Pakistani soldiers killed

बलूचिस्तान में भीषण जंग, BLA लड़ाकों के हमले में 23 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 9 बलूच लड़ाकों की भी मौत

भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन के युद्ध के बाद भले ही युद्धविराम हो गया हो, लेकिन पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर बलूच विद्रोहियों का हमला लगातार जारी है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर से बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर बड़ा हमला बोला है। बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में बलूच विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले में पाकिस्तानी सेना के 23 जवान मारे गए हैं। साथ ही इस मुठभेड़ में बलूच लिबरेशन आर्मी के भी 9 लड़ाकों की मौत हुई है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के प्रवक्ता जायंद बलूच ने इस संबंध में एक बयान जारी कर बताया कि एक बड़ी मुठभेड़ गोनी पारा इलाके में हुई। यहां पर पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) को अपने सैनिकों की मदद के लिए हेलीकॉप्टर से कमांडो तक उतारने पड़ गए।  मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के अब तक 23 जवानों की हो चुकी है मौत  बीएलए (BLA) प्रवक्ता ने बताया कि उनके लड़ाके मस्तंग के इलाकों में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जिससे सेना के साथ मुठभेड़ भी तेज हो रही है। इस इलाके में मंगलवार से भी बीएलए (BLA) लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच झड़प हो रही है और अब तक 8 पाकिस्तानी सैनिक मारे जा चुके हैं और कई घायल हैं। इसके अलावा गोनी पारा समेत दूसरे इलाकों में भी तेज झड़प हो रही है। बीएलए प्रवक्ता ने दावा किया है कि मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के अब तक 23 जवानों की मौत हो चुकी है और उसके सैकड़ों सैनिक घायल हैं। दोनों तरफ से भारी गोलाबारी अभी भी जारी है।  बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर पड़ रहे हैं भारी  बता दें कि बलूचिस्तान में अलगाववादी सशस्त्र समूहों ने 6 जून से अपनी लड़ाई तेज कर दी है। ये लड़ाके मस्तंग इलाके में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। इन लड़ाकों को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना ने भारी संख्या में अपने जवानों को उतारा है, लेकिन इसके बाद भी बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर  भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों बलूच लड़ाकों ने बलूचिस्तान के कई शहरों पर धावा बोलकर कब्जा जमा लिया था। साथ ही कई हाईवे को भी बंद कर दिया। इससे तिलमिलाई पाकिस्तानी सेना ने बलूच नागरिकों पर हमला किया और कई नागरिकों को अपने साथ उठा ले गई। बलूच नागरिक समूहों का दावा है कि पाकिस्तानी सेना ने पासनी और दश्त बालनिगोर जिले में छापेमार कार्रवाई करते हुए 9 बलूच लोगों को उठा ले गई, जो अब लापता हैं।  बलूचिस्तान में बलूच लोगों को पाकिस्तानी सेना द्वारा जबरन उठा ले जाना और फिर उन्हें गायब कर देना बड़ी समस्या रही है। यहां के हजारों लोग कई सालों से गायब हैं, जिसका सीधा आरोप पाकिस्तानी सेना पर है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे ये लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर लगातार कर रहे हैं हमले  मानवाधिकार संगठन पाकिस्तानी सेना पर नागरिकों, छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गायब करने का आरोप लगाते हैं। पाकिस्तानी सेना के इस क्रूर कार्रवाई के कारण ही बलूचिस्तान में विद्रो हो रहा है। बलूचिस्तान में हजारों लोग अब हथियार उठा चुके हैं और पाकिस्तानी सेना से लड़ रहे। इस लड़ाई में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं, लेकिन बीएलए के लड़ाके हार मानने को तैयार नहीं। पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे ये लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर लगातार हमले कर रहे हैं। जिसकी वजह से इस राज्य में पाकिस्तान की पकड़ अब बेहद कमजोर हो चुकी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news बलूचिस्तान #balochistan #blaattack #pakistaninews #soldierskilled #balochfighters #breakingnews #pakistanviolence #conflictupdate #worldnews

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सोनम की साजिश को प्यार समझता रह गया राजा… जो-जो पत्नी कहती गई, वो-वो करता गया, फिर मिली… 

इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) और सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuwansh) की नई-नई शादी हुई थी। रिश्ता नया था, लेकिन इसमें भरोसा था, समर्पण था और था ऐसा प्यार जिसमें इंकार का कोई जगह नहीं थी। सोनम जो भी कहती, राजा वही करता। राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) को अपनी पत्नी सोनम पर इतना विश्वास था की, वह हर बात आंख बंद कर मानता था और शायद यही गलती राजा के जिंदगी की सबसे बड़ी गलती बन गई। शादी के बाद हनीमून पर कहां जाना है, कब जाना है, कौन से रास्ते से कहां-कहां जाना है, कहां रूकना है….यह सभी फैसले सोनम ही लेती थी और राजा सोनम के हर फैसले को सिर झुकाकर मंजूरी देता रहा। दरअसल, राजा को पता ही नहीं था कि वह अपनी पत्नी की प्यारी-प्यारी बातों में फंस कर जो हां में हां कर रहा है, वह एक ऐसी साजिश का हिस्सा है, जो उसे मौत के मुंह में ले जाएगा।  दोनों का रिश्ता रघुवंशी समाज के शादी शाखा के माध्यम से हुआ था राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) ट्रांसपोर्ट कारोबारी के घर का था। परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई और भाभी हैं। राजा भी अपने भाईयों के साथ मिलकर परिवार का कारोबार संभालता था। वहीं, इंदौर के ही कुशवाह नगर की रहने वाली सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuwansh) भी कारोबारी परिवार से है। दोनों का रिश्ता रघुवंशी समाज के शादी शाखा के माध्यम से हुआ। इस रिश्ते से दोनों परिवार खुश थे। दोनों का 11 मई 2025 को धूमधाम से शादी हुई। इस शादी की तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें दोनों ही बेहद खुश दिखाई दे रहे हैं। राजा की मां उमा रघुवंशी ने बताया कि शादी के बाद सोनम अपने ससुराल आई थी, लेकिन मात्र चार दिन बाद ही वह वापस मायके लौट गई। घर वालों ने कहा कि बहू को बुला लें, लेकिन सोनम की मां ने कहा कि जून में भेजेंगे।  शॉर्टकट रास्ता बना राजा के मौत का रास्ता  राजा की मां उमा रघुवंशी ने बताया कि शादी के बाद से राजा अपने काम में काफी व्यस्त था। उसका मन अभी हनीमून पर जाने का नहीं था, लेकिन सोनम (Sonam Raghuwansh) हनीमून पर जाने की जिद्द पर अड़ी थी। एक दिन सोनम का फोन आया कि हनीमून पर हम शिलांग चलते हैं, उसने बिना राजा को बताए जाने का टिकट भी करा लिया था। लेकिन इसके बाद भी राजा मान गया। यह पहला संकेत था कि अपनी पत्नी सोनम की बात राजा टालना नहीं चाहता। राजा के परिवार वालों के मुताबिक, राजा को सोना-चांदी के आभूषण पहनना पसंद नहीं था, लेकिन सोनम ने कहा कि सोने की चेन और अंगूठी पहनकर चलो और राजा ने सोनम की बात ली। इसके अलावा सोनम ने राजा को जो-जो कपड़े लाने को कहे, राजा वो-वो कपड़े ले गया। साथ ही सोनम के ही कहने पर राजा करीब 50 हजार रुपये कैश ले गया।  इसे भी पढ़ें:- सोनम रघुवंशी ने ही कराई थी अपने पति राजा की हत्या, गाजीपुर पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण  सोनम ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी और शव गहरी घाटी में फेंक दिया दोनों 20 मई को प्लेन से मेघालय गए थे और 24 मई को नोंगरीहाट गांव घूमने गए। यहां पर राजा ने आखिरी बार अपनी मां से फोन पर बात की थी और बताया था कि सोनम उसे जंगल के रास्ते झरना दिखाने ले जा रही है। इस रास्ते पर हमारे अलावा कोई नहीं है, लेकिन सोनम कह रही है कि यह शॉर्टकट रास्ता है और हम जल्दी पहुंचेंगे। राजा को जंगल और सूनसान जगह से डर लगता था, लेकिन इसके बाद भी वह अपनी पत्नी की बात मान ऐसे रास्ते पर चल पड़ा था। अब जब पूरा हत्याकांड का खुलासा हो चुका है तो पता चला कि दरअसल, वो शॉर्टकट रास्ता असल में राजा के मौत का रास्ता था। सोनम ने इसी रास्ते पर अपने दोस्तों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी और शव गहरी घाटी में फेंक दिया। काश… राजा ने सोनम की हर बात आंक बंद करके न मानी होती तो शायद उसकी जान बच जाती।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sonam Raghuwansh #lovebetrayal #conspiracytwist #emotionaldrama #relationshipsuspense #sonamlovetrap #kingstory #blindlove #emotionaltwist

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Curfew in LA as Violence Erupts

Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump: अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील

अमेरिका में मचा बवाल है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों के बढ़ते हिंसक प्रदर्शन को देख लॉस एंजिलिस में कर्फ्यू लगा दिया गया है। दरअसल, इमिग्रेशन कानूनों को लागू करने को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को लॉस एंजिलिस में 4000 नेशनल गार्ड सैनिकों और 700 मरीन की तैनाती का आदेश दिया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) था। इसके बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले लिया। इस प्रदर्शन में लूटमार की भी घटनाएं दर्ज की गई है। कैलिफोर्निया सहित अमेरिक में बड़े शहरों में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार की रात डलास और ऑस्टिन में, पुलिस ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प की। टेक्सास स्टेट कैपिटल के पास भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि लॉस एंजिल्स में स्थिति बिगड़ रही है और अप्रवासियों के प्रवर्तन का समर्थन करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए संघीय बलों की आवश्यकता है।  तोड़फोड़ व लूटपाट को रोकने के लिए लॉस एंजिलिस के डाउनटाउन में जारी किया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) है कर्फ्यू  इस बीच कई दिनों से जारी हिंसक घटनाओं के बीच लॉस एंजिलिस की मेयर कैरेन बास ने मंगलवार को कर्फ्यू लगाने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से छापेमारी बंद करने को कहा है। मीडिया को संबोधित करते हुए मेयर ने कहा कि मैंने स्थानीय आपातकाल की घोषणा की है और तोड़फोड़ व लूटपाट को रोकने के लिए लॉस एंजिलिस के डाउनटाउन में कर्फ्यू जारी किया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) है। यही नहीं अपने संबोधन में उन्होंने आगे कहा कि मैं डोनाल्ड ट्रंप से छापेमारी बंद करने का आह्वान करती हूं। मेयर ने बताया, कर्फ्यू मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि कर्फ्यू शहर के 1 वर्ग मील क्षेत्र में लागू रहेगा। जिसमें वह क्षेत्र भी शामिल है, जहां शुक्रवार से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मेयर के मुताबिक शहर के 23 व्यवसायिक स्थलों पर लूटपाट की घटना रिपोर्ट की गई है। उन्होंने कहा कि हम एक महत्वपूर्ण बिंदु पर पहुंच गए हैं।  इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात  मीडिया या सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन अधिकारी (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) सहित इनपर नहीं लागू होगा कर्फ्यू  इस बीच ध्यान देने वाली बात यह कि जैसे ही कर्फ्यू लागू होने की घोषणा हुई वैसे ही पुलिस के एक हेलीकॉप्टर को संघीय भवनों के ऊपर से उड़ते हुए देखा गया। लोगों को तत्काल इलाका छोड़ने को आदेश दिया गया है। इस दौरान कई समूह कर्फ्यू के उल्लंघन की योजना बना रहे हैं। लॉस एंजिलिस पुलिस के प्रमुख ने बताया कि कर्फ्यू उन लोगों पर लागू नहीं होगा, जो चिह्नित इलाकों में रहते हैं या जो बेघर हैं अथवा मीडिया या सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन अधिकारी (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) हैं। बता दें कि नेशनल गार्ड के पास अधिकारियों पर हमला करने वाले लोगों को अस्थायी रूप से हिरासत में लेने का अधिकार है, लेकिन कोई भी गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा ही की जाएगी। इस बीच ट्रंप के निर्देश के अनुसार मंगलवार को सैकड़ों अमेरिकी मरीन लॉस एंजिल्स क्षेत्र में जा पहुंचे। फिर क्या था, उनकी उपस्थिति देख सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कहने की जरूरत नहीं इस प्रदर्शन ने डेमोक्रेटिक नेताओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। जारी हिंसा के बीच कैलिफोर्निया के सीनेटर एडम शिफ और एलेक्स पैडीला ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा, सैन्य कर्मियों को केवल सबसे चरम परिस्थितियों के दौरान तैनात किया जाना चाहिए और यहां ऐसा नहीं है। Latest News in Hindi Today Hindi news Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump #losangeles #violence #curfew #mayorappeal #trump #protests #breakingnews #usa

