Indian Railways changes waiting ticket system

Railway waiting ticket: रेलवे ने बदला वेटिंग टिकट सिस्टम, जानिए क्या है नया नियम 

भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों में भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब रेलवे ने यह तय किया है कि किसी भी ट्रेन में कुल सीटों या बर्थ की संख्या का अधिकतम 25% हिस्सा ही वेटिंग टिकट (Railway waiting ticket) के रूप में जारी किया जाएगा। यह नई व्यवस्था यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव देने, टिकट कन्फर्मेशन को लेकर स्पष्टता लाने और ओवरबुकिंग जैसी समस्याओं को कम करने के मकसद से लागू की जा रही है। क्या है नया नियम? रेल मंत्रालय के अनुसार अब राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, मेल/एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों सहित सभी कैटेगरी की ट्रेनों में वेटिंग टिकटों की सीमा तय कर दी गई है। इसे  अगर आसान शब्दों में समझें तो किसी ट्रेन में कुल 1,000 बर्थ या सीटें हैं, तो केवल 250 यात्रियों को ही वेटिंग टिकट (Waiting ticket confirm) दिए जाएंगे। इससे पहले यात्रियों को आखिरी समय तक यह चिंता रहती थी कि उनका टिकट कन्फर्म होगा या नहीं। अब इस नियम से यात्रियों को पहले से अंदाजा लग सकेगा कि उनका टिकट कन्फर्म (Ticket confirm) होगा या नहीं। किन-किन श्रेणियों में होगा यह लागू? यह नियम सभी प्रमुख श्रेणियों— रेलवे का मानना है कि दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों को भी ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। अभी तक क्या थी स्थिति? जनवरी 2013 के एक सर्कुलर के अनुसार रेलवे प्रत्येक श्रेणी में एक फिक्स संख्या तक वेटिंग टिकट जारी करता था। जैसे: इस कारण कई बार यात्रियों को आरक्षित टिकट (Reserved ticket) होने के बावजूद यात्रा में खासी असुविधा होती थी। आखिरी समय तक कन्फर्म टिकट (Confirm ticket) का इंतजार करना पड़ता था और कई बार वे जबरदस्ती आरक्षित कोचों में चढ़ जाते थे, जिससे अव्यवस्था फैलती थी। इसे भी पढ़ें:- कौन सा रिचार्ज प्लान आपके लिए हो सकता है बेस्ट? रेलवे का डेटा क्या कहता है? रेलवे अधिकारियों के मुताबिक चार्ट तैयार होने तक आमतौर पर 20 से 25 फीसदी वेटिंग टिकट कन्फर्म (Waiting ticket confirm) हो जाते हैं। इसी अनुभव के आधार पर रेलवे ने यह 25% वेटिंग लिमिट तय की है। इसका मकसद है कि यात्रियों को साफ जानकारी मिल सके और वो बिना कन्फर्म टिकट यात्रा करने से बचें। नए नियमों के संभावित फायदे क्या है यात्रियों की राय? रेलवे द्वारा जारी इस निर्णय को कई यात्रियों ने सराहा है। खासकर त्योहारी सीजन में टिकट मिलना बेहद मुश्किल होता है, ऐसे में वेटिंग टिकट (Waiting ticket) की संख्या सीमित करना यात्रियों को सही दिशा में योजना बनाने में मदद करेगा। वहीं कुछ यात्री यह भी मानते हैं कि अगर वेटिंग टिकट (Waiting ticket) की संख्या सीमित होगी तो ज्यादा लोग तत्काल या डायनेमिक प्राइसिंग की ओर जाएंगे, जिससे टिकट महंगे हो सकते हैं। भारतीय रेलवे (Indian Railway) द्वारा वेटिंग टिकट की सीमा को 25% तक सीमित करने का फैसला यात्री सुविधा की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल टिकट कन्फर्मेशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा, बल्कि ट्रेनों में अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था को भी रोकने में मदद करेगा। यह निर्णय उस दिशा में एक प्रयास है, जिसमें रेलवे सिर्फ अधिक से अधिक लोगों को यात्रा सुविधा देना नहीं बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण अनुभव भी सुनिश्चित करना चाहता है। रेलवे की यह नई नीति अगले कुछ महीनों में ट्रेनों में भीड़ और टिकट व्यवस्था में कैसा सुधार लाती है, यह देखना दिलचस्प होगा।  Latest News in Hindi Today Hindi Waiting ticket confirm #IndianRailways #WaitingTicketUpdate #TrainRules2025 #IRCTC #RailwayNews #TravelIndia

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QS World University Rankings 2026

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026: भारत के टॉप इंस्टीट्यूट्स जिन्होंने बनाई है इसमें अपनी जगह

