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कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं यह 6 फूड्स, इन्हें करें अपनी डायट में शामिल

कैंसर (Cancer) एक गंभीर बीमारी है जो सेल्स की असामान्य ग्रोथ और फैलने की वजह से होती है। कैंसर के कई प्रकार हैं और यह पूरे शरीर में फैल सकता है। इसका मुख्य कारण जेनेटिक म्यूटेशन को माना जाता है। हालांकि, इसके अन्य कई कारण भी हैं जैसे जीवनशैली में खराबी या एनवायरनमेंट फैक्टर्स आदि। कैंसर (Cancer) के रिस्क से बचाव पूरी तरह से संभव नहीं है। लेकिन, अपनी जीवनशैली में सही बदलाव से कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है। कुछ फूड्स को भी इसमें फायदेमंद पाया गया है। आइए जानें कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer) के बारे में। कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार कुछ फूड्स खाने से कैंसर (Cancer) के विकसित होने का रिस्क कम हो सकता है और कैंसर ग्रोथ भी कम हो सकती है। इनमें सब्जियां, मसाले, फल आदि शामिल हैं। कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer) इस प्रकार हैं: डार्क चॉकलेट डार्क चॉकलेट में कोकोआ होता है जो फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स युक्त होता है। इससे कुछ कैंसरस का रिस्क कम होता है। यही नहीं इसमें पॉलीफेनोल और फ्लेवेनोल भी होते हैं, जो हेल्दी गट बैक्टीरिया के लिए अच्छे हैं। लेकिन, ध्यान रखें इसका सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। लहसुन लहसुन को अपनी खुशबु और स्वाद के लिए जाना जाता है। इसका इस्तेमाल कुकिंग और मेडिसिन में किया जाता है। गार्लिक में एलिसिन होता है, जो एक प्रोटेक्टिव सल्फर कंपाउंड है। यह कैंसर (Cancer) को बढ़ने से रोकता है। ऐसा माना गया है कि नियमित रूप से इसका सेवन करने से कोलोरेक्टल कैंसर का रिस्क (Cancer risk) कम होता है। हालांकि, इसके बारे में और अधिक स्टडी की जा रही है। बेरीज बेरीज यानी ब्लैकबेरी, ब्लूबेरी आदि कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer) में शामिल हैं। इनमें विटामिन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि होते हैं जैसे एंथोसायनिन, एलाजिक एसिड और रेस्वेराट्रोल आदि। इन्हें खाने से डायजेस्टिव ट्रैक्ट के कैंसर (Cancer) के रोकथाम में मदद मिलती है। शोध यह बताते हैं कि रोजाना इनका सेवन करने से कैंसर का रिस्क (Cancer risk) कम होने में भी हेल्प मिल सकती है। फिश मच्छी न्यूट्रिएंट्स और प्रोटीन से भरपूर होती है खासतौर पर सालमोन, टूना आदि। यह मच्छलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड्स का अच्छा स्त्रोत है। ऐसा माना गया है कि यह फिश इन्फ्लेमेशन को रोकती हैं और ब्रेस्ट और कोलोरेक्टल कैंसर (Cancer) से बचाव में फायदेमंद हैं।  मेवे कुछ स्टडीज यह बताती हैं कि कुछ मेवे कैंसर (Cancer) के रिस्क को कम करते हैं। ऐसा माना गया है कि ब्राजील नट व अखरोट को कैंसर के रिस्क को कम करने में फायदेमंद हैं। अख़रोट में खासतौर पर कैंसर से लड़ने के गुण होते हैं। इसलिए, इनका सेवन कैंसर का रिस्क (Cancer risk) कम किया जा सकता है। नट्स को आप ऐसे भी खा सकते हैं या सलाद आदि में मिला कर भी इनका सेवन कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक साबुत अनाज साबुत अनाज का सेवन करना भी कैंसर (Cancer) जैसे कोलोरेक्टल कैंसर से बचाने में मदद कर सकता है। इनमे फाइबर के साथ ही अन्य मिनरल, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। इसलिए साबुत अनाज खाने से भी सम्पूर्ण रूप से हेल्दी रहने में सहायता मिल सकती है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Cancer #CancerPrevention #HealthyEating #Superfoods #AntiCancerDiet #WellnessTips #EatClean #NutritionMatters

