Ram Darbar family muhurat

Ram Darbar family muhurat: बड़ा ही भव्य होगा अयोध्या का दरबार, परिवार के साथ इस मुहूर्त में विराजेंगे राजा राम

गंगा दशहरा के अवसर पर प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है।संयोग देखिये आज ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्म दिन भी है। और आज ही आज 11 बजकर 25 मिनट से 11बजकर 40मिनट तक की जाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि यह प्राण प्रतिष्ठा आज अभिजीत मुहूर्त में की जाएगी। अभिजीत मुहूर्त दिन का सबसे शुभ और पवित्र समय माना जाता (Ram Darbar family muhurat) है। आज ही रामदरबार और गर्भगृह के चारों कोनों में बने परकोटे के अन्य मंदिरों में भी सात विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। अयोध्या और काशी से आए 101 वैदिक आचार्य इस प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन को पूरा कराएंगे। बड़ी बात यह कि आज सिद्ध योग भी बन रहा है। पूजन, भोग, आरती के बाद अनुष्ठान की समाप्ति होगी। प्राण प्रतिष्ठा के बाद सीता राम समेत चारों भाइयों और बजरंगबली आभूषण पहनाए जाएंगे।  अयोध्या जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने कर ली हैं सभी (Ram Darbar family muhurat) तैयारियां बता दें कि प्राण प्रतिष्ठा के इस आयोजन में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत तकरीबन पांच सौ से अधिक मेहमान शामिल (Ram Darbar family muhurat) होंगे। सीएम योगी मख्य अतिथि होंगे। इसके आलावा संघ, विहिप और बीजेपी से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी प्राण प्रतिष्ठा में आने का न्योता दिया गया है। इस बीच सीएम पहले हनुमानगढ़ी जाएंगे और 10 बजकर 40 मिनट से 10 बजकर 55 मिनट तक दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद 11 बजे से 11.10 तक वो श्रीरामजन्मभूमि का दर्शन पूजन करेंगे। फिर 11.10 से 1 बजे तक सीएम श्रीरामजन्मभूमि परिसर में राम दरबार और नवनिर्मित 6 मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे। जानकारी के लिए बता दें कि अयोध्या जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने सभी तैयारियां कर ली हैं। विशेषकर कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद है।   सीएम योगी के नेतृत्व में अयोध्या आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में (Ram Darbar family muhurat) उभरी है इस कार्यक्रम को लेकर संत समुदाय का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर के निर्माण और अयोध्या के विकास के माध्यम से रामनगरी का खोया हुआ गौरव लौटाया है। इतना ही नहीं, विगत आठ वर्षों में अयोध्या में 32 हजार करोड़ से अधिक विकास परियोजनाओं ने शहर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी है। सड़क, रेल, हवाई अड्डा, सौंदर्यीकरण और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं ने अयोध्या को विश्व नक्शे पर चमकदार बनाया है। यही नहीं, रामकथा पार्क, सरयू तट का सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं से युक्त मंदिर परिसर इसकी (Ram Darbar family muhurat) बानगी हैं। इस दौरान संत-महंतों ने योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभरी है। सरयू त्रयोदशी जन्मोत्सव के अवसर पर नदी तट पर विशेष आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।  इसे भी पढ़ें:- इस तरह विदेशी श्रद्धालु अब अयोध्या के राम मंदिर में पा सकेंगे वीआईपी पास प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के (Ram Darbar family muhurat) किए हैं पुख्ता इंतजाम  कार्यक्रम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम (Ram Darbar family muhurat) किए हैं। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने अयोध्या पहुंच रहे हैं। यह दिन न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनेगा। गौरतलब हो कि योगी आदित्यनाथ का अयोध्या से गहरा आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक संबंध है। उनका संबंध न सिर्फ बतौर मुख्यमंत्री बल्कि एक संत, राम भक्त और राम मंदिर आंदोलन के सक्रिय सहयोगी के रूप में है। गोरखनाथ मठ और योगी आदित्यनाथ की तीन पीढ़ियां राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही हैं।  Latest News in Hindi Today Ram Darbar family muhurat AyodhyaRamMandir #RamDarbar #LordRam #AyodhyaDiaries #RamMandir2025 #DivineIndia #HinduCulture

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Tear Test Kit

Tear Test Kit से डिटेक्ट किए जा सकते हैं कई गंभीर बीमारी, जानिए क्या कहती है नई स्टडी?