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स एक ऐसी जानी-मानी रैंकिंग है, जिसे हर साल पब्लिश किया जाता है। इसका बहुत अधिक महत्व है और इसका पूरी दुनिया में बहुत अधिक सम्मान किया जाता है। इसमें दुनिया भर की यूनिवर्सिटीज को इवैल्युएट किया जाता है। इस रैंकिंग को क्वाक्वारेली सिमंड्स द्वारा पब्लिश किया जाता है। ऐसा माना गया है कि यह विभिन्न यूनिवर्सिटीज की परफॉरमेंस का मूल्यांकन करने और उन्हें कम्पेयर करने का विश्वसनीय संसाधन है। इस रैंकिंग के लिए कई चीजों का ध्यान रखा जाता है जैसे इंस्टीट्यूशन की एजुकेशनल और एम्प्लायर रेपुटेशन, फैकल्टी और स्टूडेंट्स का रेशो, इंटरनेशनल स्टूडेंट रेशो आदि। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 (QS World University Rankings 2026) की हाल ही में आई लिस्ट में भारत के टॉप इंस्टीट्यूट्स को भी जगह मिली है। आइए जानें इसके बारे में। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 (QS World University Rankings 2026) में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि पाई है। इन लिस्ट में भारत के 54 संस्थानों को जगह मिली है, जो पिछले सालों की तुलना में बहुत अधिक हैं। अपनी इस उपलब्ध के साथ ही भारत उन टॉप चार देशों में शामिल हो गया है जिसकी यूनिवर्सिटीज को इस सूची में जगह मिली है। इस लिस्ट में भारत की आठ यूनवर्सिटीज को जगह मिली हैं हैं। यह संख्या अन्य देशों की तुलना में बहुत अधिक है। संक्षेप में कहा जाए तो हमारे देश की यूनिवर्सिटीज इस प्रतिष्ठित लिस्ट में अपनी क्वालिटी और परफॉर्मेस में सुधार कर के संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और चीन के बाद चौथी पोजीशन पर पहुंच गई हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में भारत इससे भी अधिक उपलब्धियों के साथ आगे आएगा।   भारतीय संस्थानों की उपलब्धियां क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 (QS World University Rankings 2026) में आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) ने टॉप पोजीशन को पाया है जो ग्लोबल लेवल पर 123वां स्थान है।  पिछले साल यह रैंकिंग 150 थी जबकि 2024 में यह रैंकिगं 197 थी। पिछले सालों की तुलना में इस साल आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) ने अपनी पोजीशन को मजबूत किया है। वहीं, आईआईटी बॉम्बे क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स की लिस्ट में 129वें स्थान पर है। जबकि आईआईटी मद्रास को इस लिस्ट में 180वीं जगह मिल है। आईआईटी मद्रास को पहली बार इस लिस्ट में जगह मिली है। इसे भी पढ़ें: यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 लिस्ट में टॉप इंडियन इंस्टीट्यूट क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 (QS World University Rankings 2026) लिस्ट में टॉप इंडियन इंस्टीट्यूट की लिस्ट इस प्रकार है:  कुछ नॉन-आईआईटी इंस्टीट्यूट्स भी इस सूची में शामिल हैं। नॉन-आईआईटी इंस्टीट्यूट्स में दिल्ली यूनिवर्सिटी को 328वां स्थान मिला है। वहीं अन्ना यूनिवर्सिटी को 465 ग्लोबल रैंकिंग मिली है। यह यूनिवर्सिटी तमिलनाडु राज्य में है। इसका अर्थ है कि जो इंस्टीट्यूट्स क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में शामिल हुए हैं, उनमे से लगभग आधे इंस्टीट्यूट्स ने इस साथ अपनी पोजीशन को इम्प्रूव किया है। भारत की पांच यूनिवर्सिटीज ने एम्प्लॉयर रेपुटेशन में टॉप 100 में अपनी जगह बनाई है। जबकि आठ इंस्टीटूट्स ने प्रति फैकल्टी उद्धरण यानी साइटेशन पर फैकल्टी में ग्लोवल लेवल पर टॉप 100 में जगह बनाई है और जो अन्य देशों की तुलना में ज्यादा है। यानी, भारत के इंस्टीट्यूट हर साल दुनिया में अपनी नई और अलग पहचाना बना रहे हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news QS World University Rankings 2026 #QSRankings2026 #TopIndianUniversities #GlobalRankings #IITRanking #HigherEducationIndia

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Eknath Shinde on Operation Sindoor

ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल करने वाले पाक एजेंट, इन्हें पाकिस्तान से अवॉर्ड चाहिए- एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे पर बोला हमला 

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना मुखिया एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने पार्टी की स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाने वाले लोगों को ‘गद्दार’ बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पाकिस्तानी एजेंट तक कह दिया। एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने इस दौरान शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर भी निशाना साधा और उन पर  हिंदुत्व की विचारधारा छोड़ने का आरोप लगाया।  हमें भारत के इस ऑपरेशन पर गर्व है- एकनाथ शिंदे एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) वर्ली के एनएससीआई डोम में आयोजित पार्टी कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा, “हमें भारत के इस ऑपरेशन पर गर्व है। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को हमारी ताकत का एहसास करा दिया। लेकिन जो लोग हमारी सेना की ताकत पर संदेह करते हैं, उन्हें भारतीय सेना पर भरोसा नहीं है। ऐसे लोगों को पाकिस्तान के सेना प्रमुख पर भरोसा है। जिसके कारण ही ये लोग हमारी सेना की वीरता को सलाम करने की जगह हमारे नुकसान के बारे में सवाल पूछ रहे हैं। इस तरह देश की सेना पर सवाल उठाना देशद्रोह की तरह है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और उनकी पार्टी इस समय पाकिस्तानी एजेंट की तरह काम करके देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।” शिंदे ने आगे कहा कि कांग्रेस के लोग भारतीय सेना पर जिस तरह सवाल उठा कर पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं, इसके लिए इन्हें पाकिस्तान से अवॉर्ड मिलना चाहिए। जो लोग हमारी सेना पर सवाल उठा कर पूछ रहे हैं कि हमने कितने फाइटर जेट खोए और हमें कितना नुकसान हुआ, क्या उन्हें पाकिस्तान से इनाम चाहिए?” उद्धव ठाकरे पर भी जमकर बरसे शिंदे  एकनाथ शिंदे इस दौरान उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर भी जमकर बरसे। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर हिंदुत्व त्यागने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो सत्ता में वापसी के लिए हिंदुत्व से समझौता करने वाले कार्यक्रम आयोजित करा रहे हैं। जबकि हम दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और उनके द्वारा बताए गए रास्ते पर चलते हुए हिन्दुत्व पर आधारित कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। शिंदे ने UBT गुट पर ठाकरे की विरासत को छोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा, “वे लोग सत्ता में वापसी के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं, गठबंधन के लिए विचारधारा के खिलाफ जाने वाली पार्टियों से भी विनती कर रहे हैं।” राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव जब एकबार फिर से नजदीक आ चुका है, तो उन्हें अचानक हिंदुत्व याद आने लगा, मराठी मानुस याद आने लगा, लेकिन महाराष्ट्र की जनता अब समझ चुकी है कि यह केवल इन लाेगों का पाखंड है।” बता दें कि एकनाथ शिंदे बाल ठाकरे द्वारा 1966 में स्थापित शिवसेना का 59वें स्थापना दिवस मना रहे थे। इस दौरान मुंबई में कई जगह शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा रैली भी निकाली गई और विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।  इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री शिवसेना को मिटाने वाले खुद मिट जाएंगे- उद्धव ठाकरे उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की शिवसेना (यूबीटी) ने भी स्थापना दिवस को मनाया और विभिन्न जगहों पर रैली निकाली। उद्धव ठाकरे की पार्टी का मुख्य कार्यक्रम सायन इलाके के षणमुखानंद हॉल में आयोजित हुआ। यहां पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने फिल्मी अंदाज विरोधियों को चैलेंज किया- कम ऑन किल मी, बाद में उन्होंने कहा कि जो लोग शिवसेना को मिटाने का सपना देख रहे हैं, वे आने वाले दिनों में खुद मिट जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वो गद्दारों को पूरा सबक सिखाएंगे। उनका यह इशारा एकनाथ शिंदे की तरफ था। इस दौरार उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि उनकी अगुवाई वाली पार्टी ही असली शिवसेना है और स्थानीय निकाय चुनाव में यह पार्टी भारी जीत हासिल करने वाली है।  Latest News in Hindi Today Hindi  Uddhav Thackeray #EknathShinde #RahulGandhi #UddhavThackeray #OperationSindoor #PoliticalNews #IndiaPolitics #PakistanAgent #BJPvsCongress