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UPSC Recruitment 2025

यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स

द यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (The union public service commission) यानी यूपीएससी (UPSC) भारत में वो संवैधानिक निकाय है, जो सरकार में अलग-अलग सिविल सर्विस पोजिशंस के लिए कैंडिडेट्स को चुनती है। यह एक प्रतिष्ठित संवैधानिक संस्था है। यह संस्था कई एग्जामिनेशन और इंटरव्यू कराती है, ताकि उपयुक्त कैंडिडेट को चुना जा सके। सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स के लिए एक अच्छी खबर है क्योंकि यूपीएससी (UPSC) ने 400 से अधिक पोस्ट्स निकाली हैं। अगर आप इनके लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो आपके लिए यह अच्छा मौका है क्योंकि आप आसानी से ऑनलाइन इसके लिए आवेदन भर सकते हैं। आइए जानें यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के बारे में विस्तार से। यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) द यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (The union public service commission) ने  कंपनी प्रॉसिक्यूटर, स्पेशलिस्ट ग्रेड-III असिस्टेंट प्रोफेसर, असिस्टेंट डायरेक्टर, डिप्टी सुपरिटेंडेंट हॉर्टिकल्चरिस्ट,डिप्टी सेंट्रल इंटेलिजेंस ऑफिसर (टेक्निकल), मेडिकल फिजिसिस्ट, डिप्टी आर्किटेक्ट आदि के लिए लगभग 462 पोस्ट्स निकाली हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी इस प्रकार है: आयु सीमा यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के लिए आयु सीमा हर पद के लिए अलग अलग है। इसके लिए मिनिमम एज लिमिट 30 साल और मैक्सिमम एज लिमिट 50 साल निर्धारित की गयी है। हालांकि, अनुसूचित जाति, जनजाति और आरक्षित वर्गों के लिए इसमें कुछ छूट दी गई है जिसके बारे में अधिक जानकारी आपको इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी।  शैक्षणिक योग्यता आयु सीमा की तरह ही यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के लिए शैक्षिणक योग्यता अलग-अलग है। पोस्ट्स के अनुसार कैंडिडे के पास ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन, एमबीबीएस आदि डिग्री होनी अनिवार्य है। कौन सी पोस्ट के लिए क्या क्वालिफिकेशन जरूरी है, यह डिटेल भी आपको वेबसाइट पर मिल जाएगी। फीस  यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के लिए अप्लाई करना है तो फीस के बारे में भी पता होना चाहिए। यह फीस भी हर वर्ग के लिए अलग-अगल है। आप ऑनलाइन आसानी से इसे पे कर सकते हैं। अगर आप जनरल या ओबीसी वर्ग से हैं तो यह आवेदन शुल्क आपके लिए केवल 25 रुपए है। जबकि महिलाओं, अनुसूचित जाति या जनजाति के लोगों के लिए इसमें छूट दी गयी है।  अगर आप इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो यह भी जान लें कि इसके लिए लास्ट डेट 3 जुलाई है। यानी, आप इससे पहले अप्लाई करें। द यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (The union public service commission) इन पोस्ट्स के लिए रिटेन एग्जाम के साथ ही इंटरव्यू भी लेंगे। रिटेन क्लियर करने वाले कैंडिडेट्स को ही इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इसलिए, कैंडिडेट्स को दोनों के लिए पूरी तरह से प्रिपेयर रहने की आवश्यकता है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स के लिए कैसे करें अप्लाई अगर आप इन पोस्ट्स के लिए आवेदन भरना चाहते हैं तो आप देर न करें क्योंकि 3 जुलाई के बाद यह आवेदन नहीं लिए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए आप यूपीएससी (UPSC) की वेबसाइट के साथ ही ऑफिशियल नोटिफिकेशन आदि की भी जांच कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news The union public service commission #UPSCRecruitment2025 #GovernmentJobs #UPSCVacancy #UPSCNotification #ApplyNow

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Donald Trump Iran attack,

जी-7 शिखर सम्मेलन बीच में छोड़ अमेरिका लौटे डोनाल्ड ट्रंप, क्या ईरान पर फाइनल अटैक की हो रही तैयारी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कनाडा में हो रहे जी-7 शिखर सम्मेलन (G-7 Summit) को बीच में छोड़ वापस लौट गए हैं। यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब इजरायल-ईरान युद्ध (Israel-Iran War) अपने चरम पर पहुंच गया है और दोनों तरफ से जबरदस्त बमबारी हो रही है। जिससे दोनों देशों को भारी नुकसान हुआ है। कहा जा रहा है कि इजरायल अब अमेरिका के सहयोग से ईरान पर फाइनल अटैक करने की तैयारी कर रहा है। जिसकी वजह से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) वापस अमेरिका चले गए।  व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ट्रंप की वापसी को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, ‘ जी-7 शिखर सम्मेलन (G-7 Summit) से काफी कुछ हासिल किया गया है और आगे भी इसका फायदा मिलता रहेगा, लेकिन इजरायल और ईरान संघर्ष (Israel-Iran War) के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) राष्ट्राध्यक्षों के साथ रात्रिभोज के बाद शिखर सम्मेलन को छोड़ वापस आ गए हैं।’  बता दें कि विश्व के कई प्रमुख नेता शांति और विकास के मुद्दे पर चर्चा के लिए कनाडा में एकत्र हुए हैं। इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज सुबह कनाडा पहुंच गए हैं। कहा जा रहा था कि इस सम्मेलन में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन इजरायल-ईरान युद्ध के कारण जी-7 शिखर (Benjamin Netanyahu) सम्मेलन प्रभावित हो रहा है। इजरायल और ईरान युद्ध खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है और अनियंत्रित होकर आगे बढ़ रहा है। जिसकी वजह से ट्रंप को वापस अमेरिका लौटना पड़ा है।  तेहरान को तत्काल खाली करें- ट्रंप  कनाडा पहुंचने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। यहां पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि हर किसी को तत्काल तेहरान को खाली कर देना चाहिए!’ इसके बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि, ‘‘ईरान को उस समझौते पर हस्ताक्षर कर देना चाहिए था, जिसके लिए मैंने उनसे कहा था। उन्होंने यह न करके स्थिति को शर्मनाक बना लिया है। अब बेवजह मानव जीवन का नुकसान हो रहा है। मैं कई बार कह चुका हूं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। सभी लोगों को तत्काल तेहरान छोड़ देना चाहिए।’ इसके तुरंत बाद ट्रंप जी-7 शिखर सम्मेलन को छोड़ कर चले गए।   खामेनेई की मौत से रूकेगा संघर्ष- नेतन्याहू  वहीं, दूसरी तरफ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा कि इस संघर्ष की समाप्ति ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) की मौत के बाद होगा। उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि खामेनेई की हत्या से यह संघर्ष बढ़ेगा नहीं, बल्कि संघर्ष समाप्त होने वाला है। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल वास्तव में खामेनेई को मारना चाहता है तो, नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा कि “हम वही कर रहे हैं, जो हमें करना चाहिए।” इजरायल संघर्ष शुरू होने के समय से ही ईरान के टॉप लीडरशिप, परमाणु ठिकानों और सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है।   इसे भी पढ़ें:-  ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार अब तक ईरान ने इजरायल पर 370 से ज्यादा मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन से हमला किया है  इजरायल ने बताया कि शुक्रवार को संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक ईरान ने उस पर 370 से ज्यादा मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन से हमला किया है। ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोन को इजराइल ने हवा में ही मार गिराया, लेकिन कई मिसाइल अपने टारगेट पर गिरी हैं। जिसकी वजह से 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 500 लोग घायल हैं। बीती रात भी ईरान ने कई शहरों को निशाना बनाकर मिसाइल दागी। ईरान के इन हमलों में तेल अवीव में मौजूद अमेरिकी दूतावास को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि यहां पर किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।       Latest News in Hindi Today Hindi news Benjamin Netanyahu #Trump #G7Summit #USA #IranAttack #WorldNews #MiddleEast #CrisisAlert

