, केकेआर आईपीएल में तीन टीमों के खिलाफ 20 या उससे अधिक मैच जीतने वाली पहली टीम बन गई है। आईपीएल के इतिहास में केकेआर की टीम ने तीन टीमों के खिलाफ 20 या उससे मुकाबले जीते हैं। केकेआर ने पंजाब के खिलाफ 21, आरसीबी के खिलाफ 20 और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 20 मुकाबले में जीत हासिल की है। आईपीएल में ऐसा करने वाली केकेआर पहली टीम बन गई है। जिसने तीन टीमों के खिलाफ 20 या उससे अधिक मुकाबले जीते हैं। बता दें कि हैदराबाद की यह आईपीएल इतिहास में रन के अंतर से सबसे बड़ी हार रही। यह केकेआर की आईपीएल 2025 में चार मैचों में दूसरी जीत है तो वहीं, एसआरएच की यह 4 मैचों में तीसरी हार है। Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 KKR beat SRH by 80 runs KKRvsSRH #IPL2025 #KKRWin #SRHvsKKR #IPLHighlights #KolkataKnightRiders #SunrisersHyderabad

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Modi meets Muhammad Yunus

Modi meets Muhammad Yunus: 9 महीने बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहम्मद यूनुस ने थाईलैंड राजधानी बैंकॉक में की मुलाकात  

शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश-भारत के रिश्ते लगातार तल्ख बने हुए हैं। भले बांग्लादेश के अंतरिम लीडर लगातार भारत विरोधी स्टैंड दिखाते रहे लेकिन पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर बेकरार भी दिखे। बांग्लादेश को उम्मीद थी कि भारत की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद यह द्विपक्षीय वार्तो हो जाएगी। ऐसा ही हुआ भी। हालांकि जब दोनों नेताओं की मुलाकात हुई (Modi meets Muhammad Yunus) तो, पीएम मोदी गंभीर और शांत दिखे जबकि यूनुस के चेहरे पर मुस्कान दिखी। इस बैठक में भारत की ओर से एस जयशंकर, एनएसए अजित डोभाल और अन्य सीनियर अधिकारी मौजूद थे। दरअसल, 4 अप्रैल को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। दोनों नेता बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के लिए थाईलैंड की यात्रा पर हैं।  40 मिनट तक चली पीएम मोदी और यूनुस के बीच यह बैठक करीब (Modi meets Muhammad Yunus)  बता दें कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना के तख्तापलट के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह पहली मुलाकात थी। बैंकॉक में दोनों के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई है। इससे पहले गुरुवार की रात बिम्सटेक नेताओं के डीनर प्रोग्राम में भी दोनों एक-दूसरे के बगल में ही बैठे थे। सूत्रों की माने तो भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव कम करने को लेकर बातचीत हुई है। पीएम मोदी और यूनुस के बीच यह बैठक करीब (Modi meets Muhammad Yunus) 40 मिनट तक चली है। बड़ी बात यह कि ढाका ने ही बिम्सटेक बैठक से इतर नई दिल्ली के साथ द्विपक्षीय वार्ता का आग्रह किया था। बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी और यूनुस बैंकॉक में बिम्सटेक रात्रिभोज में एक साथ बैठे नजर आए थे।  इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ मोहम्मद यूनुस मिलकर (Modi meets Muhammad Yunus) मोदी नहीं दिखे खुश  गौरतलब हो कि मोहम्मद यूनुस ने भारत संग दुश्मनी निभाने का कोई कसर नहीं छोड़ी है। जब से शेख हसीना की सरकार गई है, तब से बांग्लादेश ने चीन का दामन थाम रखा है। हाल ही में मोहम्मद यूनुस ने चीन का दौरा किया था और बीजिंग में उन्होंने  बांग्लादेश को समंदर का गार्जियन बताया था और पूर्वोत्तर पर बयान देकर भारत को नाराज किया था। हालांकि, जयशंकर ने बिम्सटेक के मंच से ही बांग्लादेश को अच्छे से सुनाया था। पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस की मुलाकात वाली इन तस्वीरों पर हैरानी इसलिए है, क्योंकि पीएम मोदी जब भी किसी राष्ट्राध्यक्ष से मिलते हैं तो उमसें गर्मजोशी दिखती है। वह खुले दिल से गले मिलते हैं। लेकिन तस्वीर देख लग नहीं रहा कि मोहम्मद यूनुस मिलकर (Modi meets Muhammad Yunus) मोदी खुश दिखे हों। संभवतः इसकी वजह भारत और बांग्लादेश की बीच तल्खी ही हो सकती है। हालांकि यूनुस और मोदी के इस मुलाकात में दोनों देशों के शीर्ष राजनयिक भी मौजूद थे। बता दें कि मोदी से मुलाकात के लिए यूनुस लगातार कोशिश कर रहे थे। आखिरकार अब जाकर उनकी मुलाकात संभव हो सकी।   Latest News in Hindi Today Hindi news Modi meets Muhammad Yunus NarendraModi #PMModi #MuhammadYunus #ModiInBangkok #IndiaThailandRelations #ModiMeetsYunus #InternationalDiplomacy