आंसू (Tears) यानी टीयर्स हमारी फीलिंग्स को व्यक्त करने का बेहतरीन तरीका है। हर परिस्थिति में यह आंखों से खुद ही बाहर आ जाते हैं। कई बार बिना किसी कारण भी हमारी आंखों में आंसू आ जाते हैं। हमारे टीयर्स का स्ट्रक्चर स्लाइवा के जैसा ही होता है और यह पानी से बने होते हैं। हालांकि इनमें नमक, फैटी ऑयल्स और कई विभिन्न प्रोटीन्स होते हैं। इनमें सोडियम, क्लोराइड. बाइकार्बोनेट, पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट भी होते हैं। यही नहीं , इनमें कम मात्रा में मैग्नीशियम और कैल्शियम भी पाएं जाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आंसू (Tears) केवल हमारे इमोशंस ही नहीं बल्कि कई बीमारियों को भी डिटेक्ट कर सकते हैं? आइए जानें आंसू (और बीमारियों के बीच कनेक्शन (Connection between tears and diseases) का पता लगाने वाली टियर टेस्ट किट (Tear test kit) के बारे में। आंसू और बीमारियों के बीच कनेक्शन (Connection between tears and diseases): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार हमारे आंसू आंखों को प्रोटेक्ट करने, इर्रिटेन्ट को साफ करने, भावनाओं को शांत करने का काम करते हैं। लेकिन, हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार आंसू (Tears) केवल हमारे इमोशंस को ही नहीं दर्शाते बल्कि इससे बीमारियों का पता भी चल सकता है। यानी, आंसू और बीमारियों के बीच कनेक्शन (Connection between tears and diseases) है। इसके लिए टियर टेस्ट किट (Tear test kit) को डेवलप किया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि टियर टेस्ट किट (Tear test kit) से निम्नलिखित बीमारियों का पता चल सकता है: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इस टियर टेस्ट किट में टेस्ट के लिए आंसू (Tears) को इकठ्ठा करने के लिए एक छोटे स्टाइलर पेपर का इस्तेमाल किया जाता है। इसका परिणाम लगभग 90 मिनटों में आ जाएगा। ऐसी उम्मीद है कि यह टियर टेस्ट किट (Tear test kit) 2026 तक इस्तेमाल के लिए बाजार में उपलब्ध होगी। यह रोगों को पहचाने का सस्ता तरीका कई लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। यही नहीं, इससे स्वास्थ्य सुधार में भी मदद मिलेगी। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Tear Test Kit #connectionbetweentearsanddiseases #testkit #tears #dryeyes

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Tejashwi Yadav calls NDA rule in Bihar a 20-year failure

𝟐𝟎 बरस से ढो रहा है बिहार 𝐍𝐃𝐀 की नाकाम निकम्मी सरकार: तेजस्वी यादव

बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। चुनाव आयोग जल्द ही चुनाव के तारीखों की घोषणा कर सकता है। चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ-साथ राज्य में सियासी पारा भी बढ़ने लगा है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। खास तौर पर विपक्षी दलों ने NDA सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस कड़ी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) लगातार मौजूदा सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) पिछले कुछ वर्षों में बिहार की राजनीति में एक मजबूत विपक्षी चेहरा बनकर उभरे हैं, लगातार जनसभाओं, मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से NDA पर हमला बोलते आ रहे हैं। वे विशेष रूप से युवाओं, बेरोजगारी, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों को उठाकर जनता का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। व्यंग्यात्मक कार्टून से सियासी हमला तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक व्यंग्यात्मक कार्टून साझा किया। इस कार्टून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की प्रतीकात्मक छवियों को एक आम आदमी द्वारा ढोते हुए दिखाया गया है। इस प्रतीकात्मक चित्र के ज़रिए तेजस्वी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि बिहार की जनता पिछले 20 वर्षों से NDA की ‘निकम्मी और नाकारा’ सरकार का बोझ उठाने को मजबूर है। उन्होंने इस पोस्ट के साथ लिखा, “20 बरस से ढो रहा है बिहार, एनडीए की नाकाम निकम्मी सरकार। इसके साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार, महंगाई, ढहते पुल, पलायन, बेरोजगारी, शिक्षा की बदहाली, बाढ़ और सूखा जैसे मुद्दों की ओर इशारा करते हुए यह तंज कसा कि इन समस्याओं के बावजूद सरकार ने कोई ठोस समाधान नहीं निकाला। 𝟐𝟎 बरस से ढो रहा है बिहार𝐍𝐃𝐀 की नाकाम निकम्मी सरकार!#TejashwiYadav #Bihar #RJD #india pic.twitter.com/Z8mQOFuaaR — Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) June 4, 2025 चुनावी रणनीति में सोशल मीडिया की भूमिका तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के इस डिजिटल प्रहार को एक सटीक चुनावी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। आज की राजनीति में सोशल मीडिया एक बेहद प्रभावशाली मंच बन चुका है और तेजस्वी इसका भरपूर उपयोग कर रहे हैं। वे युवाओं और डिजिटल माध्यम (Bihar Politics) से जुड़े मतदाताओं को सीधे अपनी बात पहुंचा रहे हैं। खासकर पहली बार वोट देने वाले युवाओं को जागरूक करने के लिए वे लगातार सोशल मीडिया (Social Media) पर सक्रिय हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, बल्कि एनडीए सरकार के खिलाफ एक बड़ा मनोवैज्ञानिक हमला है। ऐसे कार्टून और टिप्पणियों के जरिए तेजस्वी अपने विरोध को रचनात्मक और सरल भाषा में जनता के सामने ला रहे हैं, जो आम लोगों को आसानी से समझ में आता है। इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  चुनावी समीकरण और आगे की राह राजनीति के जानकारों की मानें तो आगामी चुनाव में तेजस्वी यादव की रणनीति न केवल मौजूदा सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की है, बल्कि वह खुद को एक विकल्प के रूप में मजबूती से पेश कर रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए की ओर से इस प्रकार के लगातार हमलों का क्या जवाब दिया जाएगा। गौरतलब है कि बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में जातीय समीकरण, विकास के मुद्दे और युवा वर्ग की भागीदारी हमेशा से निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में राजद की ओर से उठाए जा रहे सवालों और डिजिटल रणनीति का कितना असर होता है, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। अब ऐसे में यह कहा जा सकता है कि बिहार का राजनीतिक (Bihar Politics) तापमान चुनाव की घोषणा से पहले ही काफी बढ़ चुका है और जैसे-जैसे तारीख नज़दीक आएगी, यह लड़ाई और अधिक तीखी होती जाएगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Politics #TejashwiYadav #BiharPolitics #NDAFailure #NitishKumar #BJPinBihar #BiharElections2025 #OppositionVoice #PoliticalNews