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data breach 2025

16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers: हैकरों का आतंक, 16 अरब लोगों के एपल और गूगल अकाउंट पासवर्ड किये लीक

आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन सुरक्षा बेहद जरूरी है अन्यथा पलक झपकते ही आप अपना सारा का सारा डेटा गंवा सकते हैं। आप अपनी सभी ख़ुफ़िया और निजी जानकारियों से हाथ धो सकते हैं। और यदि हम सतर्क रहते हुए सही समय पर सही कदम उठाएं, तो साइबर हमलों से खुद को बचा सकते हैं। खैर, आपको बता दें कि एक बहुत ही बड़े डेटा लीक की खबर आ रही है। यदि आप भी एप्पल, गूगल और फेसबुक जैसे अकाउंट्स का इस्तेमाल करते हैं, तो ये खबर खास आपके काम की हो सकती है। दरअसल, हालिया रिपोर्ट में एक खुलासा हुआ है कि 16 अरब लोगों का पासवर्ड और लॉग-इन क्रेडेंशियल लीक हो गए (16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers) हैं। चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक न सिर्फ डेटा लीक हो गए हैं बल्कि यह ऑनलाइन सेल के लिए उपलब्ध भी हैं। इसमें गूगल, टेलीग्राम, गिटहब, एपल, फेसबुक और अन्य सरकारी एजेंसियों के पासवर्ड और लॉग-इन क्रेंडिशियल शामिल हैं। ये अब तक की सबसे बड़ी चोरी मानी जा रही है। ऐसे में इस खबर ने लोगों को सोचने के लिए मजबूर कर दिया है कि क्या गूगल, फेसबुक और एपल जैसी कंपनियों के पास अकाउंट वाकई सुरक्षित हैं भी या नहीं? यह अब तक के सबसे बड़े साइबर सुरक्षा उल्लंघनों में से एक माना जा रहा (16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers) है साइबर सिक्योरिटी रिसचर्स ने पाया कि 16 अरब से ज्यादा क्रेडेंशियल डार्क वेब पर ऑनलाइन सेल के लिए उपलब्ध हैं। यह अब तक के सबसे बड़े साइबर सुरक्षा उल्लंघनों में से एक माना जा रहा (16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers) है। कहने की जरूरत नहीं इस लीक से करोड़ों यूजर्स की निजी और गोपनीय जानकारी मसलन, ईमेल, सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट्स तक खतरे में पड़ सकते हैं।  इससे जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर वक्त रहते इससे निपटा नहीं गया तो लोगों को फिशिंग अटैक, आईडी थेफ्ट और यहां तक कि अकाउंट का कंट्रोल तक खोना पड़ सकता है। फोर्ब्स की रिपोर्ट की माने तो वर्ष 2025 की शुरुआत में शुरू हुई जांच में शामिल शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि बड़े पैमाने पर पासवर्ड लीक के लिए कई इन्फोस्टेलर मैलवेयर जिम्मेदार हैं। पासवर्ड का चोरी होना छोटी बात नहीं है, क्योंकि इससे कई बड़े खतरे हो सकते हैं। वजह यही जो गूगल ने अरबों यूजर्स को तुरंत अकाउंट का पासवर्ड चेंज करने और पासकी का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही एफबीआई ने चेतावनी दी है कि कोई भी अजनबी लिंक या ईमेल पर क्लिक न करें, खासकर वे जो लॉगिन डिटेल मांगते हैं।   इसे एक खास किस्म के मैलवेयर इन्फोस्टीलर्स की मदद से चुराया गया (16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers) है साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सिर्फ पुराना डेटा ही नहीं, बल्कि नई और अच्छी तरह से व्यवस्थित जानकारी है, जिसे एक खास किस्म के मैलवेयर इन्फोस्टीलर्स की मदद से चुराया गया (16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers) है। ये मैलवेयर चुपचाप आपके डिवाइस से यूजरनेम और पासवर्ड चुरा लेते हैं और हैकर तक पहुंचा देते हैं। इसके बाद या तो हैकर खुद इस्तेमाल करता है या डार्क वेब पर बेच देता है। और तो और लीक हुई जानकारी को इस तरह रखी गई है कि वेबसाइट लिंक के साथ यूजरनेम और पासवर्ड भी दिया गया है। कारण यही जो हैकर्स के लिए इसका इस्तेमाल करना बेहद आसान हो गया है। ध्यान देने वाली बात यह कि ये पासवर्ड अब डार्क वेब पर बेहद सस्ते दाम पर मिल मिल रहे हैं। यानी कोई भी सामान्य व्यक्ति भी इन्हें खरीदकर गलत इस्तेमाल कर सकता है। बेशक बात  इंकार नहीं किया जा सकता कि इससे आम यूजर ही नहीं, कंपनियां और सरकारी संस्थान भी खतरे में हैं। ऐसे में  बड़ा सवाल यह कि इससे बचने के लिए करें क्या? इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इससे खुद को बचाने के लिए आपको तुरंत निम्नलिखित ये कदम (16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers) उठाने चाहिए Latest News in Hindi Today Hindi 16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers #AppleHack #GooglePasswordLeak #DataBreach2025 #Cybersecurity #Hackers #16BAccountsLeaked #TechNews #PrivacyAlert