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Central Bank of India recruitment 2025

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा निकाली एप्रेंटिस पोस्ट्स (Apprentice Posts by Central Bank of India): पाएं जानकारी

अगर आप इसके लिए आवेदन भेजना चाहते हैं, तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि यह प्रोसेस 7 जून 2025 से शुरू हो चुकी है और इसके लिए अंतिम तिथि 23 जून 2025 है। इसके बाद आप इसके लिए अप्लाई नहीं कर पाएंगे। एप्रेंटिस पोस्ट्स (Apprentice Posts) के लिए ऑनलाइन आसानी से अप्लाई किया जा सकता है।  एजुकेशनल क्वालिफिकेशन सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा निकाली एप्रेंटिस पोस्ट्स (Apprentice Posts by Central Bank of India) के लिए वैकेंसीज निकाली हैं, जिसके लिए कैंडिडेट्स के पास किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या इंस्टिट्यूट से बैचलर डिग्री या इसके समान डिग्री होना जरूरी है। इसके साथ ही इसके लिए कैंडिडेट का एनएटीएस पोर्टल पर रजिस्टर होना भी अनिवार्य है। आयु सीमा एप्रेंटिस पोस्ट्स (Apprentice Posts) के लिए आवेदन भेजने से पहले यह जान लें कि इसके लिए मिनिमन एजलिमिट 20 साल और मैक्सिमम एजलिमिट 28 साल निर्धारित की गई है। आरक्षित श्रेणी के लोगों के लिए इसमें कुछ छूट दी गई है, जिसके बारे में आपको पूरी जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी। वेकेंसीज एप्रेंटिस पोस्ट्स (Apprentice Posts) के लिए हर राज्य और यूटी से भर्ती की जाएगी। इसके लिए सबसे अधिक भर्तियां महाराष्ट में की जाएगी, जिनकी संख्या 586 है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश से 580, मध्य प्रदेश से 459, बिहार से 433 और गुजरात से 305 पदों को भरा जाएगा। आप अपने राज्य या यूटी में इससे सम्बन्धित पूरी जानकारी इसकी ऑफिशियल वेबसाइट से पा सकते हैं। ध्यान रहे कि चयन के लिए सबसे पहले लिखित परीक्षा होगी जो ऑनलाइन ली जाएगी। इसके बाद कैंडिडेट्स की स्थानीय भाषा की परीक्षा ली जाएगी। फीस  अगर आप सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की एप्रेंटिस पोस्ट्स (Apprentice Posts) के लिए आवेदन भरना चाहते हैं, तो इसकी फीस के बारे में भी थोड़ा जान लें, जो इस प्रकार है: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक कैसे करें अप्लाई नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi #centralbankofindia #apprenticeposts #bankjobs #governmentjobs #jobnotification #recruitment2025 #careers #cbijobs #indiagovernmentjobs #latestvacancy

