healthy fruits for liver

लीवर और किडनी को साफ करने वाले 5 फल, रोजाना सेवन से दूर होंगी बीमारियाँ

हेल्दी रहना है तो हेल्दी आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है। इसलिए, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर यही सलाह देते हैं कि अपने आहार में फल (Fruit) सब्जियों, साबुत अनाज आदि को अवश्य शामिल करें। इसके साथ ही जंक फूड को जितना हो सके नजरअंदाज करना चाहिए। अगर बात की जाए फलों की, तो यह न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि विटामिन, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर से भी भरपूर होते हैं। यानी, इनका सेवन हेल्दी रहने में मददगार साबित हो सकता है। यह भी माना गया है कि फलों का नियमित सेवन लिवर और किडनी से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मददगार है। आइए जानें लिवर और किडनी के लिए फायदेमंद फल (Fruits beneficial for liver and kidney) के बारे में।  लिवर और किडनी के लिए फायदेमंद फल (Fruits beneficial for liver and kidney): पाएं जानकारी हार्वर्ड हार्ट पब्लिशिंग (Harvard Heart Publishing) के अनुसार विभिन्न फलों की भी अलग-अलग न्यूट्रिएंट्स वैल्यू होती हैं यानी किसी फल (Fruit) में अधिक फाइबर होता है तो किसी में कम। जानिए फलों के बारे में जो लिवर और किडनी से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मददगार हैं।  अनार (Pomegranate) अनार (Pomegranate) में पुनीकलागिन (Punicalagin) नामक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। ऐसा माना गया है कि यह एंटीऑक्सीडेंट किडनी स्टोन को बनने से रोक सकता है और इसके साथ ही सूजन को कम करने में भी फायदेमंद है। कुछ स्टडीज यह भी बताती हैं कि यह फल (Fruit) डायलिसिस से गुजरने वाले रोगियों में टॉक्सिन्स को कम करने में भी फायदेमंद है। ब्लड सर्कुलशन को बढ़ाने में भी अनार (Pomegranate) अच्छा माना गया है। तरबूज (Watermelon) लिवर और किडनी के लिए फायदेमंद फल (Fruits beneficial for liver and kidney) में तरबूज (Watermelon) का भी नाम है। यह फल (Fruit) माइल्ड ड्यूरेटिक की तरह काम करता है। इसको खाने से यूरिन फ्लो बढ़ता है और शरीर से खासतौर पर किडनी व लिवर से टॉक्सिन्स को बाहर निकलने में मदद मिलती है। इस फल में सिट्रूलाइन नामक एमिनो एसिड भी होता है जो ब्लड फ्लो को बढ़ाता है और अमोनिया लेवल को कम करता है। संक्षेप में कहा जाए तो तरबूज (Watermelon) किडनी और लिवर दोनों के लिए फायदेमंद है। पपीता (Papaya) पपीता (Papaya) में एक ऐसा एंजाइम होता है, जो प्रोटीन को ब्रेकडाउन करने में फायदेमंद है। इससे लिवर के मेटाबोलिक लोड को कम करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही पपीता (Papaya) में फ्लवोनोइड्स और विटामिन सी भी होते हैं जो फैटी लिवर डिजीज का जोखिम को कम करने के लिए जरूरी है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक क्रैनबेरी (Cranberry) क्रैनबेरी (Cranberry) यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन को कम करने में फायदेमंद पाई गयी है। किडनी हेल्थ को सपोर्ट करने में भी इसे बेनेफिशियल पाया गया है। क्रैनबेरी( Cranberry) में मौजूद प्रोएंथोसाइनिडिन हानिकारक बैक्टीरिया को यूरिनरी ट्रैक्ट लायनिंग से रिमूव करने में मदद करते हैं जिससे किडनी को सही से काम करने में मदद मिलती है। यह भी पाया गया है कि इसके सेवन से गंभीर किडनी रोगों को बढ़ने से रोकने में भी सहायता मिल सकती है। एवोकाडो (Avocado) एवोकाडो (Avocado) को लिवर और किडनी से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मददगार पाया गया है। यह मोनोसेचुरेटेड फैट्स हानिकारक बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। इस फल (Fruit) से अच्छा कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और ब्लड हेल्थ में सुधार होता है। इनमें बहुत अधिक विटामिन और मिनरल्स होते हैं इसमें विटामिन इ, सी और के आदि। इसके साथ ही इसमें एंटीक्सिडेंट्स भी होते हैं। एवोकाडो (Avocado) से हार्मफुल फ्री रेडिकल्स कम होते हैं जिससे सूजन भी कम होती है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Fruits beneficial for liver and kidney #liverdetox #kidneycleanse #naturalhealth #dailyhealthtips #healthylifestyle #detoxfruits #healthcare