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Eid sacrifice message

Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal: ईद-उल-अजहा से पहले जामा मस्जिद के इमाम ने लोगों से की यह ख़ास अपील

ईद-उल-अजहा (Eid-ul-Adha) वर्ष का दूसरा इस्लामी त्यौहार है। यह ईद-उल-फ़ित्र के बाद आता है। और यह उपवास के पवित्र महीने, रमजान के अंत का प्रतीक है। बता दें कि ईद-उल-अजहा को अरबी में ईद-उल-अजहा और भारतीय उपमहाद्वीप में बकर-ईद कहा जाता है, क्योंकि इस दिन बकरे या बकरी की बलि देने की परंपरा है। भारत में इसे बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह इस्लामी या चंद्र कैलेंडर के 12वें महीने धु अल-हिज्जा के 10वें दिन मनाया जाता है। इस दिन मुसलमान नए कपड़े पहनते हैं, खुले आसमान के नीचे प्रार्थना सभा में भाग लेते हैं। और फिर भेड़ या बकरी की बलि देते हैं। बलि देने के बाद उसका मांस परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और गरीबों में बांटते हैं। इस बीच ईद-उल-अजहा के मद्देनजर दिल्ली की जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम मौलाना सैयद शाबान बुखारी ने अपील (Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal) करते हुए लोगों से स्वच्छता बनाए रखने और खुले क्षेत्रों, गलियों या सड़कों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी करने से परहेज करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ईद-उल-अजहा के दिनों में मुसलमानों को कुछ प्रमुख जिम्मेदारियों के प्रति सचेत रहना चाहिए। कुर्बानी की घटना की फोटोग्राफी या वीडियो से परहेज करने की  (Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal) अपील की   मौलाना सैयद शाबान बुखारी ने कहा (Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal) कि यह महत्वपूर्ण है कि किसी भी कार्य से साथी नागरिकों की भावनाओं या आस्थाओं को ठेस न पहुंचे। इसलिए, कुर्बानी केवल निजी परिसर जैसे घर या निर्धारित बाड़ों में ही की जानी चाहिए, न कि सड़कों या खुली जगहों पर। मौलाना ने समुदाय से कुर्बानी की घटना की फोटोग्राफी या वीडियो से परहेज करने की अपील की तथा ऐसी तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड न करने की भी हिदायत दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति का धर्म है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने आचरण के माध्यम से यह प्रदर्शित करें कि किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। हालाँकि इस बीच बुखारी ने यह भी कहा कि कुर्बानी एक महत्वपूर्ण धार्मिक दायित्व है, जिसे सभी सक्षम लोगों को पूरा करना (Eid-ul-Adha) चाहिए। क्योंकि इसका आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है और इसका कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह होली और दिवाली जैसे त्यौहार पूरे भारत में सम्मान के साथ मनाए जाते हैं, उसी तरह ईद-उल-अजहा को भी सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  यह भी अनुरोध किया कि बलि की रस्म का कोई वीडियो या फोटो न बनाया जाए और न ही सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाए गौरतलब हो कि इससे पहले सोमवार को ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी त्योहार को स्वच्छता, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाने के लिए 12 सूत्री व्यापक सलाह जारी की थी। उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा था (Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal) कि बलि दिए गए पशु का खून नालियों में नहीं बहाया जाना (Eid-ul-Adha)चाहिए, बल्कि कच्ची मिट्टी में दबा दिया जाना चाहिए ताकि यह पौधों के लिए उर्वरक का काम करे। इस दौरान उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि बलि की रस्म का कोई वीडियो या फोटो न बनाया जाए और न ही सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाए। यह नहीं, उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इस्लाम सभी धर्मों के प्रति सम्मान की शिक्षा देता है। तथा अपने अनुयायियों को कभी भी दूसरों की भावनाओं को ठेस न पहुंचाने की शिक्षा देता है। इसलिए, कुर्बानी की रस्म इस तरह से निभाई जानी चाहिए कि कानून का शासन कायम रहे और सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal #JamaMasjid #EidulAdha #ImamAppeal #Eid2025 #MuslimCommunity #DelhiNews #EidCelebration