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BSNL financial loss

BSNL financial loss: बीएसएनएल की अपनी इस लापरवाही के चलते मोदी सरकार को लगा 1758 करोड़ रुपये का चूना

कहा जाता है कि सरकारी काम में बड़ी हीलाहवाली और लापरवाही होती है। सरकारी महकमा अक्सर अपने लेटलतीफी के लिए जाना भी जाता है। कभी-कभी यह लेटलतीफी और लापरवाही सरकार को करोड़ों-अरबों का नुकसान करा देती है। ऐसा ही एक मामला एक जमाने में देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी रही भारतीय संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनएल से जुड़ा है, जिसकी घोर लापरवाही की वजह से भारत सरकार को करोड़ों (BSNL financial loss) का चूना लगा। आप सोचेंगे कि हाशिये पर पड़ी बीएसएनएल ने भला ऐसा क्या कर दिया, जिससे गवर्नमेंट को करोड़ों का नुकसान हो गया? तो आपको बता दें अपने ढिलाई के लिए मशहूर बीएसएनएल ने मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो को दस साल तक बिल ही भेजना भूल गई। आपको यह जानकर हैरत होगी कि साल 2014 से 2024 तक का समय बीत गया, लेकिन बीएसएनएल ने जियो को अपने बुनियादी ढांचे मसलन, जैसे टावर, फाइबर नेटवर्क और अन्य संसाधनों – के इस्तेमाल के लिए एक भी बिल नहीं भेजा। नतीजतन सरकार को 1758 करोड़ रुपये का चूना लग गया।  10 साल तक वसूली नहीं करने की वजह से सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का हुआ (BSNL financial loss) नुकसान  दरअसल, हाल ही में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी की रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है। बीते मंगलवार को सीएजी ने कहा कि “दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने टावर जैसे बुनियादी ढांचे को साझा करने पर अपने समझौते के अनुसार रिलायंस जियो से 10 साल कोई वसूली नहीं की। इससे सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कैग ने यह भी कहा कि बीएसएनएल दूरसंचार बुनियादी ढांचा प्रदाताओं को दिए जाने वाले राजस्व हिस्से से लाइसेंस शुल्क का हिस्सा काटने में विफल रही। इससे सरकारी कंपनी को 38.36 करोड़ रुपये का नुकसान (BSNL financial loss) हुआ। यही नहीं बयान में यह भी कहा गया है कि “बीएसएनएल मेसर्स रिलायंस जियो इन्फोकॉम लि.के साथ मास्टर सर्विस एग्रीमेंट को लागू करने में विफल रही।   मई 2014 में बीएसएनएल और रिलायंस जियो के बीच एक करार हुआ था (BSNL financial loss) बीएसएनएल के साझा टावर जैसे बुनियादी ढांचे पर इस्तेमाल की गई अतिरिक्त प्रौद्योगिकी के लिए बिल नहीं दिया। इससे मई, 2014 से मार्च, 2024 के बीच सरकारी खजाने को 1,757.76 करोड़ का नुकसान (BSNL financial loss) हुआ। और उस पर दंडात्मक ब्याज भी देना पड़ा। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि बीएसएनएल ने बुनियादी ढांचा साझाकरण शुल्क का कम बिल बनाया था।” जानकारी के मुताबिक मई 2014 में बीएसएनएल और रिलायंस जियो के बीच एक करार हुआ था। करार के मुताबिक बीएसएनएल के निष्क्रिय पड़े टावर और फाइबर नेटवर्क जैसे संसाधनों को जियो के साथ साझा करना तय हुआ। और बदले में जियो को बीएसएनएल को भुगतान करना था। यह तो ठीक, लेकिन विगत दशकों से नुकसान झेल रही बीएसएनएल ने तय समय पर बिल भेजना जरूरी ही नहीं समझा। इस तरह दस साल बीत गए। और 10 साल बाद यह लापरवाही जाकर सामने आई।  इसे भी पढ़ें: Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट तकरीबन सरकार को करीब 1800 करोड़ रुपये का चूना (BSNL financial loss) लगा है हैरत की बात यह है कि बीएसएनएल की लापरवाही सिर्फ जियो तक ही सीमित नहीं रही। कंपनी ने जियो के अलावा कई अन्य टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स के साथ भी रेवन्यू शेयरिंग के करार किए थे। इन करारों के तहत बीएसएनएल को लाइसेंस फीस वसूलनी थी, जो सरकार के खजाने में जमा होती। मगर बीएसएनएल इस कदर लापरवाह रही कि ये फीस वसूलना ही भूल गई। इस गलती की कीमत सरकार को 38 करोड़ 36 लाख रुपये के अतिरिक्त नुकसान के रूप में चुकानी पड़ी। बड़ी बात यह कि दोनों नुकसानों को जोड़ दिया जाये तो तकरीबन सरकार को करीब 1800 करोड़ रुपये का चूना (BSNL financial loss) लगा है। यानी टैक्स पेयर के पैसों को स्वाहा कर दिया। गौरतलब हो कि बीएसएनएल का इतिहास नुकसानों से भरा रहा है। साल 2013-14 में कंपनी को 14,979 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। उसके बाद से यह सरकारी दया और अभयदान पर ही निर्भर रही है। भारत सरकार द्वारा हजारों करोड़ निवेश करने के बाद कंपनी की हालत खस्ता बनी हुई है। कहने की जरूरत नहीं इससे बीएसएनएल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Latest News in Hindi Today Hindi BSNL financial loss #BSNL #BSNLLoss #ModiGovernment #IndianTelecom #TelecomCrisis #BSNLFinancialLoss #GovernmentLoss #BSNLNews #EconomicImpact #BSNLUpdate