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Blood Goddess

जब देश की हर महिला थी खून की कमी से जूझती, तब प्रकट हुईं रहस्यमयी रक्तदेवी

भारतवर्ष में देवी-देवताओं की कहानियां सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति के गहरे संकेत भी देती हैं। एक ऐसी ही रहस्यमयी कथा जुड़ी है उस देवी से, जो तब प्रकट हुईं जब देश की अधिकांश महिलाएं “खून की कमी” यानी एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। कहा जाता है कि इस देवी का प्राकट्य न केवल आध्यात्मिक रूप से चमत्कारी था, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी क्रांतिकारी। अस्सी के दशक तक शुक्रवार का दिन खास तौर पर महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता था, क्योंकि उस समय यह दिन संतोषी माता की पूजा का था। शुक्रवार को महिलाएं पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ व्रत रखती, संतोषी माता की कथा सुनतीं और गुड़ चना का प्रसाद चढ़ाती थीं। व्रत खोलने से पहले प्रसाद को बड़े मन से ग्रहण किया जाता था और पूरे दिन घर में कोई भी झगड़ा या विवाद नहीं होता था। यह परंपरा पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ निभाई जाती थी। धार्मिक आस्था में तर्क और विज्ञान की जगह नहीं होती संतोषी माता (Santoshi Mata) का उल्लेख किसी भी प्राचीन पुराण में नहीं मिलता, न ही वेदों में उनका नाम आता है, क्योंकि वेदों में केवल कुछ मुख्य देवताओं का ही वर्णन है। संतोषी माता का प्रचार-प्रसार करीब 1960 के दशक के मध्य से शुरू हुआ था। माना जाता है कि यह पूजा खासकर हिंदी भाषी प्रदेशों में किसी स्थानीय देवी की पूजा से प्रेरित हो सकती है। कुछ लोगों का कहना है कि संतोषी माता का यह उत्सव पश्चिम बंगाल से आया होगा, लेकिन बंगाली पूजा में आमतौर पर भव्य और रसयुक्त व्यंजन चढ़ाए जाते हैं, इसलिए गुड़ चना जैसे सादे प्रसाद का चढ़ावा वहां कम माना जाता है। धार्मिक आस्था में तर्क और विज्ञान की जगह नहीं होती, इसलिए इस सरल और सस्ते प्रसाद को भी इसकी विशेषता के रूप में देखा जाता है। बनी ‘रक्तदेवी’ की मंदिर कुछ लोग यह कहते हैं कि उस समय देश की औसत महिलाओं में खून में आयरन की कमी एक सामान्य समस्या थी, जिसे समाज ने स्वीकार भी किया था। उस दौर में हालात और भी खराब थे क्योंकि महिलाएं पहले अपने पूरे परिवार को खाना खिलाती थीं और खुद के लिए खाने को एक तरह से आशीर्वाद मानती थीं। जो लोग धर्म और विज्ञान को जोड़कर देखते हैं, उनका कहना है कि आयरन बढ़ाने के लिए आज भी गुड़ और चना से बेहतर प्राकृतिक उपाय कोई नहीं हो सकता। इसी कारण से संतोषी माता (Santoshi Mata) की पूजा और उनका प्रचार तेजी से बढ़ा। संतोषी माता से वैष्णो देवी तक: धार्मिक आस्था का बदलता रूप हम ऐसे देश के निवासी हैं जहाँ देवी-देवताओं पर आस्था के लिए किसी तर्क की जरूरत नहीं होती। जैसे ही कहीं यह खबर फैलती है कि किसी मूर्ति ने दूध पिया है, पूरा देश इसे आजमाने लगता है और हर कोई दावा करता है कि उसने भी वही किया है, यह हम सबने कई बार देखा है। देश में संतोषी माता (Santoshi Mata) की पूजा का प्रचार जबरदस्त हुआ। करीब 50 साल पहले, 30 मई 1975 को ‘जय संतोषी माता’ नामक फिल्म रिलीज हुई, जिसका बजट लगभग 5 से 12 लाख रुपये था। यह फिल्म कमाल की कमाई कर गई, और विभिन्न स्रोतों के अनुसार, इसने 5 से 25 करोड़ रुपये तक की कमाई की। उस समय यह फिल्म शोले के बाद सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बनी। इसे भी पढ़ें:- पति की लंबी आयु के लिए रखें ये शुभ व्रत और करें ये उपाय आज भी देश के कई हिस्सों में संतोषी माता के मंदिर मौजूद हैं वरिष्ठ पत्रकार और धर्म विशेषज्ञ इष्टदेव सांकृत्यायन का मानना है कि संतोषी माता का उद्भव शायद किसी स्थानीय देवी की लोकप्रियता से प्रेरित था। उन्होंने यह भी कहा कि संतोषी माता के प्रसार के बाद शुक्रवार का दिन वैभव लक्ष्मी को समर्पित हो गया, जिनकी पूजा और स्वरूप संतोषी माता से काफी मिलता-जुलता है। उनके अनुसार, “जब तक संतोष नहीं आएगा, तब तक समृद्धि नहीं आएगी। इसलिए संतोष का संदेश देने के लिए ही इस देवी की पूजा का प्रचार हुआ होगा।” आज भी देश के कई हिस्सों में संतोषी माता के मंदिर मौजूद हैं, जहाँ श्रद्धालु उनकी पूजा करते हैं। 1984 में दूरदर्शन के देशभर में प्रसारित होने के बाद धीरे-धीरे संतोषी माता का प्रचार कम होने लगा। इसी दौरान संचार और यातायात के बेहतर होने के साथ-साथ वैष्णो देवी की लोकप्रियता बढ़ने लगी। टी-सीरीज के गुलशन कुमार ने वैष्णो माता के कई वीडियो कैसेट जारी किए, और फिल्मों के माध्यम से भी उनका प्रचार व्यापक हुआ। इससे वैष्णो माता की भक्तों की संख्या तेजी से बढ़ी और उनकी मनोकामनाएं पूरी होने लगीं। Latest News in Hindi Today Hindi news #bloodgoddess #anemiaawareness #womenshealth #mystery #divineintervention #indianmythology #healing #spiritualpower

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Ram Mohan Naidu

 Ahmedabad Plane Crash: उड़ान भरने के तुरंत बाद 650 फीट की ऊंचाई पर आई तकनीकी खराबी