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Mamata Banerjee vs BJP

यूपी-बिहार के खास चुनावी मॉडल पर ममता बनर्जी को घेरेगी भाजपा, मोदी-शाह-योगी की तिकड़ी करेगी जबरदस्त हमला

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) होने हैं, लेकिन राज्य में चुनावी सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के इस गढ़ को गिराना भाजपा के लिए अभी भी सपना ही है, लेकिन भाजपा (BJP) अपने इस सपने को पूरा करने के लिए एक खास प्लान बनाने में जुट गई है। कहा जा रहा है कि भाजपा (BJP) ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के खिलाफ इस बार चुनावी मैदान में राज्य की कथित खराब कानून-व्यवस्था और मुस्लिम तुष्टिकरण को हथियार बनाएगी।  बंगाल भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि, भाजपा जल्द ही रैलियां, जनसभा और प्रदर्शन शुरू करने जा रही है। इन सभी आयोजनों का मुख्य मुद्दा मुर्शिदाबाद में हिंदुओं पर हमला, बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ और राज्य का कानून व्यवस्था होगा। भाजपा इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए इसी साल से राज्य में ममता बनर्जी सरकार (Mamata Banerjee) के खिलाफ माहौल बनाना शुरू करेगी। राज्य में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और यूपी सीएम योगी (CM Yogi) की कई जनसभाएं की जाएंगी।  पीएम मोदी ने शुरू किया भाजपा का चुनावी अभियान  बता दें कि भाजपा ने साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अखिलेश सरकार की खराब कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाकर जीत हासिल की थी। इसी तरह बिहार चुनाव में भी भाजपा हमेशा से लालू राज के समय की खराब कानून-व्यवस्था को ही प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाती है। जिससे सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा को काफी हद तक इसका फायदा मिलता है। इसीलिए भाजपा अब इसी मुद्दे को पश्चिम बंगाल में उठाकर ममता सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। भाजपा ने कुछ हद तक अपने इस योजना पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। बीते वीरवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) रैली करने के लिए पश्चिम बंगाल में अलीपुरद्वार पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने राज्य की खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए ममता सरकार पर आरोप लगाया कि यहां पर सरकार ने गुंडों को खुली छूट दे रखी है।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  राज्य का चुनाव राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा चुनाव- अमित शाह  पीएम मोदी के बाद गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) एक जून को पश्चिम बंगाल पहुंच गए। यहां पर एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस बार का पश्चिम बंगाल चुनाव सिर्फ किसी राज्य का चुनाव नहीं है। इस बार का चुनाव राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा चुनाव है। अमित शाह ने इस दौरान ममता सरकार पर नौकरियों को बेचने का आरोप लगताते हुए कहा कि पहले वामपंथी सरकार में कट मनी का खेल चलता था, अब ममता सरकार में यही खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता भास्कर घोष ने भाजपा के चुनावी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार खुलेआम एक वर्ग विशेष का समर्थन और दूसरे का विरोध कर रही है। जिसकी वजह से हजारों हिन्दुओं को अपना घर छोड़कर सरकारी कैंपों में रहना पड़ रहा है। हिन्दुओं को उनके घरों से खींच कर जलाया-मारा जा रहा है, लेकिन ममता सरकार कार्रवाई करने की जगह ऐसे अपराधियों को संरक्षण देने में जुटी है। भास्कर घोष ने कहा कि ममता सरकार के इस पक्षपात नीति के कारण ही पश्चिम बंगाल में रोजगार-शिक्षा की स्थिति बदहाल हो चुकी है। यहां के युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mamata Banerjee #BJP #MamataBanerjee #ModiShahYogi #UPElectionModel #BengalPolitics #LokSabha2024 #PoliticalAttack #BJPCampaign

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Bhagavan

नई गाड़ी में किस भगवान की मूर्ति रखनी चाहिए? जानें वास्तु शास्त्र के अनुसार शुभ संकेत