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Burn Fat & Stay Fit with the Power of Yoga

योगा की शक्ति से मोटापा हराएं, वजन कम करें और स्वस्थ जीवन पाएं

अधिक वजन यानी मोटापा (Obesity) आजकल की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। वयस्क ही नहीं बल्कि बच्चे भी आजकल इस रोग का शिकार हैं। मोटापा कम करने के लिए लोग कई उपाय करते हैं जैसे घंटों जिम में बिताते हैं और कई तरह की डायट फॉलो करते हैं। योगा (Yoga) को वजन कम करने और मोटापा मैनेज करने का अच्छा तरीका माना गया है। यह न केवल शरीर और दिमाग के लिए बेहतरीन है बल्कि इससे ईटिंग हैबिट्स भी सुधरती हैं। हालांकि, सिर्फ योगा (Yoga) से ही आप मोटापा (Obesity) कम नहीं कर सकते हैं बल्कि इसके साथ सही डायट का ध्यान रखना और एक्सरसाइज करना भी आवश्यक है। आइए जानें मोटापा कम करने के लिए फायदेमंद योगासन (Beneficial yogasana to reduce obesity) के बारे में। मोटापा कम करने के लिए फायदेमंद योगासन (Beneficial yogasana to reduce obesity) हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग (Harvard Health Publishing) के अनुसार अगर बहुत मेहनत के बाद भी किसी का वजन कम नहीं हो रहा है तो ऐसा हो सकता है कि इसका कारण कोई गंभीर रोग हो। ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। मोटापा कम करने के लिए फायदेमंद योगासन (Beneficial yogasana to reduce obesity) इस प्रकार हैं। सूर्य नमस्कार सूर्य नमस्कार बारह आसनों का मेल होता है जिसे सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना गया है। इसमें शरीर की अच्छे से स्ट्रेचिंग होती है। यही नहीं, इससे शरीर को स्ट्रेंथ भी मिलती है। इसमें व्यायाम के साथ-साथ डीप ब्रीदिंग भी शामिल होती है। ऐसा माना गया है कि रोजाना सूर्यासन करना हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। सुबह के समय इसे करना और भी अधिक लाभदायक है। अगर आप चाहे तो आप 12 से अधिक बार भी इसे कर सकते हैं। सूर्य नमस्कार को करने से कमर से फैट कम होता है, मोटापा (Obesity) मैनेज करने में मदद मिलती है, मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और डायजेस्टिव सिस्टम सही रहता है। नौकासन मोटापा कम करने के लिए फायदेमंद योगासन (Beneficial Yogasana to reduce obesity) में नौकासन शामिल है। यह पोज करने से पेट की चर्बी कम होती है, ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, पेट के मसल्स मजबूत होते हैं, पाचन सही रहता है और हमारे अंगों को सही से काम करने में मदद मिलती है। इससे मोटापा (Obesity) भी कम होता है। इसे करना भी बेहद आसान है। इसके लिए सिर्फ आपको शांत जगह पर मैट पर पीठ के बल लेटना है। इसके बाद अपनी बाजुओं और टांगों को छत की तरफ इस तरह के ले जाना है कि आपको पोजीशन बोट की तरह लगे। इस योगासन को करने के बाद आपको ऐसा लगेगा जैसे आपके पेट की मसल्स मुड़ रही हैं। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार चतुरंग दंडासन योगा (Yoga) का यह आसान आपके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन कलाइयों, बाजुओं और एब्स आदि के लिए बहुत फायदेमंद है। इससे शरीर मजबूत बनता है और मोटापा (Obesity) कम होता है। इससे पेट की चर्बी कम होती है। शुरुआत में इसे कुछ सेकंड्स तक करें। उसके बाद टाइमिंग को बढ़ाएं। चतुरंग दंडासन यानी प्लान्क पोस्चर करने के लिए आपको अपने हाथों को सीधे कंधे के नीचे रखना होगा, जैसे कि पुश-अप की पोजीशन में किया जाता है। इस दौरान आपको अपने पैल्विक एरिया को फर्श के पैरेलल रखना होगा।  भुजंगासन मोटापा कम करने के लिए फायदेमंद योगासन (Beneficial yogasana to reduce obesity) में इस आसन को भी किया जा सकता है। इस आसान को करने से कंधे मजबूत होते हैं, फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है और पेट के मसल्स के स्ट्रेच होने से पेट की चर्बी कम होने में मदद मिलती है। वजन कम करने में भी यह मददगार है। इस योगासन को करना भी बेहद आसान है। इस आसान को रोजाना करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Yoga #YogaForWeightLoss #BurnFatWithYoga #HealthyLifestyle #ObesityControl #PowerYoga #FitnessJourney #YogaDaily