अहमदाबाद में हुए विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash) ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा लिया है। इस हादसे को लेकर आज नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें अहम जानकारी साझा की गई है। यह हादसा दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर हुआ था, जब विमान एयरपोर्ट से महज दो किलोमीटर की दूरी पर मेघानी नगर इलाके में क्रैश हो गया। क्या हुआ था उस दिन? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने बताया कि हादसे की जानकारी उन्हें दोपहर करीब 2 बजे मिली थी। जब विमान करीब 650 फीट की ऊंचाई पर था, तभी उसमें तकनीकी खराबी आई और पायलट ने तुरंत ATC (Air Traffic Control) को इमरजेंसी कॉल दी। विमान ने दोपहर 1:39 बजे टेक ऑफ किया था और महज एक मिनट के भीतर ही इमरजेंसी की सूचना दे दी गई थी। ATC ने जब विमान से संपर्क करने की कोशिश की तो उसे कोई जवाब नहीं मिला और अगले ही मिनट में विमान दुर्घटना (Plane accident) घट गई। यह विमान हाल ही में पेरिस से दिल्ली और दिल्ली से अहमदाबाद की उड़ानें सफलतापूर्वक पूरी कर चुका था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हादसे के ठीक पहले तक कोई समस्या सामने नहीं आई थी। View this post on Instagram A post shared by Ram Mohan Naidu Kinjarapu (@rammnk) ब्लैक बॉक्स मिला, जांच जारी हादसे के बाद घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। विमान में लगी आग पर शाम 6 बजे तक काबू पा लिया गया। मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने बताया कि ब्लैक बॉक्स शुक्रवार शाम 5 बजे घटनास्थल से बरामद कर लिया गया है, लेकिन उसकी जांच अभी चल रही है और हादसे की असली वजह सामने आने में थोड़ा समय लग सकता है। एयरपोर्ट 5 बजे फिर शुरू हुआ इस हादसे के कारण अहमदाबाद एयरपोर्ट (Ahmedabad Airport) को दोपहर 2:30 बजे बंद कर दिया गया था। सभी सुरक्षा और जांच प्रोटोकॉल को पूरा करने के बाद एयरपोर्ट को शाम 5 बजे फिर से संचालन के लिए खोल दिया गया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि विमान ने टेक ऑफ के महज एक मिनट बाद ही तकनीकी खराबी आई। जांच के लिए गठित की गई हाईलेवल समिति इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने एक हाईलेवल जांच समिति का गठन किया है। यह समिति DGCA (Directorate General of Civil Aviation) और अन्य संबंधित तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से इस घटना की बारीकी से जांच करेगी। ब्लैक बॉक्स की जानकारी और डेटा का विश्लेषण करने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तकनीकी खराबी किस कारण से आई और क्या इसमें मेंटेनेंस या अन्य मानवीय चूक की भूमिका थी। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार विमान सुरक्षा पर फिर उठे सवाल यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब भारत की विमानन इंडस्ट्री तेज़ी से विकास कर रही है। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने यह साफ किया कि भारत में विमानन सुरक्षा के बहुत सख्त मानक हैं और किसी भी हादसे के बाद विस्तृत जांच करना हमारी प्राथमिकता होती है। उन्होंने कहा कि “जब यह घटना घटी, तो हमें लगा कि बोइंग 787 सीरीज में भी विस्तृत निगरानी की जरूरत है। DGCA ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।” अहमदाबाद विमान हादसा  (Ahmedabad Plane Crash) एक गंभीर चेतावनी है कि चाहे विमानन प्रणाली कितनी भी उन्नत क्यों न हो, तकनीकी चूक या असामान्य परिस्थितियाँ कभी भी किसी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि सरकार और विमानन विभाग ने तत्काल कदम उठाते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और सुरक्षा मानकों को और मज़बूत करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। हादसे की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही आगे की नीतियों और प्रक्रियाओं में आवश्यक बदलाव किए जा सकेंगे। इस बीच, पूरे देश की नजर इस जांच पर टिकी है और उम्मीद की जा रही है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Latest News in Hindi Today Hindi Ram Mohan Naidu  #AhmedabadPlaneCrash #AirIndia #PlaneCrash #DGCA #RamMohanNaidu #aviationexpert #configurationerror #aviationaccident #flightsafety #breakingnews #indianaviation #latestupdate

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India May Miss WTC Finals for 6 Years: इस वजह से अगले 6 सालों तक WTC Final नहीं करा पाएगा भारत