नई गाड़ी खरीदना हर किसी के लिए एक विशेष और सुखद अनुभव होता है। यह न केवल आर्थिक प्रगति का प्रतीक है, बल्कि जीवन में एक नई उपलब्धि भी दर्शाता है। जब कोई व्यक्ति पहली बार गाड़ी खरीदता है, तो वह चाहता है कि उसका यह वाहन उसे सुख, समृद्धि और सुरक्षा प्रदान करे। ऐसे में कई लोग अपनी नई कार के डैशबोर्ड पर भगवान की मूर्ति या तस्वीर रखना पसंद करते हैं, ताकि हर यात्रा मंगलमय और सुरक्षित रहे। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गाड़ी के डैशबोर्ड पर कौन से भगवान की मूर्ति रखना वास्तु के अनुसार शुभ माना गया है? अगर नहीं, तो आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार सही मूर्ति और उससे जुड़ी कुछ अहम बातें। नई गाड़ी में भगवान की मूर्ति रखने का महत्व क्या है? नई गाड़ी में भगवान की मूर्ति स्थापित करना सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि इसके पीछे वास्तु और मानसिक शांति से जुड़े कई अहम कारण भी होते हैं। हिंदू संस्कृति में किसी भी नए काम की शुरुआत ईश्वर का आशीर्वाद लेकर करना शुभ माना जाता है। जब कोई व्यक्ति नई कार खरीदता है, तो यह उसके जीवन का एक महत्वपूर्ण और शुभ क्षण होता है, जो तरक्की, सुख-समृद्धि और सुरक्षा का प्रतीक बनता है। कार में भगवान (Bhagavan) की मूर्ति या फोटो रखने से सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है और व्यक्ति के भीतर एक विश्वास पैदा होता है कि हर यात्रा ईश्वर की कृपा से सुरक्षित और सफल होगी। भगवान गणेश की मूर्ति: शुभता और बाधा निवारण का प्रतीक कार के डैशबोर्ड पर भगवान गणेश की मूर्ति रखना एक प्रचलित परंपरा है, जिसे शुभता और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। गणेश जी (Ganesha) को विघ्नहर्ता कहा जाता है, यानी वे सभी प्रकार की बाधाओं और मुश्किलों को दूर करने वाले देवता हैं। इसलिए गाड़ी में उनकी मूर्ति रखने से न केवल धार्मिक आस्था व्यक्त होती है, बल्कि यह मानसिक सुरक्षा का भी एहसास कराता है। ऐसा माना जाता है कि गणेश जी की मूर्ति रखने से यात्रा के दौरान आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा वाहन के आसपास नहीं आती। मूर्ति चुनते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि भगवान गणेश का मुख सीधे वाहन की दिशा की ओर हो, ताकि उनकी दृष्टि हमेशा रास्ते पर बनी रहे और यात्राएं सफल व सुरक्षित हों। कैसी हो गणेश जी की मूर्ति: मां दुर्गा या कालिका की तस्वीर: नकारात्मक ऊर्जा से बचाव कार के डैशबोर्ड पर माता दुर्गा की मूर्ति रखना शक्ति, साहस और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। मां दुर्गा को संकटों को दूर करने वाली और अपने भक्तों की रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। खासकर महिलाएं अपने वाहन में मां दुर्गा की मूर्ति रखने को शुभ समझती हैं, क्योंकि इससे आत्मविश्वास और साहस में बढ़ोतरी होती है। ऐसा माना जाता है कि मां दुर्गा की कृपा से गाड़ी चलाते समय किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है। माता दुर्गा की उपस्थिति आपकी यात्राओं को सुरक्षित और सफल बनाने में मदद करती है। डैशबोर्ड पर रखी गई मूर्ति छोटी, साफ-सुथरी होनी चाहिए और वाहन की दिशा की ओर रखी जानी चाहिए, ताकि देवी की दृष्टि हमेशा सामने बनी रहे और मार्ग में आने वाले सभी बाधाओं का नाश हो सके। इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां हनुमान जी की मूर्ति  अगर आप चाहते हैं कि आपकी गाड़ी दुर्घटनाओं और किसी भी तरह की परेशानियों से सुरक्षित रहे, तो कार के डैशबोर्ड पर भगवान हनुमान जी (Bhagavan) की मूर्ति या तस्वीर रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। हनुमान जी को शक्ति, बुद्धिमत्ता और विजय का प्रतीक माना जाता है। खासकर लंबी यात्रा के दौरान हनुमान जी का स्मरण करना यात्रियों के लिए सुरक्षा का एक बड़ा स्रोत होता है। मान्यता है कि अगर आपकी कार में हनुमान जी की मूर्ति स्थापित हो, तो वह आपके मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं और विपत्तियों को दूर करने में सहायता करती है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Bhagavan #VastuForCar #GodIdolForCar #CarVastuTips #NewCarVastu #VastuShastra #CarDashboardGod #VehiclePositivity

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Bilawal Bhutto statement 2025

Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN: कश्मीर का राग अलापते हुए बिलावल भुट्टो ने कहा- “UN से भी नहीं मिली कोई मदद”