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Goddess Lakshmi tips,

नहीं टिकता पैसा? हो सकता है घर में ये 7 आदतें कर रही हों मां लक्ष्मी को नाराज

हमारे समाज में धन की प्राप्ति और उसकी सुरक्षा को लेकर बहुत से लोग चिंतित रहते हैं। कई बार ऐसा होता है कि मेहनत करके कमाया गया पैसा कुछ ही समय में खत्म हो जाता है और आर्थिक स्थिति कमजोर होने लगती है। ऐसे में यह सोचना स्वाभाविक है कि कहीं घर में कोई ऐसी आदतें या काम तो नहीं हो रहे, जो मां लक्ष्मी को नाराज कर रहे हैं। धन की देवी मां लक्ष्मी के आशीर्वाद के बिना समृद्धि पाना मुश्किल है। इसलिए जरूरी है कि हम घर में कुछ खास बातों का ध्यान रखें, जिससे धन की हानि से बचा जा सके। आइए जानते हैं वे 7 काम जो घर में मां लक्ष्मी को नाराज कर सकते हैं और जिससे आपका पैसा टिकता नहीं। 1. घर की सफाई और व्यवस्था में लापरवाही मां लक्ष्मी साफ-सफाई को बहुत महत्व देती हैं। अगर घर में नियमित सफाई नहीं होती, फर्श पर धूल जमी रहती है, या बाथरूम और रसोई गंदे होते हैं, तो ऐसी जगह मां लक्ष्मी निवास नहीं करतीं। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलती है और धन आने के बाद भी टिकता नहीं। इसलिए सुबह-शाम झाड़ू-पोंछा कर घर को स्वच्छ बनाए रखना आवश्यक है। 2. सुबह देर तक सोना सुबह सूरज उगने के बाद भी देर तक सोना आलस्य का प्रतीक माना जाता है, जिससे मां लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होतीं। इसलिए जल्दी उठकर स्नान करना और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना बहुत जरूरी है। इसके अलावा, शाम के वक्त सोना भी घर की ऊर्जा को कम कर देता है, जो धन की प्राप्ति में बाधा उत्पन्न कर सकता है। 3. पैसे की बर्बादी और अनावश्यक खर्च अगर बिना सोच-विचार के फिजूलखर्ची होती है, तो धन का टिकना मुश्किल होता है। बजट बनाएं और जरूरत के अनुसार ही खर्च करें। बचत को प्राथमिकता दें और निवेश में समझदारी बरतें। मां लक्ष्मी को आर्थिक समझदारी और बचत करने वाला व्यक्ति बहुत प्रिय होता है। 4. खराब ऊर्जा और नकारात्मक माहौल घर में लगातार लड़ाई-झगड़ा, नकारात्मक बातें, और तनाव का माहौल मां लक्ष्मी को पसंद नहीं आता। ऐसे माहौल में सकारात्मक ऊर्जा का अभाव होता है, जिससे धन की वृद्धि नहीं होती। इसलिए घर में प्रेम, सद्भाव और सुख-शांति बनाए रखें। 5. घर में टूटा-फूटा सामान रखना यदि घर में टूटे हुए बर्तन, घड़ी, शीशे या फर्नीचर रखा हो, तो यह गरीबी और दरिद्रता का कारण बन सकता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, ऐसी टूटी-फूटी चीजें नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती हैं और धन घर में टिकता नहीं। इसलिए इन चीजों को तुरंत हटा देना या मरम्मत करवा लेना चाहिए। 6. पूजा स्थल की उपेक्षा मां लक्ष्मी को पूजा स्थल की स्वच्छता और पवित्रता बहुत प्रिय है। यदि घर के मंदिर या पूजा स्थल पर गंदगी हो, धूल जमा हो या दीपक-दीया जलाया न जाए, तो इसे अशुभ माना जाता है। इसलिए पूजा स्थान को हमेशा साफ-सुथरा रखना और रोजाना दीपक जलाना आवश्यक है, ताकि देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहे। 7. रात भर जूठे बर्तन छोड़ना रात के खाने के बाद बर्तनों को तुरंत धो देना चाहिए। अगर जूठे बर्तन रात भर सिंक में पड़े रहते हैं, तो इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलती है और घर की खुशहाली कम हो जाती है। मां लक्ष्मी गंदगी और आलस्य से नाखुश होती हैं। सुबह जब कोई व्यक्ति उठता है और सामने पहला नज़ारा गंदगी का होता है, तो उसका पूरा दिन प्रभावित होता है। इसे भी पढ़ें:- पति की लंबी आयु के लिए रखें ये शुभ व्रत और करें ये उपाय मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए सूर्योदय से पहले उठना बेहद शुभ माना जाता है।धन की देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए घर में हमेशा साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि गंदगी वाले स्थान पर कभी भी मां लक्ष्मी का वास नहीं होता।मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए घर में श्रीयंत्र स्थापित करके उसकी नियमित पूजा और श्रीसूक्त का पाठ करना चाहिए।मां लक्ष्मी को कमल के फूल बहुत प्रिय हैं, इसलिए पूजा में इसे अवश्य चढ़ाना चाहिए।उनकी पूजा में मां लक्ष्मी की पसंदीदा वस्तुएं जैसे शंख, कौड़ी, मखाना, और खीर आदि का भी अर्पण करना शुभ होता है।इसके अलावा, घर में तुलसी का पौधा लगाकर उसकी नियमित सेवा और पूजा करने से भी मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। Latest News in Hindi Today Hindi news लक्ष्मी #wealth #lakshmi #financialtips #vasthu #moneyhabits #positivity #prosperity #hindubeliefs #moneyenergy #richlife

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इस वजह से रात में होते हैं ज़्यादातर हिंदू विवाह?