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (डब्लूटीसी फाइनल) होस्ट करने का सपना कुछ वर्षों तक अधर में लटक (India May Miss WTC Finals for 6 Years) सकता है। दरअसल, बीसीसीआई को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की तरफ से तगड़ा झटका लगा है। गौरतलब हो कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत से ही फाइनल मैच इंग्लैंड में ही हो रहे हैं। इस बीच बीसीसीआई ने भारत में डब्लूटीसी फाइनल कराने की बात आईसीसी के सामने रखी थी। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले तीन डब्लूटीसी फाइनल भी इंग्लैंड ही होस्ट करेगा। ऐसा नहीं है कि भारत कोशिश नहीं कर रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पिछले छह सालों से लगातार कोशिश कर रहा है कि इंडिया को डब्लूटीसी फाइनल की होस्टिंग मिले। लेकिन बीसीसीआई के वर्ल्ड क्रिकेट में लगातार बढ़ते प्रभाव के बाद भी होस्टिंग नहीं मिल पाई। ध्यान देने वाली बात यह कि बीसीसीआई के पूर्व सेक्रेटरी जय शाह इस समय आईसीसी के चेयरपर्सन हैं, बावजूद इसके ये मौका भारत को नहीं मिल पा रहा है।  भारत को डब्लूटीसी फाइनल होस्ट करने के लिए तकरीबन आठ वर्षों का इंतजार करना (India May Miss WTC Finals for 6 Years) पड़ेगा ऐसे में यदि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की कमान 2029-31 सीजन तक इंग्लैंड के पास ही रहती है, तो भारत को डब्लूटीसी फाइनल होस्ट करने के लिए तकरीबन आठ वर्षों का इंतजार करना (India May Miss WTC Finals for 6 Years) पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2025 में सिंगापुर में होने वाली आईसीसी की एनुअल कॉन्फ्रेंस में इस बात का ऐलान किया जा सकता है कि अगले तीन बार भी डब्लूटीसी फाइनल की होस्टिंग इंग्लैंड ही करेगा। बता दें कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का पहला फाइनल साल 2021 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच इंग्लैंड के साउथेम्प्टन में खेला गया था। तो वहीं दूसरा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल 2023 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लंदन के ओवल ग्राउंड पर खेला गया और वहीं अब तीसरा फाइनल लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जा रहा है।  इसे भी पढ़ें:- बेंगलुरु भगदड़ मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, RCB के मार्केटिंग हेड समेत 3 अन्य गिरफ्तार कैच पकड़ने के नियमों में हुआ यह बड़ा बदलाव खैर, इस बीच आपको बता दें कि क्रिकेट मैच में कोई भी फील्डर अब बाउंड्री लाइन के बाहर गेंद को सिर्फ एक बार ही हवा में उछाल सकता है। अब बाउंड्री पर कैच लेने के नए नियम बनाए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक आईसीसी अगले महीने से नियमों में शामिल करेगा। दरअसल, पहले फील्डर बाउंड्री लाइन पर खड़े होकर गेंद को हवा में उछाल देते थे। इसके बाद बाउंड्री लाइन के बाहर जाकर गेंद को हवा में फेंकते थे और उस वक्त उनके पैर भी हवा में रहते थे। गेंद तब तक हवा में ही रहती थी। इसके बाद फील्डर्स आसानी से कूदकर बाउंड्री लाइन के अंदर आकर कैच पकड़ लेते थे। लेकिन नए नियमों के मुताबिक अब फील्डर गेंद को बाउंड्री लाइन के बाहर जाने के बाद सिर्फ एक बार ही हवा में उछाल सकते हैं। यानी के गेंद को बाउंड्री लाइन के बाहर हवा में उछाने के बाद उसको सीधे बाउंड्री लाइन के अंदर जंप करना होगा। तभी कैच मान्य होगा, वर्ना कैच अमान्य होगा। इसके अलावा पहले कोई फील्डर गेंद को पकड़कर दूसरे फील्डर को दे देता था और खुद बाउंड्री से बाहर चला जाता था। फिर आराम से बाउंड्री के अंदर आता था। लेकिन अब दूसरे खिलाड़ी के बाउंड्री के अंदर कैच पकड़ने से पहले उस खिलाड़ी को भी मैदान के अंदर आना होगा, तभी ये कैच मान्य होगा। कुल मिलाकर कैच मान्य करने के दोनों प्लेयर्स को बाउंड्री के अंदर ही रहना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news India May Miss WTC Finals for 6 Years #indiawtcfinals #iccworldtestchampionship #wtc2025 #cricketnews #bcciupdate #cricketfans #wtcnews

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Assam CM Himanta Biswa Sarma

Assam CM Orders Shoot-at-Sight: एक्शन में असम के CM सरमा, इस वजह से दिया गोली मारने के आदेश, रातोंरात 38 गिरफ्तार