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Sonam black magic

राजा को वश में करने के लिए सोनम करती थी ‘ब्लैक मैजिक’!, पिता ने हत्या को लेकर किया बड़ा खुलासा

राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) की हत्या को 13 दिन पूरे हो गए। सोमवार को इंदौर में तेरहवीं कार्यक्रम किया गया था। इस दौरान मीडिया से बातचीत में राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) के पिता अशोक रघुवंशी ने सोनम को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि, मुझे पूरा विश्वास है कि सोनम तंत्र-मंत्र करती थी और इसका इस्तेमाल उसने उनके बेटे राजा पर भी किया था। जिसकी वजह से ही सोनम जो भी सही-गलत कहती, वह उसे करता था।  बता दें कि राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) के साथ मनीमून मनाने मेघालय गए थे। जहां पर सोनम ने साजिश रच राजा की हत्या करा दी। इस आरोप में मेघालय पुलिस (Meghalaya Police) ने पत्नी सोनम, इसके प्रेमी राज कुशवाह और इसके तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि सोनम (Sonam Raghuvanshi) ने राजा रघुवंशी की हत्या के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी दी थी, लेकिन आरोपियों को पूरे पैसे अभी नहीं मिले थे। पुलिस इन आरोपियों से अभी पूछताछ कर रही है। कहा जा रहा है कि इस मामले में जल्द ही कई दूसरे बड़े खुलासे भी हो सकते हैं।  सोनम ने राजा से घर के मुख्य दरवाजे पर टांगवाई थी पोटली- पिता राजा रघुवंशी के पिता अशोक रघुवंशी ने सोनम के तंत्र-मंत्र (sonam black magic )का जिक्र करते हुए कहा, “सोनम शादि के बाद जब घर आई, तभी से कुछ न कुछ टोना-टोटका करती रहती थी। उसके कहने पर ही राजा ने हमारे घर के मुख्य द्वार पर एक पोटलीनुमा चीज टांग दी थी। उस समय जब सोनम से इस बारे में घर वालों ने पूछा तो उसने कहा था कि इसे टांगने से घर पर किसी की बुरी नजर नहीं लगती और तरक्की आती है।” राजा के पिता ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सोनम तंत्र-मंत्र पर विश्वास करती थी और इससे ही उसने मेरे बेटे को अपने वश में किया। उसने मेरे बेटे की हत्या में भी इसका इस्तेमाल किया है। अशोक रघुवंशी ने कहा कि राजा की मौत के बाद घर के दरवाजे पर टंगी उस पोटलीनुमा चीज को हटा दिया गया था। उन्होंने मांग की कि उनके बेटे की हत्या में शामिल सभी दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।  मां ने कहा- सोनम मिली तो जरूर पूछूंगी एक सवाल वहीं, राजा रघुवंशी की मां उमा ने भी मीडिया से बातचीत की और कहा कि उनका बेटा राजा और सोनम दोनों मांगलिक थे और पारंपरिक तौर-तरीके से दोनों की शादी सोनम के परिवारिक ज्योतिषी द्वारा निकाले गए मुहूर्त के अनुसार हुई थी। उमा ने कहा, “सोनम शादी के बाद ससुराल आई और मात्र चार दिन यहां रही और फिर मायके चली गई थी। हमने उसे हंसी-खुशी मायके विदा की थी। अगर वह मुझे कभी मिलती है, तो मैं उससे यह जरूर पूछूंगी कि मेरे बेटे ने ऐसी क्या गलती की थी, जो उसकी हत्या करा दी? अगर साथ नहीं रहना था तो छोड़ भी सकती थी। उसे उसके अपराध की सजा जरूर मिलनी चाहिए।” इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक सोनम के भाई का नार्को टेस्ट कराने की मांग  इस हत्याकांड के सोनम ( sonam black magic )का भाई गोविंदा भी चर्चा में है। गोविंदा कभी राजा की मां से गले मिलकर रोता और माफी मांगते हुए नजर आ रहा है तो कभी अपने जीजा राजा का तर्पण करने उज्जैन चला जाता है। गोविंदा बिना बुलाए राजा की तेरहवीं में भी पहुंचा गया। इस घटना के बाद भी उसका राजा के घर बार-बार जाना अब राजा के परिजनों को खटकने लगा है। राजा के परिजनों ने गोविंद का नार्को टेस्ट कराने और उससे पूछताछ करने की मांग की है। बताया जा रहा है कि शिलांग पुलिस जल्द ही गोविंदा से भी पूछताछ कर सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi sonam black magic #Sonam #BlackMagic #RajaMurder #CrimeNews