विवाह भारतीय संस्कृति का एक अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण संस्कार है, जिसे सिर्फ दो आत्माओं का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों और उनकी परंपराओं का संगम माना जाता है। भारत में विवाह से जुड़े कई रीति-रिवाज, मान्यताएं और परंपराएं हैं, जो सदियों से चली आ रही हैं। इन्हीं में से एक परंपरा है—रात्रिकाल में विवाह संपन्न करना। अक्सर देखा जाता है कि हिंदू विवाह की मुख्य रस्में—जैसे फेरों का आयोजन—रात के समय होते हैं। पर क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर शुभ विवाह अधिकतर रात में ही क्यों होते हैं? इसके पीछे सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि खगोलीय, सामाजिक और सांस्कृतिक कारण भी हैं। धार्मिक मान्यता और शास्त्रीय आधार हिंदू धर्म में सूर्य और चंद्रमा को प्रत्यक्ष देवताओं के रूप में पूजा जाता है, और विवाह जैसे पवित्र संस्कार में इन्हीं को साक्षी मानने की परंपरा है। सूर्य जहां अग्नि और ऊर्जा के प्रतीक हैं, वहीं चंद्रमा शांति, भावनात्मक गहराई और सौम्यता का प्रतीक माने जाते हैं। माना जाता है कि एक सफल और मधुर वैवाहिक जीवन के लिए चंद्रमा जैसे गुणों का होना बेहद आवश्यक है, इसीलिए विवाह मुख्य रूप से चंद्रमा को साक्षी मानकर रात्रि में सम्पन्न किया जाता है। रात के समय आकाश में ध्रुव तारा दिखाई देता है, जो पति-पत्नी के अटूट और स्थायी संबंधों का प्रतीक माना जाता है। विवाह के दौरान वर-वधू इस तारे को साक्षी मानकर अपने दांपत्य जीवन की शुरुआत करते हैं। प्राचीन काल में विवाह एक विस्तृत प्रक्रिया होती थी, जिसमें दिनभर की रस्मों और पूजा-पाठ के बाद रात में मुख्य विधि—जैसे फेरे—संपन्न की जाती थी। यह परंपरा आज भी खासकर उत्तर भारत में जीवित है। रात के समय वातावरण अपेक्षाकृत शांत और स्वच्छ होता है, जिससे मंत्रों और अनुष्ठानों पर ध्यान केंद्रित करना आसान होता है। इसके अलावा, गर्मियों में दिन का समय अधिक गर्म होता है, जबकि रात को मौसम ठंडा और आरामदायक होता है, जिससे विवाह की सारी गतिविधियाँ सहज रूप से संपन्न हो पाती हैं। इस प्रकार रात्रिकालीन विवाह न केवल धार्मिक और खगोलीय दृष्टि से महत्व रखता है, बल्कि व्यावहारिक कारणों से भी यह अधिक उपयुक्त माना जाता है। अग्नि के समक्ष सात फेरे ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह जैसे पवित्र संस्कार को हमेशा श्रेष्ठ मुहूर्त में ही संपन्न करने की सलाह दी जाती है। जब विवाह की रस्में रात्रिकाल में शुरू होती हैं, तब उसका सबसे महत्वपूर्ण चरण—फेरे—भी उसी समय होते हैं। ऐसा विश्वास है कि यदि फेरे ध्रुव तारे को साक्षी मानकर लिए जाएं, तो वह संबंध जन्म-जन्मांतर तक अटूट बना रहता है। चूंकि ध्रुव तारा रात में ही स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, इसलिए ज्योतिषाचार्य विवाह की मुख्य रस्में रात में करने की सलाह देते हैं। यही कारण है कि अधिकतर हिंदू शादियां रात्रिकाल में ही आयोजित की जाती हैं, ताकि यह पवित्र बंधन ध्रुव तारे की स्थायित्व और दृढ़ता का आशीर्वाद प्राप्त कर सके। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक क्या दिन में भी हो सकती हैं शादियां? जानिए शास्त्रों की मान्यता शास्त्रों के अनुसार, अधिकतर शुभ कार्यों को दिन में करना उत्तम माना गया है, और इसी आधार पर विवाह जैसे पवित्र संस्कार को भी दिन में संपन्न किया जा सकता है। ऐसा कोई कठोर नियम नहीं है कि शादियां केवल रात्रि में ही होनी चाहिए। यदि हम पुराणों की कथाओं पर गौर करें, तो पाते हैं कि माता सीता और द्रौपदी का स्वयंवर दिन के समय ही हुआ था। इससे यह स्पष्ट होता है कि दिन में विवाह करना भी पूरी तरह से शुभ और धार्मिक दृष्टि से उचित है। हालांकि, वैदिक ज्योतिष के अनुसार विवाह के लिए अनुकूल मुहूर्त अधिकतर रात के समय बनते हैं, इसलिए रात्रिकाल में विवाह की सलाह दी जाती है। परंतु जब दिन में उचित मुहूर्त उपलब्ध हो, तब भी विवाह समारोह पूर्ण श्रद्धा और विधिपूर्वक संपन्न किया जा सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi विवाह #hinduwedding #nightwedding #indiantraditions #weddingtiming #astrology #hinduculture #marriagerituals

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Kumbh stampede 2025

Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire: महाकुंभ भगदड़ पर चौतरफा घिरी योगी सरकार, हाईकोर्ट ने दागे बड़े सवाल