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी (Bilawal Bhutto) अमेरिका में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसका काम हाल के क्षेत्रीय तनावों पर इस्लामाबाद की पक्ष को रखना है। इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य ऑपरेशन सिंदूर के नतीजे पर दुनिया को गुमराह करना है। कहने की जरूरत नहीं जिस तरह पाकिस्तान ने अपने प्रतिनिधिमंडल को विदेशों में भेजा है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि ये हूबहू भारत की नक़ल कर रहा है। दरअसल, भारत ने अपने कई सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल विदेशों में भेजे हैं। जिसका उद्देश्य पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर नई दिल्ली के स्टैंड को दुनिया के सामने रखना है। मजे की बात यह कि पाकिस्तान भी ठीक इसी तर्ज पर अपना प्रतिनिधि मंडल विदेशों में भेजा है। इसी क्रम में सोमवार को न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद से बिलावल भुट्टो के प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट और महासभा के अध्यक्ष फिलेमोन यांग से मुलाकात (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) की है। दौरान उन्होंने  चीन, रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका और फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधियों, सुरक्षा परिषद के चार अन्य स्थायी सदस्यों के साथ-साथ गैर-स्थायी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की। संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को लगातार असफलताओं का सामना (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) करना पड़ा है इस दौरान पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) किया है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों, मुख्यतः संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा है। बता दें कि मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए भुट्टो ने कहा, जहां तक ​​​​संयुक्त राष्ट्र के भीतर और सामान्य तौर पर कश्मीर मुद्दे का सवाल है, हम जिन बाधाओं का सामना करते हैं, वे अभी भी मौजूद हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और राजनयिकों के साथ बातचीत के दौरान भुट्टो ने कहा, जल विवाद और आतंकवाद जैसे विषयों पर पाकिस्तान बात करने को तैयार है।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य जगहों पर कश्मीर मुद्दे पर अपने अभियान में कोई प्रगति नहीं की-  बिलावल भुट्टो (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष) यही नहीं, न्यूयार्क में संवाददाता सम्मेलन में भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने कश्मीर का राग (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) अलापा। डेलीगेशन की अगुवाई कर रहे बिलावल भुट्टो माना है कि उनके देश ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य जगहों पर कश्मीर मुद्दे पर अपने अभियान में कोई प्रगति नहीं की है। इस मुद्दे पर उन्होंने आगे कहा, जहां तक ​​संयुक्त राष्ट्र और सामान्य तौर पर कश्मीर मुद्दे का सवाल है, हमारे सामने आने वाली बाधाएं अभी भी मौजूद हैं। इस पर उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और राजनयिकों के साथ अपनी बैठकों में उन्हें आतंकवाद और जल जैसे मुद्दों पर तो मदद मिली, लेकिन यह कश्मीर तक नहीं पहुंची।  Latest News in Hindi Today Hindi news Bilawal Bhutto #BilawalBhutto #KashmirIssue #UNStatement #PakistanPolitics #IndiaPakistan #KashmirDispute #UNNews

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Ganga Dussehra date and significance

गंगा दशहरा 2025: धन, सुख और समृद्धि पाने का शुभ अवसर

हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का पर्व अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्व मां गंगा के धरती पर अवतरण की स्मृति में मनाया जाता है। गंगा दशहरा हर वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन मां गंगा राजा भगीरथ के तप से प्रसन्न होकर स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं।  गंगा दशहरा 2025: जानिए तिथि और पुण्य स्नान का शुभ समय पंचांग के अनुसार, गंगा दशहरा का पर्व ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह तिथि 04 जून को रात 11 बजकर 54 मिनट से आरंभ होकर 06 जून की रात 02 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। गंगा दशहरा (Ganga Dussehra) के दिन पुण्य स्नान का विशेष महत्व होता है। इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। 2025 में गंगा दशहरा का मुख्य स्नान 05 जून को होगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत फलदायी माना गया है। ब्रह्म मुहूर्त का समय 05 जून को सुबह 04:02 से 04:42 बजे तक रहेगा। गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब राजा सगर के 60,000 पुत्रों की आत्मा को मुक्ति दिलाने के लिए भगीरथ ने कठोर तप किया, तब मां गंगा (Maa Ganga) ने प्रकट होकर धरती पर अवतरण किया। कहा जाता है कि गंगा जल का स्पर्श मात्र ही सभी पापों और कष्टों को दूर कर देता है। गंगा दशहरा पर स्नान, दान और जप-तप का विशेष महत्व है। इस दिन मां गंगा (Maa Ganga) का पूजन करने और विशेष उपाय अपनाने से आर्थिक तंगी, दरिद्रता और जीवन की बाधाएं समाप्त होती हैं। गंगा जल से लक्ष्मी पूजन गंगा दशहरा (Ganga Dussehra) के दिन अपने घर में मां लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र के समक्ष गंगा जल से स्नान कराएं। फिर उन्हें चांदी का सिक्का, कमल का फूल, और मिश्री अर्पित करें। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।  तुलसी में गंगाजल चढ़ाएं गंगा दशहरा (Ganga Dussehra) के दिन तुलसी का पौधा घर में लगाना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस विशेष दिन यदि उत्तर दिशा में तुलसी का पौधा रोपा जाए, तो घर में देवी लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है। ऐसा माना जाता है कि यह उपाय अपनाने से तिजोरी कभी खाली नहीं होती और घर में सुख-शांति बनी रहती है। गंगा स्नान  यदि लगातार मेहनत करने के बावजूद भी व्यापार में सफलता नहीं मिल रही है, तो गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। स्नान के उपरांत तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय से न केवल व्यापार में तरक्की होती है, बल्कि घर-परिवार में भी सुख-समृद्धि और खुशियों का आगमन होता है। इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां गंगा दशहरा के दिन का विशेष दान गंगा दशहरा (Ganga Dussehra) का दिन आर्थिक समस्याओं को दूर करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक मंदिर में या जरूरतमंद लोगों को जल से भरे मिट्टी के कलश का दान करें और साथ में दक्षिणा भी अर्पित करें। मान्यता है कि इस उपाय से आर्थिक संकट से मुक्ति मिलती है और घर में धन-संपत्ति बढ़ने के योग बनते हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Ganga Dussehra #GangaDussehra2025 #SpiritualFestival #HinduFestivals #GangaMaa #WealthAndHappiness #FestivalOfPurity