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Sheetal Chaudhary murder,

Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder: ब्‍वॉयफ्रेंड ही निकला हरियाणवी मॉडल शीतल चौधरी का कातिल, इस तरह पुलिस ने किया गिरफ्तार

हरियाणवी मॉडल शीतल चौधरी हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसका ब्‍वॉयफ्रेंड सुनील ही है। शीतल गानों के वीडियो में काम करती थी और पानीपत में अपनी बहन के साथ रहती थी। वह 14 जून को एक शूटिंग के लिए घर से निकली थी। वो शूटिंग के लिए निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी देर होने के बाद परिजनों ने 15 जून को थाना मतलौडा में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस बीच पुलिस को देर रात एक महिला के शव मिलने की सूचना मिली। शव की पहचान 24 वर्षीय शीतल के रूप में हुई। पुलिस को शीतल के शरीर पर कई निशान मिले (Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder) थे। पीजीआई खानपुर में पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। बता दें कि शीतल का शव सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र की नहर से बरामद हुआ था।  शीतल, हरियाणवी एल्बमों में मॉडलिंग करती (Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder) थी शीतल की बहन नेहा ने बताया कि शनिवार देर रात डेढ़ बजे शीतल ने उसे वॉट्स एप पर वीडियो कॉल कर बताया था कि सुनील उसके साथ मारपीट कर रहा है। इसके बाद से शीतल का मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। इस बीच अगले दिन रविवार सुबह पानीपत के पास नहर में सुनील की कार मिली। लेकिन शीतल नहीं मिली। सोमवार सुबह शीतल का शव सोनीपत के पास खरख़ौदा में नहर में मिला। जो करीब 80 किलोमीटर बहकर गया था। शीतल के शव की पहचान उसके हाथ और छाती में बने टैटुओं से हुई। सीआईए वन प्रभारी, सब-इंस्पेक्टर संदीप के अनुसार 15 जून को पानीपत के सतकरतार कॉलोनी निवासी एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनकी बहन शीतल, जो हरियाणवी एल्बमों में मॉडलिंग करती (Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder) थी, 14 मई को शूटिंग के लिए अहर गांव गई थी और वापस नहीं लौटी। परिवार ने उसकी खुद तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 127(6) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद जाकर इस हत्याकांड का खुलासा हुआ। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक सुनील पहले से शादीशुदा है और 2 बच्चों का (Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder) पिता है हैरतअंगेज यह कि सुनील एक पानीपत के एक अस्पताल में भर्ती मिला। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया, उसकी गाड़ी नहर में गिर गई थी। पहले तो उसने हत्या को हादसा साबित करने का नाटक किया। वह पुलिस को गुमराह करता रहा। हत्या के बाद पुलिस से बचने के लिए उसने गाड़ी नहर में गिराने का नाटक भी किया, लेकिन सब धरा का धरा रह गया। पुलिस ने जब अपने अंदाज में पूछताछ की तो वो टूट (Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder) गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। सुनील ने शीतल पर चाकू से कई वार शीतल पर किए थे। शीतल करीब 6 साल से सुनील को जानती थी। पहले वो करनाल में सुनील के होटल में नौकरी करती थी। सुनील पहले से शादीशुदा है और 2 बच्चों का पिता है। इसी वजह से शीतल ने उससे रिश्ता खत्म कर लिया था, लेकिन वो शीतल के पीछे पड़ा हुआ था। फ़िलहाल हरियाणवी मॉडल शीतल की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। 24 वर्षीय शीतल की चाकू से हत्या करने के आरोप में सीआईए वन पुलिस टीम ने सोमवार शाम को इसराना निवासी सुनील को हिरासत में लिया। इस पूरे मामले पर प्रभारी सब इंस्पेक्टर संदीप ने बताया कि मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा। रिमांड के दौरान पुलिस उससे गहन पूछताछ करेगी और वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू की बरामदगी का प्रयास करेगी। Latest News in Hindi Today Hindi Boyfriend Held for Model Sheetal Chaudhary’s Murder #SheetalChaudhary #ModelMurder #HaryanaCrime #BoyfriendArrested #CrimeNews

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Why Practice Yoga on an Empty Stomach

योग क्यों करना चाहिए खाली पेट? जानिए वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक कारण 