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Aerial Yoga Benefits

Aerial Yoga: एरियल योगा के एक नहीं, बल्कि हैं कई फायदे 

आज के समय में फिटनेस और मानसिक संतुलन दोनों पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो गया है। ऐसी स्थितियों में एरियल योगा (Aerial Yoga) बेहद लाभकारी माना जाता है। एरियल योगा को  हैंगिंग योगा, एंटी‑ग्रैविटी योगा या हैम्मॉक योगा भी कहा जाता है। इसमें रेशम जैसे मजबूत कपड़े से बनी हैम्मॉक को ठोस संरचना से लटकाया जाता है और आप उसमें ऊपर‑नीचे झूलते हुए योगासन करते हैं। यह जिम्नास्टिक, पिलाटिस, डांस और पारंपरिक योग का मिश्रण है। Benefits of Aerial Yoga: एरियल योगा के फायदे  शारीरिक लचीलापन और मसल्स टोनिंग- हवा में झूलते हुए मांसपेशियां बिना अतिरिक्त दबाव के स्ट्रेच होती हैं। इससे शरीर लचीला होता है, विशेषकर कोर, रीढ़ और कंधों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। यह वजन घटाने और शरीर को शेप में लाने में भी मददगार है। स्पाइन व बैक पेन में राहत- उल्टे पोज़ (इनवर्सन) की तकनीक से रीढ़ की हड्डी को डी-कंप्रेस करने में मदद मिलती है। इससे पीठ, रीढ़ और हिप्स पर पड़ने वाला तनाव कम होता है। पाचन में सुधार- स्ट्रेच करने वाली आसनों से पाचन क्रिया तेज होती है, जिससे कब्ज, गैस या अपच जैसी समस्याओं में आराम मिलता है। हार्ट हेल्थ- नियमित योगासन से ब्लड फ्लो बेहतर होता है, ब्लड सर्कुलेशन सक्रिय होता है और दिल की कार्यक्षमता में सुधार होता है। मानसिक स्वास्थ्य़- तनाव, चिंता और अवसाद जैसी परेशानियों पर भी यह मददगार होता है। हवा में झूलने से एक आंतरिक सुकून मिलता है और मूड में स्पष्ट सुधार होता है। एरियल योगा (Aerial Yoga) सिर्फ युवा ही नहीं बल्कि सभी उम्र के लिए फायदेमंद है। शरीर की संतुलन क्षमता बढ़ती है और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। एरियल योगा: किसे करना चाहिए और किसे नहीं? एरियल योगा (Aerial Yoga) स्वास्थ्य के लिए जबरदस्त फ़ायदेमंद है लेकिन कुछ स्थितियों में सावधानी जरूरी है। इसकी शुरुआत अनुभवी प्रशिक्षक की निगरानी में होनी चाहिए। यह प्रेग्नेंट, हाई ब्लड प्रेशर, ग्लूकोमा या हाल ही में चोट लगने की स्थिति में करने के लिए उपयुक्त नहीं। शुरुआत में उल्टे आसनों के दौरान चक्कर या परेशानी महसूस हो सकती है, इसलिए धीरे–धीरे इस योगा का अभ्यास करें। कैसे करें एरियल योगा? एरियल योगा (Aerial Yoga) करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करें। जैसे :  चोट से बचने के लिए और एरियल योगा का गलत तरीका फॉलो ना करें इसलिए एक्सपर्ट की मौजूदगी में एरियल योगा (Aerial Yoga) करना चाहिए। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार शुरुआती चुनौतियाँ एरियल योगा (Aerial Yoga) शुरू में चुनौतीपूर्ण लग सकता है, लेकिन जैसे-जैसे शरीर इसकी लय में समाहित होता है, यह मनोरंजक तथा प्रभावशाली अभ्यास बन जाता है। बॉलीवुड में कई सेलिब्रिटीज जैसे तापसी पन्नू, करीना कपूर और मलाइका अरोड़ा ने इसका अनुभव लिया है, और सकारात्मक परिवर्तन महसूस किए हैं। यदि आप एक नया चुनौतीपूर्ण लेकिन संपूर्ण फिटनेस और मानसिक संतुलन वाला अभ्यास ढूंढ रहे हैं, तो एरियल योगा आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है।  नोट: यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। किसी भी योगासन, चिकित्सा सलाह या इलाज के लिए डॉक्टर या योग प्रशिक्षक से जुड़ना आवश्यक है। Latest News in Hindi Today Hindi Aerial Yoga #aerialyoga #yogaforhealth #fitnessgoals #antiGravityYoga #yogaposes #aerialfitness #wellness

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Netanyahu Iran conflict,

Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War: ट्रंप के बाद नेतन्याहू ने दी खामेनेई को धमकी, अमेरिका के बाद ईरान-इजरायल युद्ध में रूस की भी हुई इंट्री