असम धुबरी में गोमांस कांड में बड़े एक्शन के बाद रातोंरात 38 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। दरअसल, धुबरी कस्बे में रविवार को एक मंदिर के पास मांस के टुकड़े मिलने के बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इलाके में सोमवार को निषेधाज्ञा लागू की गई थी, जिसे मंगलवार को हटा लिया गया। असम के मुख्यमंत्री बिस्वा सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) ने स्थिति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को धुबरी का दौरा किया। उन्होंने कहा, मेरे गुवाहाटी पहुंचते ही देखते ही गोली मारने का आदेश आज जारी कर दिया (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) जाएगा तथा रात में बाहर निकलने वाले या पत्थरबाजी की घटना में संलिप्त व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री सरमा ने शुक्रवार को कहा कि बांग्लादेश की सीमा से लगे धुबरी जिले में रात में देखते ही गोली मारने के आदेश लागू होंगे, क्योंकि एक सांप्रदायिक समूह अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा है, जिसे सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।  पिछले एक सप्ताह से धुबरी में कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) बनी हुई है मुख्यमंत्री (CM Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि जिले में त्वरित कार्रवाई बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को तैनात किया (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) जाएगा। धुबरी में सभी अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा। सरमा ने आगे कहा कि जिन लोगों ने कानून अपने हाथ में लिये हैं, उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। बता दें कि पिछले एक सप्ताह से धुबरी में कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। दरअसल, बकरीद के अगले दिन सात जून को धुबरी जिला मुख्यालय में हनुमान मंदिर के सामने एक गाय का सिर मिला था। फिर क्या था, इसके बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों ने शांति और सद्भाव की अपील की थी। तनाव बढ़ता देख इस पूरे मामले पर सरमा ने बताया कि हालांकि अगले दिन फिर से मंदिर के सामने गाय का सिर रखा गया और रात में पत्थरबाजी की गई। जानकारी के मुताबिक बकरीद से एक दिन पहले नबीन बांग्ला नामक संगठन ने भड़काऊ पोस्टर चिपकाए थे, जिनमें धुबरी को बांग्लादेश में शामिल करने की मंशा जाहिर की गई थी।  इसे भी पढ़ें: माई बहन मान योजना बिहार की करोड़ों महिलाओं के लिए अमृत: डॉ मनोज पांडेय जिले में रात में देखते ही गोली मारने के आदेश लागू (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) रहेगा इस हरकत पर मुख्यमंत्री (CM Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि धुबरी में अशांति फैलाने के लिए एक सांप्रदायिक समूह सक्रिय हो गया है। इसके बारे में पता चलने के बाद मैं धुबरी आया हूं तथा जिले में रात में देखते ही गोली मारने के आदेश लागू (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) रहेगा। धुबरी में सभी अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा और जिन लोगों ने कानून को अपने हाथ में लिया है, उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। सीएम सरमा ने कहा, पहले बकरीद पर लोगों का एक वर्ग बीफ खाता था, लेकिन इस बार पश्चिम बंगाल से हजारों मवेशी लाए गए हैं और धुबरी में एक नया बीफ माफिया उभरा है। जिसने त्योहार से ठीक पहले हजारों जानवरों की खरीद की है। यह बात मेरी जानकारी में आई है। मैंने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। मैंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे उन लोगों को गिरफ्तार करें, जिन्होंने यह मवेशी व्यापार शुरू किया है। अगले साल वह स्वयं ईद के दिन धुबरी जाएंगे और अगले दिन भी वहीं रहेंगे। यही नहीं सरमा ने कहा कि हम समुदाय के एक वर्ग को इस तरह की गड़बड़ी करने की अनुमति नहीं दे सकते। हमारी सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। और धुबरी को हमारे हाथों से जाने नहीं देगी। यदि आवश्यकता पड़ी, तो वह पूरी रात हनुमान मंदिर की रखवाली करेंगे। Latest News in Hindi Today Hindi CM Himanta Biswa Sarma #assam #cmhimantabiswasarma #shootatsight #assamnews #lawandorder #latestnews #india #breakingnews

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Before Bihar elections

बिहार चुनाव से पहले RJD में बड़ा बदलाव: मंगनी लाल मंडल होंगे नए प्रदेश अध्यक्ष

बिहार की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों (Bihar Assembly Election) से पहले बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदेश नेतृत्व में परिवर्तन की घोषणा होने जा रही है, जो पार्टी की रणनीति और सामाजिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। वरिष्ठ नेता मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) को RJD का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा रहा है। वे मौजूदा अध्यक्ष जगदानंद सिंह की (Jagdanand Singh) जगह लेंगे। इस बदलाव को पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) और तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) की स्वीकृति प्राप्त है। 19 जून को होगा औपचारिक ऐलान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह निर्णय 19 जून को होने वाली राज्य परिषद की बैठक में औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा। उसी दिन चुनाव परिणाम आने के बाद वे आधिकारिक तौर पर नए प्रदेश अध्यक्ष बन जाएंगे। यह जानकारी पार्टी के भीतर चल रहे संगठनात्मक चुनावों के बीच सामने आई है। इस प्रक्रिया को राजद के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. रामचंद्र पुरबे ने भी मंजूरी दे दी है। मंगनी लाल मंडल: अनुभव और सामाजिक समीकरण का संगम हालांकि बीच में वे नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की JDU में शामिल हो गए थे, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव (2024 Lok Sabha elections) में टिकट न मिलने से नाराज होकर उन्होंने JDU छोड़ दी और 6 जनवरी 2025 को RJD में दोबारा शामिल हो गए। RJD को कैसे होगा फायदा? बिहार में इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) होने हैं और ऐसे समय में मंगनी लाल मंडल को प्रदेश अध्यक्ष बनाना एक सोच-समझी रणनीति मानी जा रही है। सामाजिक समीकरण: मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) EBC समुदाय से आते हैं, जो बिहार में बड़ी संख्या में मौजूद है। RJD इस समुदाय को साधकर अपना सामाजिक आधार और मज़बूत करना चाहती है। राजनीतिक अनुभव: उनका लंबा अनुभव और प्रशासनिक पकड़, पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर मजबूती देने में मदद करेगी। तेजस्वी यादव का समर्थन: तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) की युवा नेतृत्व क्षमता और मंडल के अनुभवी राजनीतिक कौशल का मेल पार्टी को आने वाले चुनाव में बेहतर स्थिति में ला सकता है। इसे भी पढ़ें: माई बहन मान योजना बिहार की करोड़ों महिलाओं के लिए अमृत: डॉ मनोज पांडेय जगदानंद सिंह की विदाई अब तक RJD के प्रदेश अध्यक्ष रहे जगदानंद सिंह (Jagdanand Singh) को पार्टी के वरिष्ठ और निष्ठावान नेताओं में गिना जाता है, लेकिन हाल के महीनों में पार्टी के भीतर कुछ असंतोष की खबरें सामने आई थीं। मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) की नियुक्ति इस असंतोष को शांत करने और नए उत्साह के साथ चुनाव में जाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है। मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) को RJD की कमान सौंपना केवल एक नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि एक चुनावी रणनीति का हिस्सा है। उनका सामाजिक आधार, राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक समझ, RJD को आगामी विधानसभा चुनावों (Assembly Election) में एक मज़बूत विकल्प बना सकता है। अगर यह दांव सफल रहता है, तो RJD न सिर्फ सत्ता में वापसी का रास्ता तय कर सकती है, बल्कि बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में एक नया समीकरण भी बना सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi #biharelection2025 #rjdnews #mangnilalmandal #biharpolitics #laluprasad #nitishkumar #biharupdate #breakingnews #politicalnews