योग भारतीय जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। लेकिन जब भी योग की बात होती है, अक्सर सलाह दी जाती है कि इसे खाली पेट किया जाए। आखिर ऐसा क्यों? क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक या आयुर्वेदिक कारण है? आज इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि योग (Yoga) खाली पेट क्यों करना चाहिए और इसके पीछे विशेषज्ञों और रिसर्च का क्या कहना है। योग और पाचन – एक सीधा संबंध योग करते समय शरीर के कई हिस्सों पर खिंचाव और दबाव पड़ता है, खासतौर पर पेट और आंतों पर। अगर आप खाना खाने के तुरंत बाद या तीन से साढ़े तीन घंटे के अंदर योग करेंगे तो इससे ना ही खाना ठीक तरह से डायजेस्ट हो पायेगा और ना ही योगासन का आपको लाभ मिलेगा। योग से जुड़े जानकारों की मानें  भोजन के तुरंत बाद योग करने से एसिडिटी (Acidity), गैस (Gas), उल्टी (Vomiting) जैसा एहसास और पेट में भारीपन महसूस हो सकता है। इससे न केवल योग का लाभ कम होता है, बल्कि शरीर को नुकसान भी हो सकता है। क्या कहती है रिसर्च? The American Journal of Physiology के रिसर्च के अनुसार भोजन के बाद बॉडी का ब्लड फ्लो डायजेस्टिव सिस्टम की ओर होता है। ऐसे में कोई भी शारीरिक क्रिया  विशेषकर योग की शैली से नुकसान पहुंच सकता है। जर्नल ऑफ क्लिनिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (2020) की रिपोर्ट के अनुसार व्यायाम या योग भोजन के तुरंत बाद करने से अपच indigestion, एसिड रिफ्लक्स acid reflux और ब्लोटिंग bloating की शिकायत आम हो जाती है। आयुर्वेद के अनुसार,भोजन के बाद शरीर में अग्नि (पाचन ऊर्जा) सक्रिय रहती है। यदि आप इस समय योग करते हैं, तो ऊर्जा विभाजित हो जाती है – न पाचन ठीक से होता है, न योग के लाभ मिलते हैं। आयुर्वेद योग को सतोगुणी क्रिया मानता है, जो शुद्धता, संयम और एकाग्रता को बढ़ावा देता है — और यह तभी संभव है जब पेट खाली हो। कब करें योग? योग विशेषज्ञों की राय है कि भोजन और योग के बीच कम से कम 3 से 3.5 घंटे का अंतराल होना चाहिए। अगर आपने दोपहर 1 बजे खाना खाया है, तो योग 4:30 या 5 बजे से पहले नहीं करना चाहिए। वैसे आप भोजन के तुरंत बाद आप वज्रासन जरूर कर सकते हैं, क्योंकि यह एकमात्र ऐसा आसन है जो पाचन में मदद करता है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक खाली पेट योग के फायदे खाली पेट योग करना केवल परंपरा नहीं, बल्कि विज्ञान और आयुर्वेद से सिद्ध एक प्रभावी तरीका है जिससे न केवल शरीर को लाभ होता है बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा भी जागृत होती है। चाहे आप शुरुआत कर रहे हों या अनुभवी योगी हों, यह नियम हमेशा याद रखें – योग से पहले पेट खाली रखें और इसका लाभ आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर लाभ होगा। नोट: अगर आप किसी भी शारीरिक या मानसिक से परेशान हैं तो हेल्थ से जुड़े एक्सपर्ट से मिलें। क्योंकि हेल्थ एक्सपर्ट आपके परेशानियों को समझकर उसका सही इलाज कर सकते हैं।   Latest News in Hindi Today Hindi news पाचन ऊर्जा Yoga #Yoga #EmptyStomachYoga #Ayurveda #HealthBenefits #YogaRoutine #MorningYoga #YogaForEnergy

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Lord Kuber

कैसे बने भगवान कुबेर धन के देवता? जानिए शिव से मिले अद्भुत वरदान की कथा

भगवान कुबेर न केवल देवताओं के कोषाध्यक्ष हैं बल्कि वे समृद्धि, वैभव और धन के प्रतीक भी माने जाते हैं। जानिए कैसे घोर तपस्या के बाद शिवजी से उन्हें यह दिव्य पद और सम्मान प्राप्त हुआ। हिंदू धर्म में धन, वैभव और समृद्धि के प्रतीक माने जाने वाले भगवान कुबेर न केवल देवताओं के कोषाध्यक्ष हैं, बल्कि स्वर्ग के खजाने के रक्षक भी हैं। उन्हें लोकसभा और वैश्विक स्तर पर भी “गॉड ऑफ वेल्थ” (धन के देवता) के रूप में पूजा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वे कैसे धन के देवता बने और उन्हें यह पद कैसे प्राप्त हुआ? इस लेख में हम जानेंगे भगवान कुबेर की पौराणिक कथा, उनका जन्म, शिव से प्राप्त वरदान और धार्मिक महत्ता। कुबेर का जन्म और वंश भगवान कुबेर (Lord Kuber) का उल्लेख स्कंद पुराण में मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनका जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। हालांकि उनमें एक दोष था, उन्हें चोरी करने की आदत थी, और उस वजह से उनके पिता को इस बात का पता चला, तो उन्होंने कुबेर को घर से निकाल दिया। कुबेर भटकते हुए एक शिव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने एक पुजारी को सोते देखा और प्रसाद चुराने का निश्चय किया। चोरी करते समय पुजारी को न जगाने और दीपक को बुझने से बचाने के लिए उन्होंने दीपक के सामने अपना अंगोछा फैला दिया। फिर भी वह पकड़े गए, हाथापाई हुई और उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के पश्चात यमदूत उन्हें ले जा रहे थे, लेकिन मार्ग में भगवान शिव के गण भी पहुंच गए। उन्होंने कुबेर को शिवजी के समक्ष प्रस्तुत किया। भगवान शिव को यह प्रतीत हुआ कि कुबेर ने चोरी करते हुए भी दीपक की लौ को बचाने का प्रयास किया था, जिससे उनकी भक्ति झलकती थी। महादेव इस भाव से प्रसन्न हुए और उन्होंने कुबेर को ‘धन के देवता’ का पद प्रदान किया। तभी से भगवान कुबेर को समृद्धि और धन के अधिपति के रूप में पूजा जाता है। रामायण में उल्लिखित रामायण में वर्णित एक कथा के अनुसार, भगवान कुबेर (Lord Kuber) ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हिमालय में कठोर तपस्या की थी। इस तप के दौरान शिवजी के साथ माता पार्वती भी प्रकट हुईं। जब कुबेर ने पार्वती जी को अपनी बाईं आंख से देखा, तो उनके दिव्य तेज के प्रभाव से उनकी वह आंख जलकर पीली हो गई। इसके बाद कुबेर ने एक अन्य स्थान पर जाकर पुनः तपस्या की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें आशीर्वाद दिया और कहा कि तुम्हारी तपस्या ने मुझे अत्यंत प्रसन्न किया है। इसलिए अब से तुम एकाक्षी पिंगल के नाम से प्रसिद्ध होगे, जिसका अर्थ है, एक आंख वाला और पीले नेत्रों वाला। इसे भी पढ़ें:- पति की लंबी आयु के लिए रखें ये शुभ व्रत और करें ये उपाय धार्मिक महत्ता और पूजा हिंदू धर्म में भगवान कुबेर (Lord Kuber) की पूजा विशेष रूप से धनतेरस, दीपावली, अक्षय तृतीया, और नववर्ष जैसे अवसरों पर की जाती है। विशेष रूप से व्यापारी वर्ग और धन-संपत्ति की इच्छा रखने वाले लोग कुबेर की आराधना करते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, धन के देवता कुबेर की प्रतिमा को घर की उत्तर दिशा में स्थापित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से न केवल भगवान कुबेर की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी घर में बना रहता है और समृद्धि में वृद्धि होती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Lord Kuber #lordkuber #godofwealth #shivablessing #hindumythology #wealthgod #kuberstory #divineboon #spiritualstory