उत्तर प्रदेश स्थित प्रयागराज में 114 साल बाद लगे महाकुंभ का आयोजन और समापन दोनों बड़े धूमधाम से हुआ। लेकिन महाकुंभ के इस आयोजन में हुई भगदड़ में कई लोगों के जानमाल का नुकसान हुआ था। सूबे की योगी सरकार के मुताबिक इस भगदड़ में 37 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। लेकिन एक मीडिया ने अपनी जाँच पड़ताल में 82 लोगों की मौत का दावा किया। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि महाकुंभ भगदड़ में 37 लोग मरे थे या फिर 82? दरअसल, योगी सरकार की ओर से बताया गया था कि भगदड़ में कुल 37 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, लेकिन मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि कम से कम 82 लोगों मारे गए थे। खैर, अब इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट भी योगी सरकार से तीखे सवाल (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) पूछ चुका। यही नहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इस मामले पर सवाल उठा चुके हैं।  प्रशासन ने भगदड़ में जान गंवाने वाले परिजनों को मुआवजा देने का किया (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) था वादा  ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि इस मामले में पत्रकार और विपक्ष ही नहीं बल्कि अदालत भी योगी सरकार को फटकार लगा चुकी हैं। अभी दो दिन पहले ही इसी मामले पर सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की काफी क्लास लगाई थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार और प्रशासन ने भगदड़ में जान गंवाने वाले परिजनों को मुआवजा देने का वादा किया (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) था। यह तो ठीक, लेकिन इस इल्जाम यह कि अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका है। मामला जब इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष पहुंचा, तो उन्होंने सरकार के ढुलमुल रवैये को ठीक न मानते हुए इसे नागरिकों की तकलीफ के प्रति उदासीन रुख बताया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने इस मामले में सख्त टिप्पणी की। दरअसल, उदय प्रताप सिंह नामक एक याचिकाकर्ता द्वारा याचिका में कहा गया था, याचिककर्ता की पत्नी सुनैना देवी की कुंभ भगदड़ में गंभीर चोट लगने से मौत हो गई थी। सुनैना देवी की तब उम्र 52 साल से कुछ ज्यादा थी।  28 और 29 जनवरी की दरमियानी रात मची भगदड़ में सरकार ने 30 लोगों की मौत (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) का दावा किया था।  मामल संज्ञान में आते ही अदालत ने कहा, जब सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की बात कही थी, तो फिर सरकार को इसे पूरा करना था। कोर्ट ने साफ कहा था कि ऐसे मामलों में नागरिकों की कोई गलती नहीं होती। गौरतलब हो कि 28 और 29 जनवरी की दरमियानी रात प्रयागराज में भगदड़ हुआ था। इसमें तब सरकार ने माना था कि 30 लोगों की मौत हुई (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) है। जिसे बाद में सरकार 37 तक मानने पर सहमत हुई थी। सरकार ने मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये देने का वादा किया था पर ये अब पीड़ित परिवारों को नहीं दिया गया है। कोर्ट ने मामले में चिकित्सा संस्थानों, जिला प्रशासन और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एक ऐसा हलफनामा दाखिल करें, जिसमें 28 जनवरी को मरने वाले सभी मृतकों और मरीजों का ब्यौरा शामिल हो। यही नहीं, अदालत ने उन सभी डॉक्टरों का की जानकारी भी मांगी है, जिन्होंने घायलों का इलाज किया।  और इलाज के बाद जो मृत घोषित किए गए। कहने की जरूरत नहीं, अगर इस तरह से अदालत के हस्तक्षेप के बाद डॉक्टर और प्रशासन की और तफसील से जानकारी सामने आती है तो मृतकों और घायलों के बारे में और अधिक जानकारी सामने आएगी।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक अदालत ने इसे सरकारी संस्थानों की एक गंभीर चूक माना (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) था इस मामले में याचिकाकर्ता का कहना था कि उनकी पत्नी के शव का न तो पोस्टमार्टम हुआ और न ही उनके परिवार को ये जानकारी दी गई कि महिला कब, किस हालत में अस्पताल ले जाई गईं। हालाँकि अदालत ने इसे सरकारी संस्थानों की एक गंभीर चूक माना (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) था। कोर्ट में घिरा देख अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। सपा मुखियां न कहा कि जो लोग किसी की मृत्यु के लिए झूठ बोल सकते हैं…ऐसे भाजपाइयों पर विश्वास भी विश्वास नहीं करेगा। महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए अखिलेश ने यह सवाल ये भी किया है कि अगर किसी को मुआवजा दिया भी गया है, तो उसे नकद में क्यों दिया गया, नकदी का आदेश कहां से आया? इस विवाद के बीच ध्यान भी देना चाहिए कि इलाहाबाद हाईकोर्ट भी कुंभ भगदड़ पर काफी तीखे सवाल योगी सरकार से पूछ चुका है।  Latest News in Hindi Today Hindi Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire #kumbhstampede #yogiadityanath #highcourt #upgovernment #kumbhmela2025 #tragedy #breakingnews #politicalnews #uttarpradeshnews

