कमजोर मानसून के बीच राहत की उम्मीद, IMD ने अगले कुछ दिनों में बारिश बढ़ने का पूर्वानुमान जताया
नई दिल्ली, 30 जून। देश के कई हिस्सों में जून के दौरान सामान्य से कम वर्षा होने के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राहत भरा पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। विभाग के अनुसार उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे कृषि कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। खरीफ बुवाई पर पड़ा असर बारिश की कमी के कारण कई राज्यों में धान, दालें, तिलहन और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई समय पर नहीं हो सकी। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने से किसानों को बुवाई टालनी पड़ी, जिससे शुरुआती कृषि गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। IMD का ताजा पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण मानसून के फिर से सक्रिय होने के संकेत हैं। इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों में कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। विभाग ने स्थानीय मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। किसानों के लिए राहत की उम्मीद यदि पूर्वानुमान के अनुसार पर्याप्त बारिश होती है तो खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ सीजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है और इसी अवधि में अच्छी वर्षा होने पर शुरुआती नुकसान की काफी हद तक भरपाई की जा सकती है। कृषि विभाग की तैयारी राज्य सरकारें और कृषि विभाग किसानों को मौसम आधारित सलाह, गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं। किसानों से स्थानीय कृषि अधिकारियों और मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेती की योजना बनाने का आग्रह किया गया है। जलभराव और बिजली गिरने का भी खतरा जहां एक ओर अच्छी बारिश से खेती को लाभ मिलेगा, वहीं IMD ने कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा, आंधी और बिजली गिरने की संभावना भी जताई है। ऐसे इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों की राय मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने से कृषि क्षेत्र को राहत मिल सकती है, लेकिन वर्षा का वितरण भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा। यदि बारिश संतुलित और समय पर होती है तो खरीफ उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। आगे की स्थिति मौसम विभाग अगले कुछ दिनों तक मानसून की प्रगति पर लगातार नजर रखेगा और समय-समय पर नए पूर्वानुमान जारी करेगा। किसानों और आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें और मौसम की बदलती परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक सावधानी बरतें। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय मूल रिपोर्ट:30 जून 2026 को जारी IMD के मौसम पूर्वानुमान और कृषि विभाग की उपलब्ध जानकारी के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