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Ministry of Statistics and Programme Implementation

भारत में बढ़ती बेरोजगारी दर: मई 2025 के आंकड़े युवाओं और महिलाओं के लिए चिंता का संकेत

भारत में मई 2025 के रोजगार से जुड़े आंकड़े सरकार और आम जनता दोनों के लिए चिंता का विषय है। मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (Ministry of Statistics and Programme Implementation) द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार इस महीने बेरोजगारी दर बढ़ गई है। यह सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी बेरोजगारी ने दस्तक दी है। खासतौर पर युवा वर्ग और महिलाओं में बेरोजगारी दर ने चिंताजनक स्तर पार कर लिए हैं, जो देश की सामाजिक और आर्थिक संरचना के लिए खतरे की घंटी है। युवाओं में तेजी से बढ़ी बेरोजगारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में बेरोजगारी (Unemployment) दर मई 2025 में बढ़कर 5.6% हो गई, जो अप्रैल 2025 में 5.1% थी। सबसे अधिक प्रभाव 15 से 29 वर्ष की आयु के युवाओं पर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस आयु वर्ग की बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) अप्रैल में 12.3% थी, जो मई में बढ़कर 13.7% हो गई। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह दर अप्रैल के 17.2% से बढ़कर मई में 17.9% पर पहुंच गई। यह इशारा करता है कि देश की युवाशक्ति, जो कि राष्ट्र निर्माण की रीढ़ मानी जाती है, बेरोजगारी की समस्या से परेशान है। महिलाओं में भी बढ़ी बेरोजगारी वैसे बेरोजगारी (Unemployment) का यह संकट केवल युवाओं तक सीमित नहीं रहा। महिलाओं की भागीदारी और रोजगार की स्थिति भी गिरावट में रही। मई 2025 में महिलाओं की बेरोजगारी दर 5.8% दर्ज की गई, जो पुरुषों की दर 5.6% से अधिक रही। यह दर्शाता है कि महिला सशक्तिकरण और आर्थिक भागीदारी के प्रयासों के बावजूद महिलाएं आज भी रोजगार के क्षेत्र में पिछड़ रही हैं, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में। गिरा लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) का गिरना एक और चिंता का विषय है। यह दर उन लोगों के प्रतिशत को दर्शाता है जो या तो काम कर रहे हैं या काम की तलाश में हैं। मई 2025 में यह दर घटकर 54.8% रह गई, जो अप्रैल में 55.6% थी। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 56.9% और शहरी क्षेत्रों में 50.4% रही। इससे यह स्पष्ट है कि काम की तलाश में लगे लोगों की संख्या में भी गिरावट आई है, जो या तो अवसरों की कमी या हतोत्साहित कर देने वाली परिस्थितियों का संकेत देती है। वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो में गिरावट वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो (WPR) यानी काम कर रही जनसंख्या का अनुपात भी मई में कम हो गया। अप्रैल में जहां यह दर 52.8% थी, वहीं मई में यह घटकर 51.7% हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में WPR 54.1% रहा जबकि शहरी क्षेत्रों में यह घटकर 46.9% रहा। महिलाओं की स्थिति और भी चिंताजनक रही — ग्रामीण महिलाओं में यह दर 35.2% रही और शहरी क्षेत्रों में केवल 23.0%। कुल महिला वर्कर रेश्यो 31.3% रहा, जो यह दर्शाता है कि महिला श्रमबल का पूर्ण रूप से उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक रोजगार सृजन की चुनौती सरकार ने बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) में इस वृद्धि के पीछे का कोई विशेष कारण नहीं बताया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह डेटा देश में रोजगार सृजन की दिशा में जारी चुनौतियों को उजागर करता है। Centre for Monitoring Indian Economy (CMIE) जैसे शोध संस्थानों ने भी समय-समय पर यह चेतावनी दी है कि भारत में बेरोजगारी विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के बीच एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। हालांकि भारत की GDP ग्रोथ दर अभी भी मजबूत मानी जा रही है, लेकिन यह ग्रोथ जब तक रोजगार के अवसरों में तब्दील नहीं होती, तब तक इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगा। रोजगारहीन विकास न केवल सामाजिक असमानता को बढ़ावा देगा, बल्कि देश की सामाजिक स्थिरता और आर्थिक समरसता को भी नुकसान पहुंचा सकता है। मई 2025 के बेरोजगारी आंकड़े (May Unemployment Rate) यह साफ दर्शाते हैं कि भारत को अब रोजगार सृजन की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है। विशेषकर युवा और महिलाओं के लिए नीति आधारित, कौशल विकास पर केंद्रित और क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखने वाली योजनाएं बनानी होंगी। देश के लिए यह समय आत्मनिरीक्षण का है कि विकास केवल GDP तक सीमित न रहे, बल्कि हर नागरिक को रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाए। Latest News in Hindi Today Hindi Unemployment Rate #MayUnemploymentRate #UnemploymentRate #GDP #Job #WPR