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Iran Israel conflict

Iran Issues Open Threat to Israel: इस वजह से ईरान ने इजरायल को दी खुली धमकी

इजरायल और हमास के बीच जारी तनाव के बीच ईरान ने खुलकर धमकी (Iran Issues Open Threat to Israel) दी है। दरअसल, ईरान की इस धमकी के पीछे की असल वजह यह कि ईरान को इजरायल के परमाणु ठिकानों की जानकारी मिल गई है। परमाणु ठिकानों की जानकारी हाथ लगते ही है ईरान की ओर से ऐसा बयान सामने आया है जिसकी कल्पना भी इजरायल ने नहीं की होगी। इजरायल को लेकर बड़ा दावा करते हुए ईरान ने कहा कि उसे इजरायल के परमाणु ठिकानों के बारे में सारी जानकारी मिल गई है। ईरान के मुताबिक उसकी खुफिया एजेंसियों ने सीक्रेट ऑपरेशन के तहत इजरायल के गुप्त परमाणु ठिकानों की सूची हासिल कर ली है। फिर क्या था, जानकारी हाथ लगते ही ईरान ने धमकी देते हुए कहा, अगर इजरायल ने किसी भी तरह की कार्रवाई की तो तेहरान इजरायल के न्यूक्लियर साइट पर हमला कर देगा। इस बीच ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि उसके सीक्रेट एजेंट्स उन स्थानों की सूची हासिल की है जहां पर इजरायल के परमाणु ठिकाने हैं। इसके अलावा ईरान के खुफिया मंत्रालय की ओर से भी कहा गया है, उसे इजरायल के परमाणु कार्यक्रम और पश्चिमी देशों के साथ उसके संबंधों के बारे में गुप्त दस्तावेजों का खजाना मिला है।  ईरान के खुफिया एजेंटों ने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बेहद गोपनीय दस्तावेज (Iran Issues Open Threat to Israel) कर लिए हैं हासिल  इस पूरे मामले पर ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब ने इसे बेहद खास और खुफिया उपलब्धि (Iran Issues Open Threat to Israel) बताया। इस उपलब्धि से गदगद इस्माइल खातिब ने कहा कि इनमें दस्तावेज, तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं। जिन्हें जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने तो यहां तक कहा है कि इजरायली टारगेट का नक्शा सेना की टेबल पर है। हालाँकि इस दौरान ईरानी सरकारी टेलीविजन और अन्य मीडिया आउटलेट्स ने भी दावा किया है कि ईरान के खुफिया एजेंटों ने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बेहद गोपनीय दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। गौरतलब हो कि हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इशारा किया था कि इजरायल जल्द ही ईरान के खिलाफ खतरनाक कदम उठा सकता है। यही नहीं, अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुताबिक, इजरायल की सेना ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकती है। इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने भी चेतावनी देते हुए कहा था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल होने योग्य यूरेनियम के भंडार को तेजी से बढ़ा रहा है। यही नहीं, साथ ही उन्होंने यह भी कहा था, ईरान ने उन्नत सेंट्रीफ्यूज का निर्माण शुरू कर दिया है। इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात   ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो ईरान पर हमला (Iran Issues Open Threat to Israel) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा इसके अलावा बीते महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान पर हमला रोकने (Iran Issues Open Threat to Israel) को कहा है ताकि अमेरिकी प्रशासन को तेहरान के साथ नए परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने के लिए और समय मिल सके। खैर, यह पहली बात नहीं है जब अमेरिका ने ईरान को यह धमकी दी हो, इससे पहले भी अमेरिका और इजरायल परमाणु समझौते को लेकर लगातार ईरान को धमकी देते रहे हैं। अमेरिका ने सख्त लहजे में साफ कहा है, अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो ईरान पर हमला (Iran Issues Open Threat to Israel) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Iran Issues Open Threat to Israel #iran #israel #iranvsisrael #iranthreatens #israeltension #middleeastconflict #worldnews #breakingnews #currentaffairs #internationalrelations

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COVID variant update

कोविड-19 के नए वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता, जानें कोविड-19 वेरिएंट्स और म्यूटेशन के बारे में

कोविड-19 (Covid-19) यानी कोरोना वायरस (Coronavirus) एक संक्रामक बीमारी है, जिसे 2019 में चाइना में पहचाना गया था। इसके बाद यह पूरी दुनिया में फैल गया था और इसके कारण करोड़ों लोग प्रभावित हुए थे। यह वायरस रेस्पिरेटरी ड्रॉप्लेट्स और दूषित सरफेस से फैल सकता है। यही नहीं, यह वायरस एयरबोर्न ट्रांसमिशन यानी वायुजनित संक्रमण के माध्यम से भी स्प्रेड हो सकता है, विशेष रूप से बंद स्थानों में। अब तक इसके कई अलग-अलग कोविड-19 वेरिएंट्स (Covid-19 variants) सामने आ चुके हैं जैसे अल्फा, बीटा, डेल्टा, ओमिक्रॉन आदि। इसका कारण हैं म्यूटेशन। आइए जानें कि कोविड-19 वेरिएंट्स (Covid-19 variants) कौन-कौन से हैं? कोरोना वायरस कैसे म्यूटेट करता है (How does Coronavirus mutate) यह भी जानें?   इस प्रकार है कोविड-19 (Covid-19) के वेरिएंट्स की लिस्ट अल्फा: यह वो वेरिएंट है, जो यूनाइटेड किंगडम में सबसे पहले पहचाना गया था। असली वायरस की तुलना में यह वेरिएंट 40-80% अधिक संक्रामक है।  इनके अलावा ऐसे कई कोविड-19 वेरिएंट्स (Covid-19 variants) हैं, जिन्हें अभी मॉनिटर किया जा रहा है जैसे  JN.1,KP.3, KP.3.1.1, JN.1.18, LB.1, LP.8.1, NB.1.8.1 और XEC। आजकल कई देशों में एक नया वेरिएंट फैला हुआ है जिसका नाम है NB.1.8.1। भारत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग, थाईलैंड, चीन आदि में इसके कई मामले सामने आ रहे हैं। हमारे देश में इस समय इसके लगभग 6500 एक्टिव मामले हैं। अब जानते हैं कि कोरोना वायरस कैसे म्यूटेट करता है (How does Coronavirus mutate)? इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक कोरोना वायरस कैसे म्यूटेट करता है (How does Coronavirus mutate)? एक्सपर्ट्स का मानना है कि वायरस हमारे शरीर में पहले से ही मौजूद हैं और बी हम इन्हें नष्ट करने की कोशिश करते हैं तो यह वायरस अपने रूप को बदलते हैं ताकि वो नष्ट न हो बल्कि सर्वाइव कर सकें। इस प्रोसेस में यह वायरस अधिक स्प्रेड होने और कम खतरनाक वेरिएंट्स में बदल सकता है।  एक्सपर्ट्स के अनुसार कोरोना वायरस (Coronavirus) के सभी वेरिएंट्स में ओमिक्रॉन वेरिएंट अधिक स्प्रेड हुआ था लेकिन इसके लक्षण सीरियस नहीं थे। संक्षेप में कहा जाए तो म्यूटेशन के बाद वायरस अधिक फैलता तो है लेकिन इसका प्रभाव पहले से कम हो सकता है। यही कारण है कि हाल ही में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) के वेरिएंट्स को इतना खतरनाक नहीं माना जा रहा। एक्सपर्ट्स भी यह मान रहे हैं कि कोविड-19 वेरिएंट्स (Covid-19 variants) में यह वेरिएंट कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को अधिक प्रभावित कर सकता है। लेकिन, लोग सावधानियां अवश्य बरतें, ताकि किसी भी तरह की समस्या से बचाव हो सके। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Covid-19 variants #covid19 #newvariant #coronavirusupdate #mutation #covidmutation #covidnews #healthalert #covidindia #virusupdate #publichealth