बीतते समय के साथ-साथ ईरान-इजरायल तनाव लगातार जारी है। आठवें दिन भी लगातार तनाव बना हुआ है। जारी तनाव के बीच गुरुवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, इजरायली हमलों से कोई भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी निशाने पर हो सकते हैं। नेतन्याहू ने कहा कि युद्ध के दौरान शब्दों का चयन सावधानी से करना (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) चाहिए। दरअसल, नेतन्याहू ने यह टिप्पणी दक्षिणी इजरायली शहर बीरशेबा में सोरोका मेडिकल सेंटर के दौरे के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। गौरतलब हो कि गुरुवार सुबह ईरान ने मिसाइल हमला किया था। ईरानी हमले से तिलमिलाए नेतन्याहू ने कहा, मैंने निर्देश दिए हैं कि कोई भी इससे अछूता नहीं है। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह कुछ बोलने में नहीं, बल्कि कार्रवाई करके दिखाने में भरोसा करते हैं।  युद्ध के दौरान शब्दों का चयन सावधानी से किया (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) चाहिए- प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हालाँकि इस बीच नेतन्याहू ने यह भी कहा कि युद्ध के दौरान शब्दों का चयन सावधानी से किया चाहिए और कार्रवाई में सटीकता होनी चाहिए। सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने बात को वहीं खत्म करते हुए कहा कि प्रेस में इस बारे में बात न करना ही बेहतर है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि ईरान में इजरायल की कार्रवाई उसके परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल भंडार के खिलाफ थी, न कि ईरान की तरह निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने के (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) लिए। अस्पतालों पर बमबारी हुई बमबारी पर नेतन्याहू ने कहा कि वे उन अस्पतालों पर बमबारी करते हैं, जहां लोग खतरे से बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसे कार्यशील लोकतंत्र और इन हत्यारों के बीच का अंतर है, जो कानून का पालन करता है। ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के खिलाफ हमले को दी (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) थी मंजूरी  बता दें कि ईरान और इजरायल युद्ध पर अमेरिका भी अपनी नजर बनाए हुए है। जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद और बिना शर्त आत्मसमर्पण करने हेतु कहा था। इसके अलावा लगातार ईरान पर दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के खिलाफ हमले को मंजूरी दे दी (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) थी। खैर, उन्होंने अधिकारियों को अंतिम फैसले के लिए रुकने के लिए कहा था। इस पूरे मामले पर बोलते हुए व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ट्रंप अगले दो हफ्ते में ईरान को लेकर फैसला कर सकते हैं। इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! ईरानी जनता कभी घुटने नहीं टेकेगी- ईरानी सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ध्यान देने वाली बात यह कि ट्रंप के आत्मसमर्पण के प्रस्ताव को ईरानी सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने यह कहते हुए ठुकरा था कि जो लोग ईरान के इतिहास और उसकी संघर्षशीलता से वाकिफ हैं, वे हमें कभी धमकाने की कोशिश नहीं करेंगे। ईरानी जनता कभी घुटने नहीं टेकेगी। समर्पण करना तो दूर उन्होंने ट्रंप को सीधे चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इजरायल की मदद करने की कोशिश करता है या सैन्य हस्तक्षेप करता है, तो उसे ऐसे नुकसान उठाने पड़ेंगे जो पूरी तरह से कभी भर नहीं पाएंगे।  अमेरिका इस संघर्ष से (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) ही रहे दूर- रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन महत्वपूर्ण बात यह कि अमेरिका के बाद इजरायल-ईरान युद्ध में रूस की भी एंट्री हो (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) चुकी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप को खुली चेतावनी देते हुए कहा, अमेरिका इस संघर्ष से दूर ही रहे। पुतिन ने ईरान पर अमेरिकी हमले की अटकलों को लेकर कहा कि हम वाशिंगटन को ऐसे काल्पनिक विकल्पों के खिलाफ भी आगाह करते हैं। ऐसा कोई भी कदम पूरे हालात को गंभीर रूप से अस्थिर कर सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War #Netanyahu #Khamenei #Russia #IranIsraelWar #Trump #MiddleEastConflict #GlobalTension #WW3Alert

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‘भारत के हमले से नूर खान और शोरकोट एयरबेस तबाह…’ पाकिस्तान के डिप्टी पीएम ने कबूला सच्चाई, खोली अपने ही झूठ की पोल

पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) से हुए भारी नुकसान को छुपाने की लाख कोशिश कर ले, लेकिन उनके नेताओं के मुंह से सच निकल ही जाता है। अब एक बार फिर पाकिस्तान ने भारत के सफलता का खुलासा कर दिया है। इस बार पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार (Ishaq Dar) ने सच को स्वीकार्य किया है। डार ने पाकिस्तान के GEO न्यूज को इंटरव्यू देते हुए भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की सफलता का खुलासा किया। उन्होंने माना कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान के दो सबसे अहम एयरबेस- नूर खान और शोरकोट को भारी नुकसान हुआ है। भारत के इस विध्वंसक हमले के कारण पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई की योजना पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। इशाक डार (Ishaq Dar) का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान इस सैन्य संघर्ष को अपनी जीत के रूप में पेश कर रहा है और अभी तक अपने नुकसान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार्य नहीं किया है।  Pakistani deputy PM Ishaq Dar claims India hit Nur Khan and Shorkot airbases. He says Saudi Prince Faisal bin Salman asked if he could tell Jaishankar that Pakistan is ready to stop— revealing that it wasn't just the US that Pakistan went to at that the time to convince India… pic.twitter.com/uV3wU7av13 — Shubhangi Sharma (@ItsShubhangi) June 19, 2025 हम पलटवार की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले भारत ने कर दिया हमला- डार इशाक डार (Ishaq Dar) ने इस इंटरव्यू में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत ने जब ब्रह्मोस मिसाइलों से उसके ऐयरबेस पर हमला किया, तब पाकिस्तान खुद भारत पर एक जवाबी सैन्य कार्रवाई की योजना बना रहा था। लेकिन भारत ने जिस तरह से सटीक हमला किया उससे पाकिस्तान (Shehbaz Sharif) की रणनीति निष्प्रभावी हो गई। क्योंकि भारत के हमले में दोनों एयरबेस को काफी नुकसान पहुंचा और वे किसी भी सैन्य ऑपरेशन लायक नहीं रह गए। इशाक डार ने यह भी स्वीकार्य किया कि भारत का यह हमला पाकिस्तान के लिए “सामरिक रूप से बेहद चौंकाने वाला” था।  सऊदी अरब से की थी मध्यस्थता की अपील  इशाक डार ने इस दौरान यह भी खुलासा किया कि भारत के इस हमले से हालात इतने तनावपूर्ण हो चुके थे कि हमें तुरंत अमेरिका और सऊदी अरब से मदद मांगनी पड़ी। उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का उनके पास फोन आया और उन्होंने पूछा कि क्या मैं इस संघर्ष को रोकने के लिए व्यक्तिगत रूप से भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात करूं और उनसे कहूं कि पाकिस्तान सीजफायर के लिए तैयार है? इशाक डार ने बताया कि क्राउन प्रिंस की बात पर उन्होंने तुरंत सहमति व्यक्ति कर दी और कहा कि हां प्लीज आप एस. जयशंकर से बात करके बताईए कि पाकिस्तान सीजफायर चाहता है।  इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! एयर डिफेंस तबाह हुआ तो घुटनों पर आया पाक इशाक डार द्वारा यह सच्चाई स्वीकार्य करने से एक बात साफ हो गई है कि भारत के हमले से पाकिस्तान बेहद डर गया था और समझ गया था कि अगर सीजफायर नहीं होता तो भारत उसका नामो निशान मिटा देगा। भारत पहले ही पाकिस्तान के एयर डिफेंस को तबाह कर चुका था। इसलिए  वह भारत के हमले को रोकने में सक्षम ही नहीं था। इशाक डार को पाकिस्तान के बरबोले नेताओं में गिना जाता है। उन्होंने कहा कि सऊदी प्रिंस ने खुद उन्हें फोन किया था, लेकिन जिस तरह के हालात थे, उससे ऐसा लगता नहीं है। पाकिस्तान उस समय जिस तरह घुटनों पर बैठा हुआ था, उससे तो यही लगता है कि पाकिस्तान ने खुद ही सऊदी अरब को फोन लगाकर सीजफायर की गुहार लगाई होगी। भारत के इस हमले से पाकिस्तान का नूर खान एयरबेस अभी भी आईसीयू में है। यह एयरबेस अभी भी पूरी तरह से बंद पड़ा है और यहां पर मरम्मत का कार्य चल रहा है। बता दें कि इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने भी स्वीकार किया था कि भारत के हमले में उनके कई एयरबेस को भारी नुकसान हुआ है। वहीं पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर (Asim Munir) भी हाल ही में वॉशिंगटन में बयान दे चुके हैं कि भारत अब “न्यू नॉमर्ल” सैन्य सिद्धांत स्थापित करना चाहता है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Shehbaz Sharif #IndiaPakistanConflict #AirstrikeTruth #NoorKhanAirbase #ShorkotAirbase #PakistanNews #BreakingNews

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Amit Shah

हमारी भाषाएं केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भारतीय भाषाओं के महत्व पर कहा है कि अब समय आ गया है जब भारत को अपनी भाषाई विरासत पर गर्व करते हुए, देसी भाषाओं के बल पर वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ना चाहिए। गुरुवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने साफ किया कि “हमारी भाषाएं केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है।” अंग्रेज़ी का मोह छोड़, देसी भाषाओं का अभिमान ज़रूरी अमित शाह (Amit Shah) ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “अब वह समय दूर नहीं जब अंग्रेज़ी बोलने वालों को शर्म महसूस होगी। हम एक ऐसे समाज की ओर बढ़ रहे हैं जहां देसी भाषाओं को सम्मान और गर्व का प्रतीक माना जाएगा।” उन्होंने कहा कि केवल दृढ़ संकल्प वाले लोग ही सामाजिक बदलाव ला सकते हैं और भारतीय भाषाओं को अपनाकर हम एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में अग्रसर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “भाषाएं हमारी संस्कृति का रत्न हैं और इन रत्नों के बिना हम सच्चे भारतीय नहीं बन सकते।” विदेशी भाषाएं भारत की आत्मा को नहीं समझ सकतीं गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने अपने भाषण में इस बात पर बल दिया कि किसी भी विदेशी भाषा के जरिए भारत को पूरी तरह से समझा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “देश, संस्कृति, इतिहास और धर्म को जानने और समझने के लिए भारतीय भाषाएं (Mother tongue) ही पर्याप्त हैं। हम अधूरी विदेशी भाषाओं के सहारे संपूर्ण भारत की कल्पना नहीं कर सकते।” उन्होंने स्वीकार किया कि यह बदलाव आसान नहीं होगा, क्योंकि दशकों से देश में अंग्रेज़ी को श्रेष्ठता का प्रतीक माना जाता रहा है, लेकिन उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि भारतीय समाज इस बदलाव में सफल होगा। पंच प्रण से जुड़े भाषाई गर्व का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा प्रस्तुत पांच प्रतिज्ञा का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह अब 130 करोड़ भारतीयों का संकल्प बन चुका है। ये पंच प्रण हैं: उन्होंने कहा कि इन प्रतिज्ञाओं को पूरा करने की दिशा में भाषाओं की भूमिका अहम होगी। “2047 तक जब भारत आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक हम शिखर पर होंगे – और इस यात्रा की बुनियाद भारतीय भाषाएं ही होंगी।” प्रशासनिक प्रशिक्षण में भारतीय भाषाओं का समावेश ज़रूरी गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने यह भी ज़ोर दिया कि प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण में अब बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हमें अपनी सिविल सेवाओं को भारतीय भाषाओं में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित करना होगा। इससे न केवल प्रशासन लोगों के और करीब आएगा, बल्कि नीति निर्माण और क्रियान्वयन में भी स्थानीय सांस्कृतिक और भाषाई जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।” इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री नई शिक्षा नीति से मिला भाषाओं को समर्थन गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का यह वक्तव्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की उस भावना के अनुरूप है, जिसमें मातृभाषा में शिक्षा देने पर बल दिया गया है। नीति में कहा गया है कि कक्षा 5 तक और यदि संभव हो तो कक्षा 8 तक बच्चों को मातृभाषा या स्थानीय भाषा में शिक्षा दी जाए। इससे न केवल बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ती है, बल्कि वे अपनी जड़ों से भी जुड़े रहते हैं। भारत जैसे बहुभाषी देश के लिए भाषाई गौरव केवल संस्कृति की बात नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय एकता की नींव भी है। गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का यह आह्वान कि भारतीय भाषाएं ही हमारी असली शक्ति हैं, एक महत्वपूर्ण संदेश है — खासकर उस समय जब वैश्वीकरण के दबाव में देश अपनी भाषाई विविधता और गहराई को खोता जा रहा है। अब यह आवश्यक हो गया है कि नीतियों, प्रशासन और शिक्षा में भारतीय भाषाओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि भारत न केवल आर्थिक और तकनीकी रूप से, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन सके। Latest News in Hindi Today Hindi  #mothertongue #AmitShah #PMModi #Hindi #HindiLanguage