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Women’s ODI World Cup 2025

Women’s ODI World Cup 2025: 5 अक्टूबर को मैदान में आमने सामने होंगे भारत और पाकिस्तान के प्लयेर 

महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 (Women’s ODI World Cup 2025) का आगमन 30 सितंबर से हो रहा है और इस बार का टूर्नामेंट खास तौर पर रोमांचक माना जा रहा है। ICC द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार यह मैच भारत के बेंगलुरु, इंदौर, गुवाहाटी और विशाखापट्टनम शहरों के स्टेडियमों और श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित होगी। Women’s ODI World Cup 2025: भारत vs श्रीलंका 30 सितंबर की शाम बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में महिला वनडे विश्व कप 2025 (Women’s ODI World Cup 2025) की शुरुआत भारत और श्रीलंका महिला टीमों के बीच होगी। दोनों टीमों के लिए यह मैच जान पहचान बनाने और टूर्नामेंट के माहौल में खुद को ढालने का अवसर होगा। लगातार हो रही आलोचनाओं के बावजूद भारत ने पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट में लगातार सुधार और सफलता दर्ज की है। चर्चा में भारत–पाक मुकाबला भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच क्रिकेट मैच हो और इसकी चर्चा ना हो ऐसा भला कैसे हो सकता है। भारत बनाम पाकिस्तान की भिड़ंत 5 अक्टूबर को श्रीलंका के कोलंबो के  आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच विश्व कप का हाई-प्रोफाइल मुकाबला माना जा रहा है, जिसमें न केवल खेल की गुणवत्ता, बल्कि दोनों टीमों के बीच की पुरानी प्रतिद्वंद्विता और दर्शकों का उत्साह भी मुख्य भूमिका निभाएगा। महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 (Women’s ODI World Cup 2025): कब-कब खेले जाएंगे मैच?  ICC ने इस बार महिलाओं के लिए एक ‘हाइब्रिड मॉडल’ अपनाया है जिसमें पाकिस्तान की टीम अपने सभी मैच श्रीलंका के कोलंबो में खेलेगी। इसका उद्देश्य यात्रा की जटिलताओं को कम करना और पाकिस्तानी खिलाड़ियों को एक तरह का ‘होम ग्राउंड’ सुविधा उपलब्ध कराना है। यह व्यवस्था पाकिस्तानी टीम के लिए एक विशेष मददगार साबित हो सकती है, खासकर जब वे अन्य टीमों के साथ मुकाबला करेंगी। टूर्नामेंट और सेमीफाइनल–फाइनल कुल 28 लीग मैच खेले जाएंगे। इसके बाद तीन नॉकआउट मुकाबले होंगे: दो सेमीफाइनल और एक अंतिम। लीग स्टेज मैच बेंगलुरु, इंदौर, गुवाहाटी और विशाखापट्टनम में आयोजित होंगे। कोलंबो केवल पाकिस्तान आधारित मैचों और एक संभावित सेमीफाइनल (29 अक्टूबर) के लिए आयोजन स्थल है। यदि पाकिस्तान या कोई अन्य टीम लीग स्टेज से बाहर हो जाती है, तो पहले सेमीफाइनल का स्थान गुवाहाटी रहेगा; अन्यथा यह कोलंबो में खेला जा सकता है। 2 नवंबर: टूर्नामेंट का फाइनल या तो बेंगलुरु या कोलंबो में आयोजित होगा, जो पहले सेमीफाइनल की स्थिति और टीमों की प्रगति पर निर्भर करेगा। महिला क्रिकेट में पिछले वर्षों में इंडिया और ऑस्ट्रेलिया की दाढ़नात्मक वापसी देखी गई है। ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम, जिसने 2013 और 2017 में यह खिताब जीता था, इस बार भी अपनी मजबूत टीम लाकर खिताबी रक्षा की सौगंध खाई है। उनकी कप्तानी में मेग्ना क्लेन (Meg Lanning), एलिसा हीली (Ellyse Perry), तथा युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी जैसे मॅक्करे ब्रूक्स और एमिली रॉनॉल्ड्स शामिल हैं। दूसरी ओर भारत महिला टीम ने विश्व कप 2017 में फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन बाद में ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें हराया। उस समय से आराधना पंडित, स्मृति मंधाना, स्वराश्री भारत टीम की लहर बढ़ा रहे हैं। कप में सहभागिता करने वाली अन्य टीमें—जैसे इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश—भी मजबूत बल्लेबाजी आक्रमण और अनुभव की दृष्टि से तैयार होकर टूर्नामेंट में आई हैं। इसे भी पढ़ें:- बेंगलुरु भगदड़ मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, RCB के मार्केटिंग हेड समेत 3 अन्य गिरफ्तार महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि यह महिला क्रिकेट की विकास यात्रा का अक्स है। यह न केवल भारत और पाकिस्तान जैसे पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों को मैदान पर लाएगा, बल्कि ऑस्ट्रेलिया जैसे क्रिकेट दिग्गजों को भी भारत की घरेलू धरती पर टक्कर देने का मौका देगा। फैंस के लिए 30 सितंबर से शुरू यह प्रतियोगिता यादगार रहेगी और अंततः 2 नवंबर के फाइनल तक अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट को अपने चरम पर पहुंचती देखने को मिलेगा। खासकर 5 अक्टूबर को कोलंबो में होने वाला भारत-पाक मुकाबला, उच्चतम रोमांच व उत्साह लेकर आएगा—उसकी तुलना किसी प्रीमियर हॉलीवुड फिल्म से की जा सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Women’s ODI World Cup 2025 #Women’sODIWorldCup2025 #IndvsPak #India #Pakistan #Cricket #ODI