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Indian student assaulted in America

Indian Student Slammed by US Police: अमेरिका में भारतीय छात्र के साथ अमानवीय बर्ताव, हथकड़ी लगाकर जमीन पर पटक दिया

अधिकतर भारतीय छात्रों का सपना विदेशों खासतौर पर अमेरिका में जाकर पढ़ना होता है। लाखों छात्र ऐसे हैं जो अमेरिका जाकर अपनी उच्च शिक्षा ग्रहण करते हैं , लेकिन जब से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बने हैं तब भारतीय के खिलाफ अमानवीय व्यवहार किया जा (Indian Student Slammed by US Police) रहा है। इसी क्रम में अमेरिका के न्यू जर्सी में एक भारतीय छात्र के साथ अपराधियों जैसा दुर्व्यवहार किया गया। न्यू जर्सी के नेवार्क एयरपोर्ट पर छात्र को बुरी तरह टॉर्चर किया गया और इसके बाद डिपोर्ट कर दिया। जानकारी के मुताबिक मामला 7 जून की है। अमेरिकी अधिकारियों ने एक भारतीय छात्र को हथकड़ी लगाकर एयरपोर्ट पर बुरी तरह परेशान किया। उसे जमीन पर भी पटक दिया गया। उसे इस तरह अपमानित किया गया मानों वह कोई दुर्दांत अपराधी हो।  एक एनआरआई के रूप में, मुझे असहाय और टूटा हुआ महसूस (Indian Student Slammed by US Police) हुआ, यह एक मानवीय त्रासदी है इंडो अमेरिकन सोशल एंटरप्रेन्योर कुनाल जैन ने नेवार्क एयरपोर्ट पर हुई घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर (Indian Student Slammed by US Police) की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना बयां करते हुए कहा कि भारतीय छात्र फ्लाइट से उतरा ही था, लेकिन वह इमीग्रेशन अथॉरिटीज को आने का कारण नहीं समझा पाया। इसके बाद अथॉरिटी से जुड़े अधिकारियों ने उसके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया। कुणाल ने बताया कि वह सपनों का पीछा करते हुए आया था, कोई नुकसान नहीं पहुंचा रहा था। एक एनआरआई के रूप में, मुझे असहाय और टूटा हुआ महसूस हुआ। यह एक मानवीय त्रासदी है।  उन्होंने अमेरिका में भारतीय दूतावास से मामले की जांच करने और छात्र को सहायता प्रदान करने का भी अपील की। कुनाल ने आगे यह भी बताया कि ऐसे कई बच्चे हैं जो सुबह पहुंचते हैं और फिर शाम की फ्लाइट से हाथ-पांव बांधकर वापस भेज दिए जाते हैं। हर दिन 3-4 ऐसे मामले देखने मिल रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात  वीडियो में छात्र को जमीन पर गिरा हुआ देखा जा सकता (Indian Student Slammed by US Police) है इस पूरे वाकये का वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया है। बता दें कि इस वीडियो को सबसे पहले भारतीय-अमेरिकी उद्यमी, कुणाल जैन ने रिकॉर्ड किया था। इसमें अमेरिकी अधिकारियों को छात्र के साथ एक अपराधी की तरह व्यवहार करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में छात्र को जमीन पर गिरा हुआ देखा जा सकता (Indian Student Slammed by US Police) है। उसे कम से कम चार अधिकारियों ने उसे पकड़ रखा है। जिनमें से दो ने अपने घुटने उसकी पीठ पर रख दिए हैं। उन्होंने छात्र के हाथ-पैर में हथकड़ी लगा रखी थी। इस बीच कुनाल जैन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पोस्ट में टैग कर लिखा कि वह बच्चा मेरे साथ फ्लाइट से आने वाला था, लेकिन उसे फ्लाइट में नहीं बैठाया गया। किसी को पता करना चाहिए कि उसके साथ क्या हो रहा है? खैर, कहने की जरूरत नहीं, इस घटना से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डिपोर्टेशन की सख्त कार्रवाई के बीच जिस तरह से सैकड़ों भारतीयों को अमेरिका से भारत भेजा गया था, उसकी यादें तरोताजा हो गईं। गौरतलब हो कि इससे पहले फरवरी में 100 से अधिक भारतीयों को भारत वापस लाया गया था। यूएस बॉर्डर पेट्रोल द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में प्रवासियों को हथकड़ी और उनके पैरों में बेड़ियां डालते हुए देखा गया था।  Latest News in Hindi Today Hindi news Indian Student Slammed by US Police #IndianStudent #USPolice #PoliceBrutality #IndianAbroad #BreakingNews #JusticeForIndians #HumanRights #USNews #ViralNews #RacialProfiling

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