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Uddhav Thackeray Sanjay Raut

‘उद्धव को बर्बाद करने के लिए एक राउत ही बहुत’, गिरीश महाजन ने बोला तीखा हमला

महाराष्ट्र जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन और उद्धव गुट के राज्यसभा सदस्य व मुख्य प्रवक्ता संजय राउत (Sanjay Raut) के बीच चल रहा वाक युद्ध अब निचले स्तर पर पहुंचने लगा है। गिरीश महाजन (Girish Mahajan) ने संजय राउत (Sanjay Raut) को दलाल तक कह दिया है। महाजन ने कहा है कि उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को बर्बाद करने के लिए भाजपा की जरूरत नहीं पड़ेगी, उनके लिए बस एक राउत ही काफी हैं। अगर समय रहते ठाकरे ने राउत औन उनकी जुबान पर लगाम नहीं लगाई, तो बची हुई शिवसेना भी टूट जाएगी। बता दें कि भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता महाजन को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) का बेहद करीबी माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से राजनीति हलकों में चर्चा चल रही है कि फडणवीस किसी कारणवस महाजन से नाराज हैं। इसी मुद्दे पर बातचीत करते हुए संजय राउत ने पिछले दिनों कहा था कि भाजपा जब भी राज्य की सत्ता से बाहर होगी, तो सबसे पहले पार्टी छोड़कर भागने वाले गिरीश महाजन ही होंगे।  गिरीश महाजन ने शुरू किया था वार, राउत ने किया था पलटवार  दोनों के बीच इसी तीखी बयानबाजी की शुरुआत पिछले सप्ताह गिरीश महाजन (Girish Mahajan) ने की थी। नासिक में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाजन ने कहा था कि उद्धव ठाकरे की बची हुई पार्टी अब खत्म होने की कगार पर है। अगले कुछ दिनों में उनके साथ पार्टी में कोई नहीं बचेगा। महाजन के इस बयान पर पलटवार करते हुए संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा था कि महाजन सबसे पहले यह खुद तय कर लें कि क्या उनकी खुद की जमीन भाजपा में बची है। भाजपा एक समय साफ-सुथरे लोगों की पार्टी हुआ करती थी, लेकिन यह पार्टी आज के समय में दलाल, भ्रष्ट और ठेकेदार लोगों की पार्टी बन चुकी है। जिन लोगों के पास पुलिस और पैसे की ताकत है, वो इसका इस्तेमाल कर लोगों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा ने इन कामों के लिए जो दलाल नियुक्त किए हैं, गिरीश महाजन उनमें से एक हैं। जिस दिन हम सत्ता में आएंगे, उस दिन सबसे पहले दल बदलने वाले गिरीश महाजन ही होंगे। संजय राउत ने इस दौरान यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र में जब महाविकास आघाडी की सरकार थी, तब मुख्यमंत्री रहते उद्धव ठाकरे ने गिरीश महाजन के घोटालों की जांच शुरू कराई थी। उस समय महाजन दल बदलने के लिए तैयार हो गए थे और संदेश भिजवा रहे थे कि वह राजनीति छोड़ कर शांति से बैठ जाएंगे। ऐसे लोग एक नंबर के डरपोक लोग हैं।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  महाजन ने राउत को बताया पार्टी का दलाल  राउत के बयान पर गिरीश महाजन (Girish Mahajan) बुरी तरह से विफर उठे हैं। उन्होंने राउत के इस बयान का जवाब देते हुए कहा कि राउत ने उद्धव ठाकरे को कांग्रेस और शरद पवार के साथ गठजोड़ करा उद्धव को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। उद्धव ठाकरे अगर समय रहते राउत पर लगाम नहीं लगाई, तो उनकी बची-खुची पार्टी भी टूट कर बिखर जाएगी। यह दलाल है और दलाली वाला काम कर रहा है। राउत जिस तरह से अपनी पार्टी के साथ कर रहे हैं, वैसा मैं अपनी पार्टी के साथ जीवन में कभी नहीं कर सकता। Latest News in Hindi Today Hindi news Girish Mahajan #GirishMahajan #UddhavThackeray #SanjayRaut #BJPvsShivSena #MaharashtraPolitics #PoliticalAttack #ShivSenaCrisis

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Kohli Mallya RCB celebration

Virat Kohli & Mallya React to RCB’s Historic IPL Victory:  IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात