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Shatavari benefits

प्राकृतिक तरीके से महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने इस तरह के फायदेमंद है शतावरी

महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ यानी प्रजनन स्वास्थ्य उनके शारीरिक, मानसिक और सामान्य स्वास्थ्य से संबंधित है। इनमें रिप्रोडक्टिव सिस्टम का स्वास्थ्य, मेंस्ट्रुअल हेल्थ, प्रेग्नेंसी, कंट्रासेप्शन, सेक्शुअल हेल्थ आदि शामिल है। महिलाओं के लिए अपनी रिप्रोडक्टिव हेल्थ का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए महिलाओं के लिए जागरूक रहना चाहिए और उनके लिए रेगुलर हेल्थ चेक-अप कराना और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाना भी जरूरी है। इसके लिए कुछ प्लांट भी फायदेमंद हो सकते हैं। ऐसा ही एक प्लांट है शतावरी (Shatavari), जिसे सब्जी के रूप में खाया जाता है। आयुर्वेदिक मेडिसिन में महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य के लिए वरदान माना गया है। आइए महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए शतावरी (Shatavari for women’s reproductive health) के बारे में। महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए शतावरी(Shatavari for women’s reproductive health): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार शतावरी (Shatavari) को अस्परगस ऑफिसिनैलिस (Asparagus officinalis) भी कहा जाता है। यह एक सब्जी है जो सफेद, हरे और पर्पल रंग में मिलती है। इसका प्रयोग कई तरह की डिशेस बनाने में किया जाता है। महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए शतावरी (Shatavari for women’s reproductive health) के फायदे इस प्रकार हैं: हॉर्मोनल बैलेंस : ऐसा माना गया है कि शतावरी (Shatavari) यानी अस्परगस ऑफिसिनैलिस फीमेल रिप्रोडक्टिव हॉर्मोन्स को रेगुलेट और बैलेंस करने के लिए फायदेमंद है। इसके साथ ही यह भी पाया गया है कि अनियमित पीरियड्स और पॉलीसिस्टिक ओवेरी सिंड्रोम्स जैसी समस्याओं के लिए यह फायदेमंद है। फर्टिलिटी शतावरी (Shatavari) ओवेरी के कार्यों को सुधारने के लिए भी जाना जाता है यानी वो फर्टिलिटी को सपोर्ट करने में फायदेमंद है। इसके साथ ही इससे एग्स की गुणवत्ता भी सुधरती है।  स्ट्रेस को करे कम शतावरी (Shatavari) यानी अस्परगस ऑफिसिनैलिस (Asparagus officinalis) को हमारे मेंटल हेल्थ के लिए भी लाभदायक पाया गया है। इससे स्ट्रेस कम होने में मदद मिलती है। ऐसा पाया गया है कि चिंता और स्ट्रेस से महिलाओं की रिप्रोडक्टिव पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसका इस्तेमाल एंडोमेट्रियोसिस, दर्दनाक पीरियड्स और मेनोपॉज के लक्षणों को दूर करने में भी किया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक पोस्टपार्टम फायदे महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए शतावरी (Shatavari for women’s reproductive health)  के फायदे पोस्टपार्टम सपोर्ट से भी जुड़े हुए हैं। स्तनपान कराने वाली महिलाओं में शतावरी (Shatavari) मिल्क प्रोडक्शन को बढ़ाने में मदद करती है और इससे पोस्टपार्टम के लक्षण भी दूर होते हैं। यह तो थे महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए शतावरी (Shatavari for women’s reproductive health) के फायदे। लेकिन, इस बात का ध्यान रखें कि किसी भी चीज के कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। शतावरी (Shatavari) यानी अस्परगस ऑफिसिनैलिस (Asparagus officinalis) के बारे में भी अभी और रिसर्च की जानी जरूरी है। इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें और इसके साइड-इफेक्ट्स के बारे में भी जान लें। अपनी मर्जी से किसी भी चीज का सेवन करना हानिकारक सिद्ध हो सकता है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Shatavari #shatavari #womenshealth #reproductivehealth #naturalremedies #hormonebalance #ayurveda #fertilitybooster

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