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Seven pot cooking mystery

पुरी रसोई का रहस्य: अग्नि पर रखे सात बर्तनों में सबसे ऊपर की हांडी पहले पकती है।

हर साल की तरह इस वर्ष भी भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथ यात्रा 26 जून 2025 से आरंभ होगी। पंचांग के अनुसार यह यात्रा आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को आरंभ होती है, जो इस बार दोपहर 1 बजकर 27 मिनट से प्रारंभ होगी। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन हेतु पुरी पहुंचते हैं और वहां पर महाप्रसाद का पवित्र भोग ग्रहण करते हैं। इस भोग से जुड़ा एक ऐसा रहस्य है जिसे आज तक विज्ञान भी नहीं समझ पाया है। जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 के दौरान उभरता है यह चमत्कारी दृश्य, विज्ञान भी हैरान, परंपरा में छुपा है अद्भुत रहस्य। श्रद्धा और विज्ञान की अद्वितीय संगति बनाती है इस परंपरा को अनोखा। भव्य रसोई में प्रतिदिन लगभग 500 से अधिक महाराज और 300 के करीब सहयोगी मिलकर भगवान के लिए छप्पन भोग करते हैं तैयार  पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर की रसोई को विश्व की सबसे बड़ी रसोई माना जाता है। इस भव्य रसोई में प्रतिदिन लगभग 500 से अधिक महाराज और 300 के करीब सहयोगी मिलकर भगवान के लिए छप्पन भोग तैयार करते हैं। मंदिर की यह रसोई न सिर्फ विशाल है, बल्कि इसके काम करने का तरीका भी पूरी दुनिया के लिए रहस्य बना हुआ है। रथ यात्रा के दौरान प्रतिदिन मंदिर में 2,000 से लेकर 2 लाख तक श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए आते हैं। इन सभी को ‘महाप्रसाद’ स्वरूप एक विशेष प्रकार की खिचड़ी दी जाती है। लेकिन इस खिचड़ी को पकाने की विधि इतनी अनोखी है कि उसे देखकर वैज्ञानिक भी हैरान रह जाते हैं। रहस्यमयी तरीके से बनता है यह महाप्रसाद भगवान जगन्नाथ का महाप्रसाद किसी धातु के नहीं, बल्कि खास तौर पर मिट्टी के बर्तनों में पकाया जाता है। इसे पकाने के लिए सात मिट्टी की हांडियों (बर्तनों) को एक के ऊपर एक रखकर चूल्हे पर चढ़ाया जाता है। इस प्रक्रिया का सबसे चौंकाने वाला और रहस्यमय पहलू यह है कि नीचे आग जलने के बावजूद सबसे नीचे की हांडी सबसे आखिर में पकती है, जबकि सबसे ऊपर रखी हुई हांडी का चावल सबसे पहले तैयार हो जाता है। साधारण तर्क से देखा जाए तो आग के सबसे पास रखी हांडी पहले पकनी चाहिए, लेकिन यहां ठीक उल्टा होता है। ऊपर से नीचे की ओर क्रम में हांडियां धीरे-धीरे पकती हैं, और नीचे की हांडी सबसे आखिर में पककर तैयार होती है। इसी विशेष तरीके से तैयार किया गया यह भोग भगवान जगन्नाथ को चढ़ाया जाता है, जिसे श्रद्धालु “महाप्रसाद” के रूप में ग्रहण करते हैं। यह तरीका आज भी विज्ञान के लिए एक रहस्य बना हुआ है। इसे भी पढ़ें: शांत मुद्रा में शेषनाग पर क्यों विराजते हैं भगवान विष्णु? जानिए क्षीर सागर से जुड़े गहरे रहस्य दुनिया की सबसे बड़ी रसोई जगन्नाथ मंदिर परिसर में स्थित ‘अन्न रसोई’ को दुनिया की सबसे बड़ी रसोई माना जाता है। इस रसोई में हर दिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया जाता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां आने वाले किसी भी भक्त को अब तक प्रसाद के बिना लौटना नहीं पड़ा। भीड़ चाहे जितनी हो, सभी को भरपेट भोजन मिलता है। यहां भोजन बनाने का पारंपरिक तरीका और उसकी सटीक व्यवस्था किसी चमत्कार से कम नहीं लगती। इसे चमत्कार ही कहेंगे कि श्रद्धालु चाहे लाखों की तादात में आए करोड़ों की, प्रासद कभी कम नहीं होता। ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी श्रद्धालु को बिना प्रसाद के ही लौटना पड़ा हो। इसे चमत्कार ही कहेंगे। सही मायनों में यह श्रद्धा और शक्ति का ही कमाल है। आज का विज्ञान और बुद्धिजीवी भले ही इसपर आसानी से यकीन न करें लेकिन यह सच है कि जगन्नाथ मंदिर परिसर में स्थित ‘अन्न रसोई’ से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news बर्तनों जगन्नाथ #PuriKitchen #TraditionalCooking #SevenPotMystery #IndianFoodCulture #CulinaryScience #OdishaTradition

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