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Iran Attacks Israel: ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार

ईरान और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर अपने चरम पर है। शुक्रवार सुबह-सुबह आईडीएफ ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए और ईरान के 20 शीर्ष कमांडर मार गिराए थे। इस हमले में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख की भी मौत हुई। इजरायली हमलों के बाद ईरान ने भी पलटवार किया (Iran Attacks Israel) है। इजरायली हमले के जवाब में ईरान ने शुक्रवार रात ट्रू प्रॉमिस 3 सैन्य ऑपरेशन शुरू किया है। इसके तहत ईरान ने 150 बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल पर दागी है। इनमें से 6 मिसाइलें राजधानी तेल अवीव में गिरी, जिसमें 1 महिला की मौत हो गई। वहीं, 63 लोग घायल बताए जा रहे हैं। यही नहीं, ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर वार्ता से भी इनकार कर दिया है। ईरान की इस हरकत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, ईरान के पास अभी भी समय है। हमने ईरान को 60 दिन का अल्टीमेटम दिया था। आज 61वां दिन था। खैर, ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइली रक्षा मंत्रालय को भी निशाना बनाने का दावा किया गया। ईरान की ओर से हमले की आशंका के चलते इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को सुरक्षित ठिकाने पर शिफ्ट कर दिया गया था। शुक्रवार देर रात ईरान ने तेल अवीव के खिलाफ किया (Iran Attacks Israel) था जवाबी हमला  बता दें कि शुक्रवार देर रात ईरान ने तेल अवीव के खिलाफ जवाबी हमला किया (Iran Attacks Israel) था। जिसमें कई लोग घायल हो गए और कई इमारतें नष्ट हो गईं। इस हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ईरान के परमाणु ठिकानों के खिलाफ अपना सैन्य अभियान जारी रखेगा। दरअसल, नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा कि पिछले 24 घंटों में हमने शीर्ष सैन्य कमांडरों, वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिकों, महत्वपूर्ण संवर्धन सुविधा और उसके बैलिस्टिक मिसाइल शस्त्रागार के एक बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि और भी हमले होने वाले हैं। शासन को नहीं पता कि उन्हें क्या मारा, या क्या मारा जाएगा यह पहले कभी इतना कमजोर नहीं रहा। यही नहीं, ईरान को चेताते हुए नेतन्याहू ने कहा कि ईरानी लोगों के लिए अपने झंडे और ऐतिहासिक विरासत के इर्द-गिर्द एकजुट होने का समय आ गया है, ताकि वे दुष्ट और दमनकारी शासन से अपनी आजादी के लिए खड़े हो सकें। उन्होंने कहा, हम इतिहास के सबसे महान सैन्य अभियानों में से एक ऑपरेशन राइजिंग लायन के बीच में हैं।  इसे भी पढ़ें:- इजरायल हमले को मिला था अमेरिका का सहयोग, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा, बौखलाए ईरान ने कर दी मिसाइल की बौझार  ईरान परमाणु हथियार बना पाता इससे पहले ये हमले जरूरी (Iran Attacks Israel) थे इस आत्मघाती हमले पर इजराइल ने कहा, इससे पहले ईरान परमाणु हथियार बना पाता ये हमले जरूरी (Iran Attacks Israel) थे। खैर, हमलों के बीच इजराइली सेना ने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों में जाने का आग्रह किया है। इस दरम्यान इजराइली सेना ने बताया कि ईरान ने फिर से मिसाइल हमला शुरू कर दिया है। उत्तरी इजराइल और इजराइल के कंट्रोल वाले गोलान हाइट्स में सायरन बजे रहे हैं। लोगों से बम शेल्टर्स में जाने की अपील की गई है। सेना का कहना है कि उसने ईरान से लॉन्च की गई कई मिसाइलों का पता लगाया है। वायुसेना हमलों को नाकाम करने के लिए काम कर रही है। ईरान की तरफ से दूसरे दिन किए गए हमलों में घायल हुए सात लोगों का तेल अवीव के एक अस्पताल में इलाज किया गया। घायलों में एक की हालत गंभीर है। Latest News in Hindi Today Hindi news Iran Attacks Israel #iranattack #israelnews #middleeastconflict #iranvsisrael #nucleardeal #breakingnews #worldnews #globaltensions #iranmissile #israelunderattack

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Aircraft Maintenance Engineering

एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए पाएं यह जरूरी जानकारी

अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उड़ान सुरक्षा को लेकर कई चिंताएं जताई जा रही हैं। इस दुर्घटना में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। आपको बता दें कि विमानों की सुरक्षा और परफॉरमेंस को सुनिश्चित करने के लिए एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वो विमानों की देखभाल और रखरखाव करते हैं। एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) यानी एएमई (AME) में अगर आप अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि इसके लिए आपको एयरक्राफ्ट (Aircraft) इंडस्ट्री में विशेषज्ञता प्राप्त करनी होगी। इसके साथ ही जरूरी लाइसेंस और सर्टिफिकेट प्राप्त करना भी जरूरी है। आइए जानें एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) या एएमई (AME) के बारे में। एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) के बारे में जानें जैसे की पहले ही बताया गया है कि क्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर की जिम्मेदारी होती है विमानों की सुरक्षा को पक्का करना और उसके रखरखाव में मदद करना। एएमई (AME) के मुख्य कार्य इस प्रकार हैं: एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) के लिए कौन से कोर्स किए जाते हैं? अगर आप एएमई (AME) में करियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए यह जानकारी जरूरी है कि आप इसके लिए कौन से कोर्स कर सकते हैं? यह विकल्प इस प्रकार हैं: कहां से करें एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering)? एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) करने के लिए आप डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन द्वारा अप्रूव्ड किसी भी इंस्टिट्यूट से कोर्स पूरा कर सकते हैं। यह कुछ इंस्टिट्यूट इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) के लिए योग्यता इस कोर्स में प्रवेश पाने के लिए कुछ इंस्टिट्यूट एंट्रेंस टेस्ट लेते हैं। उसमें उत्तीर्ण कैंडिडेट्स को इसमें प्रवेश दिया जाता है। कुछ इंस्टिट्यूट मेरिट के अनुसार दाखिला देते हैं। कई इंस्टिट्यूट इसमें लिए इंटरव्यू भी लेते हैं। अगर आप इसके बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं तो आप इन इंस्टीटूट्स की आधिकारिक वेबसाइट्स पर विजिट कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi B.E/B.Tech in Aircraft Maintenance Engineering #aircraftmaintenance #engineeringcareer #aviationjobs #ame #careeropportunities #aviationindustry #technicalcareers

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Gold Price: सोना की बढ़ती कीमत और भारतीय संस्कृति का सुनहरा निवेश

हाल के दिनों में जियो पॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tension)  खासकर इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच सोने की कीमतों (Gold Price) में काफी तेजी देखी जा रही है। देश की राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को सोना 2,200 रुपये की बढ़त के साथ 1,01,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया। यह लगातार तीसरा दिन रहा जब सोने की कीमतों (Gold Price) में तेजी देखी गई। इस उतेजी के साथ ही अब यह चर्चा होने लगी है कि क्या आने वाले महीनों में सोने की कीमतें सवा लाख रुपये प्रति 10 ग्राम या उससे भी अधिक तक पहुंच सकती हैं?  सोने की कीमतों में उछाल के पीछे का कारण व्यापार से जुड़े जानकारों की मानें तो सोने की कीमतों में तेज़ी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण है मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव। इजराइल द्वारा ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटी (Iran’s Nuclear Facility) पर किए गए सैन्य हमले ने वैश्विक बाजारों में डर और अनिश्चितता का माहौल बना दिया है। ऐसे संकटपूर्ण समय में निवेशक आमतौर पर सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश करते हैं और सोना सदियों से ‘सेफ हेवन’ यानी सुरक्षित निवेश (Safe Investment) के रूप में जाना जाता रहा है। इसी वजह से सोने की मांग में तेजी से बढ़ी और सोने की कीमतों (Gold Price) में उछाल आया। इसके अलावा अमेरिका में हाल ही में जारी महंगाई दर के आंकड़े अपेक्षा से कम रहे, जिससे यह संभावना बनी कि अमेरिका का फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। जब ब्याज दरें गिरती हैं, तो डॉलर कमजोर होता है और सोना मजबूत होता है। इससे निवेशक ब्याज न देने वाले लेकिन स्थिर रिटर्न देने वाले साधनों की ओर रुख करते हैं, जिससे भी सोने की कीमतों को बल मिला। आने वाले 12 महीनों में क्या होगा? विश्व स्तर पर भी सोने के भविष्य को लेकर सकारात्मक अनुमान लगाए जा रहे हैं। बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) का अनुमान है कि अगले एक वर्ष में सोने की कीमतें 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच सकती हैं। वहीं, गोल्डमैन सैक्स ने भी अपना अनुमान दोहराते हुए कहा है कि वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा आक्रामक गोल्ड खरीदारी की वजह से यह 2025 के अंत तक 3,700 डॉलर और 2026 तक 4,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। हालांकि व्यापार से जुड़े कुछ जानकारों की मानें तो इजराइल-ईरान संघर्ष के बावजूद वैश्विक तेल आपूर्ति में फिलहाल कोई बड़ा व्यवधान नहीं होगा। इसके बावजूद जियो पॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tension) और आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति में सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं। इसे भी पढ़ें:- पति की लंबी आयु के लिए रखें ये शुभ व्रत और करें ये उपाय भारत में सोने का सांस्कृतिक और निवेश से जुड़े महत्व भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं है, यह भावनाओं, परंपराओं और आस्थाओं से जुड़ा हुआ है। शादियों से लेकर त्योहारों तक, सोना भारतीय समाज का अहम हिस्सा रहा है। धनतेरस, अक्षय तृतीया जैसे अवसरों पर सोने की खरीद (Gold Price) शुभ मानी जाती है। ग्रामीण भारत में तो सोना अक्सर संपत्ति के रूप में संचित किया जाता है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर बेचा या गिरवी रखकर आर्थिक मदद ली जा सकती है। निवेश के नजरिए से देखें तो सोना हमेशा ही एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प रहा है। जब शेयर बाजार अस्थिर होते हैं या महंगाई बढ़ती है, तब सोने में निवेश एक स्थायी रिटर्न का साधन बन जाता है। यही कारण है कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता है। इजराइल-ईरान संघर्ष (Israel-Iran Tension) के चलते बनी वैश्विक अनिश्चितता, अमेरिका की मौद्रिक नीति और निवेशकों की मानसिकता के कारण सोने की कीमतों (Gold Price) में तेजी जारी रहने की संभावना है। आने वाले 12 महीनों में यह 1.25 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है। भारत जैसे देश में, जहां सोने का धार्मिक, सामाजिक और निवेश के दृष्टिकोण से गहरा महत्व है, यह तेजी केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Latest News in Hindi Today Hindi news Gold Price #goldprice #indianinvestment #goldmarket #goldvalue #indianculture #goldrate #goldtrend2025 #goldnews