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Maa Lakshmi

इन 5 छोटे जीवों का घर में हो रहा है आगमन, तो समझलें लक्ष्मी जी आ रही हैं आपके घर 

प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, कुछ जीवों (Creature) का घर में आना शुभ संकेत माना जाता है। इन्हें देखकर न सिर्फ खुश होना चाहिए, बल्कि इनका सम्मान भी करना चाहिए, क्योंकि ये धन और सुख-समृद्धि लाने वाले माने जाते हैं। आइए जानते हैं कौन से हैं ये शुभ जीव? लक्ष्मी जी आ रही हैं आपके घर  1. छिपकली– धनवर्षा का संकेत शास्त्रों में छिपकली को बेहद शुभ माना गया है। अगर घर में छिपकली दिखाई दे, खासकर अगर वह आपके शरीर पर गिर जाए, तो यह बहुत ही शुभ संकेत माना जाता है। कहते हैं कि इससे धन लाभ होता है और लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है। 2. तोता – समृद्धि का प्रतीक शकुन शास्त्र के अनुसार, घर में तोते का आना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे भगवान कुबेर का प्रतीक माना जाता है। जब तोता घर में प्रवेश करता है, तो यह सुख-समृद्धि और खुशहाली का संकेत होता है। कहा जाता है कि तोता अपने साथ सकारात्मक समाचार लेकर आता है। 3. चींटी – मेहनत का फल मिलता है चींटियों का घर में आना भी शुभ माना जाता है, खासकर अगर वे लाल चींटियां हों। मान्यता है कि चींटियों को शक्कर डालने से मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) प्रसन्न होती हैं इसके साथ ही, ऐसा माना जाता है कि तोते के आगमन से घर में धन-संपत्ति में वृद्धि होती है। 4. तितली – सुख-शांति का संदेश तितली का घर में प्रवेश करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसे सौभाग्य और खुशियों का प्रतीक माना जाता है। अगर तितली आपके सिर के ऊपर से गुजर जाए, तो यह बहुत ही शुभ संकेत होता है। 5. गौरैया (चिड़िया) – खुशखबरी लाती है गौरैया का घर में आना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि अगर गौरैया आपके घर में घोंसला बना ले, तो वहां सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इसे भी पढ़ें:- जहाँ रक्तबीज का वध करके अंतर्ध्यान हुईं थीं माँ काली, नवरात्रि में दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएँ क्या करें जब ये जीव दिखें? नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Maa Lakshmi #GoddessLakshmi #LuckySigns #HomeProsperity #WealthAttracting #SpiritualSigns #VastuTips #PositiveEnergy #GoodLuck #LakshmiBlessings #FortuneSigns

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