इंडियन प्रीमियर लीग को अपना नया चैंपियन मिल गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु पंजाब किंग्स को हराकर ने ट्रॉफी अपने नाम कर ही ली। 17 साल का वनवास खत्म कर पहली बार आईपीएल का खिताब जीतने के बाद विराट कोहली ने जमकर जश्न मनाया। जीत के बाद उनकी आँखों से आंसू झलक पड़े। आखिरकार एक अदद जीत के लिए टीम को 18 का इंतजार जो करना पड़ा था। जीत से भावुक कोहली ने अनुष्का शर्मा के सपोर्ट को लेकर भी बात की और बताया कि आज जो कुछ भी हुआ है उसका श्रेय अनुष्का शर्मा को भी (Virat Kohli & Mallya React to RCB’s Historic IPL Victory) जाता है। टीम के साथ जीत का जश्न मनाने के बाद कोहली ने अनुष्का शर्मा की ओर से पर्दे के पीछे दिए गए उस ‘समर्थन और त्याग’ के बारे में बताया, जिससे उन्हें मैदान पर अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिली।  आपका जीवन साथी आपके खेलने के लिए क्या करता है, त्याग, प्रतिबद्धता और हर मुश्किल समय में आपका साथ देता है- विराट कोहली इस दौरान मैच के बाद प्रसारकों से बात करते हुए कोहली ने 18 साल बाद आईपीएल जीतने में अनुष्का की भूमिका का श्रेय भी (Virat Kohli & Mallya React to RCB’s Historic IPL Victory) दिया। उन्होंने कहा, हमें हारते हुए देखना। आपका जीवन साथी आपके खेलने के लिए क्या करता है, त्याग, प्रतिबद्धता और हर मुश्किल समय में आपका साथ देना। यह कुछ ऐसा है जिसे आप शब्दों में बयां नहीं कर सकते। कोहली ने आगे कहा, जब आप पेशेवर रूप से खेलते हैं, तभी आप पर्दे के पीछे होने वाली कई चीजों को समझ पाते हैं और वे किन परिस्थितियों से गुजरते हैं। अनुष्का भावनात्मक रूप से जिस दौर से गुजरी है। मुझे उदास और निराश देखना, मैचों में आना, बैंगलोर से इतना जुड़ा होना और आरसीबी के साथ हमेशा बने रहना। यह उसके लिए बहुत खास है। उसे इस पर बहुत गर्व होगा।    जब मैंने आरसीबी की स्थापना की थी तो मेरा सपना था कि आईपीएल ट्रॉफी बेंगलुरु आए- विजय माल्या  आरसीबी की इस जीत पर फ्रैंचाइजी के पूर्व मालिक विजय माल्या ने टीम को जीत (Virat Kohli & Mallya React to RCB’s Historic IPL Victory) की बधाई देते हुए कहा, उन सभी को धन्यवाद जिन्होंने मेरे सपने को साकार किया। विजय माल्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, जब मैंने आरसीबी की स्थापना की थी तो मेरा सपना था कि आईपीएल ट्रॉफी बेंगलुरु आए। मुझे युवा खिलाड़ी के रूप में दिग्गज किंग कोहली को चुनने का सौभाग्य मिला। वह 18 वर्षों से आरसीबी के साथ हैं। मुझे यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल और मिस्टर 360 एबी डिविलियर्स को चुनने का भी सम्मान मिला, जो आरसीबी के इतिहास का एक अमिट हिस्सा हैं। आरसीबी की जीत पर माल्या ने आगे लिखा कि आखिरकार, आईपीएल ट्रॉफी बेंगलुरु पहुंच गई। बधाई और फिर से उन सभी को धन्यवाद जिन्होंने मेरे सपने को साकार किया। आरसीबी के फैंस सबसे अच्छे हैं और वे आईपीएल ट्रॉफी के हकदार हैं। विजय माल्या ने अपने एक और पोस्ट में लिखा कि आरसीबी आखिरकार 18 साल बाद आईपीएल चैंपियन बनी है। 2025 के टूर्नामेंट तक शानदार अभियान। बेहतरीन कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ के साथ एक संतुलित टीम जो बोल्ड खेल रही है। बहुत-बहुत बधाई।  इसे भी पढ़ें:- IPL 2025: RCB का सपना हुआ साकार, 18 साल बाद IPL ट्रॉफी पर कब्जा शशांक सिंह और जोश इंग्लिश की शानदार पारियों के बावजूद वो 184 रन बना सकी बात करें मैच की तो पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला (Virat Kohli & Mallya React to RCB’s Historic IPL Victory) किया। आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 190 रन बनाए। इस मैच में विराट कोहली ने 43 रनों की शानदार पारी खेली। इसके अलावा कप्तान रजत पाटीदार ने 26 रन बनाए। इस तरह पंजाब को 191 रनों का लक्ष्य मिला। शशांक सिंह और जोश इंग्लिश की शानदार पारियों के बावजूद वो 184 रन बना सकी। आखिरी ओवर में मैच का रोमांच अपने चरम पर था। यह वो क्षण था जब मैच किसी भी पाले में जा सकता था। दरअसल, आखिरी ओवर में पंजाब को 29 रन चाहिए थे। जोश हेजलवुड ने दो डॉट गेंदे डालकर जीत तय कर दी। इस तरह आरसीबी ने पंजाब किंग्स को 6 रनों से हराकर आपीएल ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Virat Kohli & Mallya React to RCB’s Historic IPL Victory #ViratKohli #RCBWin #IPL2025 #VijayMallya #RCBChampions #IPLTitle #RCBVictory #KohliReaction

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