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Avoid sharing these 4 dreams

इन 4 सपनों को किसी से न करें साझा, वरना बन सकता है नुकसान का कारण

हमारे शास्त्रों, पुराणों और विशेष रूप से स्वप्न शास्त्र (Dream Science) में सपनों को महज एक मानसिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य के संकेतों के रूप में देखा गया है। मान्यता है कि हमारे सपने कई बार ईश्वर या ब्रह्मांड द्वारा दिए गए संकेत होते हैं जो हमें चेतावनी, शुभ समाचार या दिशा देने के लिए आते हैं। लेकिन इन सपनों का प्रभाव केवल इस बात पर निर्भर नहीं करता कि हमने क्या देखा, बल्कि इस पर भी होता है कि हम उसके बारे में दूसरों से कैसा व्यवहार करते हैं। कुछ सपने (Dream) ऐसे होते हैं जिन्हें किसी से भी साझा नहीं करना चाहिए। ये सपने भले ही शुभ प्रतीत हों, लेकिन अगर इन्हें गलत समय या गलत व्यक्ति से साझा किया जाए, तो उसका लाभ खत्म हो सकता है और उसका असर उल्टा भी पड़ सकता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार कुछ सपने बेहद शुभ संकेत होते हैं, लेकिन उन्हें दूसरों से बताना लाभ को हानि में बदल सकता है। आइए जानते हैं ऐसे ही 4 सपनों के बारे में जिन्हें भूलकर भी किसी से नहीं कहना चाहिए। 1. भगवान के दर्शन सपने में भगवान का दर्शन होना बड़ी कृपा और शुभ संकेत माना जाता है, जो यह बताता है कि आपकी परेशानियां जल्द ही खत्म होने वाली हैं। लेकिन अगर इस पवित्र सपने को आप किसी के साथ साझा कर देते हैं, तो उसकी आध्यात्मिक शक्ति कमजोर पड़ सकती है और आपकी समस्याओं का समाधान देर से हो सकता है। इसलिए ऐसे सपनों को अपने तक ही रखना ही बेहतर होता है। 2. देवी-देवताओं का दर्शन अगर सपने में आप खुद को किसी राजा या उच्च पदाधिकारी के रूप में देखते हैं, तो यह आपके जीवन में बड़ी जिम्मेदारियों और सफलता के आने का संकेत है। यह सपना आपकी बढ़ती आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक भी है। लेकिन यदि आपने इस सपने को दूसरों के साथ साझा कर दिया, तो संभव है कि कोई आपकी योजनाओं में बाधा डालने की कोशिश करे या आपकी महत्वाकांक्षाओं को कमतर दिखाने का प्रयास करे। इसलिए ऐसे सपनों को गुप्त रखना ही बेहतर होता है। 3. फूलों से भरा बगीचा सपने (Dream Science) में रंगीन फूलों से भरा हुआ बगीचा दिखना बहुत शुभ माना जाता है, यह आपके जीवन में आने वाली खुशियों और अच्छे समाचारों का संकेत देता है। परंतु यदि आप इस सपने को दूसरों के साथ साझा कर देते हैं, तो वह आनंद या शुभ परिणाम किसी कारणवश रुक सकता है या उसकी दिशा बदल सकती है। इसलिए इस प्रकार के सपनों को भी गुप्त रखना बेहतर होता है। 4. चांदी से भरा कलश अगर आपको सपने में चांदी से भरे कलश दिखाई दें, तो यह आपके जीवन में धन, सुख और समृद्धि के आने का संकेत होता है। हालांकि, शास्त्रों के अनुसार जब तक यह सपना पूरी तरह साकार न हो जाए, तब तक इसे किसी से बताना शुभ नहीं माना जाता क्योंकि इससे इसका शुभ फल प्रभावित हो सकता है। इसे भी पढ़ें:- पति की लंबी आयु के लिए रखें ये शुभ व्रत और करें ये उपाय ऐसे सपनों का जिक्र क्यों नहीं करना चाहिए? शास्त्रों के अनुसार कुछ सपनों में छुपी ऊर्जा बहुत ही संवेदनशील और महत्वपूर्ण होती है। यदि आप उन्हें किसी के साथ साझा कर देते हैं, तो उस ऊर्जा की ताकत कम हो सकती है। कभी-कभी सामने वाला व्यक्ति आपकी बातों को हल्के में लेकर उनका मजाक भी बना सकता है, जिससे उन शुभ संकेतों का प्रभाव नकारात्मक हो सकता है। इसलिए, जब तक वह सपना पूरा न हो जाए, तब तक चुप रहना और उसे गुप्त रखना ही बुद्धिमानी होती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Dream Science #dreams #dreaminterpretation #spiritual #psychology #badluck #secret #lifeadvice #positivity #wellbeing #mindpower

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